देसी मिठास है ‘बरेली की बर्फी’, ‘पार्टिशन 1947’ बंटवारे के बीच एक लव स्टोरी है (Movie Review: Bareilly Ki Barfi And Partition 1947)

फिल्म- बरेली की बर्फी

स्टारकास्ट- कृति सैनन, आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी और सीमा पाहवा

निर्देशक- अश्विनी अय्यर तिवारी

रेटिंग- 3/5 स्टार

बरेली की बर्फी में देसी मिठास है. आजकल बॉलीवुड में देसी कहानियों पर फिल्में ख़ूब बन रही हैं और दर्शक ऐसी कहानियों को पसंद भी कर रहे हैं. बरेली की बर्फी कहानी फ्रांसीसी नॉवेल इनग्रिडिएंट्स ऑफ लव पर आधारित है, लेकिन बॉलीवुड में इसे उत्तर प्रदेश के रंग में रंगा गया है. फिल्म की कहानी में और क्या है ख़ास? आइए जानते हैं.

कहानी: 

जैसा की नाम से ही ज़ाहिर है कहानी है बरेली की बिट्टी मिश्रा (कृति सैनन) की, जो एक बिंदास लड़की है और अपने घर की लाडली है. एक दिन उसे प्यार हो जाता है बरेली की बर्फी नाम की किताब के लेखक से. इस किताब के लेखक कोई और नहीं, बल्कि चिराग दुबे (आयुष्मान खुराना) है, जिसने ये किताब तब लिखी थी, जब उसे प्यार में धोखा मिला था, लेकिन इस किताब को वो ख़ुद का नाम ने नहीं, बल्कि अपने दोस्त प्रीतम विद्रोही (राजकुमार राव) के नाम से छपवाता है. राजकुमार राव की फिल्म में एंट्री होते ही फिल्म में एक जान आ जाती है. लव ट्रायंगल तब और भी मज़ेदार हो जाता है. अब बिट्टी किसे मिलेगी? चिराग को या प्रीतम को? अब ये जानने के लिए आपको फिल्म देखने जाना होगा.

फिल्म की यूएसपी और कमज़ोर कड़ी:

अश्विनी ने इस फिल्म में बरेली के लोकल फ्लेवर को बनाए रखा है. फिल्म का सेकेंड पार्ट और भी धमाकेदार और इंट्रेस्टिंग है. आप एक मिनिट तके लिए भी बोर नहीं होंगे फिल्में में. जैसे अश्विनी ने फिल्म निल बटे सन्नाटा में बड़े ही मज़ाकिया अंदाज़ में गहरी बात कर दी थी, कुछ वैसे ही बात इस फिल्म में भी नज़र आएगी.

राजकुमार राव की ऐक्टिंग दि ब दिन निखरती चली जा रही है. एक बार फिर राजकुमार राव ने साबित किया है कि वो जो किरदार करते हैं, वो लगता है उन्हीं के लिए ही लिखा गया है. कृति सैनन और आयुष्मान खुराना भी अपने-अपने रोल में फिट लग रहे हैं. फिल्म के गाने भी अच्छे हैं.

फिल्म देखने जाएं या नहीं?

ज़रूर जाएं फिल्म देखने. ये इस साल की एक अच्छी रॉमकॉम फिल्म मानी जा रही है. कुल मिलाकर देखा जाए, तो ये एक एंटरटेनिंग फिल्म है. यक़ीनन आपके टिकट के पैसे वसूल हो जाएंगे इस फिल्म को देखकर.

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फिल्म-  पार्टिशन 1947

स्टारकास्ट- हुमा कुरैशी, ओमपुरी, मनीष दयाल

निर्देशक- गुरिंदर चढ्डा

रेटिंग- 2.5/5 स्टार

कहानी:

भारत-पाकिस्तान के बंटवारे पर आधारित है फिल्म पार्टिशन 1947. फिल्म की कहानी है बंटवारे के बीच पनपती है आलिया(हुमा कुरैशी) और जीत सिंह(मनीष दयाल) की लव स्टोरी. जिन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

फिल्म की यूएसपी और कमज़ोर कड़ी:

यूं तो ये कोई पहली फिल्म नहीं है, जो बंटवारे के बीच प्यार पर बनी हो, पहले भी इससे बेहतर फिल्में बनाई जा चुकी हैं. ऐसे में फिल्म की कहानी में कोई नयापन नहीं है. फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है. कई रियल लोकेशन पर शूट किया है फिल्म को, जो आपके पसंद आएगा.

हुमा कुरैशी और मनीष दयाल का अभिनय अच्छा है. हुमा के पिता के रोल में ओमपुरी का किरदार भी अच्छा है.

ए.आर. रहमान का म्यूज़िक इस फिल्म की जान है.

फिल्म देखने जाएं या नहीं?

अगर आप पीरियड फिल्में पसंद करते हैं, तो एक बार ये फिल्म देख सकते हैं. लेकिन अगर किसी वजह से ये फिल्म मिस भी हो जाती है, तो कोई बड़ा नुक़सान नही होगा आपका.

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Priyanka Singh :
© Merisaheli