होम डेकोर से घर में लाएं पॉज़ीटिव एनर्जी (How to bring positive energy into home Decor)

घर की पॉज़ीटिव व निगेटिव एनर्जी का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है. पॉज़ीटिव एनर्जी जहां हमें ऊर्जावान बनाने के साथ-साथ चुस्त-दुरुस्त बनाए रखती है, वहीं निगेटिव एनर्जी से घर में तनाव का माहौल बना रहता है और वहां रहनेवालों की तबीयत भी ख़राब रहती है. पर कुछ छोटे-छोटे बदलावों से आप घर की निगेटिव एनर्जी को दूर कर पॉज़ीटिव एनर्जी ला सकते हैं.

बेसिक टिप्स

* पॉज़ीटिव एनर्जी को आकर्षित करने के लिए सबसे ज़रूरी है, घर को साफ़-सुथरा व व्यवस्थित रखना, क्योंकि कबाड़, पुराना सामान और टूटी-फूटी  चीज़ें निगेटिव एनर्जी पैदा करती हैं.

* हर हफ़्ते या 15 दिन में पूरे घर की सफ़ाई करें. घर में धूल-मिट्टी इकट्ठा न होने दें.

* पॉज़ीटिव एनर्जी को फ्लो होने के लिए खाली जगह की ज़रूरत होती है, इसलिए घर में खुली जगह बनाएं, ताकि पॉज़ीटिव एनर्जी ज़्यादा से ज़्यादा घर  में आ सके.

* घर की खिड़कियां खुली रखें, ताकि ताज़ी हवा के साथ-साथ पॉज़ीटिव एनर्जी भी घर में आ सके.

* भले ही आपको पुरानी चीज़ें इकट्ठा करने का शौक़ है, फिर भी ज़रूरत की चीज़ें रखकर ग़ैरज़रूरी पुरानी रद्दी और मैग्ज़ीन को समय-समय पर  निकालते रहें.

* फर्नीचर को री-अरेंज करें. फर्नीचर एक जगह से दूसरी जगह खिसकाने से वहां पर जमा निगेटिव एनर्जी बिखरकर बाहर निकल जाती है.

* घर में इनडोर प्लांट्स और बालकनी में रंग-बिरंगे फूलोंवाले प्लांट्स लगाएं. प्लांट्स घर में कलर, ऑक्सीजन, ताज़ी हवा और पॉज़ीटिव एनर्जी
बढ़ाते हैं.

* घर में टॉक्सिक और केमिकलयुक्त चीज़ों की बजाय इको-फ्रेंडली, नॉन-टॉक्सिक और होममेड सोल्यूशन्स का  इस्तेमाल करें.

* ज़्यादा से ज़्यादा प्राकृतिक चीज़ों का इस्तेमाल करें. कोशिश करें कि ज़्यादातर चीज़ों को रिसाइकल कर इस्तेमाल करें.

* बैम्बू, कॉर्क, हार्डवुड जैसे प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करें. फ्लोरिंग के लिए नेचुरल फाइबर कारपेट बेहतरीन माना जाता है.

* पेंट में मौजूद वोलाटाइल ऑर्गैनिक कम्पाउंड्स (वीओसी) जैसे टॉक्सिक तत्वों के कारण सिरदर्द, एलर्जी और पाचन संबंधी समस्याएं घेर लेती हैं.  इसलिए घर को टॉक्सिन फ्री रखने के लिए लो वीओसी वाले पेन्ट्स, ग्लू, फिनिशेज़ का इस्तेमाल करें.

* लाइटिंग आपके घर की एनर्जी को काफ़ी हद तक प्रभावित करती है. जहां घर में मौजूद सही रोशनी से आप ऊर्जावान महसूस करते हैं, वहीं हल्की या  डिम लाइट आपको डल व डिप्रेस्ड फील कराती है.

