Love. BreakUp. Repeat

वक़्त के साथ बहुत कुछ बदला है, प्यार करने अंदाज़ भी अब पहले जैसा नहीं रहा. पहले जहां मोहब्बत के नाम से ही एक सिहरन-सी होने लगती थी, अब वो सिहरन सीधे सेक्स तक पहुंच गई है. लव से लेकर लस्ट तक, प्यार से लेकर सेक्स तक… आज की पीढ़ी को सबकुछ फटाफट चाहिए. इनकी इंस्टेंट लव स्टोरी में सब्र जैसे शब्द के लिए कोई जगह नहीं. आज की युवा पीढ़ी के लिए सेक्स अब बंद कमरे में ढंके-छुपे तौर पर डिस्कस की जाने वाली चीज़ नहीं रही, अब लोग खुलकर अपनी सेक्स डिज़ायर को जाहिर करते हैं और इसे पाने के लिए उन्हें रिश्ते में बंधने का सब्र भी नहीं है. भूख-प्यास की तरह जब सेक्स की चाह होती है, तो लोग इसे फटाफट पा लेना चाहते हैं, इसके लिए उन्हें इंतज़ार करना मंज़ूर नहीं. सेक्स में नैतिकता जैसी बातें अब बहुत पुरानी हो गई हैं, आज की पीढ़ी इसे फिज़िकल हंगर से जोड़कर देखती है. बदलाव की ये लहर आख़िर हमें कहां ले जा रही है?

Meaning Of Love For Today's Youth

सेक्स चाहिए, पर बंधन नहीं
साइकोलॉजिस्ट डॉ. माधवी सेठ कहती हैं, आज के कई युवाओं को लगता है कि जब सेक्स आसानी से उपलब्ध है तो शादी के बंधन में में क्यों बंधें? आज की पाढ़ी की शहनशक्ति कम हो गई है, वो किसी भी मामले में एडजस्ट करने को तैयार नहीं, इसीलिए तलाक़ के केसेस बढ़ने लगे हैं. फिर पैरेंट्स भी बच्चों के तलाक़ पर बहुत ज़्यादा हो-हल्ला नहीं मचाते. पहले तलाक़ सोशल स्टिगमा समझा जाता था, लेकिन अब तलाक़ होना बड़ी बात नहीं समझी जाती. तलाक के प्रति लोगों की एक्सेप्टेबिलिटी बढ़ गई है. अब ये नहीं समझा जाता कि तलाक़ के बाद ज़िंदगी खराब हो गई. इसी तरह आज से 10 साल पहले शादी करना ज़रूरी समझा जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब कोई शादी नहीं करना चाहता तो लोगों को इसमें कोई आश्चर्य नहीं होता.

पार्टनर नहीं, पैकेज चाहिए
आजकल प्यार, शादी, बच्चे सबकुछ नाप-तौल कर होता है. लोगों को लाइफ पार्टनर नहीं, कंप्लीट पैकेज चाहिए, जो उनकी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक हर ज़रूरत पूरी करे. जब दिल का रिश्ता ही शर्तों पर हो, तो उसके टिकने की उम्मीद कितनी की जा सकती है. यही वजह है कि आजकल के रिश्ते टिकाऊ नहीं हैं. इन रिश्तों में प्यार के अलावा बाकी सबकुछ होता है इसीलिए प्यार की तलाश बाकी रह जाती है और एक्स्ट्रा मैरिटल रिश्ते बन जाते हैं.

बदल गई है शादी की परिभाषा
साइकोलॉजिस्ट डॉ. माधवी सेठ कहती हैं, पहले शादी के बाद एक-दो साल पति-पत्नी एक-दूसरे को समझने में गुजार देते थे. सेक्स का नया-नया अनुभव उनके रिश्ते में रोमांच बनाए रखता था. फिर बच्चे, उनकी परवरिश, नाते-रिश्तेदार… लंबा समय गुजर जाता था इन सब में. आज के कई युवा शादी के पहले ही सेक्स का अनुभव ले चुके होते हैं, उस पर करियर बनाने के चलते शादियां देर से हो रही हैं, ऐसे में शादी में उन्हें कोई रोमांच नज़र नहीं आता. उन्हें शादी स़िर्फ ज़िम्मेदारी लगती है इसलिए वो शादी से कतराने लगते हैं.

