Categories: FILMEntertainment

9 मैरिज ब्रेकर एक्ट्रेसेस जिन्होंने दूसरों का घर तोड़कर अपना घर बसाया (These 9 Bollywood Actresses Are Considered Home Breakers)

श्रीदेवी: सभी जानते हैं श्री की वजह से ही बोनी कपूर ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया था और श्री से शादी की थी. यहां…

श्रीदेवी: सभी जानते हैं श्री की वजह से ही बोनी कपूर ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया था और श्री से शादी की थी. यहां तक कि बोनी कपूर की पहली पत्नी मोना की मां ने श्री के पेट पे लात भी मारी थी क्योंकि उन्हें इस बात पे ग़ुस्सा था कि श्री के कारण बोनी ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया था. श्री शादी से पहले ही गर्भवती थीं और इसी वजह से बोनी और श्री ने शादी का फ़ैसला लिया. श्री के प्यार को भले ही मुक़ाम मिल गयाहो लेकिन उन्हें होम ब्रेकर ही कहा गया. बोनी से पहले भी श्री ने शादीशुदा मिथुन से प्यार किया लेकिन मिथुन ने अपनी पत्नी योगिता को नहीं छोड़ा और समय रहते अपनी शादी बचा ली.

शिल्पा शेट्टी : शिल्पा और राज कुंद्रा तब क़रीब आए थे जब शिल्पा ने बिग ब्रदर जीता था. राज शादीशुदा थे और राज की पहली पत्नी ने आरोप भी लगाया था कि शिल्पा की वजह से ही उनका घर व शादी टूटी है.

स्मिता पाटिल: राज बब्बर ने भी स्मिता के कारण अपनी पत्नी नादिरा को छोड़ा. राज और स्मिता फ़िल्मों में काम करते करते क़रीब आ गए थे और दोनों ने शादी कर ली. स्मिता की मौत के बाद राज वापस अपनी पहली पत्नी के साथ रहने लगे. स्मिता महज़ 31 साल की थीं जब उनकी मृत्यु हुई.

रवीना टंडन: अनिल थडानी पहले से शादीशुदा थे लेकिन रवीना की दीवानगी अनिल के दिलो दिमाग़ पर ऐसी छाई कि उन्होंने अपनी पत्नी नताशा को तलाक़ देकर रवीना से शादी कर ली. रवीना की शादी भी काफ़ी शाही अंदाज़ में हुई थी.

रानी मुखर्जी: आदित्य चोपड़ा से गुपचुप शादी करनेवाली रानी को ही कारण माना जाता है आदित्य की पहली शादी तोड़ने का. आदित्य ने अपनी बचपन की दोस्त खन्ना से शादी की थी लेकिन रानी पर उनका दिला ऐसा आया कि बचपन का प्यार भी भुलाकर पायल से तलाक़ ले उन्होंने रानी से शादी कर ली.

लारा दत्ता: मिस यूनिवर्स ने भी शादीशुदा महेश को ही चुना अपने हमसफ़र के तौर पर. महेश ने लारा की ख़ातिर अपनी 7 साल की शादी तोड़ दी थी.

शबाना आज़मी: जावेद अख़्तर हनी ईरानी के पति थे लेकिन शबाना के प्यार में ऐसे गिरफ़्त हुए कि हनी को छोड़ शबाना का हाथ थाम लिया. हनी से जावेद को दो बच्चे हैं- फरहान और ज़ोया.

सारिका: कमल हसन वाणी गणपति के साथ अपनी शादीशुदा ज़िंदगी बिता रहे थे लेकिन सारिका से उन्हें इश्क़ हो गया और सारिका जब गर्भवती हुईं तो दोनों ने शादी कर ली. हालाँकि सारिका से भी अब कमल अलग हो चुके हैं.

किरण राव: वो भले ही हीरोइन ना हों लेकिन फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हैं. आमिर ख़ान ने किरण की वजह से ही अपनी पहली पत्नी रीना को छोड़ा.