* घर में सही लाइटिंग अरेंजमेंट करें. सीएफएल की बजाय एलईडी लाइट्स इस्तेमाल करें. सीएफएल लाइट्स में मौजूद टॉक्सिक तत्व हमारे स्वास्थ्य  और पर्यावरण दोनों के लिए ख़तरनाक साबित हो सकते हैं.

* ख़ुशबू घर में मौजूद निगेटिव एनर्जी को ख़त्म कर पॉज़ीटिव एनर्जी पैदा करती है. इसलिए लैवेंडर, मिंट और नीलगिरी युक्त ख़ुशबूदार कैंडल्स हर  कमरे में जलाएं.

* लिविंग रूम में रोज़ाना ताज़े फूल लगाएं. फूल रंग, ख़ुशबू और पॉज़ीटिव एनर्जी को अट्रैक्ट करते हैं.

* धार्मिक कारणों के अलावा घरों में ख़ुशबूदार अगरबत्ती और धूप जलाने के पीछे पॉज़ीटिव एनर्जी बढ़ाने का ही उद्देश्य होता है.

* घर के हर कमरे में पांचों तत्वों से जुड़े रंग- काला, हरा, लाल, पीला और स़फेद ज़रूर रखें. ये आपकी शारीरिक एनर्जी को बैलेंस करते हैं और घर में  निगेटिव को हटाकर पॉज़ीटिव एनर्जी बैलेंस करते हैं.
* प्रकृति को क़रीब से देखकर हम अपने सारे दुख-दर्द भूल जाते हैं. अपने घर में भी प्रकृति की झलक लाने के लिए नेचर पेंटिंग्स लगाएं.

* मिरर्स एनर्जी को बढ़ाते हैं, इसलिए घर के उन हिस्सों में इन्हें लगाएं, जहां आप ज़्यादा एनर्जी क्रिएट करना चाहते हैं. इन्हें टॉयलेट या डस्टबिन के  सामने न लगाएं, वरना निगेटिव एनर्जी बढ़ेगी.

* घर में बाथरूम और टॉयलेट में सबसे ज़्यादा निगेटिव एनर्जी रहती है, इसलिए इन्हें हमेशा साफ़ रखने के साथ ही इनके दरवाज़े बंद रखें, ताकि  निगेटिव एनर्जी घर के बाकी हिस्सों में फैल न सके.

* घर का माहौल सौहार्दपूर्ण बनाए रखें, क्योंकि तनाव, झगड़े और अपशब्दों से निगेटिव एनर्जी पनपती और बढ़ती है.

* घर में रोज़ाना मंत्रों का उच्चारण घर में पॉज़ीटिव एनर्जी को बढ़ाता है.

* मेडिटेशन से घर में पावरफुल पॉज़ीटिव वाइब्रेशन्स बढ़ती हैं. मेडिटेशन के कई घंटों बाद भी उस स्थान पर पॉज़ीटिव एनर्जी बरकरार रहती है.

रंगों से लाएं पॉज़ीटिव एनर्जी आप रंगों के ज़रिए भी अपने घर में पॉज़ीटिव एनर्जी ला सकते हैं.

सफ़ेद: यह रंग स्वच्छता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए बेहद आसानी से पॉज़ीटिव एनर्जी अट्रैक्ट करता है. स़फेद रंग को पेंट के रूप में दीवारों पर या होम एक्सेसरीज़ में इस्तेमाल कर सकते हैं.

लाल: यह रंग पॉज़ीटिव एनर्जी के साथ-साथ सौभाग्य और सफलता को भी आकर्षित करता है, इसलिए दरवाज़े पर लाल फूलोंवाला कोई प्लांट लगाएं या फिर लाल तोरण या डोरमैट लगाएं. पेंट करना है, तो इसे आप लिविंग रूम, डाइनिंग रूम, किचन, जिम आदि में इस्तेमाल कर सकते हैं. यह बहुत पावरफुल कलर है, इसलिए इसे बेडरूम में इस्तेमाल न करें. अगर आपको एनीमिया है या फिर आप थके हुए या लो फील करते हैं, तो अपने कमरे में किसी हल्के रंग के साथ इसका प्रयोग करें.

