मां काली के सिगरेट पीने वाले पोस...

मां काली के सिगरेट पीने वाले पोस्टर विवाद पर बोलीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, ‘मेरे लिए काली मांस-मदिरा स्वीकार करनेवाली’, पोस्टर में कुछ ग़लत नहीं… (Kaali Poster Row: ‘Kaali To Me Is A Meat-Eating, Alcohol-Accepting Goddess’ Says TMC MP Mahua Moitra)

डॉक्यूमेंट्री काली (documentary kaali) का पोस्टर विवाद (poster controversy) अब बढ़ता जा रहा है जिसमें मां काली को सिगरेट (goddess smoking cigarette) पीता दिखाया गया है और उनके हाथ में LGBTQ का झंडा भी नज़र आ रहा है. ये डॉक्यूमेंट्री फिल्म फिल्ममेकर लीना मणिमेकलई की है और इस पोस्टर पर लोगों का ग़ुस्सा सोशल मीडिया (social media) पर भी काफ़ी बढ़ता जा रहा है और इसी तरह लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. एक तरफ़ नुसरत जहान (Nusrat Jahan) ने इस पोस्टर की आलोचना की है तो वहीं इंडिया टुडे (India today conclave) के एक कार्यक्रम में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (tmc mp Mahua Moitra) को इस पोस्टर में कुछ ग़लत नहीं लगा.

महुआ ने कहा कि मेरे लिए मां काली मांस-मदिरा स्वीकार करनेवाली देवी हैं. काली के कई रूप हैं और अपने भगवान को आप किस रूप में और किस तरह से देखते हैं ये आप पर निर्भर करता है. महुआ ने ये भी कहा कि दुनिया में कई ऐसे भी देश हैं जो इष्ट देव को शराब चढ़ाते हैं. महुआ ने कहा- अगर आप भूटान और सिक्किम जाएंगे तो आपको पता चलेगा कि वहां सुबह पूजा में भगवान को व्हिस्की चढ़ाई जाती है, लेकिन अगर आप इसे प्रसाद के रूप में किसी उत्तर प्रदेश वासी को दे दो तो उसकी भावना आहात हो जाएगी.

इसी तरह अगर आप तारापीठ (पश्चिम बंगाल में स्थित मंदिर) जाएंगे तो काली मां के मंदिर के बाहर आपको साधू स्मोकिंग करते दिखेंगे. लोग इसी तरह काली की पूजा भी करते हैं. हिंदू होते ही भी मुझे अपनी काली को अपने हिसाब से देखने की आजादी है और ये आज़ादी होनी भी चाहिए. सभी को अपने हिसाब से भगवान की पूजा की आज़ादी होनी चाहिए.

लेकिन लोगों का ग़ुस्सा इस पोस्टर भी बढ़ता जा रहा है और फिल्ममेकर को अरेस्ट करने की मांग भी लोग कर रहे हैं. लोगों के अनुसार ये हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं की ठेस पहुंचानेवाला है और इसके ख़िलाफ़ एक्शन होना ही चाहिए.

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