Knee Pain

उम्र बढ़ने के साथ घुटनों से जुडी समस्याएं होना आम बात है.लेकिन हर बार दर्द होने पर दवाएं खाना स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है. रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हेल्दी डायट और एक्सरसाइज के अलावा कुछ बातों को ध्यान में रखकर घुटनों के दर्द को नियंत्रित कर सकते हैं.

1. अपने वज़न पर रखें पैनी नज़र: जिन लोगों का वज़न बहुत ज़्यादा होता है, उन्हें घुटनों का दर्द अधिक परेशान करता है. मोटापे से परेशान लोग अपना वज़न कम करके इस समस्या को नियंत्रित कर सकते हैं.

2. अपने बॉडी पॉश्चर पर गौर फरमाएं: ग़लत तरीक़े से उठते-बैठते, चलने के ढंग और इस दौरान जो पॉश्चर होता है, उसे भी घुटनों में दर्द होता है. इसके लिए फिजियोथेरपिस्ट की मदद लें. वे आपको सही पॉश्चर रखने, उठने-बैठने और चलने का सही तरीका बताएंगे, ताकि एक्सरसाइज के जरिए ही दर्द दूर किया जा सके.

3. शूज और स्लीपर्स पर ध्यान दें: कई बार घुटनों में दर्द, खिंचाव और ऐंठन का बड़ा कारण हाई हील, गलत साइज़, सही फिटिंग न होना और घटिया क्वालिटी के जूते-चप्पल पहनना भी होता है. दिनभर हाई या पेंसिल हील पहनकर चलने से कमर, कंधे और पिंडलियों में दर्द होता है. इस दर्द से राहत पाने के लिए स्पोर्ट्स शूज और स्नीकर्स पहनें.

4. डायट और एक्सरसाइज: घुटनों के दर्द से निजात पाना चाहते हैं, तो बैलेंस डायट लें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें. 

5. घुटनों को मशीन न समझें: बढ़ती उम्र के साथ एक्टिव रहना अच्छी बात होती है. लेकिन अपने शरीर को मशीन समझने की भूल न करें. कोई भी ऐसी एक्टिविटी न करें, जिसमें मसल्स और जॉइंट्स पर ज़ोर पड़े.

यदि आपको एक्सरसाइज, वॉक या घरेलु काम करने के बाद घुटनों या शरीर के अन्य जोड़ों मेंदर्द होता है, तो इसे अनदेखा करने की बजाय तुरंत हड्डियों के डॉक्टर से मिलें.

  • देवांश शर्मा

उम्र बढ़ने के साथ घुटनों में ऐंठन, सूजन और दर्द होना जैसी तकलीफें होना आम बात है. जिसके कारण चलने-फिरने और उठने बैठने में भी परेशानी होती है. एक्सपर्ट्स का मानना है अगर आप समय रहते भी कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो घुटनों के दर्द बढ़ने से रोक सकते हैं. आइए जानते हैं कौन से वो कारगर टिप्स:

1. अपने वज़न पर रखें पैनी नज़र: जिन लोगों का वज़न बहुत ज़्यादा होता है, उन्हें घुटनों का दर्द अधिक परेशान करता है. मोटापे से परेशान लोग अपना वज़न कम करके इस समस्या को नियंत्रित कर सकते हैं.

photo courtesy: pexels.com

2. अपने बॉडी पॉश्चर पर गौर फरमाएं: ग़लत तरीक़े से उठते-बैठते, चलने के ढंग और इस दौरान जो पॉश्चर होता है, उसे भी घुटनों में दर्द होता है. इसके लिए फिजियोथेरपिस्ट की मदद लें. वे आपको सही पॉश्चर रखने, उठने-बैठने और चलने का सही तरीका बताएंगे, ताकि एक्सरसाइज के जरिए ही दर्द दूर किया जा सके.

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3. शूज और स्लीपर्स पर ध्यान दें: कई बार घुटनों में दर्द, खिंचाव और ऐंठन का बड़ा कारण हाई हील, गलत साइज़, सही फिटिंग न होना और घटिया क्वालिटी के जूते-चप्पल पहनना भी होता है. दिनभर हाई या पेंसिल हील पहनकर चलने से कमर, कंधे और पिंडलियों में दर्द होता है.इस दर्द से राहत पाने के लिए स्पोर्ट्स शूज और स्नीकर्स पहनें.

