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प्रकाश झा ने अक्षय-शाहरुख-अजय पर साधा निशाना, कहा- वह गुटखा विज्ञापनों से पैसे कमाने में व्यस्त हैं, मेरी फ़िल्में क्यों करेंगे (Prakash Jha takes a dig at Akshay, Shah Rukh, Ajay, Says- They are busy minting money from guthka ads, Why will they do my films)

डायरेक्टर प्रकाश झा (Prakash Jha) फिल्मों के अलावा अपने बिंदास बोल के लिए भी पहचाने जाते हैं. पिछले दिनों व बॉलीवुड फिल्मों के लगातार फ्लॉप…

डायरेक्टर प्रकाश झा (Prakash Jha) फिल्मों के अलावा अपने बिंदास बोल के लिए भी पहचाने जाते हैं. पिछले दिनों व बॉलीवुड फिल्मों के लगातार फ्लॉप होने के मुद्दे पर बयान देकर वो सुर्खियों में आए थे. जब आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ फ्लॉप हुई थी तब भी उन्होंने कहा था कि अगर बॉलीवुड में लोगों के पास कहानी नहीं है तो वे फिल्में बनाना बंद कर दें. और एक बार फिर उन्होंने इंडस्ट्री के तमाम बड़े स्टार्स पर निशाना साधा है और कहा है कि सभी बड़े स्टार्स तो गुटखा बेचने में लगे हुए हैं.

प्रकाश झा ने हाल ही में मीडिया से बातचीत करते हुए इनडायरेक्टली शाहरुख खान (Shah Rukh Khan), अक्षय कुमार (Akshay Kumar) और अजय देवगन (Ajay Devgn) पर तंज कसा है. इनमें से किसी घर नाम लिए बिना उन्होंने कहा, “बॉलीवुड के सभी टॉप स्टार्स तो गुटखा बेचने में बिजी हैं, फिल्म के कंटेंट के बारे में सोचने के लिए उनके पास वक्त ही कहाँ है और जब उन्हें फुरसत मिलती है, तो किसी हिट फिल्म के रीमेक राइट्स ले कर फिल्म बना देते हैं.”

प्रकाश झा ने आगे कहा, इंडस्ट्री के जो पांच से छह सुपरस्टार्स हैं, वो कभी भी मेरी फिल्म में काम नहीं करेंगे, क्योंकि वह गुटखा विज्ञापनों (Gutkha Ads) से पैसे कमाने में व्यस्त हैं. उन्हें एक गुटखा का विज्ञापन करने के लिए 50 करोड़ रुपये मिल रहे हैं, तो वे मेरी फिल्मों में क्यों काम करेंगे?”

प्रकाश झा ने इंटरव्यू में बॉयकॉट ट्रेंड के बारे में भी बात की और कहा जब आपके पास बताने के लिए एक अच्छी कहानी हो, अच्छा कंटेंट हो तो किसी भी ट्रेंड के बारे में परेशान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन परेशानी की बात ये है कि अच्छे कंटेंट की सुध किसको है.

बता दें कि प्रकाश इन दिनों अपनी फिल्म ‘मट्टो की साइकिल’ (Matto Ki Cycle) को लेकर न्यूज़ में बने हुए हैं, जो कल यानी 16 सितंबर को रिलीज़ हो चुकी है. इस फिल्म में प्रकाश झा लीड रोल में नजर आएंगे. फिल्म में एक मजदूर की कहानी है जिसकी साइकिल 20 साल पुरानी हो चुकी है और उसकी बेटी की उम्र 19 साल हो चुकी है. जहां साइकिल बूढ़ी हो चुकी है, वहीं बेटी जवान हो रही है और इस मजदूर को इन्हीं दोनों बातों की चिंता सता रही है.

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