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मदर्स डे: मां सदा दिल के क़रीब रहती है… (Happy Mother’s Day)

मां, ज़िंदगी जीने का हौसला देती है... मां, बच्चों की ख़ुशी के लिए अपनी ख़ुशी त्याग देती है... मां धरती पर ईश्‍वर का प्रतिरूप है.…

मां, ज़िंदगी जीने का हौसला देती है… मां, बच्चों की ख़ुशी के लिए अपनी ख़ुशी त्याग देती है… मां धरती पर ईश्‍वर का प्रतिरूप है. मां के प्रेम, त्याग, समर्पण, सहनशीलता और ताक़त को हम शब्दों में बांध नहीं सकते. लेकिन मां के प्रति सेलिब्रिटीज़ की भावनाओं को शब्दों में पिरोने की एक छोटी-सी कोशिश ज़रूर की है हमने.
शाहरुख ख़ान

मेरी मां ने अपनी प्यारी भाव-भंगिमाओं द्वारा मुझे एक्टिंग करना सिखाया था, लेकिन सबसे अहम् रहा उनका सिखाया ज़िंदगी का फ़लसफ़ा, जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता. उन्होंने मुझे समझाया कि जीवन में कुछ भी परमानेंट नहीं है, इसलिए आज जो भी तुम्हारे पास है, उसे एंजॉय करो. आज वे नहीं हैं, पर मुझे हमेशा यूं लगता है कि वे यहीं मेरे बेहद क़रीब हैं. यह भी सच है कि वे मेरे आसपास हैं और मेरा हमेशा ख़्याल रखती हैं, वरना आज जो कुछ भी मैं हूं, उस मुक़ाम तक कभी नहीं पहुंच पाता. वे मेरी ख़्वाहिशों को पूरा करने में मेरे और भगवान के बीच एसटीडी फोन की तरह माध्यम रहीं, क्योंकि मेरे जीवन में ऐसा कुछ भी नहीं रहा, जिसे मैंने चाहा और मुझे न मिला. जब कभी मैं बहुत ख़ुश होता हूं, तो रोता हूं, क्योंकि मैं अपनी ख़ुशियां अपनी मां के साथ बांट जो नहीं सकता.

ऐश्‍वर्या राय बच्चन

मेरी मां मेरी ज़िंदगी, मेरे अस्तित्व की केंद्रबिंदु रही है. मैं जब कभी दुखी और परेशान हुई, उन्होंने मुझे संभाला और ज़िंदगी के प्रति मेरी सोच व नज़रिए को बदलने में भी मदद की. उन्होंने हमेशा ही मुझ पर अटूट विश्‍वास किया. मां ने मेरे टैलेंट को न केवल समझा-जाना, बल्कि उसे डेवलप करने के गुर भी सिखाए.

रणबीर कपूर

मेरे जीवन में मां ही ऐसी शख़्स हैं, जो मुझसे जुड़ी और होनेवाली हर बात को बख़ूबी जानती और समझती हैं. हम बरसों से मॉम की देखरेख में अनुशासन में रहे हैं. मज़ाक ही सही, पर मेरा तो यह मानना है कि यदि देश की कमान मॉम को दे दी जाए, तो जिस डेवलपमेंट में हमने बरसों लगा दिए, वे उन्हें कुछ सालों में करके दिखा देंगी. मॉम ने पूरे कपूर परिवार को अपने प्यार की डोर में बांधे रखा है. उन्होंने हमें अनुशासन से जीने और व़क्त पर भोजन और सभी कामों को करने की सीख बचपन से दी. उन्होंने कभी भी हमें सेलिब्रिटी के बच्चे होने का एहसास नहीं करवाया. वे ब्यूटीफुल हार्ट, ब्रेन और पर्सनैलिटी का ख़ूबसूरत संगम हैं.