4. डायट और एक्सरसाइज: घुटनों के दर्द से निजात पाना चाहते हैं, तो बैलेंस डायट लें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें. 

5. घुटनों को मशीन न समझें: बढ़ती उम्र के साथ एक्टिव रहना अच्छी बात होती है. लेकिन अपने शरीर को मशीन समझने की भूल न करें. कोई भी ऐसी एक्टिविटी न करें, जिसमें मसल्स और जॉइंट्स पर ज़ोर पड़े. यदि आपको एक्सरसाइज, वॉक या घरेलु काम करने के बाद घुटनों या शरीर के अन्य जोड़ों मेंदर्द होता है, तो इसे अनदेखा करने की बजाय तुरंत हड्डियों के डॉक्टर से मिलें.

6. लगातार काम न करें: कई घंटों तक एक ही जगह पर बैठ कर काम न करें। काम के दौरान बीच में से ब्रेक लें. थोड़ा सा टहलें। पैरों को स्ट्रेच करें। ताकि  मसल्स भी एक्टिव हों. 6. लगातार काम न करें: कई घंटों तक एक ही जगह पर बैठ कर काम न करें। काम के दौरान बीच में से ब्रेक लें. थोड़ा सा टहलें। पैरों को स्ट्रेच करें। ताकि  मसल्स भी एक्टिव हों.

7. एक्सरसाइज करें: फिट रहने के लिए एक्सरसाइज बेहद जरूरी है।अपनी सुविधा के अनुसार आप सुबह या शाम कभी भी एक्सरसाइज कर सकते हैं।

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8. सिंकाई करें: घुटनों के दर्द को दूर करने के लिए डॉक्टर्स की सलाहानुसार बर्फ की सिंकाई या गर्म सिंकाई करें।

9. कब न करें एक्सरसाइज: जब शरीर बहुत ज़्यादा थका हुआ हो, तो एक्सरसाइज न करें। थके हुए शरीर, घुटनों और मांसपेशियां पर एक्स्ट्रा ज़ोर डालना ठीक नहीं है.

10. ट्रेनर से लें सलाह:ऐसी एक्सरसाइज करने से बचें,जिससे घुटनों में तनाव पैदा हो, खासकर तब जब घुटने में दर्द हो. टेनिस, स्क्वैश, बास्केटबॉल और फ़ुटबॉल जैसे खेल न खेलें. इनसे घुटनों का दर्द बाद सकता है. घुटनों को अचानक झटका देने वाली गतिविधियां घुटने के जोड़ के लिए हानिकारक होती हैं.

और भी पढ़ें: किन स्थितियों में न करें एक्सरसाइज? (Under Which Conditions You Should Avoid Exercise?)

बिगड़ी लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतों की वजह से आजकल यंग महिलाओं को भी घुटनों की प्रॉब्लम्स होने लगी हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को घुटनों की प्रॉब्लम ज़्यादा होती है. ऐसा क्यों होता है, क्या सावधानी बरतें और कैसे पाएं इस दर्द से राहत, जानने के लिए हमने बात है The Knee क्लिनिक के हड्डी रोग शल्य-चिकित्सक और निदेशक डॉ. मितेन शेठ से.

महिलाओं के घुटने पुरुषों की तुलना में ज़्यादा खराब क्यों होते हैं?

महिलाओं के घुटने पुरुषों की तुलना में अधिक खराब होने के चार प्रमुख कारण हैं.

  • पहला, महिलाओं की शारीरिक संरचना ऐसी होती है कि उनके जॉइंट्स की मूवमेंट्स अधिक होती है, उनके लिगामेंट्स भी अधिक लचीले होते हैं, जिससे वो घुटनों की मूवमेंट अधिक करती हैं, जिससे दर्द होने की आशंका बढ़ जाती है.
  • दूसरा, घुटनों को हेल्दी रखने में फीमेल हार्मोन एस्ट्रोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पीरिड्स के दौरान और मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन के लेवल में कमी आ जाती है. एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से घुटनों के जोड़ों को सहारा देने वाले गद्देदार कार्टिलेज पर असर होता है.
  • तीसरा, महिलाएं, पुरुषों की तुलना में मोटापे की शिकार अधिक होती हैं, इस नहीं घुटनों पर दबाव पड़ने भी उनके घुटने जल्दी खराब होते हैं.
  • चौथा, महिलाएं पुरुषों की तुलना में बोन मास जल्दी खोती हैं, इससे उनकी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और जोड़ों के खराब होने की आशंका बढ़ जाती है.

