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ये हेल्दी हैबिट्स आपके रिश्तों को भी रखेंगी फिट और हेल्दी… (15 Healthy Habits To Keep Your Relationship Fit And Strong)

हेल्दी रहना (Healthy Habits)  सिर्फ़ आपके शरीर व संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए ही ज़रूरी नहीं है, बल्कि आपके रिश्तों (Relationship) के लिए भी इतना ही महत्वपूर्ण है. ऐसी कौन-सी हेल्दी हैबिट्स (Healthy Habits) हैं जो आपके रिश्ते को भी फिट रखेंगी, आइए जानें… पॉज़िटिव सोच रखना एक ऐसी आदत है, जो आपको तो तनाव मुक्त रखती ही है, आपके पार्टनर को भी वो खुशऔर तनावमुक्त रखने में मदद कर सकती है. सिर्फ़ पार्टनर ही क्यों, घर में सब पर इसका असर होगा, क्योंकि एकसकारात्मक सोच ही जीवन और रिश्तों को सकारात्मक रख सकती है. अध्ययन बताते हैं कि सकारात्मक सोच सेकपल में आपसी टकराव और मनमुटाव कम होता है और उनकी बॉन्डिंग मज़बूत होती है. वर्कआउट करना फ़िज़िकल फ़िटनेस के लिए ज़रूरी है, लेकिन ये आपके हार्ट, बोंस, मसल्स आदि को भी फिटरखता है, जिसका सीधा असर आपके रिश्तों पर भी पड़ता है. आप खुद को फिट महसूस करते हैं तो खुश रहते हैंऔर एक अलग ही आत्मविश्वास से भर जाते हैं. बेहतर होगा कि अपने पार्टनर के साथ वर्कआउट करें, जिससे आपसाथ में ज़्यादा वक़्त भी बिता पाएंगे और एक-दूसरे को हेल्दी कॉम्पटिशन भी दे सकते हैं कि कौन ज़्यादा फिट है. सर्वे से ये बात स्पष्ट हुई है कि कपल्स ने खुद यह महसूस किया कि फिटनेस से उनके व्यक्तित्व व रिश्ते परसकारात्मक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि इससे वो ज़्यादा ऊर्जावान और कॉन्फ़िडेंट महसूस करते हैं और ज़्यादा खुशरहते हैं. योगा या ध्यान करने की आपको अगर आदत है तो ये बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इससे आपका तनाव कम होगा, आप सुबह जल्दी उठकर एक साथ योगा करते हैं तो आपकी क्लोज़नेस भी बढ़ेगी. अगर सुबह टाइम न हो तो आपशाम को या फिर कोई योगा क्लास जॉइन करके भी अपना स्ट्रेस लेवल कम कर सकते हैं. इसी तरह मेडिटेशन से भीमस्तिष्क में हैप्पी होर्मोंस रिलीज़ होते हैं, जो आपको खुश व तनावमुक्त रखते हैं. एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि तनाव आपको शारीरिक व भावनात्मक रूप से कमज़ोर बनाकर रिश्तों की आत्मीयता को धीरे-धीरे ख़त्म करता है. यहां तक कि सेक्स लाइफ पर भी इसका असर होता है. ऐसे में जब तनाव कम होगा, तोआपका रिश्ता भी तनाव से मुक्त होगा.हेल्दी खाना ऐसी हेल्दी आदत है जो अपने शरीर में फैट्स को बढ़ने नहीं देती और आपके हैप्पी होर्मोंस को बढ़ाती हैं, जिससे आपका रिश्ता हैप्पी और फिट रहता है. फिटनेस से आपकी सेक्स लाइफ़ पर भी असर होता है. आपकीसेक्स लाइफ़ बेहतर होती है, क्योंकि आपको तनाव और थकान कम होती है. अच्छी सेक्स लाइफ़ का मतलब है किआपका रिश्ता भी हेल्दी है.पर्सनल हाइजीन को लेकर जो लोग सतर्क रहते हैं उनकी पर्सनल लाइफ़ भी बेहतर होती है, क्योंकि उनकोइंफ़ेक्शन्स का ख़तरा कम होता है, पार्टनर को भी अच्छा लगता है और वो आपके ज़्यादा क़रीब आते हैं. सिर्फ़प्राइवट पार्ट्स ही नहीं, ओरल हाइजीन का ख़याल रखना भी एक ऐसी हेल्दी आदत है जिसका सीधा असर आपकेरिश्ते पर पड़ता है, क्योंकि अगर आपकी सांस से बदबू आएगी तो भले ही झिझक के मारे पार्टनर कुछ कहे नहीं, लेकिन वो आपके क़रीब आने में झिझकेंगे. ग़ुस्से, ईगो और ईर्ष्या जैसे नकारात्मक भावों से दूर रहना या उनको कंट्रोल में रखना भी बेहद हेल्दी हैबिट है औरइसका प्रभाव साफ़ तौर पर आपके रिश्तों पर भी देखा जा सकता है. आपमें झगड़े कम होंगे और अपनापन बढ़ेगा.ज़ाहिर सी बात है कि एक फिट और हेल्दी बॉडी और एक पॉज़िटिव माइंड आपको ज़्यादा अट्रैक्टिव पर्सन बनाता है, जिससे आपका पार्टनर भी आपके प्रति ज़्यादा प्यार और आकर्षण महसूस करता है. इसके अलावा आप अपनेपार्टनर के लिए अगर हेल्दी हैबिट अपनाते हैं तो उनको और भी अच्छा महसूस होता है, जैसे- शराब या सिगरेट कमकरना या छोड़ देना, फ़िज़ूलखर्ची कम करके सविंग्स पर ध्यान देना, अपने ग़ुस्सैल स्वभाव को कंट्रोल करने कीचुनौती स्वीकार करना आदि.डिजिटल वर्ल्ड में टाइम कम स्पेंड करके अपने रिश्तों को समय देना भी एक बेहतरीन आदत है, जिससे आपका मन-मस्तिष्क भी शांत रहता है और आप ज़्यादा कम्यूनिकेट करते हैं, शेयरिंग और केयरिंग भी बढ़ती है इससे, इसलिएअपने मोबाइल और लैप्टॉप से ब्रेक लेकर अपनों के साथ कुछ पल रोज़ ज़रूर बिताएं. अपने साथ-साथ घर और कमरे को भी साफ़ रखने की आदत आपके रिश्ते को और रोमांटिक बनाएगी. अपने बेड, चादर, तकिया आदि साफ़ रखें. कमरे में अरोमा का इस्तेमाल भी अच्छा उपाय है रोमांटिक लाइफ़ को रिक्रिएट करनेके लिए. बेहतर होगा एनर्जी के साथ अपने बेड पर जाएं और शिकवे-शिकायत को कमरे के बाहर छोड़ आएं. अगरकोई बात करनी भी है तो अलग से समय निकालकर शांत मन से गम्भीरता से बात करें. बेड पर ब्लैक मेलिंग से बचें.सहयोग और अपनेपन की भावना को बढ़ावा दें क्योंकि ये ऐसी आदत है जो अपने सभी रिश्तों को हेल्दी रखेगी. बिनाकिसी स्वार्थ के अपनों की व औरों की मदद को हमेशा तैयार रहना आपके रिश्तों को बेहतर बनाता है और आपकोआत्मिक संतुष्टि भी देता है. कोई बीमार हो तो उसका हालचाल पूछ लेना या पत्नी की तबियत ठीक न होने परउसकी मदद करना, ख़्याल रखना, छुट्टी लेकर साथ वक़्त बिताना भी रिश्तों ke लिए बेहद ज़रूरी और हेल्दी है. इसी तरह ज़िम्मेदारियों व अन्य कामों में भी मदद व सहयोग का रवैया आपको बेहतर फ़ैमिली पर्सन बनाता है. येकाम उसका है, ये ज़िम्मेदारी उसी की है… ये न सोच कर सभी लोग मिलजुल कर काम करें और खुलकर बात करें.अपने पार्टनर को सम्मान देकर उसके विचारों को भी निर्णय लेने से पहले तवज्जो देना भी एक बेहतरीन आदत है. ऐसा न सोचें कि इस बारे में उसे जानकारी नहीं तो उससे क्या पूछना, बेहतर होगा सभी लोग मिलकर ही निर्णय लें. किसी को नीचा न दिखाएं.इसी तरह थैंकयू, सॉरी कहने, आभारव्यक्त करने, तारीफ़ करने, गिफ़्ट देने व सरप्राइज़ की आदत भी बेहद हेल्दी है. ये आदत सिर्फ़ पति-पत्नी के रिश्ते को ही नहीं, बल्कि तमाम रिश्तों को हेल्दी रखेगी. मां ने आपको पसंद का खानाबनाया हो या पत्नी ने आपकी कोई ख़ास शर्ट पर प्रेस किया हो, किसी दोस्त ने कोई छोटी से मदद की हो याऑफ़िस बॉय ने टेबल पर चाय लाकर दी हो- उनको थैंक यू कहने भर से या उनकी तारीफ़ कर देने से रिश्तों में नईऊर्जा और सम्मान का भाव आ जाता है. इसी तरह गलती होने पर माफ़ी मांगने की आदत भी आपके रिश्तों कोहमेशा फिट रखेगी. अपनों को छोटी सी ख़ुशी देने के लिए थोड़ा एक्स्ट्रा मेहनत या एफ़र्ट करने की आदत भी बहुत पॉज़िटिव है. चीकू शर्मा 

