Indian Couple

सात फेरे स़िर्फ एक रस्म नहीं हैं, ये दो दिलों और दो परिवारों का मेल है. जब दो दिल एक डोर में बंधते हैं, तो उनके दिल में एक-दूसरे के लिए बेपानह प्यार और अपने रिश्ते से कुछ उम्मीदें भी होती हैं. शादी के बात पति-पत्नी एक-दूसरे से ऐसे रिश्ता निभाने की उम्मीद रखते हैं.

Modern Wedding Vows

1) ऐसे बांटना ज़िम्मेदारियां

पति: मैं जानता हूं कि मेरी तरह तुम्हारी भी अपने करियर से बहुत उम्मीदें हैं, मेरी तरह तुमने भी अपनी पढ़ाई और करियर के लिए बहुत मेहनत की है. मैं हर हाल में तुम्हारे हर काम में हाथ बटाउंगा, ताकि हम दोनों एक साथ आगे बढ़ सकें. हम दोनों मिलकर घर और करियर की ज़िम्मेदारियां बांट लेंगे, ताकि किसी एक पर बहुत ज़्यादा बोझ न पड़े. मैं जानता हूं कि मां की तरह तुम घर का हर काम परफेक्ट नहीं कर पाओगी, क्योंकि तुम्हें ऑफिस का काम भी उतनी ही मुस्तैदी से करना होगा, इसलिए घर के कामों में मै तुम्हारा हाथ बटाऊंगा. यदि मैं कभी अपनी ज़िम्मेदारियों से भटक जाऊं, तो तुम मुझे याद दिलाना.

पत्नी: मैं जानती हूं कि मेरी कामयाबी से तुम्हें मुझसे ज़्यादा ख़ुशी होगी. मैं भी हर काम में तुम्हारा साथ दूंगी. जब कभी तुम अपने काम में बिज़ी रहोगे, तो मैं अकेले हमारे परिवार का ध्यान रखूंगी, तुमसे कोई शिकायत नहीं करूंगी, हर हाल में तुम्हारा साथ दूंगी. अब ये घर-परिवार हम दोनों का है, इसलिए इस घर की हर ज़िम्मेदारी हम दोनों बांट लेंगे. यदि मैं कभी अपनी ज़िम्मेदारियां समझ न पाऊं, तो तुम मुझे सही राह दिखाना.

2) कह देना मन की हर बात

पति: मैं जानता हूं कि तुम्हारे माता-पिता ने तुम्हें बड़े नाज़ों से पाला है, तुम्हें कभी किसी चीज़ की कमी नहीं होने दी. मैं और मेरा परिवार भी तुमसे बहुत प्यार करते हैं, तुम्हें हमेशा ख़ुश देखना चाहते हैं, लेकिन जब कभी हम अनजाने में तुम्हारे दिल को ठेस पहुंचाएं, तो तुम उस बात को दिल में मत रखना, वो बात हमसे कहना, और ये भी कहना कि तुम ऐसी स्थिति में हमसे क्या उम्मीद रखती हो. ये बात हमेशा याद रखना कि कह देने से मन हल्का होता है रिश्ते निभाना आसान हो जाता है. इस घर में तुम्हारी ही तरह तुम्हारी हर बात, हर नादानी का तहे दिल से स्वागत है. तुम जैसे बेकल्लुफ होकर अपने मायके में रहती थी, वैसे ही अपने इस घर में भी रहना.

पत्नी: मैं जानती हूं कि तुम और तुम्हारा परिवार मुझसे बहुत प्यार करते हैं. मैं ये भी जानती हूं कि शादी के बाद भी मुझे पहले की तरह आज़ादी मिलेगी, लेकिन मैं कभी यदि इस आजादी का ग़लत फ़ायदा उठाऊं, अपनी ज़िम्मेदारियां भूल जाऊं, तो तुम भी ये बात मन में मत रखना. मेरे माता-पिता की तरह तुम्हारे माता-पिता को भी मुझे डांटने और समझाने का पूरा अधिकार है. मेरी कोई बात या कोई हरकत यदि तुम्हें अच्छी न लगे, तो बेझिझक मुझसे कह देना.

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Modern Wedding Vows

3) कभी तुलना मत करना

पति: हर इंसान अलग होता है इसलिए मेरे परिवार के सदस्य तुम्हारे परिवार के अलग हो सकते हैं, लेकिन तुम उनकी तुलना कभी अपने परिवार से मत करना. तुलना करने से हमेशा निराशा और दुख मिलता है, इसलिए तुम ऐसा मत करना. तुम मेरी भी तुलना अपनी फ्रेंड के पति से कभी मत करना, ऐसा करने से रिश्तों में दूरियां और ग़लतफहमियां बढ़ती हैं. और हां, तुम अपनी तुलना मेरी मां से कभी मत करना, क्योंकि मेरे जीवन में तुम दोनों की बहुत बड़ी भूमिका है और तुम दोनों ही मेरे लिए बहुत ख़ास हो, तुम दोनों की आपस में कोई तुलना नहीं हो सकती.