इसका एक बड़ा नुक़सान ये भी है कि युवा जब सेक्स पर जल्दी एक्सपेरिमेंट करते हैं तो इससे जल्दी ऊब भी जाते हैं और 40 की उम्र तक उनकी सेक्स लाइफ बोरिंग हो जाती है. उनका ज़िंदगी से लगाव कम हो जाता है. कोई थ्रिल नहीं रहता. अब शादी की परिभाषा बदल गई है. लेट मेरिज, लेट चिल्ड्रेन (कई कपल तो बच्चे भी नहीं चाहते), वर्किंग कपल, न्यूक्लियर फैमिलीज़… समय के साथ परिवार का ढांचा और उसकी ज़रूरतें बदल गई हैं. बदलाव की ये लहर बहुत कुछ बदल रही है. 10 साल पहले जहां लोग इंटर कास्ट मैरिज को पचा नहीं पाते थे, अब सहजता से लेने लगे हैं. इसी तरह अब एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, लिव इन रिलेशन जैसी बातें भी लोगों को चौंकाती नहीं हैं.

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Meaning Of Love For Youth

बढ़ रहे हैं एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स
काम के बढ़ते घंटे, ऑफिस में महिला-पुरुष का घंटों साथ काम करना, पति-पत्नी की असंतुष्ट सेक्स लाइफ आदि के कारण एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स की तादाद बढ़ रही है. कई पति-पत्नी सेक्स का पूरा आनंद नहीं ले पाते (ख़ासकर महिलाएं), फिर भी पार्टनर को ख़ुश करने के लिए झूठ बोलते हैं. ऐसे में जब आप अपनी सेक्स लाइफ़ से संतुष्ट ही नहीं हैं, तो आपका ध्यान यहां-वहां भटकेगा ही. अंतरंग रिश्ते में भी हम मुखौटा ओढ़ लेते हैं, तो संतुष्टि मिलेगी कैसे? ऐसे असंतुष्ट कपल्स जहां भी भावनात्मक सहारा पाते हैं, वहीं शारीरिक रूप से भी जुड़ जाते हैं. पति, बच्चे, घर-परिवार, ऑफिस सभी जगह मैकेनिक लाइफ जी रही महिलाएं जाने-अनजाने घर के बाहर सुकून तलाशने की चाह में मन के साथ-साथ तक का रिश्ता भी जोड़ लेती हैं.

सेक्स का विकृत रूप सामने आया है
मीडिया प्रोफेशनल अरुण कुमार कहते हैं, हमारे देश में आज भी लोग सेक्स पर बात करने से तो कतराते हैं, लेकिन हर पहलू को घोलकर पी जाना चाहते हैं. पहले भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होते थे, पति नपुंसक हो तो परिवार के किसी और सदस्य के साथ सेक्स करके बच्चा पैदा किया जाता था, लेकिन तब इन बातों पर इतना हो-हल्ला नहीं मचाया जाता था. अब सेक्स को एक प्रोडक्ट के रूप में देखा जाने लगा है. सेक्स टॉनिक, कंडोम आदि बेचने वाली कंपनियां अपने विज्ञापनों में स्त्री के शरीर को अश्लील रूप में पेश करके सेक्स को भुनाती हैं, ऐसे विज्ञापान युवाओं को सेक्स पर एक्सपेरिमेंट करने के लिए उकसाते हैं. बदलते परिवेश में सेक्स विकृत रूप में सामने आ रहा है, तभी तो बाप ने बेटी का रेप कर दिया, भाई-बहन के शारीरिक संबंध बन गए जैसी ख़बरें देखने-सुनने को मिलती हैं. हम लोग सेक्स पर खुलकर बात करने से जितना ज़्यादा कतराते हैं, इसका उतना ही विभत्स रूप हमारे सामने आता है. हर कोई जैसे इसी में उलझ कर रह जाता है, सेक्स पर हर तरह की रिसर्च कर लेना चाहता है.