पहला अफेयर: तेरा साथ है तो… (Pahla Affair… Love Story: Tera Sath Hai To)

मैं अपनी चचेरी बहन के पास अस्पताल में बैठी थी. उसका छोटा-सा एक्सीडेंट हुआ था और पांव में फ़्रैक्चर हो जाने कीवजह से वह तीन-चार दिनों के लिए एडमिट थी. मैं उसके पास कुर्सी पर बैठी कोर्स की किताब पढ़ रही थी कि तभी उसकेस्कूल के दोस्त उससे मिलने आए. दो लड़कियां और तीन लड़के. कुछ ही देर में बाकी सब तो चले गए लेकिन रश्मि काएक दोस्त, जिसका नाम जतिन था रुक गया. हम तीनों बातें करने लगे. बातों के सिलसिले में पूरी दोपहर कब निकल गईपता ही नहीं चला. दूसरे दिन फिर आने का वादा करके वह घर चला गया.  उसके जाने के बाद मैं यूं ही उसके बारे में सोचने लगी… बिखरे बालों वाला वह बहुत सीधा-सादा, भोला-सा लगा मुझे. रात में चाची रश्मि के पास रुकी और मैं घर चली गई. सुबह नहाकर जब वापस आई तो देखा जतिन महाराज पहले से ही वहां बैठे थे. चाची के चले जाने के बाद हम तीनों फिर गप्पे मारने लगे. एक आम और साधारण-सा चेहरा होने के बाद भीएक अजब-सी, प्यारी-सी रूमानियत थी जतिन के चेहरे पर और उसकी बातों में कि दिल और आंखें बरबस उसकी ओर खींची चली जाती थी. चार दोपहरें कब निकल गई पता नहीं चला. रश्मि को अभी डेढ़ महीना घर पर ही रहना था. इस बीच उसके बाकी दोस्तों के साथ ही जतिन भी घर आता रहा. वह स्कूल में होने वाली पढ़ाई की जानकारी रश्मि को देकर उसकी मदद करता और खाली समय में हम तीनों खूब बातें करते और मस्ती करते. अब तो जतिन से मेरी भी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी. जिस दिन वह नहीं आता वो दिन खाली-खाली-सा लगता और मैं बेसब्री से उसका इंतजार करती. रश्मि भी हंसी-हंसी में उसे ताना मारती, "तुम मुझसे मिलने थोड़े ही आते हो, तुम तो चेतना से मिलने आते हो…" तब जतिन एक शर्मीली-सी हंसी भरी नज़र मुझ पर डाल कर सिर झुका लेता. बारहवीं पास होते ही मैं डेंटल कॉलेज में पढ़ने दूसरे शहर चली गई और जतिन भी आगे की पढ़ाई करने दूसरे शहर चला गया, लेकिन फोन पर हम बराबर संपर्क में बने रहते. कभी-कभी रात की ट्रेन से सफर करके जतिन मुझसे मिलने आता. दिन भर हम साथ में घूमते, लंच करते और रात की ट्रेन से वह वापस चल आ जाता. पढ़ाई खत्म होने तक हम दोनों को ही इस बात का एहसास हो चुका था कि हम दोस्ती से आगे बढ़ चुके हैं. हम एक-दूसरे से प्यार करने लगे हैं और अब अलग नहीं रह सकते. हम दोनों ही अपनी एक अलग रूमानी दुनिया बसा चुके हैं, जहां से लौटना अब संभव नहीं था. कितनी खूबसूरत थी वह दुनिया, बिल्कुल जतिन की दिलकश मुस्कुराहट की तरह और उसकी आंखों में झलकते प्यार सेसराबोर जिसमें मैं पूरी तरह भीग चुकी थी. नौकरी मिलते ही जतिन ने अपने घर में इस बारे में बात की. उसके माता-पिता अपने इकलौते बेटे की खुशी के लिए सहर्षतैयार हो गए, लेकिन मेरे पिताजी ने दूसरी जाति में शादी से साफ इनकार कर दिया. यहां तक कि जतिन के घर आने पर अपनी बंदूक तान दी. महीनों घर में तनाव बना रहा, लेकिन मैं जतिन के अतिरिक्त किसी और से शादी करने के लिए किसी भी हालत में तैयार न थी. महीनों बाद सब के समझाने पर पिताजी थोड़े नरम हुए. उन्होंने पंडित जी से कुंडली मिलवाई तोपंडित जी ने मुझे मंगली बता कर कहा कि यदि यह शादी हुई, तो लड़की महीने भर में ही विधवा हो जाएगी. साथ ही लड़के की कुंडली में संतान योग भी नहीं है. घर में सब पर वज्रपात हो गया. अब तो शादी की बिल्कुल ही मनाही हो गई. चार-पांच पंडितों ने यही बात की. अलबत्ता जतिन के घर वाले अब भी अपने बेटे की खुशी की खातिर इस शादी के लिए तैयार थे. बहुत संघर्षों और विवादों के बाद…

