ये Powerful Remedies आपको दिला सकती हैं साइनस से Permanent निजात( Powerful Remedies To Get Rid Of Sinus)

कुछ लोगों को हमेशा सर्दी-जुकाम की शिकायत रहती है लेकिन इनमें से ज़्यादातर मामले साइनोसाइटिस यानी साइनस (Get Rid Of Sinus) के होते हैं. सबसे…

कुछ लोगों को हमेशा सर्दी-जुकाम की शिकायत रहती है लेकिन इनमें से ज़्यादातर मामले साइनोसाइटिस यानी साइनस (Get Rid Of Sinus) के होते हैं. सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि यह क्या है? दरअसल, हमारे सिर में बहुत-से छेद होते हैं. ये हमारे सिर को हल्का बनाए रखने और सांस लेने में मदद करते हैं. इन छेदों को साइनस कहते हैं. अगर इन छेदों में कफ भर जाता है तो सांस लेने में परेशानी होने लगती है. इस समस्या को ही साइनोसाइटिस कहते हैं. आम बोलचाल में इसे साइनस भी कहा जाता है. हर साल बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आते हैं. इस बीमारी में पहले जुकाम और प्रदूषण की वजह से गले में खिचखिच पैदा होती है. इसी के साथ नाक बंद होना, नाक बहना और बुखार जैसी शिकायतें होने लगती हैं. अगर ये लक्षण कई दिनों तक बने रहें तो ये एक्यूट साइनस हो सकता है. अगर यह समस्या बार-बार होने लगे या तीन महीने से ज्यादा समय तक बनी रहे तो यह क्रॉनिक साइनस हो सकता है.

क्यों होता है?


सांस लेने में रुकावट, नाक की हड्डी का बढ़ना और तिरछा होना, एलर्जी होना इसकी आम समस्या है यानी किसी भी कारण से साइनस के संकरे प्रवेश मार्ग में अगर रुकावट आ जाती है तो साइनस होता है. इसके अलावा कई बार खोखले छेदों में कफ भर जाता है, जिससे साइनस बंद हो जाते है. साथ ही, इन्फेक्शन के कारण साइनस की झिल्ली में सूजन आ जाती है. इस वजह से सिर, माथे, गालों और ऊपर के जबड़े में दर्द होने लगता है. यह बीमारी खराब लाइफस्टाइल की वजह से नहीं होती. जो ज्यादा समय प्रदूषण में रहते हैं या फिर लकड़ी संबंधी काम करते हैं, उनको साइनस होने का खतरा ज़्यादा होता है.

लक्षण
– सिर में दर्द और भारीपन
– आवाज़ में बदलाव
– बुखार और बेचैनी
– आंखों के ठीक ऊपर दर्द
– दांतों में दर्द
– सूंघने और स्वाद की शक्ति कमज़ोर होना
– बाल सफेद होना
– नाक से पीला लिक्विड गिरने की शिकायत

साइनस की पहचान?
जुकाम अक्सर अपना पूरा वक्त लेकर ही ठीक होता है. यह ज़्यादा-से-ज़्यादा एक हफ़्ते में ठीक हो जाता है, हालांकि तीसरे-चौथे दिन से जुकाम की तीव्रता कम होने लगती है. लेकिन अगर जुकाम एक या दो दिन में ही बहते-बहते अचानक रुक जाए या अपने आप ठीक हो जाए तो हो सकता है कि जुकाम बाहर न निकलकर अंदर ही जम गया है जोकि आगे चलकर साइनस बन सकता है. अगर जुकाम करीब एक हफ्ता रहे और अपना पूरा टाइम लेकर ठीक हो तो मरीज को आगे जाकर साइनस होने का खतरा नहीं होता, क्योंकि कफ आदि नाक के जरिए बाहर निकल जाता है लेकिन अगर बार-बार जुकाम हो और वह दो-तीन दिन में अपने आप ही ठीक हो जाए, बहे नहीं या दवा लेकर उसे रोक दिया जाए तो वह साइनस बन जाता है.

