ख़्वाबों की ज़िंदगी… (Khwabon Ki Zindagi…)

अपने ख़्वाबों की ज़िंदगी 
तो सभी जीते हैं..
पर ज़िंदगी तो वह है,
जो किसी का ख़्वाब हो जाए…

     

     मुरली मनोहर श्रीवास्तव   

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Usha Gupta :
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