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महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है और गुरूवार से इसकी औपचारिक शुरुआत भी हो चुकी है लेकिन कहीं न कहीं कोरोना की मार ने इस पर भी असर डाला है. इस बार जोश भले ही कम ना हो पर होश में रहना ज़रूरी है, शायद यही वजह है कि श्रद्धालुओं की संख्या पर असर दिखाई पड़ रहा है और वैसे भी एहतियातन सरकार और स्थानीय प्रशासन भी काफ़ी सख़्ती से दिशानिर्देशों का पालन करवाने में लगा हुआ है. स्थानीय लोग और पुरोहित कह रहे हैं कि कोरोना के चलते इस साल संख्या कम नज़र आ रही है और शायद लोग कम ही आएं सुरक्षा के मद्देनज़र ये ज़रूरी भी है कि पहले जान व स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए. लेकिन अगर आप इस महाकुंभ का हिस्सा बनना चाहते हैं तो क्या हैं वो ज़रूरी नियम जिनका पालन आपको करना होगा-

– कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट की बिना आपको एंट्री नहीं मिल सकेगी और आपको वापस लौटना पड़ेगा. जी हां, श्रद्धालुओं को 72 घंटे पहले की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी पड़ेगी.
– यहां तक कि वहां के होटेल और धर्मशालाओं में भी एंट्री के लिए ये रिपोर्ट ज़रूरी है.

– कोरोना से सबसे अधिक जो 12 राज्य प्रभावित हैं वहां से आनेवालों पर कड़ी निगाह रखी जाएगी.

– उत्तराखंड सरकार ने सीमा पर भी टेस्टिंग ज़ोन बनाए हैं ताकि बॉर्डर ब बाहर से आनेवालों का टेस्ट किया का सके.

– उत्तराखंड सरकार के पोर्टल पर यात्रा शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन करवाना होगा.

– फोन पर आरोग्य सेतु एप का होना अनिवार्य है.

– लोकल प्रशासन की सलाह है कि 65 साल से अधिक उम्र के लोग व 10 साल से कम उम्र के बच्चे न आएं.

– इसके अलावा ये भी आग्रह किया है कि हाई बीपी, हार्ट, डायबिटीज, कैंसर, लंग्स और किडनी की बीमारियों से पीड़ित लोग और गर्भवती महिलाएं भी मेले में शिरकत ना करें.

– चौबीसों घंटे पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात की गई है, ताकि नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा सके और जो नियम तोड़ता है उस पर भी एक्शन लिया जा सके.

– गाड़ियों की भी स्क्रीनिंग की व्यवस्था है और CCTV से पूरे इलाक़े पर नज़र बनाए रखी जाएगी ताकि सुरक्षा व्यवस्था पुख़्ता हो.

– इसका अलावा मेला क्षेत्र व हरिद्वार के बॉर्डर्स पर मेडिकल टीम्स हैं जो रैंडम सैम्पलिंग करेंगी.
– जो लोग रेजिस्ट्रेशन कराकर और नेगेटिव रिपोर्ट के साथ जायेंगे उनको एंट्री मिलने में दिक़्क़त नहीं होगी.

– जो बिना रेजिस्ट्रेशन के जाएंगे उनकी पहले टेस्टिंग की जाएगी और उसके बाद ही उनको मिल सकेगी एंट्री.

– क्योंकि बिना COVID नेगेटिव रिपोर्ट के कोई भी श्रद्धालु स्नान नहीं कर पाएगा. महाकुंभ में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं को कोविड-19 की 72 घंटे पहले तक की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी. तो बेहतर है आप नियमों को जानें समझें और उनका पालन करते हुए आगे बढ़ें ताकि इस अद्भुत मेले में शामिल हो सकें!

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शिर्डी वाले साई बाबा के लिए सभी के मन में बड़ा सम्मान है. लोग अपनी मन्नतें मांगते हैं और इस आस से कि बाबा के दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं जाता. आस्था में डूबी उनकी कुछ चुनिंदा और अनदेखी तस्वीरें हम लाए हैं ख़ास आपके लिए इस वीडीयो के ज़रिए. ज़रूर देखें क्योंकि गुरुवार का दिन साई बाबा की सेवा के लिए सबसे ख़ास माना जाता है.

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Jai-Maa-Vaibhav-Laxmi
जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

ब्रह्माणी रूद्राणी कमला, तू ही है जगमाता ।
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

दुर्गा रूप निरंजन, सुख सम्पति दाता ।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

तू ही है पाताल बसन्ती, तू ही है शुभ दाता ।
कर्म प्रभाव प्रकाशक, भवनिधि से त्राता ॥
जय लक्ष्मी माता…

जिस घर थारो वासो, तेहि में गुण आता ।
कर न सके सोई कर ले, मन नहीं धड़काता ॥
जय लक्ष्मी माता…

तुम बिन यज्ञ न होवे, वस्त्र न कोई पाता ।
खान पान को वैभव, सब तुमसे आता ॥
जय लक्ष्मी माता…

शुभ गुण सुंदर मुक्तता, क्षीर निधि जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

आरती लक्ष्मी जी की, जो कोई नर गाता ।
उर आनन्द अति उपजे, पाप उतर जाता ॥
जय लक्ष्मी माता…

स्थिर चर जगत बचावे, शुभ कर्म नर लाता ।
राम प्रताप मैया की शुभ दृष्टि चाहता ॥
जय लक्ष्मी माता…