सेक्स में संतुष्टि ज़रूरी है
बैंक कर्मचारी रोहित सिंह कहते हैं, सेक्स अब इतनी छोटी चीज़ हो गई है कि किसी को नीचा दिखाने, बदला लेने, अपना कोई काम निकालने, झूठी शान बघारने, प्रमोशन पाने तक के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. सेक्स को साधना के रूप में किया जाए तो इसके आनंद को समझा जा सकता है. जो मिला उसी से शारीरिक संबंध बना लिया, नोच-खंसोटकर, बलात्कार करके शारीरिक भूख मिटा ली, ऐसा करके कभी तृप्ति नहीं मिलती, बल्कि लालसा बढ़ती जाती है और व्यक्ति इसी में उलझकर रह जाता है.

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Meaning Of Love

ये है सेक्स का सच
* 33 प्रतिशत महिलाएं मानती हैं कि शादी के कुछ सालों बाद उनकी सेक्स लाइफ बोरिंग हो गई है.
* 60% पुरुष चाहते हैं कि सेक्स के लिए महिला पहल करे.
* हर पुरुष हर सात मिनट में कम से कम एक बार सेक्स के बारे में ज़रूर सोचता है.
* पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही एक दिन में कई बार ऑर्गेज़्म का अनुभव कर सकते हैं.
* जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.
* एक रिसर्च के अनुसार, कॉलेज के दौरान जो लड़के सेक्स में लिप्त रहते हैं, वे अक्सर डिप्रेशन में चले जाते हैं. जबकि सेक्स न करने वाले विद्यार्थी नॉर्मल रहते हैं.
* ऐसे पुरुष जिनके अनेक स्त्रियों से संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्वपूर्ण तो समझते हैं, लेकिन अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं रहते.
* जो पुरुष ज़्यादातर सेक्सुअल फैंटेसी में रहते हैं, वे अपने रोमांटिक रिलेशनशिप से कम संतुष्ट रहते हैं.
– कमला बडोनी

ब्रेकअप के बाद भी अच्छे दोस्त बने रहना आसान काम नहीं है, क्योंकि जब रिश्ता टूटता है, तो संबंध पहले जैसे मधुर नहीं रहते. ग्लैमर इंडस्ट्री में लिंकअप की तरह ब्रेकअप होना भी कोई बड़ी बात नहीं है. एक साथ काम करते हुए कलाकार एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं. कई लोग शादी भी कर लेते हैं, लेकिन जब उन्हें लगता है कि वो एक छत के नीचे एक साथ नहीं रह सकते, तो वो ब्रेकअप कर लेते हैं. टीवी इंडस्ट्री में कुछ कपल ऐसे भी हैं, जो ब्रेकअप के बाद भी अच्छे दोस्त हैं और ये उनके रिश्ते की ख़ास बात है. आइए, हम आपको मिलवाते हैं कुछ ऐसे टीवी सेलिब्रिटीज़ से, जो ब्रेकअप के बाद भी अच्छे दोस्त हैं.

TV Celebrities Who Stayed Friends After A Breakup

उर्वशी ढोलकिया – अनुज सचदेवा (Urvashi Dholakia – Anuj Sachdeva)
हाल ही में डांस रियालिटी शो ‘नच बलिये 9’ में उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा की केमिस्ट्री लाजवाब थी और दोनों का प्यार भी साफ़ झलक रहा था. हालांकि उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा की लव स्टोरी की किसी को भी भनक नहीं थी इसलिए दोनों के ब्रेकअप की खबर भी किसी को पता नहीं चली. डांस रियालिटी शो ‘नच बलिये 9’ में उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा ने पहली बार अपने रिलेशनशिप के बारे में बताया. बता दें कि उवर्शी 16 साल में जुड़वां बच्चों की मां बन गई थीं और शादी के दो साल के भीतर ही वो अपने पति से अलग हो गई थीं. उर्वशी ढोलकिया ने अकेले ही अपने दोनों बेटों की परवरिश की है. इस रिश्ते की एक और ख़ास बात ये है कि अनुज उम्र में उर्वशी से 5 साल छोटे हैं. उर्वशी और अनुज 5 तक रिलेशनशिप में रहे, लेकिन फिर उनका रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका और दोनों अलग हो गए. उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा के दूर होने की वजह अनुज की मां हैं, अनुज की मां को ये रिश्ता मंजूर नहीं था और अनुज अपनी मां की इच्छा के खिलाफ नहीं सके इसलिए दोनों अलग हो गए. अनुज की मां की इच्छा के अनुसार दोनों ने शादी करने का इरादा तो छोड़ दिया, लेकिन आज भी उर्वशी ढोलकिया और अनुज सचदेवा अच्छे दोस्त हैं और इनके रिश्ते की गहराई ‘नच बलिये 9’ में दर्शकों को साफ़ नज़र आई.