घुटनों में दर्द के कारण

बढ़ता मोटापा: वजन बढ़ने से घुटनों पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है. आपका वजन जितना अधिक होगा, उससे पांच गुना अधिक आपके घुटनों पर दबाव पड़ेगा. अगर आपका वजन सामान्य से 5 किलो अधिक है तो घुटनों पर 25 किलो अधिक दबाव पड़ता है. इसलिए वज़न पर कंट्रोल रखें.

इनएक्टिव लाइफ स्टाइल: जो महिलाएं फ़िज़िकली एक्टिव नहीं रहतीं, उनकी मांसपेशियां कमजोर और कम लचीली हो जाती हैं. जब नी-कैप, हिप और पेल्विस के आसपास की मांसपेशियां शक्तिशाली होती हैं, तो ये घुटनों को स्टेबल और बैलेंस्ड रखती हैं, उन्हें बेहतर सपोर्ट देती हैं और इन पर पड़ने वाले दबावों को रोकती हैं.

दर्द की अनदेखी करना: हम अक्सर हेल्थ के प्रति लापरवाही बरतते हैं, दर्द होने पर भी पेनकिलर ले लेते हैं. लेकिन यदि घुटनों में लगातार दर्द हो रहा हो, सूजन आ रही हो या उन्हें मोड़ने में समस्या हो रही हो तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए. इससे घुटनों को और डैमेज हो सकता है. लेकिन हममें से ज़्यादातर लोग यही करते हैं, जिससे प्रॉब्लम और बढ़ जाती है.

चोट भी है बड़ा कारण: अगर घुटनों पर चोट लगी है तो उसका तुरंत इलाज कराएं. समय रहते इलाज नहीं कराया तो भविष्य में दर्द का खतरा बढ़ सकता है. घुटनों के लिगामेंट्स में खिंचाव या टूट जाना भी घुटनों की खराबी का कारण बन सकते हैं.

जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज: ज़रूरत से ज्यादा एक्सरसाइज और रनिंग से घुटनों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे उनके डैमेज होने की आशंका बढ़ जाती है.

आर्थराइटिस: आर्थराइटिस से वैसे तो शरीर के सभी जॉइंट्स पर असर होता है, लेकिन घुटनों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है, इसके कारण जोड़ों में सूजन के साथ तेज दर्द हो सकता है. आर्थराइटिस की स्थिति में सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है.

पोषक तत्वों की कमी: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने खानपान पर अधिक ध्यान नहीं दे पाते, जिसके चलते हमारे शरीर में कई जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. शरीर में विटामिन-सी, विटामिन डी और कैल्शियम की कमी होना घुटनों और जोडों में दर्द का कारण होती हैं.

क्या करें?

  • रोज़ाना एक्सरसाइज की आदत डालें. स्विमिंग और साइक्लिंग करें.
  • 10-15 मिनट योग और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज आपके जॉइंट्स के लिए अच्छी है.
  • वज़न पर कंट्रोल रखें. 5 किलो वजन घटाने से भी बहुत फर्क पड़ सकता है.
  • एक्टिव रहें, लेकिन ऐसी गतिविधियों से बचें जो आपके घुटनों पर बार-बार तनाव डालती हैं, इससे आपके घुटने की समस्या बढ़ सकती है.
  • बास्केटबॉल या फुटबॉल जैसे खेल खेलते समय सावधान रहें, जिसमें आपको अचानक से शुरू होने या रुकने की आवश्यकता होती है.
  • हेल्दी डायट लें. अपने भोजन में पोषक तत्वों को शामिल करें.
  • अगर आपको घुटने में दर्द, सूजन या ऐसी कोई समस्या है जिससे आपको लगता है कि एक घुटना दूसरे से बेहतर या खराब है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें.
  • डॉक्टर से मिलकर ट्रीटमेंट के बेस्ट विकल्प पर चर्चा करें और जल्दी से जल्दी ट्रीटमेंट शुरु कर दें.

