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वेटलॉस के लिए 20 बेस्ट योगासन (20 Best Yogasan For Easy Weight Loss)

आज की तारीख़ में मोटापा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है और बड़े ही नहीं बच्चे भी इसकी चपेट me आते जा रहे हैं. मोटापा अपने आप में एक समस्या तो है है, लेकिन उसकी वजह से शरीर कई अन्य बीमारियों की चपेट में भी आ जाता है. ऐसे में यह बेहद ज़रूरी है कि मोटापे पर नियंत्रण रखा जाए और एक हेल्दी रहा जाए. ऐसे में योगासन आपकी मदद करसकते हैं. ऐसे कई आसन हैं जो मोटापे से मुक्ति दिलाने में बेहद कारगर हैं. साथ ही हेल्दी लाइफ़स्टाइल और डायट जल्दव बेहतर रिजल्ट देंगे. ये सभी योगासन व प्राणायाम ट्राइड व टेस्टेड फॉर्मूले हैं.

वज्रासन

  • आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं.
  • दाहिने पैर को मोड़कर उस पर इस तरह बैठें कि एड़ी बाहर की तरफ़ रहे.
  • बाएं पैर को मोड़कर उस पर भी दाहिने पैर की तरह बैठें.
  • अब इस अवस्था में आराम से बैठें और एड़ियां बाहर की तरफ़ रहें.
  • दोनों हाथों को घुटनों पर रखें.
  • आंखें बंद हों.
  • कमर और सिर स्ट्रेट हों, एक लाइन में.
  • 1-10 मिनट तक या अपनी क्षमता के हिसाब से करें. 
  • भोजन के बाद किया जानेवाला यह एकमात्र आसन है. इससे पाचन क्रिया अच्छी रहती है और मेटाबॉलिज़्म बेहतरहोता है.

नोट: जिनके घुटनों में ज़्यादा दर्द रहता हो, वो इसे न करें या अधिक देर तक न बैठें.

सर्वांगासन

  • पीठ के बल लेट जाएं. पैरों को मिलाकर रखें.
  • हाथों को दोनों ओर बगल में सटाकर रखें.
  • हथेलियां ज़मीन की ओर रखें.
  • सांस भरकर पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं.
  • पैरों को उठाते समय हाथ की सहायता भी ले सकते हैं.
  • पैरों को पहले 30, फिर 60 और फिर 90 डिग्री तक ले जाएं. चाहें तो हाथों को कमर के पीछे लगाएं.
  • कोहनी को न उठने दें. पैरों को मिलाकर सीधा करें
  • कुछ क्षण रुकें. धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.
  • आंखों को बंद कर ध्यान दोनों भौहों के बीच तीसरे नेत्र पर सहजता से रखें.
  • इसे 1 मिनट से आरंभ कर 3 मिनट तक या अधिक भी किया जा सकता है.

नोट: हाई ब्लड प्रेशर वाले, माइग्रेन से पीड़ित लोग व प्रेग्नेन्ट महिलाएं न करें.

शवासन

  • ज़मीन पर सीधे लेट जाएं. 
  • सभी अंगों को ढीला छोड़ दें और सारे तनाव, विचार व परेशानियों को बाहर जाता हुआ महसूस करें.
  • इस अवस्था में बनें रहें. धीरे-धीरे वापस आएं. आप महसूस करेंगे कि सारा मानसिक तनाव दूर हो गया. 
  • शरीर और मन हल्का लगेगा. 

मकरासन

  • पेट के बल लेट जाएं.
  • सिर और कंधों को ऊपर की ओर उठाने का प्रयास करें. 
  • दोनों हथेलियों को ठोड़ी के नीचे लगाएं.
  • कोहनियों को ज़मीन पर अपनी सुविधा के हिसाब से टिका लें.
  • सीने को भी ऊपर की ओर उठाएं.
  • पैरों के पंजे मिलाकर रखें.
  • 1-10 मिनट तक करें. आंखों को बंद रखें और श्‍वास पर ध्यान दें.

बद्ध पद्मासन

  • पद्मासन में बैठ जाएं.
  • दोनों हाथों को पीछे ले जाते हुए क्रॉस करें.
  • बाएं हाथ को कमर से पीछे से लाते हुए बाएं पैर का अंगूठा पकड़ें. 
  • अब दूसरे हाथ से भी ऐसा ही करें.
  • सांस छोड़ते हुए सिर को आगे की ओर झुकाएं और ज़मीन के समानांतर ले आएं.
  • पांच बार सांस लें व छोडें.
  • सांस लेते हुए सामान्य स्थिति में आएं.