Urvashi Dholakia - Anuj Sachdeva

रिद्धी डोगरा – राकेश बापट (Ridhi Dogra – Raqesh Bapat)
टीवी इंडस्ट्री की क्यूट जोड़ी रिद्धी डोगरा और राकेश बापट एक टीवी सीरियल में साथ काम करते हुए एक-दूसरे के करीब आ गए. दोनों का रिश्ता आगे बढ़ा और इन्होंने शादी कर ली. सात साल तक इस टीवी कपल ने खुशहाल शादीशुदा ज़िंदगी जी, लेकिन धीरे-धीरे दोनों की लगने लगा कि उनमें वो कनेक्शन नहीं है, जो पति-पत्नी में होना चाहिए. एक दिन अचानक रिद्धी डोगरा और राकेश बापट ने मीडिया को बताया कि वो अब अपने रिश्ते से अलग हो गए हैं. सबके लिए ये खबर हैरान कर देने वाली थी, क्योंकि ये कपल सात साल से शादीशुदा था. इतना लंबा समय साथ बिताने के बाद भी इन दोनों ने खुद को शादी के बंधन से आज़ाद कर दिया. भले ही आज रिद्धी डोगरा और राकेश बापट आज मैरिड कपल न हों, लेकिन आज भी वो अच्छे दोस्त हैं और पार्टीज़ में अक्सर एक-दूसरे के साथ नज़र आते हैं. ब्रेकअप के बाद भी इनकी दोस्ती में कोई कमी नहीं आई है.

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Ridhi Dogra - Raqesh Bapat

जूही परमार- सचिन श्रॉफ (Juhi Parmar – Sachin Shroff)
‘कुमकुम’ सीरियल की एक्ट्रेस जूही परमार और उनके एक्टर पति सचिन श्रॉफ ने पांच साल तक डेटिंग की और फिर शादी कर ली. दोनों की एक प्यारी सी बेटी भी है, जिसका नाम समायरा है. शादी के नौ साल बाद इस कपल ने तलाक का फैसला ले लिया. जूही परमार के अनुसार, शादी के शुरुआती दिनों से ही उनके रिश्ते में समस्याएं आने लगी थीं. दोनों की सोच, स्वभाव, बैंकग्राउंड और ज़िंदगी जीने का नज़रिया बिल्कुल अलग है इसलिए दोनों के रिश्ते में परेशानिया आने लगी थी. दोनों ने अपने रिश्ते को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब साथ रहना मुश्किल हो गया, तो जूही परमार और सचिन श्रॉफ ने तलाक का फैसला कर लिया. आज भले ही जूही परमार और सचिन श्रॉफ साथ नहीं रहते, लेकिन सोशल मीडिया पर वो एक-दूसरे की उन तस्वीरों पर कमेंट करते हैं, जिनमें उनकी बेटी होती है. साथ ही जूही अपनी बेटी को पिता सचिन से मिलने के लिए कभी नहीं रोकती. दोनों अपनी बेटी को बहुत प्यार करते हैं और अपने रिश्ते के बारे में कुछ भी बुरा नहीं बोलते.

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Juhi Parmar - Sachin Shroff

आलिया भट्ट को इन दिनों कपल्स को देखकर इतना ग़ुस्सा आ रहा है कि उन्होंने उन्हें मारने के लिए पत्थर तक उठा लिया. आलिया को इतना ग़ुस्सा आ गया कि उन्होंने शाहरुख से ये भी सवाल पूछ लिया कि ये रोमांटिक रिलेशनशिप्स इरिटेटिंग क्यों होते हैं. दरअसल, ये है डियर ज़िंदगी का नया टीज़र, जिसमें आलिया रोमांस और प्यार से भागती नज़र आ रही हैं. टीज़र की शुरुआत में आलिया और शाहरुख अपनी आवाज़ में गाना गाते भी नज़र आएंगे. आप भी देखें वीडियो.