ससुराल के लिए खुद की ऐसे करें मानसिक रूप से तैयार… ताकि रिश्तों में बढ़े प्यार और न हो कोई तकरार (Adapting in A New Home After Marriage: Tips & Smart Ways To Adjust With In-Laws)

शादी जहां एक ओर कई हसीन और रंगीन सपने लाती है वहीं ढेर सारी जिम्मेदारियां भी उससे जुड़ जाती हैं, लेकिन अक्सरकुछ लोग ख़ासतौर से लड़कियां शादी को सिर्फ़ एक रंगीन व हसीन ज़िंदगी मानकर इससे जुड़ती हैं और फिर सारी उम्रबस शिकायतें ही करती रह जाती हैं. बेहतर होगा कि अपनी सोच बदलें और खुद को मानसिक तौर पर परिपक्व बनाएंऔर शादी के बाद ससुराल के लिए खुद को तैयार करें… सबसे पहले तो नए घर में जाने से जुड़े अपने मन से सारे डर और सारी दुविधा निकाल दें.ससुराल व सास-ससुर या ननद-देवर को लेकर कोई छवि या राय न बनाएं. सकारात्मक रहें, मन में नकारात्मक विचारों को न आने दें. ये न सोचें कि ये सब नए लोग हैं और ये सिर्फ़ आपका विरोध ही करेंगे या आप में कमियां ही निकालेंगे.शादी से पहले हर काम ये सोचकर न करें कि अरे अब तो कुछ टाइम में शादी हो जाएगी, तब मैं ये नहीं कर पाऊंगी, ये नहीं पहन पाऊंगी, हंस नहीं सकूंगी, बात नहीं कर पाऊंगी… आदि… ये तमाम सोच ही नकारात्मक है, जो आपकोशादी व ससुराल के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होने देगी और आपको कमज़ोर बनाएगी.बेहतर होगा कि आप अपनी सोच और मानसिकता को बदलें, ये सोचें कि नए घर में मैं ये करूंगी, ऐसे घर सजाऊंगी, ऐसे सबको अपना बना लूंगी.अपने हुनर और गुणों पर ध्यान दें न कि कमियों पर. आपके यही गुण व हुनर आपको ससुराल के एक अलगआत्मविश्वास देगा, जिससे आप मेंटली स्ट्रॉन्ग रहेंगी. शांत मन से इसके बारे में सोचें. मन शांत होगा तभी सब बेहतर होगा. शांत मन से ये सोचें कि किस तरह आप अपने इस घर और रिश्तों को संजोकररखेंगी. अपनी अपेक्षाओं का दायरा बहुत न बढ़ाकर रखें. ये मानकर चलें कि मायके जैसा माहौल वहां नहीं होगा, इसलिएएडजेस्टमेंट के लिए तैयार रहें.शादी के बाद बहुत कुछ बदल जाता है, लेकिन ज़िंदगी तो बदलाव का ही नाम है, इसलिए इन बदलावों के लिए खुदको तैयार रखें.अब पहले की तरह सहेलियों के साथ घूमना-फिरना कम ही हो पाएगा और पहले जैसे आज़ादी भी नहीं रहेगी, क्योंकि शादी से जुड़े बंधन और मर्यादा आपके रिश्ते व भविष्य को बेहतर करेगी.ज़िंदगी के इस बदलाव पर चिढ़ें नहीं, वर्ना आपके लिए ही मुश्किल होगी.ग़ुस्सा कम करें, माहौल को बेहतर बनाने की कोशिश ज़्यादा करें. अगर आपको जल्दी ग़ुस्सा आता है तो आपकोअपनी इस भावना पर काम करना होगा. अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना सीखें. भावुक होकर कोई फ़ैसला न लें.अपनी ज़रूरत की चीज़ें तो आप साथ लेकर जाएंगी ही, लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं जिनसे आप नए घर में भी कनेक्टकरके ज़्यादा खुश हो सकती हैं, जैसे- आपकी सुबह का रूटीन! जी हां, अगर आपको वॉक या जॉगिंग की आदत हैतो इसे न बदलें. ये हैबिट्स आपको मेंटली मज़बूत बनाएंगी.लेकिन अगर आपको सुबह देर से उठने की आदत है तो बेहतर होगा इसे आप शादी से पहले ही बदलने की कोशिशकरें. कुछ अच्छी हैबिट्स डालें, अपना रूटीन बदलें, जॉगिंग या स्विमिंग जाना शुरू करें. ये आपको रिफ्रेश औरपॉज़िटिव बनाएगी.  