कंप्लीट ओरल हेल्थ केअर (Oral Health Care)

भारत में 80 प्रतिशत लोग किसी न किसी प्रकार की दांतों की समस्या से पीड़ित हैं. लेकिन फिर भी लोग ओरल हेल्थ केयर की तरफ ज़्यादा ध्यान नहीं देते. जब कि मुंह की सफ़ाई के अभाव में कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं. आपको जानकर आश्‍चर्य होगा कि जो लोग अपने दांतों का ख़्याल नहीं रखते, उन लोगों को दिल की बीमारी होने का ख़तरा 70 फ़ीसदी तक ज़्यादा होता है.

कैसे करें मुंह की सफ़ाई?

 

– डेंटिस्ट से मिलकर अपने ओरल हेल्थ को समझें. हर किसी की ज़रूरत अलग-अलग हो सकती है, जैसे- प्रेग्नेंट महिलाओं और डायबिटिक मरीज़ों को अपने दांतों व मसूड़ों का ज़्यादा ध्यान रखना पड़ता है.-

–  मुंह की सफ़ाई का एक रूटीन फॉलो करें.

– दिन में दो बार ब्रश करें.

– कम से कम दो से तीन मिनट तक ब्रश करें.

– दांतोंं और मसूड़ों पर ब्रश को बिना ज़्यादा प्रेशर लगाए, गोल-गोल घुमाएं.

– उंगली से धीरे-धीरे मसूड़ों की मालिश करें, इससे मसूड़े मज़बूत बनते हैं.

– दांतों के बीच फंसे भोजन के टुकड़ों, दांतों पर जमे प्लाक को निकालने के लिए फ्लॉस (धागे से दांतों की सफ़ाई) भी करें. दांतों के बीच फ्लॉस डालकर धीरे-धीरे, आगे-पीछे करते हुए दांत की जड़ तक सफ़ाई करें

– फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट व माउथवॉश का इस्तेमाल करें. फ्लोराइड दांत की बाहरी परत को मज़बूत बनाता है.

– कुल्ला करना भी बेहद ज़रूरी है, क्योंकि अक्सर भोजन दांतों के बीच फंसे रहते हैं. अगर कुल्ला नहीं किया गया, तो फंसे हुए भोजन के टुकड़ों में सड़न होने लगेगी और कैविटी बनना शुरू हो जाएगा.

– डॉक्टर के बताए माउथवॉश का भी प्रयोग किया जा सकता है.

– रोज़ाना जीभ की सफ़ाई ज़रूरी है. मार्केट में कई प्रकार के टंग क्लीनर उपलब्ध हैं, उनका इस्तेमाल करें. टंग क्लीनर से जीभ का जितना ज़्यादा भाग साफ़ कर सकते हैं करें, क्योंकि बैक्टीरिया अक्सर जीभ से चिपके रहते हैं.

– रोज़ाना स्वयं अपने मुंह की जांच करते रहें. किसी प्रकार की सूजन, कट या स्पॉट अगर नज़र आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

– चेकअप और क्लीनिंग के लिए साल में दो बार डेंस्टिस्ट के पास ज़रूर जाएं.

 

सोच-समझकर खाएं

– मीठा कम खाएं. कोल्डड्रिंक से दूरी बनाएं.

– दूध या दूध से बनी चीज़ें, मांस, मछली, प्याज, लहसुन आदि खाने के बाद मुंह को अच्छी तरह साफ़ करें.

– सिट्रिक फूड, जैसे- टमाटर, अचार, नींबू खाने के बाद ब्रश कर लें, क्योंकि ये आहार दांतों के इनैमल को घिस देते हैं.

– कॉफ़ी का सेवन ज़्यादा न करें.

– पानी जमकर पीएं, ताज़ी और रेशेदार सब्ज़ियां खाएं.

– फास्ट फूड और स्नैकिंग (बीच-बीच में खाने की आदत) से दूर रहें.

 

इन बातों का भी ध्यान रखें

 

– धूम्रपान न करें. तंबाकू खाने से मुंह का कैंसर होने का ख़तरा रहता है. इसके अलावा धूम्रपान की वजह से मसूड़ों की बीमारी, मुंह से दुर्गंध आना, दांतों का पीला पड़ना जैसी समस्या भी होती है.

– मीठा खाने के बाद पानी ज़रूर पीएं.

– मुंह की ड्राईनेस को कम करने के लिए शुगर फ्री गम चबाएं, ताकि मुंह में लार बनती रहे.

प्रियंका सिंह

Meri Saheli Team :
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