पहले उम्र बढ़ने के बाद जोड़ों का दर्द होता था, लेकिन अब कई लोगों में कम उम्र से ही यह समस्या शुरू हो जाती है, जिसके कारण उठने-बैठने, लंबे समय तक चलने या खड़े रहने से दर्द बढ़ जाता है. ऐसे में जोड़ों के दर्द के 20 घरेलू उपाय आपको दर्द से देंगे तुरंत राहत.

Home Remedies for Joint Pain

जोड़ों के दर्द में अपनाएं ये 20 घरेलू नुस्ख़े

1) अजवायन या नीम के तेल से मालिश करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलेगा.
2) पानी में एक मुट्ठी अजवायन और 1 बड़ा चम्मच नमक डालकर उबालें. उस पर जाली रखकर कपड़ा निचोड़कर तह करके गरम करें और उससे सेंक करें. दर्द दूर हो जाएगा.
3) राई का लेप करने से भी हर तरह का दर्द दूर होता है.
4) अजवायन को पानी में डालकर पका लें और उस पानी की भाप को दर्द वाली जगह पर दें. देखते ही देखते दर्द छूमंतर हो जाएगा.
5) लहसुन की दो कलियां कूटकर तिल के तेल में गरम करें और इससे जोड़ों पर मालिश करें. बहुत लाभ होगा.
6) दर्द से परेशान होने पर कपड़े को गरम करके जोड़ों पर सेंक कर करें. इससे बहुत आराम मिलता है.

Home Remedies for Joint Pain

7) कनेर की पत्ती उबालकर पीस लें और मीठे तेल में मिलाकर लेप करें.
8) लहसुन पीसकर लगाने से बदन के हर अंग का दर्द छूमंतर हो जाता है, लेकिन इसे ज़्यादा देर तक लगाकर न रखें, वरना फफोले पड़ने का डर रहता है.
9) कड़वे तेल में अजवायन और लहसुन जलाकर उस तेल की मालिश करने से हर तरह के दर्द से छुटकारा मिलता है.
10) विनेगर और जैतून के तेल को मिलाकर मालिश करें.
11) कपड़े में 4-5 नींबू के टुकड़े बांधकर गरम तिल के तेल में थोड़ी देर डुबोएं. फिर उसे घुटनों पर लगाएं.
12) राई को पीसकर घुटनों पर उसका लेप करें. तुरंत आराम मिलेगा.

यह भी पढ़ें: बच्चों के रोग: बच्चों को होने वाली आम बीमारियों के 72 घरेलू उपाय (72 Home Remedies For Common Kids’ Ailments)

Home Remedies for Joint Pain

13) अजवायन को पानी में उबालकर उसकी भाप घुटनों पर लेने से दर्द से राहत मिलेगी.
14) सेंधा नमक को गुनगुने पानी में डालकर नहाएं.
15) दालचीनी पाउडर और शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं. इससे जोड़ों पर मालिश करें.
16) जोड़ों के दर्द में नीम के तेल की मालिश लाभदायक होती है.
17) लहसुन की दो कलियां कूटकर तिल के तेल में गर्म करके जोड़ों पर मालिश करें.
18) सरसों के तेल में अजवायन और लहसुन गरम करके दर्दवाले भाग पर मालिश करें.

यह भी पढ़ें: 8 वेजाइनल प्रॉब्लम्स और उनके उपाय हर महिला को मालूम होने चाहिए (8 Vaginal Problems Every Woman Should Know About)

Home Remedies for Joint Pain

19) अमरूद के पत्ते पीसकर दर्द वाले स्थान पर लगाएं. अमरूद के पत्ते पानी में उबालकर इस पानी से सिकाई करने से भी लाभ मिलता है.
20) कांच की बॉटल में आधा लीटर तिल का तेल और 10 ग्राम कपूर मिलाकर धूप में रख दें. जब ये दोनों घुलकर एक हो जाएं, तो इस तेल से मालिश करें. जोड़ों के दर्द से आराम मिलेगा.

चाहे कमरदर्द, पीठदर्द या ज्वाइंट पेन- हमेशा पेनकिलर्स लेने से बेहतर है कि कुछ और तरीका ट्राई करें, इससे दर्द से तो राहत मिलेगी ही, इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा.

