इन 6 Situations में कैसे हैंडल करें पार्टनर को? (How To Handle your partner in these 6 Situations)

वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. यही उतार-चढ़ाव रिश्तों की मज़बूती का पैमाना तय करते हैं. जिन कपल्स का दृष्टिकोण इन उतार-चढ़ावों के प्रति सकारात्मक होता है, वे आसानी से इन्हें पार कर जाते हैं और जिन अनहैप्पी कपल्स का नज़रिया नकारात्मक होता है, वेे इन मुश्किल परिस्थितियों से घबराकर हार मान लेते हैं. आइए जानें, दांपत्य जीवन की इन कठिन परिस्थितियों के बारे में, जिनसे दंपतियों को दो-चार होना पड़ता है.

 

स्थिति नं. 1: जब पार्टनर की नौकरी छूट जाए

हैप्पी कपल्स: नौकरी छूटने पर दंपति एक-दूसरे के प्रति दया का भाव नहीं दिखाते, क्योंकि उन्हें अपने पार्टनर की काबिलीयत पर पूरा भरोसा होता है.
– उन्हें इस बात का एहसास रहता है कि उनका पार्टनर पहले से ही परेशान है, इसलिए उस पर व्यंग्य करने की बजाय उसे इमोशनली व मेंटली सपोर्ट करते हैं.
– पार्टनर को ख़ुश रखने का प्रयास करते हैं.
– हैप्पी कपल्स अपनी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर बजट बनाते हैं और उसी के अनुसार अपनी वित्तीय समस्याओं को हल करते हैं.
– नौकरी छोड़ने के बाद भी हैप्पी कपल्स का नज़रिया सकारात्मक रहता है. अपने इसी सकारात्मक नज़रिए के कारण वे अपना अगला लक्ष्य तय करते हैं.
अनहैप्पी कपल्स: नौकरी छूटने के बाद दंपति तनावग्रस्त और चिड़चिड़े रहते हैं, जिससे घर की शांति भंग होती है.
– तनावग्रस्त और अवसाद से घिरने के कारण वे बातचीत करना बंद कर देते हैं.
– स्थिति को समझने की बजाय दंपति के बीच में छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़े होने लगते हैं.

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स्थिति नं. 2: जब पार्टनर वर्कोहॉलिक हो

हैप्पी कपल्स: कॉरपोरेट ऑफिस में काम के महत्व और पार्टनर की पोज़ीशन को ध्यान में रखते हुए कपल एक-दूसरे से कोई शिकायत नहीं करते.
– एक-दूसरे में बिज़ी या वर्कोहॉलिक होने का ताना नहीं देते.
– वर्कोहॉलिक होने पर भी हैप्पी कपल्स साथ बैठकर पारिवारिक ज़िम्मेदारियों का बंटवारा करते हैं, जिससे एक ही पार्टनर पर अनावश्यक बोझ न पड़े.
– एक पार्टनर के वर्कोहॉलिक होने पर दूसरा पार्टनर बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताता है.
– साथ ही परिवार की ज़रूरतों, पसंद-नापसंद का ख़्याल रखता है.
– हैप्पी कपल्स अपनी प्राथमिकताओं व लक्ष्यों की तुलना दूसरे दंपतियों के साथ नहीं करते.
– टाइम मैनेजमेंट टेकनीक को अपनाकर दंपति अपनी पारिवारिक ज़िम्मेदारियों को पूरा करते हैं.
– हैप्पी कपल्स की ख़ासियत होती है कि वर्कोहॉलिक और बिज़ी रूटीन होने के बाद भी ख़ुशियों के पल चुराना. अपनी इसी ख़ासियत की वजह से वे ख़ुश रहते हैं
अनहैप्पी कपल्स: वर्कोहॉलिक होने पर दंपति के बीच दूरियां बढ़ने लगती हैं, उनमें भावनात्मक लगाव कम होने लगता है.
– इस स्थिति में अनहैप्पी पार्टनर दूसरे पार्टनर के काम का महत्व नहीं समझते.
– एक-दूसरे की मनोस्थिति को समझने की कोशिश नहीं करते.
– असंतुष्ट दंपति अपनी तुलना दूसरों से करने लगते हैं.