पत्नी: मेरे परिवार के लोग भी आपके परिवार वालों से अलग हो सकते हैं इसलिए तुम भी मेरे मायके वालों की तुलना अपने परिवार से मत करना. और हां, तुम अपनी मां के हाथ का बना खाना खाकर बड़े हुए हो, इसलिए उनके और मेरे बनाए खाने की कोई तुलना हो ही नहीं सकती, तुम कभी ऐसा मत करना. मेरी तुलना किसी भी स्त्री से मत करना, क्योंकि मैं भी तुम्हारी तुलना किसी भी पुरुष से नहीं करूंगी.

4) घर की बात घर में रखना

पति: मैं जानता हूं कि तुमने अब तक अपनी सारी बातें अपने परिवार के साथ शेयर की हैं, लेकिन शादी के बाद हम दोनों की एक अलग दुनिया होगी और हमारे बीच कई ऐसी बातें भी होंगी, जो हमारे बीच ही रहें तो ही बेहतर है. मैं ये नहीं कह रहा कि तुम अपने परिवार के साथ अपनी कोई बात मत शेयर करना, लेकिन जो बातें घर में ही रहनी चाहिए, उन्हें घर के बाहर मत ले जाना. ये बात अकेले तुम पर लागू नहीं होगी, मैं भी ऐसा ही करूंगा. अब हमारे बीच कुछ ऐसी बातें भी होंगी, जिन्हें न तुम अपने परिवार से कहना और न ही मैं कहूंगा.

पत्नी: मैं भी तुमसे ये कहना चाहती हूं कि यदि मुझसे कोई गलती हो जाए या तुम्हें मुझसे कोई शिकायत हो, तो ये बात सबसे पहले मुझसे कहना, मेरी शिकायत लेकर मेरे मायके मत पहुंच जाना. अब हमारी अपनी गृहस्थी है और इसका सम्मान करना हम दोनों की ज़िम्मेदारी है. हम अपनी बातें आपस में सुलझा लेंगे और इसके लिए दोनों के परिवार को परेशान नहीं करेंगे. मैं इस बात का हमेशा ध्यान रखूंगी कि हमारे बातें हम तक और घर की बातें घर तक ही रहें.

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Wedding Vows

5) कभी शक मत करना

पति: जीवन में यदि कभी ऐसा मौका भी आए, जब तुम्हें मुझ पर विश्वाबस न हो, तुम्हें लगे कि मैं अपने रिश्ते के प्रति पहले जैसा संजीदा नहीं रहा, तो मुझ पर शक करने से पहले इस बारे में मुझसे खुलकर बात करना. शक की सूई रिश्ते को छलनी कर देती है इसलिए हमारे बीच शक को कभी मत आने देना.

पत्नी: तुम भी कभी मुझ पर शक मत करना. यदि मुझ पर शक होने लगे, तो मेरे बारे में किसी और से बात करने से पहले मुझसे बात करना. प्यार और विश्वा स ही रिश्ते का आधार होता है इसलिए हमारे प्यार के बीच कभी भी शक की दीवार को मत आने देना.

6) सम्मान कभी कम मत करना

पति: किसी भी रिश्ते में जब तक सम्मान नहीं है, तब तक प्यार हो ही नहीं सकता. मैं उम्रभर तुम्हें इसी तरह प्यार करूंगा और तुम्हारे सम्मान को कभी ठेस नहीं पहुंचने दूंगाा और यही उम्मीद मैं तुमसे भी करता हूं. तुम मेरे लिए कभी अपना प्यार और सम्मान कम मत करना.

पत्नी: मैं जानती हूं कि तुम मुझे बहुत प्यार करते हो और हमेशा मेरे सम्मान का पूरा ध्यान रखते हो. मैं चाहती हूं कि तुम अपने परिवार और समाज के बीच भी हमेशा मेरे सम्मान का ध्यान रखों. मैं भी उम्रभर तुम्हें इसी तरह प्यार करूंगी और हमेशा तुम्हारा सम्मान करूंगी. ऐसा कोई काम नहीं करूंगी, जिससे तुम्हारे सम्मान को ठेस पहुंचे.

