आख़िर क्यों नहीं घटता मोटापा(6 Fitness Facts Revealed)

आजकल लोग अपने शरीर को लेकर इतने सजग हो गए हैं कि स्लिम-ट्रिम दिखने के लिए वे किसी तरह के भी उपाय करने से नहीं हिचकिचाते. लोगों की सुनी-सुनी-सुनाई बातें, अख़बार, मैग्ज़ीन… जहां से, जो भी सलाह मिल जाए, बिना आगे-पीछे सोचे उसका पालन करने लगते हैं. लेकिन क्या सचमुच उससे कोई फ़ायदा मिलता है. शायद नहीं. हम डायट से जुड़े कुछ ऐसे ही वहमों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि आप बेकार के चक्करों में पड़कर अपने शरीर को टॉर्चर करना बंद कर दें.

मिथकः कार्बोहाइड्रेट मोटापा बढ़ाता है
सच्चाईः कार्बोहाइड्रेट्स युक्त खाद्य पदार्थों में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो हमारे शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है, ताकि हम दिनभर चुस्ती-फुर्ती से काम कर सकें. खाने में कार्ब्स को पूरी तरह नदारद करने से हमारे शरीर का एनर्जी लेवल एकदम कम हो जाएगा व पाचन संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो जाएंगी. इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी डायट में गुड कार्ब्स, जैसे- होल वीट पास्ता, ओट्स, ब्राउन ब्रेड, ब्राउन राइस, बीन्स, एप्पल इत्यादि शामिल करें.

मिथकः नाश्ता राजा की तरह करो और डिनर भिखारी के जैसा
सच्चाईः इसमें कोई शक़ नहीं है कि पेटभर नाश्ता करना बेहद ज़रूरी होता है, लेकिन हैवी नाश्ता करने के चक्कर में अक्सर हम ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरीज़ ग्रहण कर लेते हैं. सुबह ख़ूब सारा नाश्ता करने का मतलब यह नहीं है कि आपको दिनभर भूख नहीं लगेगी. इसलिए ज़रूरी है कि अपनी लाइफ़स्टाइल व काम करने के तरी़के के आधार पर दिनभर का खानपान प्लान करें.

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मिथकः दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाते रहना चाहिए
सच्चाईः ऐसा कहा जाता है कि दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाते रहने से मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है, फलस्वरुप वज़न कम होता है. कम मात्रा में खाना सही है, लेकिन इसका वज़न कम होने का कोई सीधा संबंध नहीं है. यह सच है कि थोड़ा-थोड़ा खाते रहने से हंगर पैग्स को कंट्रोल करने में मदद मिलती है, लेकिन इसका मेटाबॉलिज़्म से कोई लेना-देना नहीं है. 2001 में इंटरनैशनल जरनल ऑफ ओबिसिटी में छपे अध्ययन के अनुसार, आप तय कैलोरीज़ तीन बार में लें या छह बार में, इससे कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता. वज़न कम करने के लिए आप दिनभर कितना कैलोरीज़ ग्रहण करती हैं, उस पर ध्यान देना ज़्यादा ज़रूरी है.

मिथकः हर तरह के फैट से दूर रहना चाहिए
सच्चाईः बाज़ार में मिलने वाले फैट फ्री कोल्ड ड्रिंक्स व जूस पर आंख मूंदकर विश्‍वास न करें. ये आपके शरीर पर धीरे-धीरे ही सही, लेकिन चर्बी की पर्त चढ़ाते जाते हैं. इसी तरह लो कार्ब या लो फैट डायट भी वज़न कम करने में कुछ ख़ास मदद नहीं करते. इसलिए फैट से बिल्कुल दूर रहने से बेहतर है कि आप अपने खाने में हेल्दी व एसेंशियल फैटी एसिड्स, जैसे-नट्स, मछली, फल इत्यादि शामिल करें.

मिथकः यदि आप जिम जाती हैं तो कुछ भी खा सकती हैं
सच्चाईः अगर आप ट्रेडमील पर एक घंटा भगाने के बाद आइसक्रीम और चीज़ पिज़्ज़ा पर टूट पड़ेंगी तो आपने दौ़़ड़कर जितनी कैलोरीज़ बर्न की है, उससे कहीं ज़्यादा आप दोबारा ग्रहण कर लेंगी. सच्चाई यह है कि अगर खानपान पर नियंत्रण न हो तो एक्सरसाइज़ करने से कोई फायदा नहीं मिलता. अतः एक्सरसाइज़ के साथ-साथ अपने खाने पीने पर ध्यान दें और संतुलित आहार ग्रहण करें.

मिथकः रात में देर से खाने से वज़न बढ़ता है
सच्चाईः बहुत-से डायट प्लान्स ऐसे हैं जो शाम को सात बजे के बाद किचन का दरवाज़ा बंद करने की सलाद देते हैं. लेकिन रात में देर से खानेवालों को यह जानकर संतुष्टि मिलेगी कि कैलोरी आपके खाने का समय नहीं देखती. सच्चाई यह है कि चूंकि हम रात के समय किसी तरह का शारीरिक श्रम नहीं करते इसलिए कैलोरीज़ को बर्न होने में समय लगता है. इसलिए कुछ भी न खाने से बेहतर होगा कि आप रात में हाई कैलोरी फूड लेने से बचें.

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Meri Saheli Team :
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