स्थिति नं. 3: जब पार्टनर आर्थिक रूप से कमज़ोर हो


हैप्पी कपल्स: ऐसे दंपति भविष्य की अनिश्‍चितताओं के प्रति सजग रहते हैं, इसलिए पहले से सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश करके रखते हैं.
– अपने बजट को ध्यान में रखकर ख़र्च और निवेश करते हैं.
– समय-समय पर निकलनेवाली निवेश योजना के प्रति जागरूक रहते हैं.
– फ़िज़ूलख़र्ची से बचने के लिए हर काम बजट बनाकर करते हैं.
– जॉइंट अकाउंट खोलते हैं, ताकि पार्टनर की आर्थिक गतिविधियों की पूरी जानकारी मिलती रहे.
अनहैप्पी कपल्स: इस तरह के दंपति ख़र्च अधिक और बचत कम करते हैं.
– मनमाना बचत और ख़र्च करते हैं.
– आर्थिक मुद्दों पर निर्णय लेते समय पार्टनर के साथ सलाह-मशविरा नहीं करते.
– कोई काम बजट के अनुसार नहीं करते हैं, जिससे उन पर ख़र्चों का अनावश्यक बोझ बढ़ जाता है.
– बार-बार पार्टनर के आगे अपनी वित्तीय कमज़ोरियों का रोना रोते रहते हैं.
– आर्थिक रूप से कमज़ोर होने पर कुछ दंपतियों में असुरक्षा की भावना पनपने लगती है, जिसका बुरा असर उनके रिश्ते पर भी पड़ता है.

स्थिति नं. 4: जब पार्टनर के पास प्यार के लिए समय न हो?

हैप्पी कपल्स: ये दंपति रिलेशन बनाने के लिए एक-दूसरे पर दबाव नहीं डालते.
– रिलेशनशिप के दौरान अपनी भावनाओं को शेयर करते हैं.
– पार्टनर का मूड रोमांटिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते.
– अंतरंग क्षणों में उन्हें ख़ास होने का एहसास कराते हैं.
– सेक्सुअल प्रॉब्लम होने पर पार्टनर के साथ ज़ोर-ज़बर्दस्ती नहीं करते.
– घर के झगड़ों को बेडरूम में लेकर नहीं जाते.
अनहैप्पी कपल्स: सेक्सुअल संतुष्टि (यौन संतुष्टि) न मिलने पर एक-दूसरे पर दोषारोपण करने लगते हैं.
– एक-दूसरे की भावनाओं का ख़्याल नहीं रखते.
– मन-मुटाव होने पर बातचीत करना छोड़ देते हैं.

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स्थिति नं. 5: जब एक पार्टनर गंभीर रूप से बीमार (या कोई संक्रमित रोग होने पर) हो?

हैप्पी कपल्स: ऐसी स्थिति में दंपति एक-दूसरे को मॉरल सपोर्ट देते हैं.
– बीमार पार्टनर को अकेला छोड़ने की बजाय आपस में लगातार बातचीत करते रहते हैं, उसे ख़ुश रखने का प्रयास करते हैं.
– पार्टनर के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं.
– उसके साथ क्वालिटी टाइम बिताते हैं और उसे नॉर्मल होने का एहसास कराते हैं.
अनहैप्पी कपल्स: पति/पत्नी के गंभीर रूप से बीमार होने पर दूसरा पार्टनर ख़ुद को बेचैन या निराश महसूस करता है.
– जिन पार्टनर्स में आत्मविश्‍वास की कमी होती है, वे बिल्कुल सपोर्ट नहीं करते या फिर बिना बोले ही पीछे हट जाते हैं.
– ख़ुद को अकेला, दुखी और तनावग्रस्त महसूस करते हैं.
– अनहैप्पी कपल्स पार्टनर के साथ अपनी भावनाओं को शेयर नहीं करते, जिससे उनके रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगती हैं.

स्थिति नं. 6: पार्टनर पर हाथ उठाना

हैप्पी कपल्स: ऐसे दंपतियों के बीच प्यार, विश्‍वास, सहयोग व समर्पण की भावना इतनी मज़बूत होती है कि उनके बीच ऐसी स्थितियां कभी उत्पन्न नहीं होतीं.
अनहैप्पी कपल्स: दंपति के बीच ऐसी स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब वे अपने रिश्ते से ख़ुश नहीं होते हैं.
– ग़ुस्सा, जलन, शक और नफ़रत के कारण दूसरे पार्टनर पर हाथ उठाते हैं.
– रिश्तों में तनाव होने पर आपस में दोषारोपण करने लगते हैं.
– यदि पार्टनर शक्की हो, तो धीरे-धीरे रिश्ते में विश्‍वास कम होने लगता है.

– पूनम नागेंद्र शर्मा

Pratibha Tiwari :
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