Health & Fitness

न्यू हेल्थ अपडेट्स (Health Updates), आयुर्वेदिक होम रेमेडीज़ (Ayurvedic Home Remedies), योगा एंड फिटनेस(Yoga & Fitness), गायनेक प्रॉब्लम्स (Gynae Problems) के सवाल-जवाब… कंप्लीट हेल्थ पैकेज के लिए पढ़िए मेरी सहेली का हेल्थ एंड फिटनेस सेक्शन. मेरी सहेली (Meri Saheli) के आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे अपनाइए और बिना किसी साइड इफेक्ट के रोगों से मिनटों में राहत पाइए. साथ ही योगा और फिटनेस गाइड को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और रहें फिट-हेल्दी.

क्या आप अचानक मोटी हो गई हैं? जानें मोटापे का इमोशनल कनेक्शन (Are You Emotionally Overweight? Here Are 10 Easy Ways To Lose Weight Naturally)

क्या आप अचानक मोटी हो गई हैं? आपकी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं आया है, आप कोई जंक फूड या…

ये 5 टिप्स रखेंगे आपके पाचन को एकदम फिट! (5 Tips For Maintaining Your Digestive Health)

हाईड्रेटेड रहें: शरीर में पानी व नमी की कमी ना होने पाए. पानी ख़ूब पियें क्योंकि यह ज़हरीले तत्वों को…

क्या आप भी करती हैं सेहत से जुड़ी ये 10 गलतियां (10 Health Mistakes All Women Make)

ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए महिलाएं हर तरह की एक्सरसाइज़ और डायटिंग करने के साथ ही आउटफ़िट से लेकर एक्सेसरीज़…

सुबह करें ये 5 योगासन: दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक(5 Yoga Poses That Can Energize Your Morning )

कई लोग मॉर्निंग वर्कआउट सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि सुबह सुबह उन्हें बेड से उठने का मन ही नहीं करता.…

स्ट्रेस से छुटकारा: मंत्र-मुद्रा और ध्यान के द्वारा (Relieve Stress: Through Mantra-Mudra And Meditation)

