World Environment Day

पूरे विश्व में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का लक्ष्य सिर्फ़ एक ही होता है और वो है पर्यावरण संरक्षण व उसकी सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना. 5 जून 1974 को पहली बार विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था, तब से लेकर अब तक यह सिलसिला बदस्तूर जारी है. विश्व पर्यावरण दिवस के इस बेहद ही ख़ास मौके पर बॉलीवुड के सितारे भी प्लास्टिक के ख़िलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करते हुए ट्विटर के माध्यम से पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर अपना संदेश दे रहे हैं.

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण की गुडविल ऐंबैसडर और बॉलीवुड एक्ट्रेस दिया मिर्ज़ा ने ट्विटर पर ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन (#BeatPlasticPollution) नामक एक अभियान शुरू किया है, जिसमें बॉलीवुड के कई सितारे हिस्सा ले रहे हैं और प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने का फैसला करते हुए लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं. बता दें कि दिया मिर्ज़ा ने 4 अप्रैल को सोशल मीडिया अकाउंट पर प्लास्टिक वाले कूड़े की तस्वीर पोस्ट की थी.

बॉलीवुड की कंट्रोवर्सी क्वीन कंगना रनौत ने एक वीडियो के ज़रिए लोगों को जागरूक करते हुए यह मैसेज दिया है कि कि अगर हम इसी तरह प्लास्टिक का इस्तेमाल करते रहे, तो आने वाले 30 सालों में नदी और समंदर में मछलियों से ज़्यादा प्लास्टिक की संख्या होगी. इसलिए मैं लोगों से निवेदन करती हूं कि प्लास्टिक का उपयोग करना बंद कर दें.

उधर, अभिनेता अर्जुन कपूर ने विश्व पर्यावरण दिवस पर फैंस को संदेश देते हुए लिखा है कि ‘#BeatPlasticPollution के लिए एक छोटा सा कदम उठाना होगा. प्लास्टिक की जगह मेटल का इस्तेमाल करें.

वहीं, आलिया भट्ट ने एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें वो अपने हाथों में मेटल की बोतल लिए दिख रही हैं. इस तस्वीर के साथ आलिया ने संदेश दिया है कि वो ‘#BeatPlasticPollution के लिए आज से ही स्टील या कांच की बोतल का इस्तेमाल शुरू कर रही हैं. उन्होंने लिखा कि प्लास्टिक की बोतलों को गलने में 450 साल या उससे भी ज़्यादा का समय लग जाता है, जिससे हमारे पर्यावरण को नुक़सान होता है.

अभिनेत्री अदिति राव हैदरी भी दिया मिर्ज़ा की इस मुहिम में शामिल होते हुए अपनी एक सेल्फी पोस्ट की है, जिसमें उनकी दो तस्वीरें नज़र आ रही हैं. एक तस्वीर में अदिति के हाथों में प्लास्टिक की बोतल है, तो दूसरी तस्वीर में ग्लास की बोतल.

एक्ट्रेस जूही चावला भी इस मुहिम में शामिल हुई हैं और उन्होंने प्लास्टिक के इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि प्लास्टिक दुनिया के लिए कितना बड़ा चैलेंज बन गया है.

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हर साल एक थीम के साथ पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. इस साल संयुक्‍त राष्‍ट्र ने कनेक्टिंग पीपल टू नेचर थीम रखी है. पर्यावरण को साफ़ रखना है, तो पहले लोगों को प्रकृति से जुड़ना होगा. आइए विश्व पर्यावरण दिवस के मौक़े पर जानें कि कैसे हम पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचा सकते हैं.

पर्यावरण में फैले प्रदूषण से स्वास्थ्य ख़तरे में

  • प्रदूषित गैसों के कारण फेफड़े और ह्रदय रोग की समस्या बढ़ती जा रही है, जिसके कारण हर साल कई लोगों की मौत हो जाती है.
  • दूषित पानी पीने से ब्लड, त्वचा कैंसर, हड्डी, हृदय, किडनी व पेट से जुड़ी तकलीफें हो सकती हैं.
  • फसलों पर कीटनाशकों का प्रयोग करने से वह भोजन, फल, सब्ज़ियों के साथ मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं.
  • ध्वनि प्रदूषण से गुस्सा, चिड़चिड़ापन, नर्वस ब्रेक डाउन, हृदय के रक्त प्रवाह की गति तीव्र हो जाने जैसी कई समस्याएं हो जाती है. 

पर्यावरण प्रदूषण रोकने के उपाय

  • अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं.
  • जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाने के लिए हम दो हमारे एक जैसे नारों को साकार करें.
  • लाउड स्पीकर का उपयोग न करें.
  • त्योहारों, शादी-ब्याह या अन्य मौकों पर पटाखे न जलाएं.
  • कूड़ा कचरा न फैलाएं.
  • प्लास्टिक की थैलियों की जगह कपडे से बनी थैलियों का प्रयोग करें.
  • आवश्यकता के अनुसार जल का उपयोग करें, जल को यूं ही व्यर्थ न बहाएं.
  • सामाजिक जल वितरण के साथ छेड़-छाड़ न करें.
  • रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का प्रयोग करें.
  • सार्वजनिक वाहनों का अधिक उपयोग करें.
  • आवश्यकता न होने पर विद्युत उपकरणों को बंद कर दें.

क्यों मनाया जाता है पर्यावरण दिवस?

पर्यावरण की समस्या से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने १९७२ में ११९ देशों के साथ पर्यावरण सम्मलेन आयोजित किया. जिसके बाद हर साल पर्यावरण दिवस ५ जून को पूरे विश्व में मनाया जाने लगा. इसकी शुरुआत ५ जून १९९३ को हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है.