अगर आप वर्किंग है तो इसका मतलब ये नहीं कि घर के काम को कम आंकें. शादी से पहले ही घर के कामों में हाथबंटाएं या कुकिंग क्लास जॉइन करें. कुछ नया ट्राई करें, ताकि ससुराल में भी आप अपनी कुकिंग स्किल का कमालदिखा सकें. वैसे भी रिसर्च कहते हैं कि कुकिंग एक थेरेपी है जो आपको क्रीएटिव तो बनाती ही है, साथ ही आपमें हैप्पी व फ़ीलगुड हार्मोन्स भी बढ़ाती है. माना नए रिश्तों के साथ आपकी दिनचर्या बदलेगी, काम, उम्मीदें व जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी, लेकिन अपने लिए थोड़ासमय ज़रूर निकालें. थोड़ा और जल्दी उठ जाएं और सुबह की सैर कर आएं. चाहें तो पति देव को भी साथ ले जाएंया घर कोई ऐसा सदस्य जिसे सुबह वॉक की आदत हो, उसके साथ जाया करें. अगर बाहर जाना फ़िलहाल मुश्किल लगे तो घर पर योगा व प्राणायाम करें. ये आपको न सिर्फ़ दिनभर की ताज़गीऔर ऊर्जा देगा बल्कि स्ट्रेसफ़्री भी रखेगा.बेहतर होगा कि अपने ससुरालवालों को भी इसकी आदत डलवाएं. इससे सबका कनेक्शन भी बेहतर होगा और सबहैप्पी फ़ील करेंगे.अगर आपके ससुराल में लोग ज़्यादा हेल्थ को लेकर अलर्ट नहीं हैं तो आप उनके लिए कुछ हेल्दी बनाएं या उन्हेंइसकी ज़रूरत का एहसास कराएं. उनके लिए डायट व एक्सरसाइज़ चार्ट बनाएं, इससे पॉज़िटिव माहौल बनेगा औरआप भी मानसिक रूप se नई ऊर्जा का अनुभव करेंगी. बहुत ज़्यादा शिकायतें करने से बचें. ये आदत आपको मानसिक रूप से कमजोर बना सकती है, क्योंकि इससेआपके मन में कुढ़ने की भावना जन्म लेगी. मायके से हर चीज़ की तुलना करके खुद को दुखी न करें वर्ना आप मेंटली एडजेस्ट नहीं हो पाएंगी.ये मानकर चलें कि अब आपका एक और घर हो गया है, जिसे आपको बेहतर बनाना है, धीरे-धीरे आप अपनेअनुरूप यहां भी बदलाव ला सकेंगी, कुछ आपको यहाँ के अनुसार ढलना होगा तो कुछ लोगों को आप अपने अनुसारढाल पाएंगी.बीच का रास्ता ही बेहतर होता है. अपने मन में ज़िद न करके बैठें कि सब कुछ पहले जैसा ही रहना चाहिए आपकीलाइफ़ में, क्योंकि इससे सिर्फ़ रिश्ते बिखरेंगे. मन में ईर्ष्या की भावना को भी जन्म न दें. तारीफ़ सुनने के लिए आपको भी तारीफ़ करने की आदत डालनी होगी. सास या ननद को आप भी कॉम्प्लिमेंट दें. उनकी खूबियों को सराहें. शिकायत करने की आदत न पड़ने दें. अच्छा सोचेंगी तो ज़िंदगी अच्छी और आसान लगेगी. पति को मुट्ठी में करलेनेवाली सोच मानसिक कमज़ोरी दर्शाती है. इससे बचें. सबको जोड़कर रखने के प्रयासों पर ज़ोर दें. ये आपकोअलग ही ख़ुशी और मानसिक बल देगा. इसी तरह ईगो और घमंड को अपने व्यवहार में न आने दें. अगर आपके स्वभाव में ये चीज़ें हैं तो इन्हें वक़्त रहते क़ाबूमें करें. दूसरों के गुणों और सफलता से जलें नहीं. मानसिक रूप से मज़बूत लोग जलने की भावना से दूर रहते हैं, क्योंकिजलन या द्वेष आपको बेहद कमजोर और टूटा हुआ बना देता है.अतीत में जीना छोड़कर आगे की सोचें. आपके मायके में क्या था या आप वहां कितनी खुश थीं इस सोच को लेकरससुराल में न जाएं या न रहें. ये सोचें कि आपको नए रिश्ते और अच्छा घर मिला है, इसलिए इसे अब आपको औरबेहतर बनाना है ताकि आपकी ज़िंदगी व आपसे जुड़े नए लोग भी बेहतर महसूस करें.तोड़ने की बजाय हमेशा जोड़ने की तरफ़ ही प्रयास करने हैं, इस सोच को खुद से कभी दूर न होने दें.भले ही नए घर में कोई आपसे ज़्यादा खुश न हो, लेकिन आपको उनके प्रति भी अच्छी भावना बनाए रखनी है, अपनादिल बड़ा रखें, दिमाग़ खुला रखें. माफ़ करना सीखें. माफ़ करने वाला हमेशा बदला लेनेवाले से बड़ा होता है. बदले की भावना से बचें क्योंकि ये भी मानसिक कमज़ोरी को दर्शाती है. अगर किसी से कोई गलती हो भी जाए तोआपको उसे नादान समझकर माफ़ करना है, इस सोच के साथ खुद को तैयार करें.बेहतर होगा कि कोई हॉबी क्लास जॉइन कर लें, इससे आपको नेगेटिव एनर्जी व नकारात्मक सोच बाहर निकलजाएगी और आप मेंटली फिट व पॉज़िटिव महसूस करेंगी.इस पॉज़िटिविटी का असर आपके रिश्तों पर भी पॉज़िटिव पड़ेगा, वर्ना आप बुझी-बुझी रहेंगी तो रिश्तों की ऊर्जा कोभी ख़त्म होने में समय नहीं लगेगा.हनी शर्मा 

