एग्ज़ाम टाइम को न बनाएं स्ट्रेस टाइम (How To Deal With Exam Stress?)

 

अक्सर एग्ज़ाम के समय स्टूडेंट्स बहुत अधिक तनाव से घिर जाते हैं. इसकी कई वजहें होती हैं, जैसे- सही प्लानिंग न करना, समय पर कोर्स पूरा न होना, पैरेंट्स का दबाव आदि. ये सभी प्रॉब्लम्स न हों, इसके लिए ज़रूरी है पैरेंट्स की समझदारी व अन्य ज़रूरी तैयारियां. आइए, इसी से जुड़ी छोटी-छोटी बातों के बारे में जानते हैं.

परीक्षाएं नज़दीक आने पर पढ़ाई का स्ट्रेस जितना बच्चों पर होता है, उतना ही पैरेंट्स पर भी बनना शुरू हो जाता है. ऐसे में यह ज़रूरी हो जाता है कि बच्चे व पैरेंट्स में बेहतर तालमेल हो. इसी संबंध में हमने कई छोटी-छोटी, पर महत्वपूर्ण बातों को बताने की कोशिश की है. साथ ही जसलोक हॉस्पिटल की सायकोलॉजिस्ट डॉ. माया कृपलानी ने भी इस बारे में उपयोगी जानकारी दी है.

पैरेंट्स वर्सेस बच्चे

* पैरेंट्स सकारात्मक सोच रखें और बच्चों को हमेशा शांत व प्यार से ही समझाएं.
* उन्हें कभी भी डांट-डपटकर न सिखाएं.
* बच्चों के सामने पैरेंट्स झगड़ा न करें.
* कभी भी पढ़ाई के लिए दबाव न बनाएं.
* दूसरे बच्चों के साथ तुलना न करें, ऐसे में बच्चों में हीनभावना उत्पन्न हो जाती है.
* कभी भी पढ़ाई को लेकर बच्चे को मारे-पीटे नहीं.
* पढ़ने के लिए बच्चे को हमेशा प्रोत्साहित करते रहें.
* बच्चा जिस विषय में कमज़ोर है, उस विषय पर अधिक ध्यान दें.
* हमेशा बच्चे के अंदर सकारात्मक सोच पैदा करते रहें.
* बच्चे को अधिक से अधिक समय दें.
* पढ़ाई के समय बच्चों को हैवी भोजन न दें. भोजन हल्का पर पौष्टिकता से भरपूर हो.
* बच्चों को आसान तरी़के से कमज़ोर विषयों को सिखाने की कोशिश करें.
* बच्चों को हमेशा रोचक विषयों की जानकारी देते रहें.
* अच्छे प्रेरक प्रसंग, कहानियां सुनाते रहें, जिससे बच्चे के अंदर आत्मविश्‍वास पैदा हो.
* यदि घर पर मेहमान हमेशा आते रहते हों, तो बच्चों की परीक्षाओं के समय मेहमानों को कह सकते हैं कि बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए जब भी वे आएं, तो कृपया फोन करके सूचित कर दें या फिर एग्ज़ाम के बाद आने के लिए कहें.

