दीया और बाती हम समेत कई शोज़ में...

दीया और बाती हम समेत कई शोज़ में काम कर चुकीं एक्ट्रेस नुपुर अलंकार ने 27 साल का कामयाब करियर छोड़ लिया संन्यास, भगवा धारण कर जोगन बन चल पड़ीं हिमालय की ओर… (Popular TV Actress Nupur Alankar Quits Glamour Industry, Takes Sanyaas)

टीवी की पॉप्युलर स्टार नुपुर अलंकार (Nupur Alankar) ने एक चौंकाने वाला फ़ैसला लिया है. अपने 27 साल के कामयाब करियर (27 years career) को छोड़ (quits acting) वो चल पड़ीं हिमालय की ओर. जी हां, नुपुर ने संन्यास (takes sanyaas) के लिया है और अब वो मायानगरी मुंबई, शोबिज़ और परिवार को छोड़ हिमालय की ओर तीर्थ पर निकल चुकी हैं, नुपुर ने टाइम्स ग्रुप को दिए इंटरव्यू में अपने इस निर्णय के बारे में बात की.

नुपुर पूरी तरह जोगन बन चुकी हैं और वो भगवा धारण कर चुकी हैं. 49 साल की नुपुर ने दीया और बाती हम, अगले जनम मोहे बिटियाही कीजो, स्वारागिनी, घर की लक्ष्मी बेटीयां जैसे कई शोज़ में काम किया है. लेकिन इतना काम करने के बाद भी एक्ट्रेस लॉक डाउन केवक्त पाई पाई को मोहताज हो गई. उन्होंने काफ़ी मदद की गुहार लगाई क्योंकि उनकी मां काफ़ी बीमार थीं और उनके इलाज के लिए वो पैसे नहीं जुटा पा रही थीं. मां की बीमारी के चलते वो काम भी नहीं कर पाईं थीं इसलिए वो काफ़ी तंगहाली में थीं. कुछ लोगों से बाद में मदद मिली और अक्षय कुमार ने भी उनकी सहायता की.

नुपुर कहती हैं, मेरे जीवन में अब ड्रामे की कोई जगह नहीं है. दिसंबर 2020 में मेरी मां के निधन के बाद मुझे एहसास हुआ कि अब मेरे पास खोने को कुछ नहीं या कुछ भी खोने का डर नहीं. मैंने खुद को सभी बंधनों और कर्तव्यों से मुक्त पाया. लेकिन अगर लोगों को ये लग रहा है कि मैंने निराशा या हताशा में ये फ़ैसला लिया है तो ये ग़लत है. मैं अध्यात्म से काफ़ी अरसे से जुड़ी हूं.

ई टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में नुपुर ने अपने इस फ़ैसले के बारे में विस्तार से बताया- मैंने फरवरी में संन्यास लिया था. मैं तीर्थ यात्राओं में व्यस्त हूं. मैंने  जरूरतमंदों की मदद करने का फैसला लिया है. मेरा हमेशा से ही अध्यात्म की ओर झुकाव रहा है और उसका पालन भी करती आई हूं. इसलिये अब मैंने खुद को पूरी तरह इसके लिये समर्पित कर दिया है. मैं गुरु शंभू शरण झा को पाकर धन्य हूं, जिनकी वजह सेमेरे जीवन की दिशा बदल गई. आगे वो बताती हैं कि मेरे संन्यास में देरी हो गई, क्योंकि मेरे बहनोई (कौशल अग्रवाल) अफगानिस्तान में फंस गए थे, जब तालिबान ने देश पर कब्जा कर लिया था.

नुपुर ने अपने पति अलंकार श्रीवास्तव व ससुरवालों की प्रतिक्रिया के बारे में बात की और कहा कि मैं और मेरे पति अलग रहेंगे हैं भले ही हम क़ानूनी रूप से अलग नहीं हुए लेकिन उनके मेरे इस फ़ैसले के बारे में पहले ही पता था क्योंकि उनको मैंने अपनी ये इच्छा बताई थी, उन्होंने मुझे मुक्त कर दिया है. मेरे परिवार का पूरा सहयोग है इसमें.

नुपुर ने सिने और टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन को भी शुक्रिया कहा जहां उन्होंने एक समिति के सदस्य के रूप में काम किया और स्वास्थ्य कार्यशालाओं का आयोजन किया और इसकी वजह से ही उन्हें उनके गुरु मिले. नुपुर ने कहा कि वो बहुत ही ज्यादा खुशनसीब हैं, जो उन्हें गुरु शंभू शरण झा मिले और यहां एक गुरु उपचारक से भी वो मिली, जिसके बाद से उनकी लाइफ पूरी तरह से बदल गई.

नुपुर ने अपने मुंबई के फ्लैट को किराए पर दे दिया है, जिससे उनका ट्रैवल और बेसिक खर्च निकल जाएगा. नुपुर अब बेहद सदा जीवन जीती हैं. सादे वस्त्र और सादा भोजन और वो भी एक समय ही भोजन करती हैं… ज़मीन पर सोती हैं…नुपुर के अनुसार वो एक बेहतर काम की ओर बढ़ रही हैं जिससे उनका आध्यात्मिक विकास भी होगा. नुपुर की बहन ने भी बताया कि नुपुर काफ़ी अधात्मिक हैं और कई सालों से योगा भी कर रही हैं.

नुपुर कहती हैं, हिमालय में रहने से मेरी आध्यात्मिक यात्रा का उत्थान और गति बढ़ेगी. ये वाक़ई एक बड़ा कदम है. लोग मेर इस भगवा धारण या लुक्स के बारे में क्या कहते या सोचते हैं इसकी अब मुझे परवाह नहीं. जब मैं शोबिज़ ने थी तब ये सारी बातें, सफलता-असफलता की चिंता रहती थी पर अब मैं इन बातों से मुक्त हो चुकी हूं, अब शांति है जीवन में और मन में.

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