बर्थडे स्पेशल: साइना नेहवाल का पहला प्यार बैडमिंटन नहीं था… (Happy Birthday Saina Nehwal)

भारत में बैडमिंटन की छवि सुधारने और पूरे विश्‍व में इस खेल में भारत का नाम रोशन करने वाली पहली खिलाड़ी साइना नेहवाल को ही है. बैडमिंटन की दुनिया में देश का मान-सम्मान बढ़ाने वाली साइना नेहवाल देश के लिए गौरव बन चुकी हैं. हरियाणा की ये लड़की कब दुनिया में भारत का मस्तक ऊंचा कर गई पता ही नहीं चला. लगातार मेहनत करके साइना न केवल एक के बाद एक टूर्नांमेंट जीतती रहीं, बल्कि नंबर एक की पोज़ीशन पर काबिज़ होकर दुनिया में देश का गौरव बढ़ाया. साइना के बर्थडे के मौ़के पर आइए, जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें.

साइना नेहवाल के पैदा होने पर उनकी मां को उनकी दादी ने बहुत कुछ सुनाया.

◊ साइना की दादी को पोती नहीं, बल्कि पोता चाहिए था.

◊ पोता न होने पर दादी ने एक महीने तक साइना को गोद में नहीं लिया था.

◊ बचपन में साइना बैडमिंटन प्लेयर नहीं, बल्कि कराटे प्लेयर बनना चाहती थीं.

◊ 8 साल की उम्र तक साइना ने कराटे खेला, लेकिन उसके बाद उनकी बॉडी ने इस गेम को सपोर्ट नहीं किया.

◊ पापा के कहने पर साइना ने बैडमिंटन को अपना करियर गेम चुना.

◊ भारत की ओर से साइना पहली ऐसी खिलाड़ी हैं, जो विश्‍व में बैडमिंटन की नंबर 1 खिलाड़ी बनी हों.

◊ बैडमिंटन खेलने के लिए साइना ने बचपन से ही 16-16 घंटे कोर्ट पर मेहनत की.

◊ उनके पिता की आधे से ज़्यादा सैलरी साइना के कोचिंग और फिटनेस पर चली जाती थी.

◊  2009 में साइना को अर्जुन पुरस्कार से नावाज़ा गया.

◊  2010 में साइना नेहवाल को भारत सरकार ने पद्म श्री और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया.

◊ 2014 लंदन ओलिंपिक में साइना ने कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था.

Shweta Singh :
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