प्रियंका चोपड़ा

चाहे मेरे जीवन में करियर को संवारने की बात हो या पर्सनल लाइफ में कुछ करने की. मां का मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहा. मॉडलिंग, फिल्मी करियर, सिंगिंग यानी मैंने जीवन में जो कुछ किया, मां की सही और तर्कपूर्ण सलाह हमेशा मेरे विज़न को क्लीयर करती रहती थी. मॉडलिंग व एक्टिंग में मां की वजह से ही मैं कुछ बन पाई और क़ामयाब रही. मेरा तो यह मानना है कि मां हमारे लिए ईश्‍वर की अनमोल सौग़ात है.

रितिक रोशन

मैं अपनी मां की महानता और कुछ भी कर गुज़रने की क्षमता व साहस से बेहद प्रभावित हूं. वे मेरे जीवन में उन लोगों में से एक हैं, जिन्होंने मुझे नारी के संघर्ष और महत्व को समझने में मदद की.

कटरीना कैफ़

मैं अपनी क़ामयाबी को मेरी मां द्वारा किए गए अच्छे कार्यों के प्रतिफल के रूप में देखती हूं. आज मैं जिस मुक़ाम पर हूं, उसमें उनकी मेहनत व हिम्मत का काफ़ी योगदान रहा है. मां ने मुझे जो संस्कार दिए, वे भले ही इंडियन कल्चर के अनुरूप न हों, पर उन्होंने जो कुछ सिखाया है, वो यहां भी मेरी क़ामयाबी में मददगार रहा है. मेरे ख़्याल से मां की सीख ग्लोबल होती है. आप कहीं भी चले जाएं, आपकी हिफ़ाज़त करती है. मैं अपनी मां को लेकर प्राउड फील करती हूं. उन्होंने मुझे स्ट्रॉन्ग बनाया और ऐसी परवरिश दी, जिसके बलबूते मैंने विदेश से यहां आकर ख़ुद की मेहनत-लगन से अपना एक अलग मुक़ाम बनाया.

सलमान ख़ान

मां का ख़्याल आते ही मैं एक सुकून और मह़फूज़ ख़याल से भर उठता हूं. मां का साथ और उनकी ममता मेरे मन को शांति और राहत का एहसास कराती है. मैं अपनी मां का शुक्रगुज़ार हूं, जिन्होंने मुझे अच्छे संस्कार और मानवीय मूल्यों की कद्र करना सिखाया. हम मां की तुलना किसी से नहीं कर सकते. मां दुनिया में सबसे अलग और अनमोल है, इस एहसास को हर कोई जीता है.

सोनम कपूर

मेरे अभिनय और काम को लेकर मॉम हमेशा प्रेरित करती रहती हैं. मां का नाम सुनते ही एक ऐसी स्ट्रॉन्ग व इंडिपेंडेंड हाउसवाइफ मेरी नज़रों के सामने आ जाती है, जिसने अपना करियर अपने बच्चों को बड़ा करने व फैमिली को मज़बूत करने में बनाया. मां का यह इन्वेस्टमेंट था, जिसका रिटर्न अनमोल है. मैं उन्हें बेस्ट करियर वुमन मानती हूं. उन्होंने घर को घर बनाया और हमें बेहतर इंसान बनाने में अपनी पूरी एनर्जी लगा दी.

जॉन अब्राहम

मेरी मॉम बेहद इमोशनल और प्यारी हैं. उन्होंने बचपन से लेकर आज तक मुझे कई ऐसी बातों के बारे में बताया और समझाया, जो आगे चलकर मेरे लिए क़ामयाबी की वजह बनी. वैसे मैं कभी भी अपनी मां के लिए उनका होनहार व आज्ञाकारी बेटा जैसा नहीं बन पाया. हमारे बीच कई बातों को लेकर प्यारभरी तकरार होती रहती है. हम किसी बात को लेकर बहुत बहस भी करते हैं. वैसे मॉम की कुकिंग का मैं फैन हूं. उनकी बनाई टेस्टी करेले की सब्ज़ी और बैंगन का भरता शायद ही कोई बना सके. मेरी मॉम इतनी भावुक हैं कि मेरी फिल्म आई, यू और मैं व मद्रास कैफे को देख वे बहुत रोईं. मॉम का प्यार भरा भावुक मन अक्सर मेरे दिल को छू जाता है.