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Modern Wedding Vows

7) हर हाल में साथ निभाना

पति: जीवन में जब सुख-दुख, उतार-चढ़ाव आएं, तो तुम कसकर मेरा हाथ थामे रहना. तुम साथ हो तो दुनिया की हर मुश्किल आसान हो जाएगी, लेकिन मुश्किल घड़ी में यदि तुमने साथ छोड़ दिया, तो मैं बिखर जाऊंगा. तुम हमेशा मेरी ताक़त बनकर रहना, मेरी कमजोरी कभी मत बनना. मैं भी सुख-दुख की हर घड़ी में तुम्हारे साथ खड़ा रहूंगा.

पत्नी: मुझे भी पल-पल तुम्हारे इमोशनल सपोर्ट की ज़रूरत होगी. औरत हर ऊंचाई नाप सकती है, यदि उसे भावनात्मक संबल मिले. एक-दूसरे का हाथ थामे हम जीवन के हर दुख, हर परेशानी का सामना हंसते-हंसते कर लेंगे. बस, तुम ज़िंदगीभर मेरा हाथ यूं ही थामे रखना.

– कमला बडोनी

5 शिकायतें हर पति-पत्नी एक दूसरे से करते हैं और यही शिकायतें उनके बीच नोकझोंक की वजह भी बनती हैं. वो कौन-सी 5 शिकायते हैं जो हर कपल एक-दूसरे से करता है? आइए, हम आपको बताते हैं.

Complaints Of Married Couples

1) तुम अब पहले जैसे नहीं रहे
शादी के कुछ साल बाद हर शादीशुदा जोड़े की यही शिकायत रहती है. शादी के शुरुआती सालों में तो सब कुछ अच्छा लगता है, लेकिन साल-दो साल में ही मुहब्बत की स्किप्ट कमज़ोर पड़ने लगती है. दूसरे शब्दों में कहें तो तुम्हारे दीदार से सुबह की शुरुआत हो, तुम्हारे पहलू में ही हर शाम ढले के दावे धीरे-धीरे दम तोड़ने लगते हैं. शादी के बाद घर-परिवार की ज़िम्मेदारियों के बोझ तले मुहब्बत अपना असर खोने लगती है और एक-दूसरे में सिर्फ ख़ूबियां ढूढ़ने वाले शख़्स बात-बात पर एक-दूसरे की ख़ामियां गिनाने लगते हैं.

2) तुम अब मुझे पहले जैसा प्यार नहीं करते
शादी के कुछ साल बात पति-पत्नी की एक-दूसरे से शिकायत रहती है कि वो अब अपने पार्टनर को पहले जैसा प्यार नहीं करते. ऐसा क्यों होता है, इसका भी एक वैज्ञानिक कारण है. रॉबर्ट फ्रेयर द्वारा किये गए प्रयोगों के अनुसार, जब किसी को प्यार हो जाता है तो एक ख़ास तरह के न्यूरो कैमिकल फ़िनाइल इथाइल अमीन की वजह से उसे प्रेमी/प्रेमिका में ख़ामियां नज़र आना बंद हो जाता है. लेकिन यह रसायन हमेशा एक ही स्तर पर नहीं रहता. एक-दो बाद साल शरीर में इसका स्तर कम होता जाता है और चार-पांच साल बाद इसका प्रभाव शरीर पर बिल्कुल बंद हो जाता है. अतः इसके उतार-चढ़ाव का प्रभाव प्रेमियों के स्वभाव में भी साफ़ नज़र आता है. यानी जब प्रेम का उफान कम होने लगता है तो एक-दूसरे की ख़ूबियां ख़ामियों में बदलने लग जाती हैं.

3) तुम से कुछ उम्मीद करना ही बेकार है
पति-पत्नी की शिकायतों में से ये भी एक आम शिकायत है. एक-दूसरे पर दोषारोपण की एक ख़ास वजह होती है पति-पत्नी की एक-दूसरे से ज़रूरत से ़ज़्यादा उम्मीदें, जिसमें महिलाएं पुरुषों से कहीं आगे होती हैं. पुरुष पत्नी के साथ वैसा ही व्यवहार करता है, जैसा उसने अपने पिता का मां के प्रति देखा था, लेकिन पत्नी उसे एक अच्छे दोस्त, बहुत प्यार करने वाले प्रेमी, जिम्मेदार पिता के रूप में देखना चाहती है. क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट सीमा हिंगोरानी कहती हैं, हमारे पास ऐसे कई केस आते हैं जहां बीवी की शिक़ायत होती है कि पति उसका हाथ नहीं पकड़ते, ऑफ़िस जाते समय उसे किस नहीं करते. जबकि पुरुष की शिकायत होती है कि बीवी ज़रूरत से ज़्यादा उम्मीदें रखती है. दरअसल, स्त्री-पुरुष के ब्रेन की वायरिंग ही अलग-अलग होती है. पत्नी चाहती है कि पति उसे दिन में 2-3 बार फ़ोन करे, एसएमएस करे, जबकि पति को लगता है कि जब शाम को घर ही जाना है तो फ़ोन या एसएमएस की ज़रूरत क्या है.

