मोबाइल बैंकिंग को कैसे बनाएं सेफ?

मोबाइल बैंकिंग के इस्तेमाल में हमेशा इस बात का डर बना रहता है कि यह इंटरनेट बैंकिंग या ब्रांच में जाकर बैंकिंग करने जितना सुरक्षित है भी या नहीं. पर सच यही है कि मोबाइल बैंकिंग भी उतनी ही सुरक्षित है, क्योंकि यह दो तरह से आपकी वैधता को परखती है- पहला आपका मोबाइल फोन नंबर और दूसरा आपका पिन जिसे आप ख़ुद ही सेट करते हैं. आइए, मोबाइल बैंकिंग को सेफ बनाने से संबंधित ज़रूरी टिप्स जानें.

 

  • अपने मोबाइल में ऑटो लॉक एक्टिवेट करें, ताकि जब फोन यूज़ में न हो, तो अपने आप लॉक हो जाए. लॉक खोलने के लिए ऐसा पासवर्ड चुनें, जिसे क्रैक कर पाना बेहद मुश्किल हो. इसके लिए 8 या उससे ज़्यादा कैरेक्टरवाला पासवर्ड बनाएं. पासवर्ड में लेटर, नंबर्स और सिंबल्स या स्पेशल कैरेक्टर यूज़ करके इसे स्ट्रॉन्ग बनाया जा सकता है.
  • वायरस से बचने के लिए ज़रूरी है कि जब आप ब्लूटूथ का यूज़ न कर रहे हों, तो उसे बंद कर दें, वरना हैकर्स को आपके मोबाइल तक पहुंचने का मौक़ा मिल सकता है.
  • मोबाइल में कोई नया एप्लीकेशन, म्यूज़िक, गेम, पिक्चर या वीडियो आदि डाउनलोड करते समय इस बात का ख़ास ख़्याल रखें कि वह सोर्स या साइट भरोसेमंद हो.
  • ऐसी ही फाइलों के ज़रिए अक्सर छिपे ढंग से फोन की हैकिंग होती है या उसमें वायरस भेजा जाता है. जिस यूआरएल को लेकर आप आश्‍वस्त न हों, उसे फॉलो न करें. इसके अलावा मोबाइल से जंक और चेन मैसेज को भी डिलीट कर दें.
  • मोबाइल को हैकिंग व वायरस से बचाए रखने के लिए लगातार फायरवॉल या सेफ्टी सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहें. इसके लिए मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर या सॉफ्टवेयर कंपनियां समय-समय पर अपडेट करवाती रहती हैं, जिसे इंस्टॉल करते रहना चाहिए.

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  • यदि आपके फोन में किसी भी तरह के ट्रांज़ैक्शन का मैसेज आए, तो तुरंत बैलेंस चेक ज़रूर करें.
  • टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए बैकिंग संबंधी कोई भी महत्वपूर्ण या गुप्त सूचना, अकाउंट नंबर, पैन कार्ड, पासवर्ड और बर्थ डेट का खुलासा न करें. हैकर्स इन सूचनाओं का यूज़ कर बैंक अकाउंट तक आसानी से पहुंच सकते हैं.
  • यदि आपको कोई मेल संदेहास्पद लगता है, तो उस पर क्लिक
    न करें.
  • किसी दूसरे को मोबाइल बेचने या देने से पहले यह सुनिश्‍चित कर लें कि आपने सभी पर्सनल अकाउंट इंफॉर्मेशन लॉक कर दिए हैं.
  • मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन के इस्तेमाल के दौरान अपने फोन को कहीं अकेला न छोड़ें.
  • फोन खो जाने की स्थिति में तत्काल मोबाइल ऑपरेटर और बैंक को सूचित करें, ताकि बैंक खाते तक पहुंच को रोका जा सके.
  • फोन में सुरक्षित सॉफ्टवेयर डालें, ताकि फोन खोने की स्थिति में
    आप उसके डाटा को लॉक या डिलीट कर सकें.
  • मोबाइल बैंकिंग, ई-कॉमर्स या अन्य डील (जिनमें आपको पासवर्ड या यूज़रनेम इस्तेमाल करना हो) करते समय अपने स्मार्ट फोन को सार्वजनिक वाइ-फाइ सुविधा के साथ कनेक्ट न करें.
  • मोबाइल फोन हैंडसेट को पासवर्ड से सुरक्षित रखें.
  • कई बार स्मार्ट फोन के ज़रिए किया गया लेन-देन एक स्टैंडर्ड कंप्यूटर से होनेवाले लेन-देन से अधिक सुरक्षित होता है, लेकिन इसके कुछ अपवाद भी हैं. इसके लिए सबसे ज़रूरी बात यह है कि आप अपने बैंक का आधिकारिक ऐप ही प्रयोग करें और समय-समय पर उसे अपग्रेड भी करते रहें.
  • आप यह सुनिश्‍चित कर लें कि आपके बैंक के मोबाइल ऐप की सुरक्षा वैध है. इसके लिए पहले आपको अपने बैंक की वेबसाइट पर
    जाकर यह पता लगाना चाहिए कि उन्होंने अपने मोबाइल ऐप की सुरक्षा के लिए क्या किया है.
  • यदि वहां आपको इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिलती है, तो आप अन्य कस्टमर्स से इसकी जानकारी लें, जो उस मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं. इसका एक बेहतर तरीक़ा यह है कि आप अपने बैंक व मोबाइल ऐप के नाम को सर्च इंजन पर जाकर खोजें और यह पता लगाएं कि लोगों ने इस ऐप के बारे में अपनी क्या राय दी है.

वैसे आमतौर पर देखा जाए, तो अब कंप्यूटर्स की तुलना में स्मार्ट फोन पर ख़तरनाक चीज़ों का हमला बहुत कम होता है. इस तरह यह अधिक सुरक्षित भी है. इसके अलावा मोबाइल एप्लीकेशन में किसी तरह का सेंसिटिव डाटा सेव नहीं रहता, इसलिए बिना लॉगिन या पहचान तय हुए कोई आपके मोबाइल फोन पर इसका दुरुपयोग भी नहीं कर सकता.

– रेखा कुंदर

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Meri Saheli Team :
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