शादी के दिन भूलकर भी न करें ये ग़लतियां, इस ख़ास दिन को अपने व अपनों के लिए यूं बनाएं यादगार… (40+ Common Wedding Day Mistakes That Every Bride Should Avoid)

शादी का दिन ज़िंदगी का सबसे ख़ास दिन होता है और इस ख़ास दिन के लिए तैयारियां भी ख़ास की जाती हैं, लेकिन ओवर एक्साइटमेंट में ज़्यादातर लोग कुछ न कुछ ऐसा कर देते हैं जिसके बारे में उन्हें बाद में महसूस होता है कि काश ऐसान किया होता, क्योंकि शादी के दिन आपकी एक छोटी-सी गलती भी आपके भविष्य के लिए भारी पड़ सकती है या फिर आपके शादी के मज़े को किरकिरा कर सकती है… तो क्या है वो बातें, जिनका ख़्याल आपको रखना चाहिए और कौन-सी हैं वो ग़लतियां जिन्हें करने से बचना चाहिए, आइए जानें…  सबसे पहले तो ओवर थिंकिंग से बचें यानी बहुत ज़्यादा न सोचें कि आज शादी है, आज के बाद ज़िंदगी बदलजाएगी, ज़िम्मेदारी बढ़ जाएगी, न जानें नए लोग कैसे होंगे… ये सब न सोचें वर्ना तनाव बढ़ सकता है, जिसका असरआपके चेहरे और सेहत दोनों पर नज़र आएगा.ओवर एक्साइटमेंट से भी बचें. अति उत्साह हमें थका देता है, जिससे आपकी एनर्जी ड्रेन हो जाएगी और शादी केवक़्त आप थके-थके लगेंगे. बहुत ज़्यादा एक्स्पेरिमेंट न करें. शादी के दिन  न दुल्हन को और न ही दूल्हे को किसी तरह का कोई एक्सपेरिमेंटकरना चाहिए. कपड़ों का ट्रायल पहले ही कर लेना चाहिए, शादी वाले दिन के लिए उसे न छोड़ें.शादी वाले दिन शॉपिंग करने या बहुत ज़्यादा घर का काम करने से भी बचें. बेहतर होगा खुद को फ़्री और रिलैक्स्डरखें. चाहें तो म्यूज़िक सुनें.नया हेयर कट, नया हेयर स्टाइल या फिर हेयर कलर न करवाएं. आपका पूरा लुक ख़राब हो सकता है.इस दिन फेशियल न कराएं, वर्ना स्किन पर ऑइल नज़र आएगा, फेशियल शादी से तीन-चार दिन पहले कराएं.नया प्रोडक्ट ट्राई न करें वर्ना एलर्जी या कुछ और समस्या हो सकती है. शादी वाले दिन वैक्सिंग न करवाएं, कुछ दिन पहले ही ये काम करवा लें, वर्ना स्किन पर रैशेज़ या अन्य समस्या होसकती है. पिंपल की समस्या है तो उसको हटाने के चक्कर में बहुत ज़्यादा ट्रीटमेंट न करें, वर्ना वो और ज़्यादा उभर जाएगा.नींद पूरी लें. दिन में सोने से बचें लेकिन आराम ज़रूर करें. तनाव से बचें, माना शादी को लेकर एक घबराहट होती ही है लेकिन बहुत ज़्यादा न सोचें वर्ना चेहरे पर और आंखोंके आसपास सूजन या भारीपन दिखाई देगा. हेवी खाना खाने से बचें, बदहज़मी या पेट ख़राब हो सकता है. घरेलू फेस पैक या कोई नुस्ख़ा न आज़माएं. बेहतर होगा आज के दिन स्किन को नेचुरल रखें, ब्रीद करने दें.दूल्हे को भी ध्यान देना होगा कि शादी वाले दिन बहुत ज़्यादा दोस्तों से ही न घिरे रहें. ख़ुशी, उत्साह या किसी के उकसाने से शराब का सेवन न करें. ये आपकी ज़िंदगी का हसीन दिन है, इसे होश मेंरहकर एंजॉय करें और हो सकता है शराब ज़्यादा हो जाए तो नशे में आपसे क्या गलती हो जाए, होनेवाली पत्नीऔर उसके घरवालों को भी ये बात पसंद न आए. बहुत ज़्यादा बात न करें यानी ओवरफ्रेंडली न हों. अगर आपकी लव मैरिज है तब भी होनेवाले पति या पत्नी केदोस्तों, रिश्तेदारों या ऑफ़िस कलीग से बहुत ज़्यादा हंस-हंसकर या बेपरवाह होकर बातें न करें, क्योंकि हो सकताहै आपका पार्टनर खुले विचारों का हो लेकिन उनके परिवार या रिश्तेदार कुछ ग़लत राय बना लें आपके बारे में. अपने होनेवाले ससुराल की बुराई न करें, न ही अपनी बड़ाई करके उनमें कमियां निकालें.गंदे जोक्स करने से बचें.फ़ैशन के चक्कर में कुछ ऐसा पहनने से बचें जो आपके लिए असुविधाजनक हो. ओवर मेकअप न करें और न करने दें. अपना लुक कुछ दिन पहले ही फ़ाइनल कर लें और उसमें लास्ट मिनट चेंजेसन करें. शादी के दिन आपको खूबसूरत लगने का हक है लेकिन उस चक्कर में खुद को बहुत ज़्यादा लीप-पोत न लें. बहुत ज़्यादा हाई हील्स न पहनें, उससे असुविधा तो होगी ही, आपके गिरने का भी डर बना रहेगा. पैसों को लेकर इस दिन कोई बात न करें. शादी के दिन पार्टनर्स एक-दूसरे को सहज महसूस कराएं, हावी होने की कोशिश न करें. अपने ससुरालवालों को लेकर मन कोई धारणा बनाकर न रखें. साफ़ मन से सबको अपनाएं. पूर्वाग्रहों से बचें, शादी के दिन किसी का व्यवहार देख कर उसके बारे में वही धारणा न बना लें. रिश्तों को वक़्त देना पड़ता है इस सोच के साथ मंडप में बैठें. शादी वाले दिन ससुराल पहुंचते ही शिकायतें न करें कि यहां ये सुविधा नहीं या इस चीज़ की कमी है. ठीक इसीतरह लड़के भी अपने ससुरालवालों को ये न जताएं कि वो उनकी बेटी के साथ शादी करके उनपर कोई एहसान कररहे हैं. बेहतर होगा विनम्रता से सारी रस्में निभाएं. शादी की रात ही सेक्स हो इस बात को दिमाग़ से निकाल दें. शादी की थकान के चलते एक-दूसरे को आराम करनेदें. बात करें और सकारात्मक रहें.एक-दूसरे के शादी के पहले के अफ़ेयर या दोस्तों को लेकर कुछ न पूछें. अगर आपकी अरेंज मैरिज है तो पार्टनर के साथ एक ही दिन में ओवर फ्रेंडली या बहुत ज़्यादा खुलने की गलती नकरें, पहले पार्टनर के स्वभाव को ठीक से जान-समझ लें. वर्ना हो सकता है वो आपके बारे में कोई ग़लत राय बनालें.अगर आपको कोई परेशानी महसूस हो रही है तो उसे ज़रूर विनम्रता से अपने पार्टनर को बताएं. इससे उन्हें लगेगाकि आप उन पर विश्वास करते हैं और उन्हें पूरी तरह से अपना मान चुके हैं.शादी वाले दिन माना हल्की बातें नहीं करनी चाहिए लेकिन उसका ये मतलब भी नहीं कि धीर-गंभीर बनें रहें, इससे येलगेगा कि आपका स्वभाव ही ऐसा है या फिर आप इस शादी से खुश नहीं.आपके चेहरे व स्वभाव में परिपक्वता दिखनी चाहिए लेकिन आप बोझिल या बुझे-बुझे न दिखें. प्यारी मुस्कान होंठों पर रहे, आंखों में ख़ुशी झलके, शांत मन-मस्तिष्क और सकारात्मक सोच के साथ अपने इसदिन का स्वागत करें. हां, अगर आपको कुछ खटक रहा है और लगे कि आपका चुप रहना सही नहीं, तो खुद को न रोकें. कुछ ग़लत हो रहा हो तो लोकलाज के चक्कर में बलि का बकरा न बनें, किसी तरह का कोई कन्फ़्यूज़न हो तो मन मेंदुविधा रखकर शादी के मंडप में न बैठें, पहले उस दुविधा को दूर करें. होनेवाले पार्टनर से बात करें या अपने घरवालोंसे. शादियों में अक्सर छोटी-बड़ी ग़लती या कमी रह ही जाती है, उन कमियों को आधार बनाकर बखेड़ा न खड़ा करें. सहयोगपूर्ण रवैया अपनाएं. इससे आगे चलकर आपका ही मान बढ़ेगा. आज मेरी शादी है तो मेरी बात तो सबको माननी ही होगी, इस एटिट्यूड के साथ न रहें… आज तो मैं मनमानी करसकता या कर सकती हूं, जो मांगू वो मिलना चाहिए या पैरेंट्स को देना ही पड़ेगा वर्ना मैं शादी ही नहीं करूंगा याकरूंगी… इस मानसिकता से जितना दूर रहेंगे उतना आपके भविष्य ke लिए सही होगा. ये सोच न सिर्फ़ आपकेघरवालों बल्कि आगे चलकर आपके पार्टनर और ससुरालवालों को भी नागवार गुज़रेगी और इसका असर आपकेरिश्ते पर पड़ेगा.शादी के बाद कुछ समझौते करने पड़ते हैं और थोड़े बदलावों से गुज़रना पड़ता है, इस सत्य को बहुत ही सहजता सेअपनाएं, इसे तनाव या हौवा बनाकर आज के दिन को भी तनावपूर्ण न बना लें. अपना दिल बड़ा रखें, सही सोच के साथ अपनी मानसिक दशा को भी सही रखें और इस दिन को अपने व अपनों के लिए यादगार बनाएं. सिल्की शर्मा  यह भी पढ़ें: 65+ टिप्स: रिश्ता टूटने की नौबत आने से पहले…

पहला अफ़ेयर: आख़िरी मुलाक़ात (Pahla Affair… Love Story: Akhri Mulaqat)