तितली आसन

  • आरामदायक स्थान दंड़ासन में बैठ जाएं.
  • घुटनों को मोड़ें और पैरों के तलवों को एक दूसरे से स्पर्श कराएं. जितना संभव हो एडियों को शरीर के करीब रखें.
  • हाथों से पैरों के पंजों को पकड़ें.
  • दोनों घुटनों को भूमि पर स्पर्श कराएं.
  • फिर दोनों घुटनों को ऊपर उठाएं.
  • यह क्रिया बार-बार करें.
  • दोनों पैरों को ऊपर-नीचे करते हुए ज़मीन से टच करने की यह क्रिया करते रहें.
  • सीना थोड़ा आगे की तरफ़ रखें.
  • कमर व गर्दन सीधी रखें.
  • कई बार इस क्रिया को करें.

वक्रासन

  • पैरों को सामने की ओर फैलाकर ज़मीन पर बैठें.
  • दोनों पैरों के बीच की दूरी न हो.
  • बाएं पैर को घुटने से मोड़ें और इसको उठाकर दाएं पैर के घुटने के बगल में रखें.
  • कमर सीधी रखने का प्रयास करें.
  • अब सांस छोड़ते हुए कमर को बाई ओर मोड़ें.
  • हाथ की कोहनी से बाएं पैर के घुटने को दबाब के साथ अपनी तरफ़ खींचें.
  • पैर को इस तरह से अपनी ओर खींचें कि पेट पर दबाब आए.
  • आंखें बंद रखते हुए पूरा ध्यान पेट, पीठ और पैरों में होने वाले परिवर्तन व दबाव पर रखें.
  • कुछ देर इसी अवस्था में रहें फिर धीरे-धीरे पूर्व स्थिति में आ जाएं. 
  • आप यह 3-5 राउंड कर सकते हैं.

नोट: गर्भवती महिलाएं न करें.

शीर्षासन

  • घुटनों के बल समतल जगह पर बैठ जाएं.
  • हाथों को मैट के बीचों-बीच रखें. 
  • कोहनियों को जमीन पर टिका दें.
  • दोनों हाथों की उंगलियों को इंटरलॉक कर लें.
  • सिर को हाथों के बीच में सावधानी से रखें.
  • सांस समान्य रखते हुए पैरों को कोहनी की ओर सरका लें.
  • दोनों पैरों को एक साथ उठाएं.
  • शरीर का वज़न सिर पर लें और पूरे शरीर को उठा लें यानी सिर ज़मीन पर और पैर ऊपर की ओर हवा में सीधे.
  • इसी स्थिति में पांच बार सांस लें व छोड़ें.
  • धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं.

उत्तानपादासन

  • मैट पर पीठ के बल लेट जाएं.
  • पैरों को मिलाकर रखें, हाथ कमर के पास रखें. श्‍वास लेते हुए दोनों पैरों का 30 डिग्री तक ऊपर उठाएं.
  • कुछ देर इस स्थिति में रूकें. धीरे-धीरे वापस आएं.
  • धीरे-धीरे इसका अभ्यास बढ़ाएं, झटके से न करें.
  • आंखें बंद रखें.
  • 3-5 बार करें. 

हलासन

  • पीठ के बल लेट जाएं.
  • श्‍वास भरते हुए धीरे-धीरे पैरों को ऊपर उठाएं.
  • पैरों को 90 डिग्री पर ले जाएं. 
  • अब धीरे-धीरे पैरों को सिर के पीछे की ओर ले जाएं. हाथों का सहारा लेते हुए पीठ को भी ऊपर उठाते हुए पैरों कोसिर के पीछे ज़मीन पर टिका दें.
  • श्‍वास सामान्य रहने दें. शुरू में कमर को हाथों का सपोर्ट दे सकते हैं.
  • कुछ क्षण रुकें. जिस तरह इस स्थिति में आए थे, वैसे ही वापस जाएं.

नोट: सर्वाइकल, हाई बीपी वाले रोगी, प्रेग्नेन्ट स्त्रियां न करें.