ऐसे करें बचाव (Sinus Treatment)
– एलर्जी से बचने के लिए बहुत ज्यादा भारी-भरकम और गद्देदार फर्नीचर से परहेज करें. अपने तकियों, बिस्तरों और कारपेट की नियमित सफाई करें. गलीचों और पायदानों की सफाई का भी ध्यान रखें. परफ्यूम आदि की गंध से दूर रहें. एयर पलूशन से बचें.
– अपने घर के वेंटिलेशन सिस्टम को सुधारें. जहां तक हो सके, घर की खिड़कियां खोलकर हवा को आर-पार जाने दें.
– जिन लोगों को जुकाम या कोई दूसरा वायरल इंफेक्शन हो, उनके संपर्क में जाने से बचें.
– बहुत ज़्यादा या बहुत कम तापमान में न रहें. तापमान में अचानक आने वाले बदलाव से बचें.
– तनाव से दूर रहें. तनाव के कारण शरीर की रक्षा करनेवाले सफेद सेल कमजोर पड़ जाते हैं.
– स्वीमिंग से बचें. अगर स्वीमिंग करनी ही हो तो नाक को ढक लें. ध्यान रखें कि स्वीमिंग के पानी में क्लोरीन जरूर हो.
– नमक के पानी से अपनी नाक की सफाई करें.
– सफाई का खास ख्याल रखें. बैक्टीरियल और वायरल इन्फेक्शन से बचें. अपने हाथों को हमेशा साबुन से साफ करें.
– रोजाना 8-10 गिलास पानी पीएं.
– सुबह उठते ही चाय या गर्म पानी पीएं. गर्म चीजें पीने से नाक या गले में बलगम जमा नहीं होता.

 

क्या है इलाज?
स्टीम
बारी-बारी से नाक के दोनों नथुने साफ करें. पानी उबालें और डॉक्टर की बताई दवाई डालकर पंखे बंद कर कपड़ा ढककर नाक और मुंह से लंबी-लंबी सांस 8-10 मिनट तक लें. इसके बाद 20 मिनट तक हवा में न जाएं. सिंपल ताजे साफ़ पानी से भांप लेना ज्यादा अच्छा रहता है. किसी भी नेज़ल स्प्रे का खुद से बिल्कुल इस्तेमाल न करें. डॉक्टर की सलाह से ही स्प्रे यूज करें. सलाइन वॉटर यानी नमक के पानी का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है.

दवाएं
साइनस के इलाज के लिए दवा लेना भी जरूरी होता है, लेकिन कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें. डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा लेना काफी नुकसान पहुंचा सकता है और आप मुश्किल में पड़ सकते हैं इसलिए बीमारी पता चलते ही डॉक्टर से मिलें. नाक में कोई भी स्प्रे आदि का इस्तेमाल डॉक्टर से पूछ कर ही करें. शुरुआती दौर में दवाओं से साइनस का इलाज मुमकिन है, लेकिन अगर समय रहते इलाज नहीं कराते तो ऑपरेशन की नौबत आ सकती है.

ये आज़माएं  
– 1 चम्मच सितोपलादि और आधा चम्मच तालीसादि चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम गरम पानी से एक हफ्ते लें.
– आधे चम्मच मधुयस्ती चूर्ण को आधे चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम एक हफ्ते तक लें.
– सोने से पहले नाक में गाय के घी की दो-दो बूंदें तीन दिन तक डाले्ं। पिघले घी को ही नाक में डालें.

योग से होगा फायदा
– सुबह उठकर 1 से 2 मिनट जल नेति
– पृष्ठचालन आसन 2 से 3 बार
– शलभासन 2 से 3 बार
– धनुर्रासन 2 से 3 बार
– मंडूकासन 2 से 3 बार
– लिंग मुद्रा 2 से 3 बार
– कुंजल क्रिया 2 से 5 मिनट
– कपालभाति 5 से 7 मिनट
– महावीर आसन 2 से 3 बार
– वीर आसन 2 से 3 बार
– अनुलोम-विलोम प्राणायाम 2 से 5 मिनट
– भस्त्रिका प्राणायाम 2 से 5 मिनट
– इसके बाद 2 से 5 मिनट ध्यान में बैठें या 2 से 5 मिनट तक शवासन करें.
– पानी को उबालकर ठंडा करके उससे नेति क्रिया करें. नेति क्रिया किसी योग गुरु की देखभाल में दिन में एक बार और एक महीने तक करें. बिना एक्सपर्ट के न करें.
– ये सभी योग क्रियाएं सुबह खाली पेट करें और शाम को करना चाहते हैं तो डिनर से 2 से 3 घंटे पहले या लंच के चार घंटे बाद करें.