“काजल तू यहां क्या कर रही है? आज शाम को तो शशि जा रहा है न फिर से ड्यूटी जॉइन करने, उसके साथ होना चाहिएतुझे. आख़िर शादी होने वाली है तुम दोनों की… वैसे भी शशि न सिर्फ़ तेरे भइया के साथ फ़ौज में था, उनका दोस्त था, बल्कि तेरा प्यार भी तो है.” “नहीं भाभी, मुझे शशि से बात नहीं करनी और ना ही शादी, उसके लिए उसका काम ही सब कुछ है…” “काजल इतनी सी बात के लिए ऐसा नाराज़ नहीं होते… मैं बस इतना कहूंगी कि प्यार भरे पलों को यूं व्यर्थ की बातों मेंबर्बाद मत करो, उनको जितना हो सके समेट लो, वक़्त का कोई भरोसा नहीं, न जाने फिर कभी किसी को मौक़ा दे, नदे…” काजल से बात करते हुए मैं पुराने दिनों की यादों में खो गई…  मैं और काजल बचपन के साथी थे. हम साथ ही कॉलेज के लिए निकलते थे. रोज़ की तरह आज भी मैं काजल के घर गईतो दरवाज़ा खुलते ही एक बेहद आकर्षक लड़का मेरे सामने था. मैं एक पल के लिए तो सकपका गई, फिर पूछा मैंने- “जीवो काजल?” “काजल पास के मेडिकल स्टोर पर गई है अभी आती होगी. अंदर आ जाओ.” मैं भीतर चली गई, घर में कोई नहीं था. इतने में ही आवाज़ आई- “तुम ख़ुशबू हो ना?” “हां, और आप विनोद?” “अरे वाह! बड़ी जल्दी पहचान लिया, दरवाज़े पर तो ऐसे खड़ी थी जैसे कि भूत देख लिया हो…” “नहीं वो इतने टाइम के बाद आपको देखा… काफ़ी बदल गए हो.” “हां, क्या करें, फ़ौजी हूं, पोस्टिंग होती रहती है, तो यहां आना ही कम होता है, फ़िलहाल बॉर्डर पर हूं. वैसे बदल तो तुम भी गई हो, मेरा मतलब कि काफ़ी खूबसूरत हो गई हो.” मैं झेंप गई और इतने में ही काजल भी आ गई थी. “ख़ुशबू विनोद भइया से मिलीं?” “हां काजल, चल अब कॉलेज के लिए देर हो रही है.” कॉलेज से आने के बाद मैं बचपन के दिनों में खो गई. विनोद, काजल और मैं बचपन में साथ खेला करते थे. विनोद हमसे बड़े थे थोड़ा, लेकिन हमारी खूब पटती थी. उसके बाद विनोद डिफेंस फ़ोर्स में चले गए और उनसे मुलाक़ातें भी ना केबराबर हुईं. लेकिन आज विनोद को एक अरसे बाद देख न जाने मन में क्यों हलचल सी हो गई. …

रिश्तों के डूज़ एंड डोंट्स: क्या करें, क्या न करें ताकि रिश्ता बना रहे… (Relationship Ideas: Do’s & Don’ts For A Happy-Successful Marriage)

रिश्तों को बनाए रखना और निभाना भी एक कला है. जिसने इसे समझ लिया, उसने रिश्तों को संभाल लिया. आप…

पहला अफेयर: अलविदा! (Pahla Affair… Love Story: Alvida)

क्या अब भी कोई उम्मीद बाक़ी है तुम्हारे आने की? क्या अब भी कोई हल्की सी गुंजाइश बची है हमारी मोहब्बत की? क्योंआज भी हर आहट पर धड़क उठता है मेरा दिल, क्यों आज भी रह-रहकर ये महसूस होता है कि तुम हो, कहीं आसपास हीहो… लेकिन बस निगाहों से न जाने क्यों ओझल हो!  सात बरस गुज़र गए जय तुमको मेरी ज़िंदगी से गए हुए लेकिन मैं आज भी, अब भी उसी मोड़ पर रुकी तुम्हारा इंतज़ार कररही हूं… एक छोटी-सी बात पर यूं तनहा छोड़ गए तुम मुझे! मैं तो अपने घर भी वापस नहीं जा सकती क्योंकि सबसेबग़ावत करके तुम्हारे संग भागकर शादी जो कर ली थी मैंने. शुरुआती दिन बेहद हसीन थे, हां, घरवालों की कमी ज़रूरखलती थी पर तुम्हारे प्यार के सब कुछ भुला बैठी थी मैं. लेकिन फिर धीरे-धीरे एहसास हुआ कि तुम्हारी और मेरी सोच तोकाफ़ी अलग है. तुमको मेरा करियर बनाना, काम करना पसंद नहीं था, जबकि मैं कुछ करना चाहती थी ज़िंदगी में.  बस इसी बात को लेकर अक्सर बहस होने लगी थी हम दोनों में और धीरे-धीरे हमारी राहें भी जुदा होने लगीं. एक दिनसुबह उठी तो तुम्हारा एक छोटा-सा नोट सिरहाने रखा मिला, जिसमें लिखा था- जा रहा हूं, अलविदा!… और तुम वाक़ई जा चुके थे…  मन अतीत के गलियारों में भटक ही रहा था कि डोरबेल की आवाज़ से मैं वर्तमान में लौटी!  “निशा, ऑफ़िस नहीं चलना क्या? आज डिपार्टमेंट के नए हेड आनेवाले हैं…” “हां रेखा, बस मैं तैयार होकर अभी आई…” ऑफिस पहुंचे तो नए हेड के साथ मीटिंग शुरू हो चुकी थी… मैं देखकर स्तब्ध थी- जय माथुर! ये तुम थे. अब समझ मेंआया कि जब हमें बताया गया था कि मिस्टर जे माथुर नए हेड के तौर पर जॉइन होंगे, तो वो तुम ही थे. ज़रा भी नहीं बदले थे तुम, व्यक्तित्व और चेहरे पर वही ग़ुरूर!  दो-तीन दिन यूं ही नज़रें चुराते रहे हम दोनों एक-दूसरे से, फिर एक दिन तुम्हारे कैबिन में जब मैं अकेली थी तब एक हल्कीसे आवाज़ सुनाई पड़ी- “आई एम सॉरी निशा!” मैंने अनसुना करना चाहा पर तुमने आगे बढ़कर मेरा हाथ पकड़ लिया- “मैं जानता हूं, ज़िंदगी में तुम्हारा साथ छोड़कर मैंनेबहुत बड़ा अपराध किया. मैं अपनी सोच नहीं बदल सका, लेकिन जब तुमसे दूर जाकर दुनिया को देखा-परखा तो समझआया कि मैं कितना ग़लत था, लड़कियों को भी आगे बढ़ने का पूरा हक़ है, घर-गृहस्थी से अलग अपनी पहचान औरअस्तित्व बनाने की छूट है. प्लीज़, मुझे माफ़ कर दो और लौट आओ मेरी ज़िंदगी में!” “क्या कहा जय? लौट आओ? सात साल पहले एक दिन यूं ही अचानक छोटी-सी बात पर मुझे यूं अकेला छोड़ तुम चलेगए थे और अब मुझे कह रहे हो लौटने के लिए? जय मैं आज भी तुम्हारी चाहत की गिरफ़्त से खुद को पूरी तरह मुक्त तोनहीं कर पाई हूं, लेकिन एक बात ज़रूर कहना चाहूंगी कि तुमने मुझसे अलग रहकर जो भी परखा दुनिया को उसमें तुमने येभी तो जाना ही होगा कि बात जब स्वाभिमान की आती है तो एक औरत उसके लिए सब कुछ क़ुर्बान कर सकती है. तुमनेमेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई और अपनी सुविधा के हिसाब से मेरी ज़िंदगी से चले गए वो भी बिना कुछ कहे-सुने… औरआज भी तुम अपनी सुविधा के हिसाब से मुझे अपनी ज़िंदगी में चाहते हो!  मैं ज़्यादा कुछ तो नहीं कहूंगी, क्योंकि तुमने भी जाते वक़्त सिर्फ़ अलविदा कहा था… तो मैं भी इतना ही कहूंगी- सॉरीबॉस!” इतना कहकर मैं वहां से चली आई. ऐसा लगा मानो बरसों का एक बोझ जो सीने और अपने अस्तित्व पर रखा था वो उतरगया हो… अब सब कुछ साफ़ था और बेहद हल्का, क्योंकि बरसों पुराना मेरा इंतज़ार अब ख़त्म हो चुका था, ज़िंदगी की नई राह अब मेरा इंतज़ार कर रही थी!  - रिंकी शर्मा…