भुजंगासन

  • पेट के बल लेट जाएं. 
  • ध्यान रहे, दोनों पैरों एक-दूसरे को टच करते हुए बिल्कुल सीधे हों.
  • इसके बाद दोनों हाथों की हथेली की सहायता से शरीर का आगे का भाग यानी सिर, कंधे व धड़ को ऊपर की ओरउठाएं जैसे सांप का पोज़ होता है. 
  • कुछ देर बाद वापस आ जाएं. 
  • अपनी क्षमता के हिसाब से करें. 
  • कम से कम दस राउंड करें. 

भस्त्रिका

  • आरामदायक आसन में बैठ जाएं.
  • पीठ को सीधा रखें.
  • मुंह को बंद रखते हुए और बिना शरीर को हिलाए तेज़ी से नाक से सांस लें और छोड़ें.
  • आवाज़ करते हुए सांस भरें और छोड़ें. ऐसे कम से कम दस बार करें. 
  • शुरुआत में एक राउंड और बाद में 3 राउंड तक करें. 

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

  • पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं. 
  • दाएं नथुने को अपने दाएं हाथ के अंगूठे से आराम से बंद करें और बाएं नाक से धीरे-धीरे सांस लें. 
  • सांस जब पूरी तरह से अपने छाती में भर जाएं तब धीरे से अपने बाएं नथुने को अंगूठे से बंद करके दाएं नथुने से सांसको छोड़ें.
  • अब दाएं नाक से भी यही प्रक्रिया दोहराएं.
  • दोनों नाक से 5-5 बार यह क्रिया करें.

नोट: अगर आपको सर्दी हुई तो यह क्रिया न करें. गर्भवती हों या किसी तरह की गंभीर बीमारी में भी इसे न करें.

सूर्य भेदी प्राणायाम

  • वज्रासन या सुखासन में बैठ जाएं. 
  • आंखें बंद रखें.
  • दाएं हाथ की अनामिका से बाएं नथुने को धीरे से बंद करें.
  • अब दाएं नाक से सांस लें और छोड़ें. सांस छोड़ने की गति सांस लेने की गति से दुगनी होनी चाहिए.
  • इसके पांच-पांच या दस राउंड करें.

नोट: हाई बीपी वाले व माइग्रेन से ग्रसित लोग न करें.

कपालभाति प्राणायाम

  • सुखासन में बैठ जाएं. 
  • कमर व गर्दन सीधी रखें. 
  • मुंह बंद रहे. अब गहरी सांस लें और नासिका से सांस को बाहर फेंकें और साथ में पेट को भी अंदर की ओर जितनाज़्यादा हो सके खींचें यानी संकुचित करें. 
  • फिर सांस को अंदर खींचें हुए पेट को सामान्य होने दें. 
  • फिर सांस छोड़ें और पेट को भीतर की ओर संकुचित करें.
  • शुरुआत में 5 मिनट करें. यानी 20 ब्रीदिंग साइकल करें. बाद में अवधि आधे घंटे तक बढ़ाई जा सकती है.

साइकिलिंग

  • पीठ के बल लेट जाएं.
  • बाएं पैर को घुटने से मोड़ें, पेट तक लाएं aur दाएं पैर को सीधा रखें.
  • अब बाएं पैर को गोलाई में जैसे साईकिलिंग कर रहे हों, वो करते हुए पूरा खोलते हुए सीधा करें.
  • दाएं पैर को घुटने से मोड़ें, दाईं जांघ पेट तक लाएं.
  • इस प्रकार इस साईकिलिंग की क्रिया को करते रहें.
  • 21 से 51 राऊंड क्षमतानुसार.
  • धीरे-धीरे अपनी क्षमतानुसार ज़्यादा भी कर सकते हैं.
  • अब इसके विपरीत दिशा में पैरों से साईकिलिंग करें.

ताड़ासन

  • आराम से खड़े हो जाएं.
  • पैरों के बीच ज़्यादा फासला न रखें.
  • धीरे-धीरे श्‍वास लेते हुए अपने हाथों को साइड से ऊपर उठाएं. हथेलियां खुली हों.
  • हाथों को एकदम सिर के ऊपर उठा ले जाएं.
  • धीरे-धीरे हथेली को, कलाई को, हाथों को, कंधे, सीने व पैरों को भी ऊपर की तरफ़ खींचें और अंत में पैरों के पंजोंपर आ जाएं.
  • सारा शरीर ऊपर की तरफ़ खिंचा हुआ लगे.
  • कुछ क्षण इस स्थिति में रहें.
  • धीरे-धीरे पैरों की एड़ियों को ज़मीन पर रखते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं.
  • यदि आंखें बंद करें, तो अधिक लाभ होगा, लेकिन संतुलन बनाए रखना होगा.
  • 30 सेकंड के 3 राउंड्स.

