हां, उस दिन मैंने अपने पीरियड्स की बात छुपाई थी

Kamla Badoni Staff asked 1 year ago

कुछ बातें हम चाहकर भी किसी से कह नहीं सकते. ऐसी अनकही बातों को लिख लेना बेहतर होता है, क्योंकि कह देने की तरह ही, लिख देने से भी मन हल्का हो जाता है.
उस दिन मेरे बेटे का पहला जन्मदिन था. ज़ाहिर है, हर मां की तरह मैं भी अपने बच्चे का जन्मदिन खूब धूमधाम से मनाना चाहती थी. इसके लिए मैंने कई दिन पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं. सुबह घर में पूजा होनी थी और शाम में बर्थडे सेलिब्रेशन, लेकिन उसी दिन सुबह मेरे पीरियड्स शुरू हो गए. अब मेरी टेंशन बढ़ गई थी, क्योंकि 2 घंटे में पंडित जी पूजा के लिए आने वाले थे.
हमारे घर में अब भी पीरियड्स के दौरान महिलाओं को किचन और मंदिर में जाने की सख़्त मनाही है. अगर मैं पीरियड्स की बात घर में बताती, तो सब चौपट हो जाता. मेरी सास अकेले इतना काम न संभाल पाती और मेरे बेटे का बर्थडे उस तरह से सेलिब्रेट न हो पाता जैसा मैं चाहती थी, इसलिए मैंने तय किया कि मैं अपने पीरियड्स की बात किसी से नहीं कहूंगी.
मैं तुरंत पूजा की तौयारी में जुट गई. शाम को बर्थडे पार्टी भी बहुत धूमधाम से हुई. मेरी सास रिश्तेदारों से मेरी तारीफ़ करते नहीं थक रही थीं कि मैं उनकी सबसे क़ाबिल बहू हूं. लेकिन मैं यदि सच कहती, तो क्या होता..? उस स्थिति में क्या मेरा झूठ बोलना ग़लत था? क्या आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है?

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