बैक पेन

  • बैक पेन होने पर सबसे ज़रूरी है कंप्लीट बेड रेस्ट. जितना कम मूवमेंट होगा, आराम उतना ही जल्दी होगा. तो बेहतर होगा कि बैक पेन होने पर दो-तीन दिन बेड रेस्ट करें. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि बेड थोड़ा फर्म हो.
  • न सीधे सोएं और ना ही पेट के बल. इससे आपके बैक पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ेगा,
  • सोने की बेस्ट पोज़ीशन है करवट लेकर घुटने मोड़कर सोना. अगर ज़रूरी लगे तो एक तकिया सिर के नीचे और एक दोनों घुटनों के बीच रखें.
  • बेड से उठते समय भी थोड़ा केयरफुल रहें. एकदम झटके से और सीधे न उठें. पहले करवट लेकर कुछ सेकंड इसी पोज़ीशन में रहें, फिर धीरे से उठें.
  • बार-बार झुकने से बचें. वज़न उठाने से भी बचें. सीटिंग पोश्‍चर का ख़ास ख़्याल रखें.
  • एक ही पोजीशन में ज्यादा समय तक खड़े होने या बैठने से भी बचें. अगर आप ऑफ़िस में काम करती हैं तो हर 45 मिनट पर ब्रेक लें.
  • दिनभर में दो-तीन बार बर्फ से सेंकें. गर्म पानी से सेंक भी फायदेमंद होता है.
  • किसी मसाज थेरेपिस्ट से मसाज करवाएं. इससे आप काफी रिलैक्स फील करेंगे.
  • फुटवेयर बदलें. कई बार ग़लत फुटवेयर भी बैक पेन की वजह बन जाता है.
  • दर्द ज़्यादा हो, तो डॉक्टर की सलाह पर पेनकिलर लें.
  • फिज़ियोथेरेपिस्ट से मिलकर कुछ एक्सरसाइज़ सीखें और नियमित रूप से ये एक्सरसाइज़ करें. एक्सरसाइज़ से आपको काफी राहत मिलेगी.
    ये होम रेमेडीज़ ट्राई करें
  • नीम की नरम पत्तियों को तोड़कर उसका काढ़ा बना लें. फिर रुई या साफ़ कपड़ा हल्के गरम काढ़े में भिगोकर पीठ के दर्द वाले स्थान पर सेंक करें.
  • 100 ग्राम अजवायन का चूर्ण और 100 ग्राम गुड़ एक साथ मिलाकर रख लें. 5-5 ग्राम यह चुर्ण सुबह-शाम लेने से कमर दर्द दूर होता है.
  • सुबह उठकर खाली पेट लहसुन की दो कलियां खाएं. आप रोज़ लहुसन के तेल मालिश भी कर सकते हैं.

घुटने में दर्द

Pain Relief Technique
  • भोजन में दालचीनी, जीरा, अदरक और हल्दी का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करें. इससे घुटनों की सूजन और दर्द कम होता है.
  • मेथी दाना, सौंठ और हल्दी बराबर मात्रा में मिला कर तवे या कढ़ाई में भून कर पीस लें. रोजाना एक चम्मच चूर्ण सुबह-शाम भोजन करने के बाद गर्म पानी के साथ लें.
  • सुबह खाली पेट दही के साथ लहसुन की एक कली खाएं.
  • हल्दी चूर्ण, गुड़, मेथी दाना पाउडर और पानी सामान मात्रा में मिलाएं. थोड़ा गर्म करके इनका लेप रात को घुटनों पर लगाएं और पट्टी बांधकर सो जाएं.
  • अलसी के दानों के साथ दो अखरोट की गिरी सेवन करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है.
  • गेहूं के दाने के आकार का चूना दही या दूध में घोलकर दिन में एक बार खाएं. इसे 90 दिन तक लेने से दर्द में आराम आ जाता है.
  • खाने के एक ग्रास को कम से कम 32 बार चबाकर खाएं. इससे कुछ ही दिनों में घुटनों में साइनोबियल फ्लूइड बनने लगता है, जिससे घुटनों की तकलीफ में आराम आता है.
  • पूरे दिन भर में कम से कम 12 गिलास तक पानी अवश्य पीएं. ध्यान रखें, कम पानी पीने से भी घुटनों में दर्द बढ़ जाता है.
  • भोजन के साथ अंकुरित मेथी का सेवन करें.
  • एक्यूप्रेशर-रिंग को दिन से तीन बार, तीन मिनट तक अनामिका एवं मध्यमा उंगली पर एक्यूप्रेशर करें.
  • सुबह-सुबह दौड़ने की आदत डालें. विशेषज्ञों का दावा है कि दिल की तरह ही हमारे पैरों की सेहत भी दौड़ने से बेहतर होती है. दौड़ने से जहां जोड़ों का दर्द खत्म होता है, वहीं सूजन की समस्या भी दूर होती है. घुटने मजबूत बनते हैं.
  • कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर घुटनों को सेकें. दर्द में आराम मिलेगा.