ऑरेंज: इसे ऑप्टिमिस्टिक ऑरेंज भी कहते हैं, क्योंकि यह रंग घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है. यह उत्साह-उमंग, प्रसन्नता और
उत्पादकता का प्रतीक है. ऑरेंज लाल और पीले रंग का मिश्रण है, इसलिए इन दोनों रंगों के गुण मौजूद होते हैं. यह आपको उत्साही व ज़िंदादिल बनाता है. आपके लिविंग रूम और बच्चों के प्ले ज़ोन के लिए यह एकदम सही चुनाव है.

पर्पल: घर के किसी कमरे में शांत व सुकूनभरा माहौल लाने के लिए आप पर्पल रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं. बेडरूम या मेडिटेशन रूम में यह रंग आपको शांति का एहसास कराता है. पर्पल के लाइट शेड्स लैवेंडर या वॉयलेट कलर्स से दीवारों को पेंट करें.

पिंक: यह रंग शांति, स्थिरता और निश्‍चिंतता का प्रतीक है. इतना ही नहीं, यह आपके माहौल में पॉज़ीटिव एनर्जी का संचार भी करता है. अगर आपको सोने में तकलीफ़ होती है, तो अपने बेडरूम को पिंक के लाइट शेड कलर से पेंट करें.

पीला: यह रंग सभी क्रियाओं का सेंटर माना जाता है, क्योंकि सूरज ब्रह्मांड का सेंटर और पॉज़ीटिव एनर्जी का सबसे बड़ा स्रोत है. इसके अलावा यह मूड लिफ्टिंग कलर भी माना जाता है. वैसे तो यह सभी कमरों के लिए बेहतरीन है, पर ज़्यादातर लोग इसे लिविंग रूम में लगाते हैं, ताकि वहां का माहौल हमेशा ख़ुशगवार रहे.

हरा: हरे रंग में हीलिंग पावर है. यह आपके स्ट्रेस को कम करने में भी आपकी मदद करता है. इसकी रेस्टफुल और बैलेंसिंग क्वालिटीज़ इसे लिविंग रूम और बेडरूम के लिए पॉप्युलर बनाती हैं.

नीला: यह निगेटिव इमोशन्स को कम करके आपको स्ट्रेस और टेंशन से बचाता है. अगर आपको बहुत ज़्यादा मूड स्विंग्स होते हैं, तो सभी दीवारों पर ब्लू न लगाएं. वैसे तो यह सभी कमरों के लिए उपयुक्त है, इसलिए इसे आप अपने किसी भी पसंदीदा कमरे में लगा सकते हैं.

एनर्जी बूस्टर टिप्स

* घर की निगेटिव एनर्जी को दूरकर पॉज़ीटिव एनर्जी लाने के लिए समुद्री नमक को एक बाउल में रखें या फिर एक बाल्टी पानी में 4-5 टेबलस्पून  नमक डालकर घर में पोंछा लगाएं.

* घंटी की आवाज़ निगेटिव एनर्जी को घर से दूरकर पॉज़ीटिव एनर्जी और वाइब्रेशन्स बढ़ाती है, जिससे घर में रहनेवालों का मूड हमेशा अच्छा
रहता है.

* निगेटिव एनर्जी के कारण भी अक्सर लोगों को सुकून की नींद नहीं आती. ऐसे में रात को सोते व़क्त एसेंशियल ऑयल युक्त कैंडल्स जलाएं. सुकूनभरी  नींद के साथ-साथ आपकी सुबह भी ख़ुशगवार होगी.

* म्यूज़िक में बहुत पॉज़ीटिव एनर्जी होती है, इसलिए दिन में 2-3 बार म्यूज़िकल सीडी प्ले करें और घर में पॉज़ीटिव एनर्जी बढ़ाएं.

– सुनीता सिंह

Meri Saheli Team :
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