बच्चों के लिए एग्ज़ाम टिप्स

* एग्ज़ाम को लेकर अपने टीचर्स द्वारा बताए गए इम्पॉर्टेंट पॉइंट्स को हमेशा ध्यान में रखें.
* उनके द्वारा बताए गए प्रश्‍नों और पेपर पैटर्न से जुड़ी बातों को गंभीरतापूर्वक फॉलो करें.
* परीक्षा की तैयारी के लिए एक बैलेंस टाइम टेबल बनाएं.
* टाइम टेबल बनाकर पढ़ने से आपको किस विषय को कितना समय देना है, समझ में आ जाएगा. साथ ही डेली शेड्यूल भी बन जाएगा.
* इन सबसे स्ट्रेस कम होता है और आपको पता रहता है कि कौन-सा चैप्टर कब कंप्लीट करना है.
* आपके लिए क्या महत्वपूर्ण है, इसे आपसे बेहतर कोई नहीं जान सकता, इसलिए अपनी प्राथमिकताएं तय करें.
* आप किस समय पूरी तरह से कॉन्संट्रेशन के साथ पढ़ पाते हैं, जैसे- सुबह, शाम, रात, तो डिफिकल्ट सब्जेक्ट की पढ़ाई करने के लिए वही समय चुनें.
* भरपूर और अच्छी नींद लेने के साथ-साथ ही ख़ुश व तनावमुक्त रहें.
* अपने खानपान व डायट पर ध्यान दें.
* ख़ुद को प्रोत्साहित करें व शाबासी दें.
* पढ़ाई के समय मोबाइल फोन, चैटिंग, सोशल मीडिया आदि से दूर रहें.
* यदि इसके एडिक्ट हैं, तो कुछ समय तक मोबाइल में रिचार्ज ही न कराएं.
* स्वच्छ व शांत वातावरण में पढ़ाई करें.
* जब पढ़ने बैठें, तब डिफिकल्ट सब्जेक्ट को पहले पढ़ें, क्योंकि उस समय आपका मूड फ्रेश और कॉन्संट्रेशन लेवल हाई रहता है.
* पढ़ाई को गेम की तरह लें यानी जिस तरह गेम में कोई लेवल पार करने के बाद अवॉर्ड मिलता है, उसी तरह ख़ुद को पुरस्कृत करें.
* टेबल और डेस्क पर ही पढ़ाई करें. यदि चाहें, तो बीच-बीच में आराम करते रहें.
* गंभीरतापूर्वक पढ़ाई करें और अनुशासित रहें.
* अपने को शाबाशी दें, इनाम दें और ख़ुद से वादा करें कि इस निश्‍चित समय तक पढ़ाई कर लेने के बाद ब्रेक लेकर कुछ मनोरंजन करेंगे या फिर थोड़ी देर के लिए बाहर टहलने जाएंगे.
* यदि आप चाहें, तो बीच-बीच में थोड़ी-थोड़ी देर पर ब्रेक लेते रहें. फिर भी कम से कम आधे घंटे तक लगातार एकाग्र होकर पढ़ें. उसके बाद चाहें, तो थोड़ी देर के लिए टहलें या फिर जूस, शरबत, चाय-कॉफी आदि लेकर दोबारा पढ़ने के लिए बैठें.
* कोई चैप्टर कई बार कोशिश करने पर भी समझ नहीं आ रहा हो, तो टीचर्स, फ्रेंड्स या फिर इंटरनेट पर सर्च करके उसे समझने की कोशिश करें.
* ख़ुद को हमेशा बेहतर करने का चैलेंज देते रहें. दूसरों से तुलना करने की बजाय ख़ुद से तुलना करें.
* योग, प्राणायाम, मेडिटेशन, वर्कआउट्स आदि करते रहें. इससे एकाग्रता बढ़ती है.
* पॉज़िटिव रहें. सकारात्मकता आपको स्ट्रेस व घबराहट से बचाती है.

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ये न करें

* दूसरों की बनाई रूपरेखा के भरोसे रहना.
* टाइम टेबल फॉलो न करना.
* एग्ज़ाम के एक दिन पहले रात में अधिक देर तक पढ़ना.
* लंबे समय तक बिना ब्रेक के लगातार पढ़ते रहना.
* अधिक चाय-कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स लेना.

रीविज़न के लिए टिप्स

* रीविज़न के लिए पर्याप्त समय रखें, जिससे आख़िरी समय में स्ट्रेस न हो.
* इससे आपका आत्मविश्‍वास बढ़ेगा.
* इसके लिए एक टाइम टेबल बनाएं, ताकि आप अपनी तैयारी का अवलोकन कर सकें. थोड़ा समय बाकी चीज़ों के लिए भी रखें.
* अलग-अलग तरी़के से रीविज़न करें, जिससे आपको भी पढ़ने में मज़ा आए.

एग्ज़ाम के समय

* परीक्षा देने के एक दिन पहले अच्छी नींद ज़रूर लें.
* परीक्षा देने से पहले कुछ खाकर जाएं और एग्ज़ाम हॉल में समय से थोड़ा पहले पहुंचें.
* एग्ज़ाम के समय टेंशन न लें. रिलैक्स और कूल रहें.
* यदि असहज महसूस कर रहे हों, तो थोड़ी देर के लिए मन को शांत करें. गहरी सांस लें और छोड़ें.
* पेपर मिलते ही शांत मन से एक बार उसे अच्छी तरह से पढ़ लें.
* प्रत्येक प्रश्‍न के लिए समय बांट लें और कोशिश करें कि निर्धारित समय में उसे पूरा कर सकें.
* टॉपिक के मेन पॉइंट्स, सब हेडिंग को ज़रूर लिखें व हाइलाइट करें.
* जब समय कम हो और उत्तर अधिक लिखने हों, तो नए तथ्यों को संक्षिप्त में लिखकर जवाब समाप्त करें.
* पेपर में न पूछे गए सवालों के जवाब न दें यानी अपने मन से अन्य बातों को न लिखें.
* उत्तर को पैराग्राफ में न लिखें.
* शॉर्ट फॉर्म का इस्तेमाल न करें, जो पढ़नेवाले को भी पता न हो.
* उत्तर के बीच में ही निष्कर्ष न दें. क्रमानुसार प्रश्‍नों का उत्तर दें.

– ऊषा गुप्ता

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Usha Gupta :
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