सिरदर्द हो तो

Pain Relief Technique
  • जैसे ही सिरदर्द महसूस हो तुरंत एक्शन लें. कुछ खा या पी लें. अगर लंबे समय से कंप्यूटर के सामने काम कर रहे हों तो छोटा-सा ब्रेक लेकर टहल आएं. इससे दर्द बढने नहीं पाएगा.
  • अगर स्ट्रेस संबंधी सिरदर्द हो तो 10 मिनट की क्विक नींद ले लें. इससे तुरंत आराम मिलता है.
  • एक गहरी सांस लें. थोड़ी देर रुकें. धीरे-धीरे सांस छोड़ें. अब जम्हाई लें. आप तुरंत रिलैक्स महसूस करेंगे.
  • या फिर ब्रिस्क वॉक करें. इससे आपका शरीर एंडॉर्फिन रिलीज़ करेगी, तो नेचुरल पेनकिलर का काम करता है.
  • बालों में अच्छी तरह कंघी करें. ये हेड मसाज का काम करेगा.
  • बर्फ से सेंकना भी फायदेमंद होगा. माथे पर आईब्रो के ऊपर के भा, कनपटी और सिर के टॉप सेंटर को आइस पैक से सेंकने पर इंस्टेंट रिलीफ मिलता है.
  • अगर माइग्रेन है तो थोड़ी देर लाइट्स ऑफ करके अंधेरे कमरे में आराम करें.
    ये होम रेमेडीज़ ट्राई करें
  • सर्दी-ज़ुकाम के कारण सिरदर्द हो तो साबूत धनिया और मिश्री का काढ़ा बनाकर पीने से आराम मिलेगा.
  • तुलसी के पत्तों को पीसकर लेप करने से सिरदर्द में राहत मिलती है.
  • सुबह-सुबह उठते ही खाली पेट सेब पर नमक लगाकर खाने से सिरदर्द में लाभ होता है.
  • सुबह खाली पेट जलेबियां दूध में डालकर खाने से भी सिरदर्द ठीक हो जाता है.

कान में दर्द हो तो

  • हाथों से कानों को कपिंग करें. इसके लिए हथेली से कप बनाकर कानों के पास कपिंग करें. इससे कानों को गर्माहट मिलेगी और दर्द से राहत मिलेगी.
  • डॉक्टर्स कानदर्द में फौरन राहत के लिए ब्लो ड्रायर से कानों को गर्माहट देने की सलाह भी देते हैं. हां कान के पर्दे में होल हो तो ब्लो ड्रायर का इस्तेमाल न करें.
  • अगर तेज़ हवा से कान बंद हो गए हों, तो दोनों नथुनों को अंगूठे और तर्जनी से पकड़ें. मुंह में हवा भरकर मुंह बंद रखें. तेज़ी से हवा छोड़ें.
  • अगर फ्लाइट में टेकऑफ या लैंडिंग के समय कान में तकलीफ होती हो, तो सबसे आसान तरीका है च्युंगम चबाएं. इसके अलावा ध्यान रखें कि टेकऑफ या लैंडिंग के समय ईयरफोन का इस्तेमाल न करें.
  • सरसों का तेल हल्का गर्म करके डालने से कान का दर्द में आराम मिलता है.
  • प्याज़ का रस गुनगुना करके डालने से दर्द में तुरंत आराम मिलता है.
  • अदरक का रस भी गुनगुना करके डालना काफ़ी कारगर होता है.
  • तुलसी के पत्तों को पीसकर रस निकाल लें. इस रस को हल्की आंच पर रखकर थोड़ा गरम करें और कान में डालें.