क्या खाएं


– खजूर, किशमिश, सेब, सोंठ, अजवायन, हींग, लहसुन, लौकी, कद्दू, मूंग के अलावा ताजा सब्जियों का सूप पीएं.
– सुबह खाने से पहले या खाने के बाद रोज एक आंवला खाएं.
– रोजाना एक चम्मच च्यवनप्राश खाएं.
– हल्के गुनगुने पानी से नहाएं.


-10 से 15 तुलसी के पत्ते, 1 टुकड़ा अदरक और 10 से 15 पत्ते पुदीने के ले्ं। सबको पीसकर एक गिलास पानी में उबाल लें. जब पानी उबलकर आधा रह जाए तो उसे छान लें और स्वाद के अनुसार शहद मिलकार पीएं. इसे पूरे दिन में दो बार (सुबह खाने के बाद और रात को सोने से पहले) पीने से साइनस में आराम मिलता है.

क्या न खाएं
बासी खाना, गन्ने का रस, दही, चावल, केला, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, फ्रिज का ठंडा दूध, चॉकलेट, तीखा खाने से बचें. ठंडी हवा में ज्यादा न घूमें या नाक और मुंह को ढककर रखें.

ये भी मददगार
हल्दी और अदरक की चाय
अगर आप साइनस से तुरंत राहत पाना चाहते हैं तो हल्दी और अदरक से बनी चाय का सेवन करें. हल्दी में कई औषधीय गुण होते हैं और इसमें मौजूद तत्व जलन भी कम कर सकते हैं, जिससे किसी भी तरह की एलर्जी और चिड़चिड़ेपन को दूर किया जा सकता है. अदरक नाक को खोलने में आपकी मदद करती है और अंदर की गंदगी को साफ करती हैं. एक इंच हल्दी और एक इंच अदरक को पीसकर एक कप उबलते गर्म पानी में डाल दें और ढक्कन लगा लें. इसे 10 मिनट तक आंच पर रखें और फिर छान लें. इस चाय का सेवन करने से आपको साइनस के दर्द से छुटकारा मिलेगा.

घर का वातावरण साफ रखें
धूल, मिट्टी के महीन कण, पशुओं के बाल, फफूंद आदि हवा में रहने वाले ऐसे तत्व हैं, जिन्हें साइनस का बड़ा कारण माना जाता है. इसके लिए आप अपने घर में एयर प्यूरिफायर लगवाएं, जिससे आपके घर के अंदर वातावरण साफ बना रह सके. लेकिन हर महीने फिल्टर की सफाई जरूरी है. अपने पालतू जानवरों को घर से बाहर रखें. उनकी साफ-सफाई पर भी ध्यान दें. हफ्ते में एक बार वैक्यूम क्लीनर से घर की सफाई करवाएं.

बाहरी इन्फेक्शन से बचाव करें
प्रदूषण से बचाव के लिए जरूरी है. साइनस से पीड़ित कुछ लोगों की समस्या इससे काफ़ी बढ़ जाती है. आप जब भी बाहर जाएं, मुंह पर मास्क लगाकर जाएं. आप एन-90 मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं….अगर खुद कार चला रहे हैं तो शीशे बंद करके रखें और इस बात का ध्यान रखें कि आपकी कार का वेंटिलेशन सिस्टम सही तरह से काम कर रहा हो.

पानी की कमी न होने दें
आपको साइनस की समस्या है तो यह जान लें कि आपके शरीर में पानी की भी कमी है. आपको जल्द ही इस समस्या से निजात पाना होगा, वरना गंभीर स्थिति पैदा हो जाएगी. इसके लिए आपको रोज़ खूब पानी पीना चाहिए. अल्कोहल, कैफीन, मीठे शरबत आदि पीने और स्मोकिंग करने से बचें.

 

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