सोनाक्षी सिन्हा

मेरी मां मेरी प्रशंसक होने के साथ-साथ मेरी सबसे बड़ी आलोचक भी रही हैं. मेरे काम के प्रति अच्छी-बुरी सभी बातों से जुड़ी उनकी सलाह को मैं पूरी गंभीरता के साथ लेती हूं, क्योंकि मैं यह अच्छी तरह से जानती हूं कि वे ही ऐसी शख़्स हैं, जो हमेशा मेरी भलाई के बारे में सोचती हैं.

अर्जुन रामपाल

मैं अपनी मां को दुनियाभर की सैर कराना चाहता हूं, क्योंकि उन्हें ट्रैवेल करना पसंद है. मैं उन्हें अक्सर कहता हूं कि यदि मेरा अगला जन्म हुआ, तो मैं उनकी कोख से ही पैदा होना चाहूंगा. वे दुनिया की सबसे ब्यूटीफुल और बेस्ट मॉम हैं.

सोहा अली ख़ान

अम्मी ने हम तीनों भाई-बहनों की परवरिश बहुत लाड़-प्यार से की है. वे हमेशा ही समय के साथ चलती रही हैं. उनके संपर्क में जो भी आता है, प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाता. मैंने उनसे ज़िंदगी का ऐसा फ़लसफ़ा सीखा है, जो ज़िंदगी में किसी भी ग्रूमिंग स्कूल या एक्टिंग स्कूल में नहीं सिखाया जाता. मां एक कंप्लीट स्कूल हैं.

अभिषेक बच्चन

मैं मां के रिश्ते को शब्दों में बयां नहीं कर सकता. बहुत सारी ऐसी बातें हैं, जिन्हें मैं मां के सहारे ही सुलझा पाया हूं. मां ने मेरे व्यक्तित्व में हमारी संस्कृति व परंपराओं को कुछ इस तरह बुना है कि मैं कुछ ग़लत करूं, इससे पहले ही मेरी आत्मा मुझे ऐसा करने से रोक देती है. मैं मां को हमेशा ख़ुश देखने की ख़्वाहिश रखता हूं.

विवियान डिसेना

मेरी मां ने अब तक मेरे लिए जो कुछ भी किया है, उन सभी के लिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहूंगा. ख़ास ‘मदर्स डे’ पर मैं उन्हें इस बात का एहसास करना चाहता हूं कि व़क्त बीतने के साथ-साथ वे मेरे और भी क़रीब हो गई हैं. मैं उनके प्यार और समर्पण का हमेशा कर्ज़दार रहूंगा. मेरी मां के सहयोग और विश्‍वास के कारण ही आज मैं अभिनय के क्षेत्र में हूं. उनका हमेशा ही मुझ पर अटूट विश्‍वास रहा है, जो मुझे ख़ुशी और संतुष्टि का एहसास कराता है.

दीपिका सैमसन

दुनियाभर में मां प्यार, ख़ुशी और ममता का प्रतिरूप है. परिवार को जोड़ने और आपसी रिश्तों को मज़बूती प्रदान करने का आधार हैं मां. बचपन से आज तक मैंने ऐसा बहुत कुछ देखा है, जब मेरी मां ने बिना किसी शिकायत के हमारी ख़ुशियों और भलाई के लिए बहुत कुछ किया है. मां अपने सभी बच्चों को हमेशा ख़ुश देखना चाहती हैं और हम उनकी इस भावना और समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद भी नहीं कह सकते, क्योंकि मां की ममता अनमोल है. सीरियल में मां का रोल निभाते हुए ही मुझे इस बात का भी एहसास हुआ कि मां का अपने बच्चे के साथ कितना मज़बूत व प्यारा बंधन होता है और उसके लिए वो कितनी स्पेशल भी रहती है. मैं तो यही दुआ करती हूं कि दुनिया की सभी मांओं को उनके हिस्से की सारी ख़ुशियां मिलें.