पहला अफेयर: अधूरा प्यार, मुकम्मल एहसास! (Pahla Affair, Love Story: Adhura Pyar, Mukammal Ehsaas)

ये भीगता मौसम, ये बरसती फ़िज़ा… मन के किसी कोने में तुम्हारी यादों की सोंधी महक को फिर हवा दे जाते हैं… जब-जब ये बारिश होती है, तन के साथ-साथ मन को भी भिगो देती है… कैसी अजीब सी कशिश थी तुम्हारी उस सादगी में भी, कैसी रूमानियत थी तुम्हारी आंखों की उस सच्चाई में भी… मेरा पहला जॉब वो भी इतने बड़े बैंक में. थोड़ा डर लग रहा थालेकिन तुमने मुझे काफ़ी कम्फ़र्टेबल फील कराया था. हर वक्त मेरी मदद की और न जाने कैसे धीरे-धीरे एक दिन अचानक मुझे ये एहसास हुआ कि कहीं मैं प्यार में तो नहीं?  कुछ दिन अपने दिल को समझने और समझाने में ही बीत गए और उसके बाद मैंने निर्णय ले लिया कि तुमसे अपनीफ़ीलिंग्स का इज़हार कर दूंगी क्योंकि घर में भी मेरी शादी को लेकर बात चलने लगी थी.  मैंने देर करना ठीक नहीं समझा और कहीं न कहीं मुझे भी ये लगने लगा था कि तुम्हारा भी खिंचाव और लगाव है मेरीतरफ़. मैंने लंच में तुमसे बिना झिझके साफ़-साफ़ अपने दिल की बात कह दी. तुमने भी बड़े सहज तरीक़े से मुझसे कहाकि तुम भी मुझसे प्यार करने लगे हो लेकिन एक सच है जो तुम मुझे बताना चाहते हो, लेकिन शाम को फ़ुर्सत में…  ‘निशांत, कहो क्या कहना चाहते हो?’ ‘निधि मैंने तुमको अपने घर इसलिए बुलाया कि बात गंभीर है और मैं तुमको अंधेरे में नहीं रखना चाहता. निधि ये तस्वीर मेरी 3 साल की बेटी किट्टू की है.’  ‘तुम शादीशुदा हो? तो तुमने मुझे अपने घर क्यों बुलाया? तुम्हारी पत्नी और बेटी कहां हैं?’ ‘निधि, यही सब बताने के लिए तो बुलाया है तुम्हें! मेरी पत्नी और मैं अलग रहते हैं. हमने तलाक़ का फ़ैसला लिया है. किट्टू भी राधिका के साथ ही है. मेरी पत्नी राधिका को मेरी सादगी और सहजता पसंद नहीं थी. उसको शुरू से लगता था कि मैंऔरों की तरह स्मार्ट नहीं. उसकी ख्वाहिशें भी बहुत बड़ी थीं जो मैं पूरी न कर सका, इसलिए हमने अलग होने का फ़ैसला किया है.’ ‘निशांत मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं, मैं तुमसे बेहद प्यार करती हूं और तलाक़ तक तो क्या, ताउम्र तुम्हारा इंतज़ार कर सकती हूं!’  इसके बाद सब कुछ ठीक चल रहा था, मेरी शामों में रूमानियत घुलने लगी थी, दिन रंगीन हो ही रहे थे कि निशांत ने बताया उसकी बेटी किट्टू बहुत बीमार है और राधिका वापस घर लौट आई है क्योंकि किट्टू अपने मम्मी-पापा दोनों के साथ रहना चाहती थी. किट्टू की रिपोर्ट्स से पता चला कि उसको ब्रेन ट्यूमर है और सर्जरी करनी पड़ेगी, जो काफ़ी रिस्की है!  मैंने निशांत को कहा कि फ़िलहाल वो किट्टू पर ध्यान दे.  ‘क्या बात है निशांत, तुम इतने उलझे-उलझे क्यों रहते हैं इन दिनों? किट्टू ठीक हो जाएगी, ज़्यादा सोचो मत!’ ‘निधि किट्टू की फ़िक्र तो है ही लेकिन एक और बात है, राधिका काफ़ी बदल गई है. उसका कहना है कि किट्टू हम दोनों केसाथ रहना चाहती है और उसकी ख़ातिर वो खुद को बदलना चाहती है, लेकिन मैंने उसे अपने और तुम्हारे रिश्ते के बारे मेंबता दिया है, राधिका को कोई आपत्ति नहीं, पर किट्टू की ज़िद का क्या करूं. वो बस यही कहती है कि उसको मम्मी-पापा दोनों के साथ रहना है!…

रिश्तों को लेंगे कैज़ुअली, तो हो जाएंगे रिश्ते कैज़ुअल ही… ऐसे करें अपने रिश्तों को रिपेयर! (Relationship Repair: Simple Ways To Rebuild Trust & Love In Your Marriage)

क्या आपको याद है आपने अपने अपनों के लिए आख़िरी बार कब और क्या स्पेशल किया था? क्या आपको याद…

रिश्तों को पाने के लिए कहीं ख़ुद को तो नहीं खो रहे आप? (Warning Signs & Signals That You’re Losing Yourself In A Relationship)

कोई भी रिश्ता हो, वो कुछ न कुछ चाहता है, कुछ वादे, कुछ सपने, कुछ शर्तें, तो कुछ सामंजस्य व…

रूटीन हो गए रिश्ते, तो बदलें रिश्तों का रूटीन… (Relationship Goals: Smart Ways To Kill Routine And Revive Your Romance)

क्या आपके रिश्ते में भी ऐसा मोड़ आ गया है कि आपको उनसे ऊब-सी होने लगी है? क्या ऐसा लगता…

रिश्तों में बोले गए कुछ झूठ बना सकते हैं आपके रिश्ते को मज़बूत! (Lying In Relationships: 15 Good Lies To Tell Your Partner For Happy And Strong Relationship)