स्ट्रेस यानी तनाव का संबंध मन-मस्तिष्क से जुड़ी भावना है. कभी काम का, कभी रिश्तों का, तो कभी सेहत का या औरकिसी बात का तनाव हो सकता है. जब यह तनाव हद से ज़्यादा बढ़ जाता है, तो कई अन्य बीमारियों का करण बन सकताहै, लेकिन आप निराश ना हों क्योंकि योग विज्ञान, मंत्र-मुद्रा विज्ञान व ध्यान आपकी इस तनाव से मुक्ति में बहुत मदद करसकता है. भारत में दबे पांव पैर पसार रहा है स्ट्रेस आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 89% भारत के लोग स्ट्रेस का अनुभव करते हैं. यह आँकड़े चौंकाने वाले हैं और इनमेंसे भी अधिकांश ऐसे हैं जो एक्सपर्ट की मदद नहीं लेना चाहते क्योंकि वो ऐसा करने से हिचकिचाते या घबराते हैं. काम वपैसा ही इनके तनाव का सबसे बड़ा करण होता है. स्टडी में पाया गया है कि हर 10 में से 9 व्यक्ति स्ट्रेस का शिकार है. Who ने भी आगाह किया हाई कि अन्य देशों के मुक़ाबले भारत में स्ट्रेस बहुत अधिक है और यह चिंता का विषय है.  ऐसे में ज़रूरी है कि हम स्ट्रेस को बेहतर तरीक़े से मैनेज करें, जिसके लिए मंत्र-मुद्रा व ध्यान का उपाय सर्वोत्तम है. मंत्र-शक्ति मंत्र दरअसल साउंड एनर्जी ही हैं जिनकी अपनी निश्चित फ़्रीक्वन्सी होती है. यही वजह है कि मंत्र पूर्णतः वैज्ञानिक आधारपर आपको स्वस्थ करते हैं. जब हम उनका जाप करते हैं तो शरीर में वायब्रेशन पैदा होता है जिससे अंगों में संतुलन आताहै, ज़हरीले तत्व बाहर निकलते हैं, प्राण शक्ति उत्पन्न होती है और हम बेहतर स्वास्थ्य की ओर बढ़ते हैं. तनाव से मुक्ति के लिए मंत्र है- ॐ शोकविनाशीभ्याम् नमः और मुद्रा है- हाकिनी मुद्रा. ॐ शोकविनाशीभ्याम् नम: अद्भुत मंत्र है. यह आपको शोक से बाहर कर देगा. मंत्र के साथ मुद्रा लगाकर ध्यान तीसरे नेत्रपर लगाएं. अधिकतम लाभ के लिए रोज़ाना सुबह और शाम कम से कम 15 मिनट से 20 मिनट तक इस ध्यान विधि मेंअपने आपको तल्लीन कर दें. हर श्‍वास भीतर आते हुए आपके लिए मंत्र शक्ति को जागृत करते हुए आपके तनावों कोबाहर फेंक देगा. https://www.youtube.com/watch?v=WSsDN4VF8do&t=99s मुद्रा विज्ञान मुद्रा हाथों का योग है. हमारी पांच उँगलियाँ पंच तत्वों का प्रतीक हैं और जब मुद्रा द्वारा इन्हें आपस में स्पर्श करवाया जाताहै और इन पर प्रेशर पड़ता है तो सम्बंधित तत्व संतुलन की अवस्था में आने लगते हैं. हाकिनी मुद्रा का लाभ यह मस्तिष्क की कार्य क्षमता को बढ़ाती है.स्मरण शक्ति का विकास करती है.मस्तिष्क को शांत करके चिंता व तनावमुक्त करती है.सोचने-समझने की शक्ति को बढ़ाती है.श्वास लेने की शक्ति को बेहतर करके मस्तिष्क तक ऑक्सीजन को बेहतर तरीक़े से पहुँचती है.यही वजह है कि विद्यार्थी जनों के लिए इस मुद्रा को काफ़ी लाभकारी माना जाता है. मेडिटेशन ही है बेस्ट मेडिकेशन मेडिटेशन यानी ध्यान. मन से एकाकार होने की क्रिया है मेडिटेशन. शोध बताते हैं कि ध्यान की अवस्था में हमारा मस्तिष्कअल्फ़ा स्टेट में पहुंच जाता है और हैपी हॉर्मोन्स का रिसाव बढ़ने लगता है. ध्यान में गहरी श्वास के ज़रिए शरीर के चक्र कोजागृत करके संतुलन की अवस्था में लाया है. सम्बंधित ग्लैंड्स ऐक्टिवेट होकर हार्मोन्स का रिसाव संतुलित तरीक़े से करनेलगते हैं और ज़हरीले तत्व बाहर निकलने लगते हैं. स्ट्रेस के लिए ध्यान विज्ञान तनाव से मुक्ति के लिए आपको अपना ध्यान तीसरे नेत्र पे लगाना होगा. दोनों भौहों के बीच स्थित आज्ञा चक्र को तीसरानेत्र कहते हैं और इसके जागृत होते ही बहुत सी सोई शक्तियाँ जाग जाती हैं. यह मन और बुद्धि के मिलन का स्थान है. आज्ञा चक्र स्पष्टता और बुद्धि का केंद्र होता है और ज़ाहिर है जब यह जागृत हो जाता हाई तो सारे तनाव ख़ुद ब ख़ुद दूर होजाते हैं. अगर आप भी मंत्र-मुद्रा और ध्यान विज्ञान की ख़ास तकनीकों के बारे में जानना चाहते हैं तो ट्राई करें वैदिक हीलिंग मंत्रऐप, जिसमें 48 बीमारियों से संबंधित 48 मंत्रों व मुद्राओं के साथ-साथ 48 मेडिटेशन टेक्नीक यानी ध्यान के तरीक़ों के भीआपको मिलेंगे. मंत्र-मुद्रा-ध्यान विज्ञान की इस प्राचीन विद्या का लाभ उठाकर स्वस्थ-निरोगी जीवन पा सकते हैं. https://www.youtube.com/watch?v=j6ANWwupo2A&t=48s…

Personal Problems: पीरियड्स के पहले ब्रेस्ट्स में बहुत दर्द होता है (How To Manage Premenstrual Breast Pain?)

