जानें आख़िर कितनी देर तक जीवित रहते हैं शुक्राणु ( How Long does Sperms Survive)

गर्भधारण करना एक बेहद जटिल प्रक्रिया है. कुछ तो आसानी से गर्भवती हो जाती हैं, तो कुछ को महीनों तक अपने ओवुलेशन पर नज़र रखनी पड़ती है. लेकिन प्रेग्नेंसी के लिए सिर्फ़ महिला का शरीर ज़िम्मेदार नहीं होता. महिला के शरीर में पुरुष का शुक्राणु कितने समय तक जीवित रहता है, इससे भी काफ़ी फ़र्क़ पड़ता है. शुक्राणुओं की यात्रा और जीवनकाल के बारे में मोनिका अग्रवाल विस्तार से जानकारी दे रही हैं.

How Long does Sperms Survive

सेक्स के दौरान पुरुष के वीर्य से
लाखों-करोड़ों शुक्राणु बाहर निकलते हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ़ एक-दो ही ऐसे होते हैं जो महिला के अंडों के साथ मिलकर प्रजनन की प्रक्रिया को पूरा करते हैं. अधिकांश लोग स्पर्म के बारे में बहुत ज़्यादा नहीं जानते हैं, जबकि शुक्राणु से जुड़ी कई ऐसी कई बाते हैं जिसके बारे में आपको पूरी जानकारी
होनी चाहिए.

महिला के शरीर के अंदर
एक बार जब शुक्राणु महिला के वेज़ाइना में चले जाते हैं तो वे शरीर में 24 से 48 घंटों तक जीवित रह सकते हैं. हालांकि बहुत से शुक्राणु महिला के शरीर में घुसते ही नष्ट हो जाते हैं.

ओवेलुशन के दौरान 3-5 दिन तक जीवित रह सकते हैं
अमेरिकन प्रेग्नेंसी एसोसिएशन के अनुसार, शुक्राणुओं को अगर अनुकूल माहौल मिले तो वे ज़्यादा समय तक जीवित रह सकते हैं. अगर जगह गर्म और नम हो तो वे 3 से 5 दिन तक जीवित रह सकते हैं. शुक्राणुओं को नम माहौल की आवश्यकता होती है. चूंकि ओवेलुशन के दौरान महिला का वेजाइना और गर्भाशय नम और गर्म होता है इसलिए उन दौरान शुक्राणु महिला के शरीर में ज़्यादा समय के लिए जीवित रहते हैं. अगर सर्विकल फ्लूइड कम हो तो शुक्राणु जल्दी मर जाते हैं.

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शरीर के बाहर
चूंकि मानव शरीर गर्म और मॉइस्ट होता है, इसलिए शुक्राणु ज़्यादा समय तक जीवित रहते हैं, लेकिन बात जब कपड़ों और अन्य जगहों की हो तो शुक्राणुओं का जीवनकाल बहुत छोटा होता है. शरीर के बाहर ये कुछ मिनटों या ज़्यादा से ज़्यादा दो घंटे तक जीवित रहते हैं. चूंकि वीर्य जल्दी सूखता है इसलिए नमी के कमी के कारण शुक्राणु मर जाते हैं.

जानें ये बातें


शुक्राणुओं की संख्याः एक स्खलन यानी इजैकुशन में अनुमानित 280 मिलियन शुक्राणु होते हैं.

कम स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी  जब शुक्राणुओं की संख्या 10 मिलियन से कम हो जाती है, तो प्रजनन क्षमता कम हो जाती है. नैशनल इंफर्टिलिटी एसोसिएशन के अनुसार, अगर शुक्राणु की संख्या 40 मिलियन और 300 मिलियन के बीच है तो पुरुष सामान्य श्रेणी में आता है.

स्पर्म बनने में लगने वाला समयः  वैसे तो पुरुषों के अंडकोष में हमेशा शुक्राणु बनते रहते हैं, लेकिन किसी भी स्पर्म को पूरी तरह परिपक्व होने और प्रजनन के लिए पूरी तरह तैयार होने में लगभग 46 से 72 दिनों तक का समय लग जाता है.

स्वस्थ स्पर्मः जितने भी स्पर्म शरीर से बाहर निकलते हैं उनमें से सभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं होते हैं. लगभग 90% स्पर्म ख़राब होते हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पुरुष में कोई कमी है बल्कि यह सामान्य बात है. वास्तव में जब ये स्पर्म अंडे की तरफ़ जाते हैं तो उस दौड़ में कई स्पर्म पीछे ही छूट जाते हैं, स़िर्फ हेल्दी स्पर्म ही अंडों तक पहुंच पाते हैं.

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