Meghna Gulzar

‘ऐ वतन, वतन मेरे आबाद रहे तू…’ थियेटर हॉल से बाहर निकलते व़क्त लगभग सभी दर्शकों के होंठों पर गाने की ये पंक्तियां फिल्म ‘राज़ी’ में दिखाए गए राष्ट्रभक्ति की भावना को ज़ोर दे रही थीं. ऐसे न जाने कितने लोग हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए शहीद हो जाते है, मेघना गुलज़ार की यह फिल्म उन्हीं अनसंग हीरोज़ की कुर्बानी से सबको रूबरू कराती है. 1971 में जब भारत-पाकिस्तान के बीच जंग के हालात बन रहे थे, तब पाकिस्तान के एक हाई रैंकिंग आर्मी परिवार में भारतीय लड़की की शादी करके स़िर्फ इसलिए भेजा जाता है कि वो वहां से देश के लिए ख़ूफ़िया जानकारी हासिल कर सके. यह फिल्म रिटायर्ड नेवी आफिसर हरिंदर सिक्का के नॉवेल ‘कॉलिंग सहमत’ पर आधारित है. भारतीय अंडरकवर एजेंट की सच्ची कहानी से प्रेरित यह फिल्म देशभक्ति का जज़्बा रखनेवालों को बेहद पसंद आएगी. जंगली पिक्चर्स और धर्मा प्रोडक्शन्स ने मिलकर यह फिल्म प्रोड्यूस की है.

फिल्म- राज़ी
निर्देशक- मेघना गुलज़ार
स्टार कास्ट- आलिया भट्ट, विकी कौशल, रजित कपूर, शिशिर शर्मा, जयदीप अहलावत और सोनी राजदान.
अवधि- 2 घंटा 20 मिनट
रेटिंग- 4/5 स्टार

कहानी

फिल्म की शुरुआत होती है सन् 1971 के भारत-पाकिस्तान के बीच फैले तनाव के साथ. जब पाकिस्तान ईस्ट पाकिस्तान में शुरू हुई क्रांति को ख़त्म कर भारत को सबक सिखाना चाहता है और भारत को तबाह करने की योजना बनानी शुरू कर देते हैं. भारतीय बिज़नेसमैन और भारत को पाकिस्तान की ख़ुफ़िया जानकारी देनेवाले हिदायत ख़ान (रजित कपूर) को इसकी भनक लग जाती है. बिज़नेस के सिलसिले में पाकिस्तान आने-जानेवाले हिदायत ख़ान की पाकिस्तानी आर्मी के ब्रिगेडियर परवेज़ सैय्यद (शिशिर शर्मा) से गहरी दोस्ती है. इसी दोस्ती के सहारे हिदायत ख़ान अपनी बेटी सहमत (आलिया भट्ट) की शादी परवेज़ सैय्यद के छोटे बेटे इकबाल (विकी कौशल) से कर देता है, जो एक आर्मी ऑफिसर है. सहमत 20 साल की बेहद मासूम और नाज़ुक लड़की है. पाकिस्तान भेजने के अपने ़फैसले के बारे में जब पिता उसे बताते हैं, तो देश की सुरक्षा को लेकर परेशान पिता को देखकर वह इस काम के लिए राज़ी हो जाती है. एक अंडरकवर एजेंट बनने की कड़ी ट्रेनिंग उसे रॉ एजेंट ख़ालिद मीर (जयदीप अहलावत) से मिलती है. शादी करके सहमत पाकिस्तान जब पाकिस्तान पहुंचती है, तो ससुरालवालों के दिल में अपनी जगह बनाने की पूरी कोशिश करती है. साथ ही भारत के ख़िलाफ़ रचे जा रहे षड़यंत्र की जानकारी भारत भेजती रहती है. आर्मी परिवार में रहकर यह सब करना बेहद मुश्किल होता है, पर सहमत ख़तरों के बीच से जानकारी लेकर भेजती रहती है. इस दौरान उसे ऐसे कई कठोर ़फैसले लेने पड़ते हैं, जिसके बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं था. इस दौरान सहमत और इकबाल की एक प्यारी-सी लव स्टोरी भी देखने को मिलती है. कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती ख़तरे बढ़ते हैं और सहमत अपनी सच्चाई छुपाने के लिए काफ़ी कुछ करती है… कैसे सहमत उन हालातों से जूझती है और कैसे वह देश की सुरक्षा में अहम योगदान देती है, जानने के लिए आपको फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए.


एक्टिंग
बात करें एक्टिंग की, तो पूरी फिल्म में आलिया भट्ट का दमदार अभिनय देखने को मिला. एक बेटी, एक पत्नी और एक जासूस बनकर आलिया ने दर्शकों का दिल जीत लिया. उनके कुछ डायलॉग्स पर लोगों ने तालियां भी बजाई. एक आर्मी ऑफिसर के रोबीले किरदार में विकी कौशल की एक्टिंग भी काबिले तारीफ़ है. एक हिंदुस्तानी पत्नी की अपने देश के प्रति भावनाओं को समझनेवाले पति के किरदार को उन्होंने बख़ूबी निभाया है. लीड एक्टर्स के अलावा जयदीप अहलावत, रजित कपूर और शिशिर शर्मा की एक्टिंग की भी सराहना करनी होगी. आलिया के मां की भूमिका निभा रहीं उनकी रियल लाइफ मां सोनी राजदान के सीन्स बहुत ही कम हैं, फिर भी एक्टिंग में उनकी परिपक्वता की झलक आपको ज़रूर मिलेगी.

निर्देशन
मेघना गुलज़ार के दमदार निर्देशन का ही कमाल है कि आप ख़ुद कहानी से बहते चले जाते हैं और ख़ुद को पाकिस्तान के उस तनावभरे माहौल में पाते हैं. फिल्म का निर्देशन इतना दमदार है कि इस दौरान आप बाहरी दुनिया को थोड़ी देर के लिए भूल जाते हैं. कहानी और किरदारों पर पकड़ रखनेवाली मेघना के निर्देशन की सराहना करनी होगी.

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