बच्चों के साथ बरसात के मौसम का आ...

बच्चों के साथ बरसात के मौसम का आनंद लें… (Enjoy The Rainy Season With Children)

रिमझिम बारिश बहुत सुंदर अवसर देती है ख़ुशियां मनाने का. आप इस मौसम में भीतर बंद न रहिए, ना ही बच्चों को बंद रखें. अगर आप अपने बच्चों संग बिल्कुल बच्चे बनकर एक दिन भी आनंद मना लेंगे, तो बच्चे पूरे साल इस बरसात के मौसम को भूल नहीं सकेंगे. इसलिए इन सुझावों पर अमल करके बच्चों के साथ बरसात के मौसम का आनंद ज़रूर लें.
सबसे पहली बात तो यह है कि आप एक दिन पहले ही योजना तैयार कर लीजिए कि बच्चों को एक दिन की सैर कहां कराएंगे. चाहे किसी बाग-बगीचे, ताल-तलैया या प्रकृति के नज़दीक जा रहे हैं, तो बच्चों संग मिलकर भेलपूरी घर पर बना लीजिए. ताज़ा पीने का पानी घर से भरकर ले जाइए और वहां पर दरी बिछाकर सुकून से बारिश की ठंडक का भरपूर मज़ा लीजिए.
और हां, बरसात में भुट्टो का तो मजा ही अलग है. एक दिन बच्चों संग भुट्टा दिवस मना लें. भुट्टे बाज़ार में उनके साथ ही जाकर और छांटकर लाएं. अब उनके साथ धीमी आंच पर भुट्टे सेकें. बच्चों को बताएं कि गैस को सिम करके ही सेंकना है, नहीं तो भुट्टा सिर्फ भुना नज़र आता है, जबकि अंदर से कच्चा होता है. भुट्टा जब हल्का-सा भुन जाए, तो भुट्टे को गोल-गोल घुमाते हुए भुने. इसके बाद नमक-नींबू लगाकर खाएं. बच्चे चटखारे लेंगे और एक नई चीज़ सीख लेंगे.
आप यह भी कर सकते हैं कि बच्चों को पुराने इस्तेमाल किए काग़ज़ की नाव बनाना सिखा दीजिए और आनंद उठा लीजिए.
अगर छत पर पूरी सुरक्षा है, तो बादलोंवाला मौसम छत पर भी ख़ूब मज़ा देता है. बारिश में बच्चों की कल्पनाओं को कुरेदिए. आसमान कितने रंग बदल रहा है… यह पूछिए उनको जवाब देने दीजिए. बादलों के बदलते आकार काले, भूरे, नीले, गुलाबी… बादलों पर क़िस्से सुनिए और सुनाइए. अगर घर पर गिटार, हारमोनियम, तबला, ढोलक आदि हैं, तो उनका उपयोग कीजिए.
छत पर तो बरसात में जमकर रेन डांस भी कर सकते हैं.


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बारिश में भीगना आपके शरीर के तापमान को संतुलित करने का एक शानदार तरीक़ा भी है.
बारिश का पानी हल्का होता है और इसका पीएच क्षारीय होता है. बारिश को एक तरह से वॉटर थेरेपी के लिए भी इस्‍तेमाल किया जा रहा है. यह आपके तन-मन को तरोताजा कर देता है. इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि इसमें मिट्टी में शामिल मिनरल और बैक्‍टीरिया नहीं होते, जिससे यह सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए ही लाभकारी बन जाता है. बारिश का पानी शरीर को प्रफुल्लित करने के अलावा कान की समस्याओं के लिए भी कारगर होता है. यह पानी त्वचा के किसी भी संक्रमण का इलाज करता है और उदासी को दूर करती है. बच्चों संग डांस का मां के शरीर पर एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी पड़ता है. यह आपको बहुत समय के लिए मानसिक शांति और ख़ुशी देता है.
बारिश के बाद हर जगह हरियाली छा जाती है. आप उस हरियाली से दूर न रहें. आसपास पार्क है, तो अपने साथ बाॅल, बैडमिंटन ले जाइए. एक मोटी चादर या दरी ले जाएं बच्चों संग लेटें, गाने गाएं, अंताक्षरी खेलें. खुली हवा में यह आनंद सौ गुना हो जाएगा.
बारिश मे बीज अंकुरित हो जाते हैं. नए-नए पौधे उगते हैं. कभी बच्चों के साथ टहलने जाइए. उनको बताइए कि गर्मी में जो आम, जामुन, लीची, फालसे खाए, वो बीज कैसे उग गए. उन पत्तों की ख़ुशबू देखिए. बच्चे रोमांच से भर जाएंगे.
मेंढक की मज़ेदार आवाज़ का आनंद लीजिए. बरसात में शाम को जुगनू आ जाते हैं. उनका मजा लीजिए.
बच्चों को यह बता दीजिए कि यह दुनिया पानी के बिना हरी नहीं हो सकती, वो भी पानी बचाना सीखेंगे.
तरह-तरह के कीट और चींटी देखकर बच्चों को ख़ुद अंदाज़ लगाने दीजिए कि यह कब और कौन-सी किताब में पढ़ा था.

– पूनम पांडे


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Rainy Season

Photo Courtesy: Freepik

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