सिद्धार्थ शुक्ला

मेरी मां ने मेरी हर परेशानी और कठिन परिस्थितियों में मेरा साथ दिया है. ऐसे में जब मेरे अपने मुझे ममाज़ बॉय कहते हैं, तो मैं बुरा नहीं मानता. बल्कि मेरी मां ने जो कुछ मेरे लिए किया है, उन सबके बारे में सोचता हूं, तो उनके प्रति गर्व महसूस करता हूं. ‘मदर्स डे’ पर मैं दुनियाभर की सभी मांओं को ‘हैप्पी मदर्स डे’ कहते हुए अपनी शुभकामनाएं देता हूं.

अविका गौर

हम बच्चे जो कुछ भी चाहते हैं, उसे मां एक सहेली, मार्गदर्शक, रक्षक के रूप में पूरा करती रहती हैं. वो हमारी ज़िंदगी को संवारने के लिए कई बार अपनी ज़िंदगी के साथ भी जाने कितने समझौते करती चली जाती हैं. मां के प्यार, त्याग और स्नेह का कोई मोल नहीं है.

– ऊषा गुप्ता
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Usha Gupta

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हेल्दी और फिट रहने के लिए हेल्दी आदतों का होना अच्छी बात है, लेकिन जब यही अच्छी आदतें हद से ज़्यादा बढ़कर सनक बन जाती हैं तो आपको फिट रखने की बजाय नुक़सान ही ज़्यादा पहुंचाती हैं. ऐसे में बेहतर होगा कि कुछ चीज़ों केओवर डोज़ से बचा जाए…  बहुत ज़्यादा डायटिंग करना: अपने बढ़ते वज़न पर नज़र रखना और उसको कंट्रोल में रखने के लिए डायटिंग करना अच्छी बात है, लेकिन जब ये डायटिंग हद से ज़्यादा बढ़ जाती है तो वो आपको फिट और स्लिम रखने की बजाय कमज़ोर करने लगती है. कुछ लोग पतले बने रहने के चक्कर में खाना-पीना ही बंद कर देते हैं, जबकि डायटिंग का मतलब खाना बंद करना नहीं होता, बल्कि अनहेल्दी खाने को हेल्दी खाने से रिप्लेस करना होता है. लेकिन जब आप खाना एकदम ही कमकर देते हो, तो शरीर में पोषण की कमी होने लगती है और आप कमज़ोर होकर कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से घिर जाते हो. बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करना: फिट रहने के लिए एक्सरसाइज़ करना बहुत ही हेल्दी हैबिट है, लेकिन ओवरएक्सरसाइज़ से आपको फ़ायदा कम और नुक़सान ज़्यादा होगा. यह न सिर्फ़ आपको थका देगी, बल्कि इससे आपकीमसल्स या बॉडी डैमेज तक हो सकती है. हेवी वर्कआउट के बाद बॉडी को रेस्ट की भी ज़रूरत होती है, वरना शरीर थकजाएगा और आप ऊर्जा महसूस नहीं करेंगे.  बहुत ज़्यादा सप्लीमेंट्स खाना: कुछ लोगों की आदत होती है कि वो अपनी हेल्थ को लेकर ज़्यादा ही सोचते हैं और इसओवर कॉन्शियसनेस की वजह से खुद को फायदे की बजाय नुक़सान पहुंचा लेते हैं. बिना किसी सलाह के सिर्फ़ यहां-वहांसे पढ़कर या किसी की सलाह पर सप्लीमेंट्स खाना आपको गंभीर रोगों के ख़तरे तक पहुंचा सकता है. अगर आप फिट हैंऔर हेल्दी खाना खाते हैं तो सप्लीमेंट की ज़रूरत ही क्या है. इसी तरह से जो लोग बहुत ज़्यादा मल्टी विटामिंस लेते हैं उन्हेंकैंसर का ख़तरा अन्य लोगों की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि इनके अधिक सेवन से कोशिकाओं