जॉइंट पेन

Pain Relief Technique
  • जोड़ों के दर्द के लिए वैसे कोई शॉर्टकट फार्मूला नहीं है. हां आप कुछ बातों को ख़्याल रखकर दर्द से राहत पा सकते हैं.
  • सुबह उठने पर जोड़ों में जकड़न ज़्यादा महसूस होती है. इसके लिए बेड से उठने से पहले ही स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें. हाथों-पैरों को स्ट्रेच करें. जोड़ों को स्ट्रेच करें. कमर के लिए भी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें. इससे जकड़न से राहत मिलेगी.
  • वो ज़माना गया जब जॉइंट पेन होने पर डॉक्टर्स रेस्ट करने की सलाह देते थे. अब डॉक्टर्स कहते हैं कि ज्वाइंट पेन को कम करने के लिए मूवमेंट बहुत ज़रूरी है. इसलिए एक्टिव रहें.
  • वॉकिंग. जॉगिंग और स्वीमिंग आपकी तकलीफ को कम करेगी.
  • वज़न को मेंटेन रखें. बहुत जल्दी बहुत ज़्यादा वज़न घटाने के चक्कर में क्रैश डायट न करें. इससे ऑस्टियोपोरोसिस का ख़तरा बढ़ जाता है.
  • अपने पोश्‍चर पर ध्यान दें. बैठने-उठने का सही पोश्‍चर पता करें. इससे भी आपकी तकलीफ काफी कम होगी.
  • नमक का सेवन कम कर दें. रोज़ाना 6 ग्राम से ज़्यादा नमक का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • अपने डायट में भरपूर मात्रा में कैल्शियम शामिल करें, जैसे दही, कॉटेज चीज़, लो फैट डेयरी प्रोटक्ट्स, बादाम, साल्मन आदि.
  • रिसर्च से पता चला है कि फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन करने से आर्थराइटिस की तकलीफ को 33% कम किया जा सकता है.

मसल क्रैम्प आ जाए तो

Pain Relief Technique
  • सबसे आसान तरीका है विपरीत दिशा में स्ट्रेच करें. पैरों के पंजों को स्ट्रेच करें. इससे दर्द में राहत मिलेगी.
  • जहां दर्द है. वहां मसाज करें. वहां हल्के-हल्के मूवमेंट करें.
  • एक हाथ के अंगूठे और तर्जनी से ऊपरी होंठ के एक कॉर्नर पर ज़ोर से चिकोटी काटें. स्किन को हल्का-सा खींचें. ये तरीका भी ज़रूर आजमाएं. दर्द में आराम मिलेगा.
  • नियमित रूप से स्ट्रेचिंग और मसाज आपको मसल क्रैम्प से बचाएगा.
  • रात को सोते समय पैरों के नीचे तकिया रखें. इससे आप रात में अचानक होनेवाले मसल क्रैम्प से बच सकते हैं.

आंखों में तकलीफ होने पर

  • अगर घंटों काम करके आंखें थक गई हों और आंखों में दर्द हो, तो हर आधे घंटे में आंखों को रेस्ट दें.
  • साथ ही कुछ आई एक्सरसाइज़ ट्राई करें. कुछ देर तक दूर डिस्टेंस पर रखी किसी चीज़ को देखें.
  • आंखों पर तीन-चार बार पानी के छींटें मारें. या कोई कूलिंग आई ड्रॉप यूज़ करें. इससे आंखों को तुरंत आराम मिलेगा.
  • साथ में सिरदर्द भी हो, तो एक बार चश्मे का नंबर भी चेक करा लें. चश्मे की फीटिंग सही न हो, तो भी कई बार आंखों को तकलीफ होती है.

एड़ियों में दर्द

Pain Relief Technique
  • सबसे पहले सही फूटवेयर का चुनाव करें. एड़ियों में दर्द का अर्थ है कि आपके चलने की स्टाइल में दोष है या फिर आपको फूटवेयर सही नहीं है. हाई हील या अकंफ़र्टेबल चप्पलों से बचें.
  • ये करें- किसी समतल जगह पर खड़े हो जाएं. एड़ियों पर प्रेशर दें. 30 सेकंड तक इसी अवस्था में रहें. दिन में पांच बार ये एक्सरसाइज़ करें.
  • पैरों को बारी-बारी से पहले गर्म और ठंडे पानी में डुबोएं.