रिश्तों का दूसरा नाम सच्चाई और ईमानदारी है और ऐसे में अगर हम यह कहेंगे कि झूठ बोलने से आपके रिश्ते मज़बूत हो सकते हैं तो आपको लगेगा ग़लत सलाह से रहे हैं, लेकिन यहां हम ऐसे झूठ की बात कर रहे हैं जिनसे किसी का नुक़सान नहीं होगा बल्कि सुनने वालों को ये झूठ बेहद पसंद आएगा.  अगर आपकी पत्नी आपसे पूछती है कि क्या मैं पहले से मोटी हो गई हूं तो भले ही यह सच हो कि उनका वज़न बढ़ा हो पर आप कह सकते हैं कि बिल्कुल नहीं, तुम मोटी नहीं हेल्दी हो और पहले से ज़्यादा ख़ूबसूरत लगती हो.इसी तरह अगर आपकी पत्नी पूछे कि यह रंग मुझपर कैसा लग रहा है तो अगर आप कहेंगे कि अच्छा नहीं लग रहामत पहनो तो उनको चिढ़ होगी, बेहतर होगा आप कहें यह तो खूब फब रहा है लेकिन अगर इसकी जगह ये वालापहनोगी तो और भी हसीन लगोगी.अगर पति ने कुछ बनाकर खिलाने की कोशिश की है और स्वाद उतना अच्छा नहीं बन सका तो भी आप ज़रूर कहेंकि कोशिश तो क़ाबिले तारीफ़ है, अगली बार इसमें थोड़ा सा ये मसाला भी ट्राई करना तो टेस्ट कुछ अलग होगा.अगर आपको पति का फ़ोन पर ज़ोर ज़ोर से बात करना नहीं भाता तो सीधे आवाज़ कम करने या यह कहने के कि कितना ज़ोर से बोलते हो, यह कहें- तुम्हारी धीमी आवाज़ बेहद हस्की और सेक्सी साउंड करती है, फिर देखिए अगली बार से वो खुद ही धीमा बोलेंगे.अगर आपको पति का किसी काम में हस्तक्षेप पसंद नहीं या उनके काम करने का तरीक़ा आपको पसंद नहीं तो यहना कहें कि तुम्हें नहीं आता तो मत करो, बल्कि यह कहें कि तुमने पहले ही इतनी मदद कर दी, तो अब यह काम मुझेकरने दो या कहें कि तुम वो वाला काम कर दो क्योंकि वो तुम मुझसे बेहतर करोगे और मैं यह कर लेती हूं... या आप यह भी कह सकती हैं कि तुम थक गए होगे तो तुम आराम कर लो बाक़ी मैं संभाल लेती हूं.अगर पतिदेव की तोंद निकल गई हो तो उनको ताना ना दें और ना ही उनके किसी दोस्त से उनकी तुलना करें बल्किकहें कि कुछ दिन मैं डायटिंग करने की सोच रही हूं अगर आप भी साथ देंगे तो मुझे मोटिवेशन मिलेगा, इसलिए प्लीज़ मुझे फिट होने में मेरी मदद करो और मैं फिट रहूंगी तो आपको भी तो अच्छा लगेगा ना. इसी तरह अगर पति को लगे कि पत्नी को डायटिंग की ज़रूरत है तो किसी पड़ोसन का उदाहरण देने से बेहतर है किआप कहें कि मेरे कपड़े थोड़े टाइट हो रहे हैं इसलिए सुबह जॉगिंग करने की और डायटिंग की सोच रहा है लेकिन तुम्हें मेरा साथ देना होगा. कभी कभी एक दूसरे की झूठी तारीफ़ में क़सीदे कस दिया करें इससे आप दोनों को ही अच्छा लगेगा. सिर्फ़ पार्टनर ही नहीं, बाक़ी घरवालों के साथ भी थोड़ा बहुत अच्छावाला झूठ बोलने में हर्ज़ नहीं, इससे उन्हें बेहतरफ़ील होगा जिससे वो खुश रहेंगे और रिश्ते भी मज़बूत होंगे.अगर पतिदेव बच्चों की तरफ़ ज़्यादा ध्यान नहीं देते या ज़िम्मेदारी से बचते हैं तो उनसे कहें कि बच्चे अक्सर बोलते हैंकि मुमकिन आपको तो कुछ नहीं आता, पापा ज़्यादा इंटेलीजेंट लगते हैं, इसलिए कल से हम उनसे ही पढ़ेंगे, ऐसाकहने से पतिदेव बच्चों के प्रति ज़िम्मेदारी ज़्यादा ख़ुशी से निभाएंगे और इससे बच्चों के साथ उनकी बॉन्डिंग भी स्ट्रॉंगहोगी. साथ ही आपका एक काम कम हो जाएगा.अगर आपकी पत्नी और आपकी मां की बनती नहि तो पत्नी से कहें कि मां अक्सर तुम्हारे काम और खाने की तारीफ़करती हैं, मां कहती हैं कि बेचारी दिनभर काम में लगी रहती है, थोड़ा भी आराम नहीं मिलता उसको और मैं भी कुछना कुछ बोलती ही रहती हूं लेकिन वो सब सह लेती है. इसी तरह अपनी मां को भी कहें कि आपकी बहू अक्सर कहती है कि काश मैं भी मम्मी जैसा टेस्टी खाना बना पाती, उनके हाथों में जो स्वाद है वो मेरे में नहीं, वो हर काम सलीके से करती हैं. ऐसी बातों से दोनों के मन में एक दूसरे केप्रति सकारात्मक भाव जागेगा और कड़वाहट दूर होगी.अगर पत्नी को लगता है कि पति और पत्नी के घरवालों की ज़्यादा नहीं बनती तो पत्नी जब भी मायके से आए तोकहे कि मम्मी-पापा हमेशा कहते हैं कि दामाद के रूप में उन्हें बेटा मिल गया है, कितना नेक है, बेटी को खुश रखताहै और किसी तरह की कोई तकलीफ़ नहीं देता वरना आज के ज़माने में कहां मिलते हैं ऐसे लड़के.दूसरी तरफ़ अपने मायकेवालों से कहें आप कि वो हमेशा हमारे घर के संस्कारों की तारीफ़ करते हैं कि तुम्हारे मम्मीपापा ने इतने अच्छे संस्कार दिए हैं कि तुमने मेरा पूरा घर इतने अच्छे से संभाल लिया. इन सबसे आप सभी के बीचतनाव काम और प्यार ज़्यादा बढ़ेगा.इसके अलावा एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि शादी के शुरुआती दौर में कभी भी अपने डार्क सीक्रेट्स किसी सेभी शेयर ना करें, अपने अफ़ेयर्स या फैंटसीज़ आदि के बारे में पार्टनर को जोश जोश में बता ना दें. बाद में भी भले हीआप दोनों में अटूट विश्वास हो पर ये बातें कभी साझा ना करें. पार्टनर भले ही अलग अलग तरीक़ों से पूछने कीकोशिश भी करे तब भी यहां आपके द्वारा बोला गया झूठ आपके रिश्ते को बिगड़ने से बचा सकता है! पिंकु शर्मा

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