यह भी पढ़ें: बेटी की उम्र की लड़कियों से शादी रचा चुके हैं ये फिल्म स्टार्स! https://www.merisaheli.com/bollywood-stars-who-married-a-girl-of-their-daughters-age/?amp

Share
Published by
Geeta Sharma

Recent Posts

कहानी- काकी का टिफिन (Short Story- Kaki Ka Tifin)

विभा काकी से आते-जाते ख़ूब बातें करती. काकी भी कभी उसके पास आकर बैठ जाया…

कृष्ण की माखनचोरी हो, गर्भावस्था में मंत्रों का प्रभाव या पीपल के पेड़ की पूजा… जानें ऐसी 10 मान्यताओं के पीछे क्या हैं हेल्थ व विज्ञान से जुड़े कारण! (10 Amazing Scientific Reasons Behind Hindu Traditions)

खड़ाऊ पहनें और स्वस्थ रहें... खड़ाऊ हमारी संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन इसके हेल्थ बेनीफिट्स भी हैं. खड़ाऊ से रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है, पैरों केएक्युप्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर पड़ता है, जिससे रक्त संचार संतुलित रहता है. साथ ही यह पैरों की मांसपेशियों को भीरिलैक्स करता है.  क्या आप जानते हैं पैरों में बिछिया पहनने से बढ़ती है फर्टिलिटी यह नसों व प्रेशर पॉइंट्स को दबाती है, जिससे यूटेरस, ब्लैडर व आंतों में रक्त प्रवाह तेज़ होता है. इससे मासिक धर्म भीनियमित होता है और प्रजनन क्षमता भी बढ़ती है.  एक गोत्र में विवाह न करने के पीछे छिपा है सेपरेशन ऑफ जींस का विज्ञान! हिंदू धर्म में एक गोत्र में शादी करना वर्जित है, ताकि जींस विभाजित रहें. जेनेटिक व कई गंभीर रोगों से बचना है, तो साइंसकहता है सेपरेशन ऑफ जींस ज़रूरी है. यही वजह है कि हिंदू धर्म में नज़दीकी रिश्तेदारों में शादी नहीं की जाती, ताकिसेपरेशन ऑफ जींस का सिद्धांत बना रहे.  गर्भावस्था के दौरान मंत्रों का प्रभाव... मंत्रों को सुनना गर्भस्थ शिशु के विकास में काफ़ी सहायक होता है. 23वें हफ़्ते के बाद गर्भस्थ शिशु कुछ आवाज़ों परप्रतिक्रिया भी करना शुरू कर देते हैं. ऐसे में मंत्रों को सुनने से व भक्तिमय वंदना से शिशु के मस्तिष्क का विकास तेज़ी सेहोता है.  कानों में छेद करवाने से बौद्धिक क्षमता व बोलने की शक्ति का होता है विकास... हिंदू धर्म में लड़कियों के ही नहीं, लड़कों के भी कानों को छिदवाने का रिवाज़ था. इससे कानों से होकर मस्तिष्क तकजानेवाले नस का रक्त संचार नियंत्रित रहता है, जिससे सोचने की शक्ति व बोलने की क्षमता बेहतर होती है.  ज़मीन पर बैठकर भोजन करना होता है स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद पालथी मारकर बैठना एक तरह का योगासन माना जाता है, जिससे मस्तिष्क शांत व पाचन क्रिया बेहतर होती है.  भोजन से पहले तीखा, अंत में मीठा क्यों?…

रश्मि देसाई का धमाकेदार डांस वीडियो,फैंस बोले-‘दिमाग हिल गया है'(Rashmi Desai Shares Hot Dance Video,Troll by Fans)

टीवी एक्ट्रेस रश्मि देसाई टीवी सीरियल्स में दिखाई दे या ना दें,वे चर्चा में हमेशा…

इंस्टाग्राम की टॉप बिकिनी बेब्स, जिनकी हॉटनेस के आगे सब हैं फेल! (Top Hottest Bikini Babes On Instagram)

कश्मीरा शाह: कश्मीरा ने पिछले कुछ समय में काफ़ी मेहनत कर वेटलॉस किया है परफेक्ट…

© Merisaheli