जानें सेक्स लाइफ के 8 Interesting रिसर्च रिपोर्ट्स (Know 8 Interesting sex research reports)


सफल सेक्स लाइफ़ पर हुए रिसर्च के अनुसार सेक्स लाइफ एंजॉय करने के लिए डेली एक्सरसाइज़ और हेल्दी डायट बहुत ज़रूरी है. आइए जानते हैं कुछ इंटरेस्टिंग सेक्स रिसर्च की रिपोर्ट्स की संक्षिप्त जानकारी.

 

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1. नियमित दौड़ से सेक्स पावर में वृद्धि

जो लोग नियमित तौर पर दौड़ लगाते हैं, उनका यौन जीवन उन लोगों की अपेक्षा ज़्यादा सक्रिय होता है, जो दौड़ नहीं लगाते. हाल ही में हुए एक शोध के मुताबिक हर 10 में से एक दौड़ लगानेवाले (जॉगर्स) ने कहा कि वह अपने दैनिक जीवन में कम से कम एक बार यौन संबंध स्थापित करता है, जबकि 3 फ़ीसदी जॉगर्स का कहना है कि वे दिन में 2 बार यौन क्रिया का लुत्फ़ उठाते हैं.
एक मशहूर समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक इस शोध के दौरान उन लोगों से भी बात की गई, जो दौड़ नहीं लगाते हैं. दौड़ नहीं लगानेवाले ऐसे चार में से एक व्यक्ति का कहना था कि वह महीने में स़िर्फ एक बार ही यौन संबंध स्थापित
करता है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि यौन सक्रियता के लिए ज़रूरी सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा दौड़ से बढ़ जाने के कारण ही उक्त फायदा जॉगर्स पुरुषों में देखा गया. यह तो सभी जानते हैं कि टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का संबंध यौन क्रियाकलापों, रक्त संचरण और मांसपेशियों के परिणाम के साथ-साथ एकाग्रता, मूड और याद्दाश्त से भी होता है.

 

2. अनार के रस से बढ़ती है कामशक्ति

अगर आम फलों का राजा है, तो अनार की भूमिका उस डॉक्टर जैसी है, जिसके पास तमाम रोगों की दवा है. अनार की इसी उपयोगिता के कारण ही ङ्गएक अनार सौ बीमारफ वाली कहावत इतनी मशहूर है. अभी हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि अनार के रस में कामशक्तिवर्द्धक अद्भुत क्षमता है. कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक महीने तक लगातार एक ग्लास अनार का रस पीना किसी भी पुरुष के लिए कामोत्तेजक औषधि वियाग्रा जैसा काम करता है, क्योंकि अनार के रस से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट बढ़ता है और यौनांगों में रक्तसंचार तेज़ होता है. इससे व्यक्ति सेक्स क्रिया में अधिक सक्रिय होता है.

 

3. सेक्स की कमज़ोरी में मछली का तेल

अमेरिकी वैज्ञानिकों के एक शोध के अनुसार मछली का तेल स्त्री व पुरुष की अनेक सेक्स संबंधी कमज़ोरियों को दूर करता है. आज के युवा अपने पार्टनर को पूरी तरह से सेक्स संतुष्टि प्रदान करने में अक्षम होते जा रहे हैं, जिससे विवाह के कुछ दिनों बाद ही तलाक़ की नौबत आ जाती है. वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसे पुरुष मछली का एक चम्मच तेल रोज़ाना भोजन में उपयोग करके अपने सेक्स की कमज़ोरी से निजात पा सकते हैं. हाल ही में कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने 50 स्त्री-पुरुषों के जोड़ों पर इसका प्रयोग किया और पाया कि तीन माह पहले, जो लोग सेक्स से बचते थे, वे तीन महीने बाद प्रसन्नता से सेक्स में दिलचस्पी लेने लगे.