मैं 21 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. हर महीने पीरियड्स के एक-दो दिन पहले से ही मेरे ब्रेस्ट्स में बहुत दर्द…

सेनेटरी पैड, टैम्पून और मेंस्ट्रुअल कप में से पीरियड्स में आपके लिए क्या है बेहतर? (Sanitary Pads, Tampons And Menstrual Cups Which Is Better For You?)

पीरियड्स में अधिकतर महिलाएं आज भी सेनेटरी पैड का ही इस्तेमाल करती हैं, लेकिन यदि तुलना की बात की जाए,…

लॉकडाउन स्ट्रेस को दूर भगाने के लिए लें ये 5 स्ट्रेस बस्टर फूड्स (These Stress Busting Foods Are The Need Of The Hour)

कोरोना महामारी को हराने के लिए लोग देशव्यापी लॉकडाउन के कारण घरों में बंद हैं, लेकिन एक महीने से ज़्यादा…

कैसे दूर करें अपना डिप्रेशन (Natural Treatments For Depression)

डिप्रेशन के संकेत यदि वक़्त रहते समझ आ जाएं, तो इससे बहुत आसानी से बचा जा सकता है. यदि आपके…

Personal Problems: दोनों फैलोपियन ट्यूब्स ब्लॉक होने पर भी किस तरह मां बन सकती हूं? (How Do I Get Pregnant If Both Fallopian Tubes Are Blocked?)

मैं 29 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. हाल ही में मेरे ओवेरियन ट्यूब्स का पोटेंसी टेस्ट हुआ, जिसमें दोनों ही ट्यूब्स…

एसिडिटी से छुटकारा: मंत्र-मुद्रा और ध्यान के द्वारा (Meditation Therapy For Acidity)