अगर आंख में कुछ चला जाए

  • पलकों को जल्दी-जल्दी झपकाएं. इससे छोटा-मोटा कचरा निकल जाएगा.
  • साफ कॉटन या रूमाल का एक कॉर्नर को हल्का-सा गीला करके आंखें पोंछें.
  • अगर पलक झपकाने से कचरा नहीं निकलता है, तो ऊपरी पलकों को हल्का-सा खींचते हुए निचली पलकों के पास ले आएं. इससे आंसू आएगा, लेकिन कचरा निकल जाएगा.
  • एक छोटे बाउल में पानी लें, इसमें पलकों को झपकाने की कोशिश करें.
  • अगर कोई केमिकल या सोप आंखों में चला गया है, तो आंखों पर पानी के छींटें मारें.
  • अगर फिर भी तकलीफ कम न हो या आंखों का कचरा न निकल पाए, तो फौरन डॉक्टर के पास जाएं. इस दौरान आंखें बंद रखें, ताकि आंखों का मूवमेंट कम हो और आपकी आंखों को नुकसान न पहुंचे.
  • अगर आंख पर बॉल या किसी और चीज़ से चोट लग गई हो तो

योग से 10 तरह के दर्द से छुटकारा पाने के लिए के लिए आपको कौन-से योगासन करने चाहिए? इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) के ख़ास मौके पर हम आपको बता रहे हैं योग से १० तरह के दर्द से छुटकारा पाने का आसान उपाय.

International Yoga Day

* घुटने के दर्द के लिए 4 योगासन (Top 4 Yoga Poses For Knee Pain)
1) नी रोटेशन-उत्तानासन
2) नी स्ट्रेचिंग-सुलभ उत्तानासन
3) अर्ध तितली आसन-गुल्फ घूर्णन
4) अर्ध कपोत आसन-नी स्ट्रेचिंग

 

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर बैक पेन (Top 4 Yoga Poses For Back Pain
1) मार्जरासन
2) पूर्व भुजंगासन
3) शलभासन
4) पवनमुक्तासन

 

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर स्पॉन्डिलाइसिस (Top 4 Yoga Poses For Spondylosis)
1) हैंड इन हैंड आउट ब्रीदिंग
2) प्रसरित चक्रासन
3) शोल्डर रोटेशन
4) एलिफेंट ईयर
5) स्विमिंग स्ट्रोक

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर सर्वाइकल प्रॉब्लम्स (Top 4 Yoga Poses for Cervical Problems)
1) सुखासन-साइड स्ट्रेच
2) दत्त मुद्रा
3) सुलभ वक्रासन
4) सिंह मुद्रा

 

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर अर्थराइटिस (Top 4 Yoga Poses for Arthritis)
1) गतियामत मेरु वक्रासन
2) चक्कीचालन क्रिया
3) पवनमुक्तासन क्रिया
4) वीरासन-शोल्डर स्ट्रेच

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर मसल्स क्रैम्प (Top 4 Yoga Poses for Muscle Cramps)
1) गटियामत-ताड़ासन-उत्तानासन क्रिया
2) पवनमुक्तासन क्रिया
3) अधोमुख श्‍वानासन-स्ट्रेच
4) पूर्ण तितली आसन

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर साइटिका (Top 4 Yoga Poses for Sciatica)
1) उत्थित एकपादासन
2) सेतुबंधासन
3) पवनमुक्तासन-हिप स्ट्रेच
4) अर्ध शलभासन-शलभासन

 

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर हैप्पी पीरियड्स (Top 4 Yoga Poses For Period Problems)
1) उपविष्ट कोणासन
2) जानुशिरासन
3) पश्‍चिमोत्तानासन
4) बद्धकोणासन
5) प्रसरित पादोत्तानासन

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर माइग्रेन (Top 4 Yoga Poses for Migraine)
1) उत्तानासन
2) प्रसरित पादोत्तानासन
3) अधोमुख वीरासन
4) अधोमुख स्वस्तिकासन

* टॉप 4 योगा पोज़ेज़ फॉर वेरीकोज़ वेन्स (Top 4 Yoga Poses for Varicose Veins)
वेरीकोज़ वेन्स की समस्या में भी कई लोगों को दर्द होता है, ऐसे में ये 4 योगा पोज़ेज़ आपको दर्द से राहत दिलाएंगे:
1) सुलभ जानुशिरासन
2) उत्थित एकपादासन
3) विपरीत कर्णी मुद्रा
4) सपोर्टेड विपरीत कर्णी मुद्रा

 

 

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