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4) तुम्हें तो मुझमें स़िर्फ कमियां नज़र आती हैं
शादी के कुछ समय बाद पति-पत्नी हर बात में एक-दूसरे की कमियां गिनाने लगते हैं. ऐसा वो जानबूझकर या सोच-समझकर नहीं करते, लेकिन फिर भी उनकी शिकायतें बनी रहती हैं. एक ऐड एजेंसी में कार्यरत मेघना पुरी कहती हैं, पुरुष समझते हैं कि पत्नी को हमेशा उनसे शिकायत रहती है, लेकिन इसके पीछे वजह भी तो साफ़ है, क्योंकि तकलीफ़ पत्नियों को ही ज़्यादा होती है. आज ज़्यादातर औरतें घर, ऑफिस, फायनांस सारा कुछ एक साथ संभाल रही हैं, इसके बावजूद उनकी स्थिति पहले जैसी, बल्कि पहले से बदतर हो गई है. उनकी एडिशनल ज़िम्मेदारियों को तो पति एक्सेप्ट कर लेते हैं, बाहरी दुनिया में उनसे मॉडर्न अप्रोच भी रखते हैं, लेकिन जहां घर की बात आती है तो उन्हें वैसी ही पारंपरिक पत्नी चाहिए होती हैं जैसी उनकी मां या दादी थीं.

5) तुम मुझे चैन से जीने क्यों नहीं देती?
शादी के बाद लगभग हर पुरुष की ये शिकायत होती है कि उनकी बीवी बात-बात में उन्हें टोकती है, उन्हें आज़ादी से जीने नहीं देती. ऐसे में पुरुष या तो पत्नी से झूठ बोलकर मनमानी कर लेते हैं या फिर ढीठ बन जाते हैं. एक प्राइवेट फ़र्म में कार्यरत प्रणव सिन्हा कहते हैं, जहां तक फ्रीडम की बात है तो मुझे इसमें किसी का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं. मैं प्राची (पत्नी) के पर्सनल मैटर में ख़ुद भी हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन जब वो इतनी स्मोकिंग क्यों करते हो, तुम्हारा यूं रात-रात तक दोस्तों से घिरे रहना मुझे बिल्कुल पसंद नहीं, तुम्हारे ऑफ़िस की लड़कियां इतनी रात गये फोन क्यों करती हैं, इतना वल्गर एसएमएस किसने भेजा जैसी बेहूदा कम्प्लेंट्स करती है तो मैं चिढ़ जाता हूं. भई मैं क्यों किसी के लिए अपनी ख़ुशी को दांव पर लगाऊं, फिर चाहे वो मेरी पत्नी ही क्यों न हो.

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प्यार जताने या एक-दूसरे पर दोषारोपण करने का सभी कपल्स का तरीक़ा भले ही अलग-अलग हो, लेकिन ये बात तो तय है कि जब भी पार्टनर से ज़रूरत से ज़्यादा उम्मीद की जाती है तब रिश्ते में कड़ुवाहट का सिलसिला भी शुरू हो जाता है. प्यार के इतिहास, भूगोल पर टीका-टिप्पणी किये बिना यदि प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो की तर्ज़ पर स़िर्फ महसूस किया जाए या निभाया जाए तो शायद हम प्यार के इस ख़ूबसूरत रिश्ते का उम्रभर लुत्फ़ उठा सकते हैं.

प्यार में आसक्ति ज़रूरी है 
रटगर्स यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता और ‘व्हाई वी लव’ किताब की लेखिका हेलन फिशर के अनुसार, प्यार हमारे पास तीन रूपों में आता है. पहला वासना, दूसरा चाहत और तीसरा आसक्ति. वासना और चाहत तो समय के साथ ख़त्म होने लगते हैं, लेकिन यही चाहत यदि आसक्ति में बदल जाए तो फिर यह बंधन ज़िंदगीभर का साथ बन जाता है.

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सीखें प्यार निभाने के 5 असरदार तरी़के
1) ज़रूरत से ज़्यादा अपेक्षाओं से बचें.
2) प्यार करें, अधिकार जताएं, पर हुकूमत न करें.
3) पति-पत्नी के परंपरागत फ्रेम से बाहर निकलकर अच्छे दोस्त बनें.
4) पज़ेसिव होने से बचें.
5) क़रीब रहें, पर इतना भी नहीं कि सांस लेना मुश्क़िल लगने लगे. रिश्तों के स्पेस को समझें.

– कमला बडोनी

ये प्यार इतना कॉम्प्लिकेटेड क्यों है? जानने के लिए देखें वीडियो:

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