आजकल की बिज़ी लाइफस्टाइल में ना खाने का ठिकाना है और ना सोने का. हमने अपनी जीवन शैली ही ऐसी बना ली हैकि पाचन संबंधी समस्याएं होना आम बात है और इसी का नतीजा है एसिडिटी. एसिडिटी एक धीमा ज़हर एसिडिटी आपके रोज़ के क्रिया कलापों में काफ़ी बाधा उत्पन्न कर सकती है. अगर इसे समय रहते ठीक नहीं किया गयातो यह अल्सर का रूप भी धारण कर सकती है. तनाव भी है एक प्रमुख कारण कभी प्रोफेशनल लाइफ़ को लेकर तो कभी पर्सनल रिश्तों की वजह से हम अक्सर स्ट्रेस में रहते हैं. यह स्ट्रेस हमारीजठराग्नि को बेहद प्रभावित करता है और पाचन में गड़बड़ी को जन्म देता है. लेकिन आप घबराएं नहीं. बस, थोड़ा-सासमय निकालकर मंत्र-मुद्रा व ध्यान विज्ञान का सहारा लें, जिससे अपने आप संतुलन स्थापित होने लगेगा और आप स्वस्थव ऊर्जावान हो जाएंगे. मंत्रों की शक्ति मंत्र पूर्णतः वैज्ञानिक आधार पर आपको स्वस्थ करते हैं, क्योंकि मंत्र दरअसल साउंड एनर्जी ही हैं जिनकी अपनी निश्चितफ़्रीक्वन्सी होती है. जब हम उनका जाप करते हैं तो शरीर में वायब्रेशन पैदा होता है जिससे अंगों में संतुलन आता है, ज़हरीले तत्व बाहर निकलते हैं, प्राण शक्ति उत्पन्न होती है और हम बेहतर स्वास्थ्य की ओर बढ़ते हैं. एसिडिटी के लिए मंत्र है ॐ अग्नि देवाय नम: और मुद्रा है समान मुद्रा. मंत्र के द्वारा आप अग्नि देव को प्रार्थना करते हो कि आप शांत हो जाओ, क्योंकि एसिडिटी अतिरिक्त अग्नि के कारण हीहोती है. जो लौ पेट के भीतर भभक रही है उसे मंत्र से संतुलित और शांत करें. समान मुद्रा से पेट के आसपास जो समानप्राण प्रवाहित हो रहे हैं, उससे पाचन क्रिया संतुलित होने लग जाती है. मंत्र के द्वारा हम मणिपुर चक्र को सक्रिया करते हैं  वहाँ मौजूद ज़हरीले तत्वों को श्वास के माध्यम से बाहर का रास्ता दिखाते हैं. इससे मणिपुर चक्र संतुलित होगा और पाचनशक्ति मज़बूत होगी. जठराग्नि भी संतुलित अवस्था में आएगी एसिडिटी से मुक्ति मिलेगी. मुद्रा विज्ञान मुद्रा हाथों का योग है. हमारी पांच उँगलियाँ पंच तत्वों का प्रतीक हैं और जब मुद्रा द्वारा इन्हें आपस में स्पर्श करवाया जाताहै और इन पर प्रेशर पड़ता है तो सम्बंधित तत्व संतुलन की अवस्था में आने लगते हैं. समान मुद्रा के लाभ• पेट के आस-पास के क्षेत्र को समान प्रांत कहा जाता है. जब यह समान प्रांत असंतुलित होता है तो पाचन संबंधीसमस्याएं बढ़ेंगी. इसलिए समान मुद्रा आपके पाचन तंत्र को संतुलित करती है.• यह लिवर को स्वस्थ करके भूख बढ़ाती है.• शरीर और ख़ासतौर से मणिपुर चक्र के आसपास के हिस्से से टॉक्सिंस को बाहर करने में मदद करती है.• गैस और पित्त से मुक्ति दिलाती है और हीलिंग इफेक्ट देती है. मेडिटेशन ही है बेस्ट मेडिकेशन मेडिटेशन यानी ध्यान. मन से एकाकार होने की क्रिया है मेडिटेशन.• शोध बताते हैं कि ध्यान की अवस्था में हमारा मस्तिष्क अल्फ़ा स्टेट में पहुंच जाता है और हैपी हॉर्मोन्स का रिसावबढ़ने लगता है.• ध्यान में गहरी श्वास के ज़रिए शरीर के चक्र को जागृत करके संतुलन की अवस्था में लाया है.• सम्बंधित ग्लैंड्स ऐक्टिवेट होकर हार्मोन्स का रिसाव संतुलित तरीक़े से करने लगते हैं.• शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकलने लगते हैं और प्राण वायु व ऊर्जा बढ़ने लगती है• ध्यान से शरीर में ऑक्सिजन  का प्रवाह सही रूप से होने लगता है जिससे रक्त संचार सही होता है और विषैले तत्वदूर होने लगते हैं. एसिडिटी के लिए ध्यान विज्ञान मंत्र-मुद्रा धारण करने के बाद सुखासन में बैठकर ध्यान में उतरना शुरू कर दें. ध्यान नाभि स्थान पर, जिसे मणिपुर चक्रकहा जाता है, वहां पर ध्यान लगाएं. आपके नाभि यानी मणिपुर चक्र के स्थान पर जब आप मंत्र का उच्चारण करते हो, तोवहां और उसके आसपास मौजूद ज़हरीले और विजातीय तत्वों में हचलच में आ जाती है और वो  श्‍वास के द्वारा बाहर जानेशुरू हो जाते हैं.  जैसे ही नाभि क्षेत्र के आस-पास का चक्र संतुलन में आएगा, एसिडिटी की समस्या दूर होना शुरू होजाएगी. अगर आप भी मंत्र-मुद्रा और ध्यान विज्ञान की ख़ास तकनीकों के बारे में जानना चाहते हैं तो ट्राई करें वैदिक हीलिंग मंत्रऐप, जिसमें 48 बीमारियों से संबंधित 48 मंत्रों व मुद्राओं के साथ-साथ 48 मेडिटेशन टेक्नीक यानी ध्यान के तरीक़ों के भीआपको मिलेंगे. मंत्र-मुद्रा-ध्यान विज्ञान की इस प्राचीन विद्या का लाभ उठाकर स्वस्थ-निरोगी जीवन पा सकते हैं. https://www.youtube.com/watch?v=j6ANWwupo2A&t=48s वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप से पाएं हेल्दी लाइफ, ज़रूर ट्राई करें 14 दिनों का फ़्री ट्रायल…

तनाव दूर करके मन को शांत रखते हैं ये 4 योगासन (4 Yoga Poses For Stress Relief)

स्ट्रेस या तनाव आजकल आज की भागदौड़भरी ज़िंदगी में हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है. आज हालात ये हैं…

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