 

4. कॉफी से यौन सक्रियता

एक अध्ययन से पता चला है कि लगभग पचास वर्ष की उम्र के बाद भी जो लोग कॉफी का सेवन करते रहते हैं, वे कॉफी न पीनेवालों की अपेक्षा सेक्स क्रिया में अधिक सक्रिय होते हैं. ब्राज़ील में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि कॉफी पीने से शुक्राणुओं में क्रियाशीलता आती है और सुस्त पड़े शुक्राणु फुर्तीले बन जाते हैं.
शोधकर्ताओं के मुताबिक, कॉफी में पाए जानेवाले रासायनिक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट शुक्राणुओं के अंडाणुओं से मिलने की संभावना को भी बढ़ा देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गर्भधारण होता है. अधिक आयु के दंपतियों में सेक्स सक्रियता के लिए कॉफी का सेवन बहुत ही लाभप्रद होता है. अधिक उम्र में कॉफी पीने से सेंट्रल नर्वस सिस्टम (स्नायु तंत्र) की सक्रियता बढ़ जाती है और कुछ ख़ास मांसपेशियां सेक्स के अनुकूल हो जाती हैं.

 

5. वियाग्रा से गर्भधारण की क्षमता में कमी

एक समाचार के अनुसार, सेक्स पावर बढ़ाने के लिए वियाग्रा का सेवन करने से प्रजनन शक्ति प्रभावित होती है. हाल ही में ब्रिटिश वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अनुसंधान से यह बात सामने आई है कि वियाग्रा का सेवन करनेवाले लोगों के शुक्राणु एंजाइम के अंडाणुओं की बाहरी परत हटाने से पहले ही बिना निषेचन किए ही लौट जाते हैं, जिससे प्रजनन चक्र पूरा नहीं होता है और महिलाएं गर्भधारण करने से वंचित रह जाती हैं.
अनुसंधान के लिए वैज्ञानिकों ने कई लोगों के शुक्राणुओं के सैंपल लिए और उनकी जांच की, तो पाया कि लगभग 80% शुक्राणु वियाग्रा से कुछ ज़्यादा सक्रिय हो जाते हैं. वियाग्रा के कारण कुछ शक्राणु ही कभी-कभी अंडाणु को विकसित कर पाने में सक्षम होते हैं. इससे पता चलता है कि वियाग्रा का प्रयोग पुरुषों का सेक्स पावर बढ़ाने के लिए तो किया जा सकता है, लेकिन परिवार बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

 

6. पीरियड्स के दौरान कामोत्तेजना अधिक

वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि पीरियड्स के दिनों में स्त्री के एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोंस का स्तर बहुत तेज़ी से बदलता रहता है, जिससे वो इन दिनों अधिक कामोत्तेजना का अनुभव करती हैं. साथ ही सेक्स में ऑर्गेज़्म के कारण गर्भाशय में होनेवाली ऐंठन व दर्द में भी उसे राहत महसूस होती है, परंतु इस समय कंडोम का प्रयोग अवश्य करें, क्योंकि यह न स़िर्फ हाइजीन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इस समय भी गर्भधारण की दो प्रतिशत संभावना होती है, जिससे बचाव होता है. इसके अलावा महिलाएं भी हाइजीन की दृष्टिकोण से डायफ्राम का इस्तेमाल कर सकती हैं.

7. मोबाइल के अधिक प्रयोग से संभव है नपुंसकता

एक वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि जो लोग मोबाइल फ़ोन का अधिक प्रयोग करते हैं, उनके शुक्राणुओं की न स़िर्फ संख्या कम होती जाती है, बल्कि उनमें असामान्यता के लक्षण भी पाए जाते हैं. शोध के अनुसार, जो पुरुष मोबाइल फ़ोन का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, उनमें शुक्राणुओं की 30% तक की कमी पाई जाती है और बाकी शुक्राणुओं में भी असामान्यता के लक्षण पाए जाते हैं. विश्‍व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोबाइल फ़ोन की रेडियो फ्रीक्वेंसी फील्ड शरीर के ऊतकों को गहराई से प्रभावित करती है.

 

8. हेल्दी सेक्स लाइफ़ से दिल की बीमारियां कम

एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण से पता चला है कि हेल्दी सेक्स लाइफ़ से दिल की बीमारियों का ख़तरा कम रहता है. इस सर्वेक्षण में 42 से 50 साल की महिलाओं को शामिल किया गया. इससे पता चला कि वैवाहिक जीवन से संतुष्ट महिलाओं में दिल की बीमारी की आशंका अन्य महिलाओं के मुक़ाबले एक तिहाई कम थी. विधवा महिलाओं में तो दिल की बीमारियां उत्पन्न होने की आशंका साढ़े पांच गुना अधिक पाई गई, जबकि तलाक़शुदा व अकेली रह रही महिलाओं में यह आशंका हेल्दी सेक्स लाइफ़ बिता रही महिलाओं की तुलना में दुगुनी थी.