बेहतर रिश्ते के लिए पति-पत्नी जानें एक-दूसरे के ये 5 हेल्थ फैक्ट्स( Couples Know These 5 Health Facts- Keep your Relationship Strong)

बेहतर रिश्ते के लिए प्यार, केयर और दूसरी कई बातों के साथ ही ज़रूरी है एक-दूसरे के हेल्थ (Keep your Relationship Strong) की पूरी जानकारी, ताकि हेल्थ भी ठीक रहे और रिश्तो भी हेल्दी बना रहे.

Keep your Relationship Strong

क्या पार्टनर की फैमिली हेल्थ फाइल की जानकारी है?

– फैमिली में किसे कौन-सी हेल्थ प्रॉब्लम्स हैं या रह चुकी हैं, इसकी जानकारी बेहद ज़रूरी है. डायबिटीज़ से लेकर कैंसर व हार्ट प्रॉब्लम तक पैरेंट्स से बच्चों में आ सकती हैं.
– ऐसे में आप अगर इसे नज़रअंदाज़ करेंगे, तो पार्टनर को व उसके बाद आपके बच्चों तक को आप अंजाने में ही बीमारियां देते जाएंगे.
– यदि समय रहते आप फैमिली हेल्थ फाइल्स पर आपस में बात करें, तो नियमित चेकअप व डायट से बीमारी से बचा जा सकता है, साथ ही अपने बच्चों को भी आप इन बीमारियों की चपेट में आने से बचा सकते हैं.
– यदि आपने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया, तो आपके पार्टनर की हेल्थ के साथ-साथ आपके रिश्ते की सेहत भी ख़राब हो सकती है.
– आपको यह भी लग सकता है कि आपको धोखे में रखा गया या जान-बूझकर आपसे यह बात छिपाई गई. जबकि सच्चाई यह होती है कि अक्सर पार्टनर्स इस ओर ध्यान ही नहीं देते और बाद में पता चलने पर उन्हें अपनी ग़लती का एहसास होता है.
– अच्छा होगा कि आप समय-समय पर एक-दूसरे को ध्यान दिलाते रहें व साथ में चेकअप कराते रहें.
– साथ ही एक्सपर्ट की सलाह भी लेते रहें.

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कहीं पार्टनर ओवरवेट तो नहीं?

– अक्सर साथ रहते-रहते फिटनेस कब लापता हो जाती है, पता ही नहीं चलता. लेकिन आपके रिश्ते के लिए बहुत ज़रूरी है कि आपको फिटनेस फैक्ट्स का पता हो.
– अगर पार्टनर का वज़न बढ़ रहा है और वो ओवरवेट हो गया है, तो इसका असर उसकी पूरी हेल्थ पर पड़ेगा. बढ़ता वज़न कई बीमारियां लेकर आता है, जिससे सेक्स लाइफ प्रभावित होती है. साथ ही स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी आता है.
– बेहतर होगा कि आप दोनों नियम बना लें और समय-समय पर वज़न चेक कराएं.
– अगर वज़न बढ़ रहा है, तो डायट प्लान करें और एक साथ एक्सरसाइज़, जॉगिंग या जिमिंग करें, इससे साथ में व़क्त भी गुज़ार पाएंगे और एक-दूसरे को मोटिवेट भी कर पाएंगे.

क्या पार्टनर का स्लीप पैटर्न चेंज हो रहा है?

– सोने की आदत में अगर बदलाव नज़र आने लगे, तो अलर्ट हो जाइए, क्योंकि हो सकता है कि पार्टनर फिज़िकली हेल्दी नज़र आ रहा हो, लेकिन कहीं न कहीं वो या तो स्ट्रेस में है या फिर उसे कोई हेल्थ प्रॉब्लम है.
– अगर लगातार पार्टनर स्ट्रेस में रहेगा या ठीक से सो नहीं पाएगा, तो वो धीरे-धीरे ग़ुस्सैल स्वभाव का होता जाएगा. उसे अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स भी होने लगेंगी, जिससे आपकी पर्सनल लाइफ काफ़ी प्रभावित होगी.
– पार्टनर से बात करें और पता करें कि उसके स्ट्रेस का कारण क्या है.
– उसे सहयोग दें और हौसला बढ़ाएं.
– अगर उसे ख़ुद को अंदाज़ा नहीं कि उसका स्लीप पैटर्न क्यों बदल रहा है, तो एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर लें.

पार्टनर को कोई सेक्सुअल डिसीज़ तो नहीं?

– यह जानना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि यह बात आपकी सेक्सुअल हेल्थ व आपके रिश्ते को भी प्रभावित करेगी.
– अक्सर पार्टनर इस तरह की बातें एक-दूसरे से छिपाते हैं, उन्हें लगता है कि उनका साथी उनको ग़लत समझेगा.
– लेकिन इस तरह से वो अपने पार्टनर को भी वो बीमारी दे देते हैं.
– इस तरह हेल्थ के साथ-साथ रिश्तों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
– बेहतर होगा कि चाहे जो भी बात हो, अपने पार्टनर से शेयर करें. अपनी सेक्सुअल डिसीज़ को छिपाने की बजाय उसका इलाज कराएं.
– इस मामले में बहुत अधिक देर करना ठीक नहीं.
– पार्टनर से खुलकर बात करें और उन्हें विश्‍वास में लें.

मेंटल हेल्थ के बारे में भी जानना ज़रूरी है.

– पार्टनर का टेम्परामेंट, उसके स्वभाव को प्रभावित करता है. वो कितना सहनशील है, प्रेशर को कितना हैंडल कर पाता है, विपरीत परिस्थितियों में कैसे व्यवहार करता है, ये तमाम बातें पार्टनर की मेंटल हेल्थ व स्ट्रेंथ को दर्शाती हैं.
– तनाव या ग़ुस्से में पार्टनर की प्रतिक्रिया कैसी रहती है?
– क्या वाद-विवाद के बाद वो अपनी ग़लती स्वीकारता है या सॉरी बोलकर बात को ख़त्म करने की कोशिश करता है?
– बेहतर होगा कि एक-दूसरे को मानसिक रूप से आप दोनों मज़बूत बनाएं, इससे आपका रिश्ता भी मज़बूत होगा.
– ऐसा करने के लिए एक-दूसरे की कमज़ोरी व ताक़त को पहचानना भी ज़रूरी है.
– आपस में बात करें और कोशिश करें कि बिना किसी को हर्ट किए, आप अपनी बात कह सकें, साथी की कमज़ोरी व उसकी स्ट्रेंथ पर चर्चा करें.
– साथ ही अपनी कमज़ोरियों के बारे में भी साथी को बताएं. इसके अलावा कैसे आप दोनों एक-दूसरे की मदद कर सकते हो, इस पर भी ज़रूर बात करें.

– विजयलक्ष्मी