का सामान्य निर्माणक्रम प्रभावित होकर रुक जाता है. अगर आप विटामिन सी अधिक मात्रा में लेते हैं, तो डायरिया का ख़तरा बढ़ जाता है, इसी तरह बहुत ज़्यादा विटामिन बी6 नर्व को डैमेज कर सकता है और अगर गर्भावस्था में विटामिन ए की अधिकता हो गईतो उससे बच्चे में कुछ बर्थ डिफ़ेक्ट्स हो सकते हैं. बेहतर होगा जो भी खाएं सीमित और संतुलित मात्रा में ही खाएं. पानी बहुत ज़्यादा पीना: पानी सबसे हेल्दी और सेफ माना जाता है, लेकिन अति किसी भी चीज़ की अच्छी नहीं होती. बहुतज़्यादा पानी पीने से रक्तप्रवाह में सोडियम को पतला कर देता है, जिससे मस्तिष्क की कार्य प्रणाली बिगड़ सकती है औरयहां तक कि व्यक्ति की मौत भी हो सकती है. इस अवस्था को हाईपोरिट्रेमिया कहते हैं जो उन लोगों में अधिक पाई जातीहै, जो खुद को बहुत ज़्यादा हाइड्रेट करते हैं, जैसे- एथलीट्स वग़ैरह. इसी तरह जिन लोगों को कुछ मेडिकल कंडिशन होतीहै उनको भी ज़्यादा पानी मना है, जैसे- कोरॉनरी हार्ट डिसीज़ वालों को अधिक पानी के सेवन से बचना चाहिए. दरअसलआपके शरीर को जब भी किसी चीज़ की ज़रूरत होती है, तो वो खुद ही आपको सिग्नल दे देता है, इसीलिए जब शरीर कोपानी की ज़रूरत होती है, तो आपको प्यास लगती है, लेकिन कुछ लोगों की आदत ही होती है कि वो बिना सोचे-समझेगिन-गिनकर नाप-तोलकर ज़बर्दस्ती पानी पीते रहते हैं ये सोचकर कि इससे उनका पाचन अच्छा होगा और स्किन भी ग्लोकरेगी.  शुगर की जगह आर्टिफ़िशियल स्वीटनर का ज़्यादा प्रयोग: माना शुगर कम करना हेल्दी हैबिट है, लेकिन इसकी जगह आर्टिफ़िशियल स्वीटनर का ही इस्तेमाल करना शुरू देना वज़न कम करने की बजाए बढ़ाता है. इसके अलावा शुगर काएकदम ही प्रयोग बंद करने से आपका शुगर लेवल कम होकर कमज़ोरी का एहसास कराएगा. ऊर्जा के लिए शुगर भी ज़रूरी है.  दांतों को बहुत ज़्यादा और देर तक ब्रश करना: कई लोगों की ये मान्यता है कि दांतों को जितना घिसेंगे, वो उतने हीचमकेंगे. लेकिन बहुत ज़्यादा देर तक ब्रश करने से आप दांतों के इनामल को नुक़सान पहुंचाते हैं और साथ ही मसूड़े भीडैमेज होते हैं इससे. बेहतर होगा सॉफ़्ट ब्रिसल्स वाला टूथ ब्रश यूज़ करें और बहुत ज़ोर लगाकर ब्रश न करें. हेल्दी फल व सब्ज़ियों का ज़्यादा सेवन: चाहे फल हों या सब्ज़ियां या कोई भी हेल्दी फूड उनका ज़रूरत से ज़्यादा सेवन भीख़तरनाक हो सकता है. हरी सब्ज़ियां जहां आपका पर अपसेट कर सकती हैं, वहीं गाजर से आपको ऑरेंज स्किन कीसमस्या हो सकती है. इसी तरह इन दिनों ऑलिव ऑइल भी बहुत पॉप्युलर है लेकिन इसके ज़्यादा प्रयोग से आप सिर्फ़अधिक कैलरीज़ और फ़ैट्स ही बढ़ाएंगे.  साबुन-पानी की बजाय बहुत ज़्यादा सैनिटायज़र का इस्तेमाल: माना आज COVID के चलते सैनिटायज़र बेहद ज़रूरीऔर मस्ट हैव प्रोडक्ट बन चुका है, लेकिन अगर आप घर पर हैं और साबुन से हाथ धोने का ऑप्शन है तो बेहतर होगा कि…

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