कोरोना से करना है डील, तो मन को ...

कोरोना से करना है डील, तो मन को मेडिटेशन से करें हील, क्योंकि रिसर्च कहता है- इम्यूनिटी बढ़ाकर आपको हैप्पी-हेल्दी और पॉज़िटिव रखता है मेडिटेशन! (Practice Meditation To Improve Immunity, Stay Healthy & Safe)

ध्यान यानी मेडिटेशन, यह एक विज्ञान है. हमारा वैदिक विज्ञान. ध्यान विज्ञान हमें उस उच्च अवस्था में ला सकता है जहां से हम बेहतर जीवन और आत्मिक संतुष्टि के अलावा अच्छा स्वास्थ्य पा सकते हैं. इसके लिए ध्यान को समझना ज़रूरी है.

मेडिटेशन क्या है?

मेडिटेशन यानी ध्यान वह अवस्था है, जहां सारा फोकस मन पर ही होता है. यह एक तकनीक है, जो प्रैक्टिस से ही आती है. यहां आप सतही विचारों को दूर करके मन पर केंद्रित हो जाते हैं और फिर जो कुछ भी सोचता है मन ही सोचता है. मन से एकाकार होने की क्रिया ही है मेडिटेशन. मन को शांत करने और मस्तिष्क को परम सुख की स्थिति में पहुंचाने के क्रिया ही है मेडिटेशन.

हेल्थ और मेडिटेशन में कनेक्शन…

ध्यानावस्था में मस्तिष्क अल्फा स्टेट में पहुंच जाता है, शरीर में हैप्पी हार्मोंस का रिसाव होता है और नई ऊर्जा का संचार हम अनुभव करते हैं. मेडिटेशन से स्ट्रेस संबंधी दर्द में भी मिलती है राहत… ध्यान में उतरने पर पॉज़िटिव एनर्जी बढ़ती है, जिससे हाई बीपी कम होता है और मन शांत व तनावमुक्त होता है. तनाव कम होने के कारण तनाव से उपजे दर्द, जैसे- सिरदर्द, जोड़ों का दर्द, अनिद्रा, मांसपेशियों का दर्द आदि में भी काफ़ी राहत मिलती है. साथ ही इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होती है. तो जिन्हें अब तक लगता था कि मेडिटेशन मात्र मानसिक सुकून के लिए ही होता है, वो यह जान लें कि यह न स़िर्फ मानसिक शांति देता है, बल्कि कई तरह के शारीरिक कष्टों का भी निवारण करता है. यही नहीं, मेडिटेशन से हार्ट डिसीज़, डायबिटीज़, ओबेसिटी और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारी को भी बेहतर तरी़के से मैनेज किया जा सकता है. मेडिटेशन दरसअल बॉडी के रिलैक्सेशन रेस्पॉन्स को एक्टिवेट करता है, जिससे इन गंभीर बीमारियों और यहां तक कि चोट व दर्द आदि से भी उबरने में मदद मिलती है.

मेडिटेशन यानी ध्यान की संपूर्ण अवस्था. इस अवस्था में हम किस तरह की शक्तियों को जागृत कर सकते हैं और क्या क्या पा सकते आइए जानें-
हमारे मन में बहुत-सी शक्तियां छिपी होती हैं, लेकिन हम उन्हें पहचानते ही नहीं या फिर कभी प्रयास ही नहीं करते उनसे एकाकार होने का और मन में उतरकर उन शक्तियों को जागृत करने का. अपने मन को जानने या उससे एकाकार होने की प्रक्रिया ही है मेडिटेशन यानी ध्यान!

– यह शरीर के चक्रों को जागृत करके ऊर्जा प्रदान करता है.

– दरअसल हमारे शरीर का हर अंग किसी न किसी चक्र से संबंध रखता है. यदि किसी अंग में कोई समस्या आ जाए, तो संबंधित चक्र को एक्टिवेट करके उस अंग को संतुलित किया जा सकता है और उससे संबंधित बीमारी को ठीक किया जा सकता है.

– ध्यान की अवस्था में शरीर में हैप्पी हार्मोंस का रिसाव होता है.

– मेडिटेशन कई तरह के शारीरिक कष्टों का भी निवारण करता है.

– मेडिटेशन से इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होती है. यह लंग्स को मज़बूत करता है, क्योंकि इसे करते समय ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ भी होती है. प्राण वायु हमारे शरीर में जाती है. ऑक्सिजन बेहतर तरीक़े से लंग्स व शरीर में पहुंचता है.

– हाई बीपी, अनिद्रा, मांसपेशियों के दर्द, हार्ट डिसीज़, डायबिटीज़, ओबेसिटी और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारी को भी बेहतर तरी़के से मैनेज किया जा सकता है.

मस्तिष्क में रक्तसंचार बढ़ाता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है मेडिटेशन…

कई तरह के शोधों से पता चला है कि मेडिटेशन से स्ट्रेस से संबंध रखनेवाले हार्मोन कार्टिसॉल का स्तर घटता है, पैरासिम्पथेटिक नर्वस सिस्टम सुकून की अवस्था का निर्माण करता है, जिससे मस्तिष्क के उस हिस्से में क्रियाशीलता बढ़ जाती है, जो हैप्पी हार्मोंस रिलीज़ करता है. हार्ट रेट संतुलित होती है, मस्तिष्क में रक्तसंचार बढ़ता है, स्टैमिना बढ़ता है, शरीर ऑक्सीजन का इस्तेमाल बेहतर ढंग से कर पाता है, सेल्स का निर्माण बेहतर होता है.

भोलू शर्मा

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