नोट: हाई ब्लड प्रेशर वाले रोगी आंखें खुली रखें.

त्रिकोणासन

  • सीधे खड़े हो जाएं.
  • पैरों के बीच करीब 3-4 फीट की दूरी बना लें.
  • दाहिने पैर को बाहर की ओर मोड़ें और सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को दाईं ओर मोड़ें. 
  • आपका बायां हाथ ऊपर और दाहिने हाथ से फर्श को छुएं.
  • दोनों हाथ एक सीध में होने चाहिए. इस पोजीशन में 15 सेकेंड तक रहें.
  • अब सांस लेते हुए पहले वाली स्थिति में आ जाएं. 
  • दूसरी ओर से भी यही दोहराएं.

नौकासन

  • पीठ के बल लेट जाएं. 
  • अपने हाथों को सीधा रखें.
  • पूरा शरीर सीधा हो.
  • अब दोनों पैर, गर्दन और हाथों को धीरे-2 एक साथ ऊपर की ओर उठाएं. 
  • पूरा भार नाभि पर पड़े और दोनों ओर से शरीर को इतना उठाइए कि शरीर के पैरों तथा हाथों का भाग नाव कीपोज़ीशन में आ जाए.

सूर्य नमस्कार

  • पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हो जाएं.
  • दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा जिसे प्रणामासन कहते हैं, उसमें लाएं.
  • दोनों पैरों के टखने व अंगूठे सटे हुए हों.
  • श्‍वास भीतर भरकर, हाथों को खोलते हुए कंधे के ऊपर से पीछे की ओर जितना ले जा सकें, ले जाएं.
  • श्‍वास छोड़ते हुए हाथों को पीछे से सामने की ओर झुकाते हुए पैरों के पास रखें.
  • कोशिश करें कि पैर घुटने से मुड़ें नहीं.
  • सिर को घुटने से स्पर्श करने की कोशिश करें.
  • नीचे झुकते हुए हाथों को ज़मीन पर लगाएं.
  • दाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं. जितना संभव हो दाहिना पैर पीछे लें. 
  • अब बाएं पैर को भी पीछे ले जाएं.
  • पूरे शरीर को सीधी लाइन में रखें.
  • अब दोनों घुटनों को, चेस्ट को और ठुड्डी को ज़मीन से टच करें.
  • श्‍वास भरते हुए आगे की तरफ़ आते हुए सिर को ऊपर की ओर उठाएं. भुजंगासन की तरह श्‍वास छोड़ते हुए सिर कोनीचे की ओर करते हुए पेट व कमर के भाग को ऊपर उठाएं और पर्वतासन का पोज़ बनाएं.
  • एड़ियां ज़मीन से टच होनी चाहिए.
  • दाहिने पैर को आगे की ओर करें, दोनों हाथों के बीच लाकर रखें. सिर ऊपर की ओर रहे.
  • बाएं पैर को भी आगे लाएं.
  • सिर को घुटनों से स्पर्श करने का प्रयास करें.
  • सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ले पीछे की ओर ले जाएं.
  • अब फिर पूर्व स्थिति यानी प्रणामासन की स्थिति में आ जाएं.
  • नीचे झुकते हुए हाथों को मजबूती से ज़मीन
    पर टच करें.
  • दायां पैर दोनों हाथों के बीच रखें. घुटना छाती के सामने रखें.
  • सिर ऊपर की तरफ़ रखें, अर्द्ध भुजंगासन की तरह.
  • दाएं पैर को भी पीछे ले जाएं.
  • सिर व गर्दन दोनों हाथों के बीच में रखें.
  • इस समय शरीर का सारा वज़न दोनों हाथों और पैरों पर हो.
  • श्‍वास छोड़ते हुए दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं और पूर्ववत् प्रणामासन की स्थिति में आ जाएं.
  • अपनी क्षमतानुसार करें फिर राउंड्स बढ़ाएं.
  • राजा शर्मा 
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