Health & Fitness

न्यू हेल्थ अपडेट्स (Health Updates), आयुर्वेदिक होम रेमेडीज़ (Ayurvedic Home Remedies), योगा एंड फिटनेस(Yoga & Fitness), गायनेक प्रॉब्लम्स (Gynae Problems) के सवाल-जवाब… कंप्लीट हेल्थ पैकेज के लिए पढ़िए मेरी सहेली का हेल्थ एंड फिटनेस सेक्शन. मेरी सहेली (Meri Saheli) के आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे अपनाइए और बिना किसी साइड इफेक्ट के रोगों से मिनटों में राहत पाइए. साथ ही योगा और फिटनेस गाइड को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और रहें फिट-हेल्दी.

वेटलॉस के लिए 20 बेस्ट योगासन (20 Best Yogasan For Easy Weight Loss)

आज की तारीख़ में मोटापा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है और बड़े ही नहीं बच्चे भी इसकी चपेट me आते जा रहे हैं. मोटापा अपने आप में एक समस्या तो है है, लेकिन उसकी वजह से शरीर कई अन्य बीमारियों की चपेट में भी आ जाता है. ऐसे में यह बेहद ज़रूरी है कि मोटापे पर नियंत्रण रखा जाए और एक हेल्दी रहा जाए. ऐसे में योगासन आपकी मदद करसकते हैं. ऐसे कई आसन हैं जो मोटापे से मुक्ति दिलाने में बेहद कारगर हैं. साथ ही हेल्दी लाइफ़स्टाइल और डायट जल्दव बेहतर रिजल्ट देंगे. ये सभी योगासन व प्राणायाम ट्राइड व टेस्टेड फॉर्मूले हैं. वज्रासन आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं.दाहिने पैर को मोड़कर उस पर इस तरह बैठें कि एड़ी बाहर की तरफ़ रहे.बाएं पैर को मोड़कर उस पर भी दाहिने पैर की तरह बैठें.अब इस अवस्था में आराम से बैठें और एड़ियां बाहर की तरफ़ रहें.दोनों हाथों को घुटनों पर रखें.आंखें बंद हों.कमर और सिर स्ट्रेट हों, एक लाइन में.1-10 मिनट तक या अपनी क्षमता के हिसाब से करें. भोजन के बाद किया जानेवाला यह एकमात्र आसन है. इससे पाचन क्रिया अच्छी रहती है और मेटाबॉलिज़्म बेहतरहोता है. नोट: जिनके घुटनों में ज़्यादा दर्द रहता हो, वो इसे न करें या अधिक देर तक न बैठें. सर्वांगासन पीठ के बल लेट जाएं. पैरों को मिलाकर रखें.हाथों को दोनों ओर बगल में सटाकर रखें.हथेलियां ज़मीन की ओर रखें.सांस भरकर पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं.पैरों को उठाते समय हाथ की सहायता भी ले सकते हैं.पैरों को पहले 30, फिर 60 और फिर 90 डिग्री तक ले जाएं. चाहें तो हाथों को कमर के पीछे लगाएं.कोहनी को न उठने दें. पैरों को मिलाकर सीधा करेंकुछ क्षण रुकें. धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.आंखों को बंद कर ध्यान दोनों भौहों के बीच तीसरे नेत्र पर सहजता से रखें.इसे 1 मिनट से आरंभ कर 3 मिनट तक या अधिक भी किया जा सकता है. नोट: हाई ब्लड प्रेशर वाले, माइग्रेन से पीड़ित लोग व प्रेग्नेन्ट महिलाएं न करें. शवासन ज़मीन पर सीधे लेट जाएं. सभी अंगों को ढीला छोड़ दें और सारे तनाव, विचार व परेशानियों को बाहर जाता हुआ महसूस करें.इस अवस्था में बनें रहें. धीरे-धीरे वापस आएं. आप महसूस करेंगे कि सारा मानसिक तनाव दूर हो गया. शरीर और मन हल्का लगेगा.  मकरासन पेट के बल लेट जाएं.सिर और कंधों को ऊपर की ओर उठाने का प्रयास करें. दोनों हथेलियों को ठोड़ी के नीचे लगाएं.कोहनियों को ज़मीन पर अपनी सुविधा के हिसाब से टिका लें.सीने को भी ऊपर की ओर उठाएं.पैरों के पंजे मिलाकर रखें.1-10 मिनट तक करें. आंखों को बंद रखें और श्‍वास पर ध्यान दें. बद्ध पद्मासन पद्मासन में बैठ जाएं.दोनों हाथों को पीछे ले जाते हुए क्रॉस करें.बाएं हाथ को कमर से पीछे से लाते हुए बाएं पैर का अंगूठा पकड़ें. अब दूसरे हाथ से भी ऐसा ही करें.सांस छोड़ते हुए सिर को आगे की ओर झुकाएं और ज़मीन के समानांतर ले आएं.पांच बार सांस लें व छोडें.सांस लेते हुए सामान्य स्थिति में आएं. तितली आसन आरामदायक स्थान दंड़ासन में बैठ जाएं.घुटनों को मोड़ें और पैरों के तलवों को एक दूसरे से स्पर्श कराएं. जितना संभव हो एडियों को शरीर के करीब रखें.हाथों से पैरों के पंजों को पकड़ें.दोनों घुटनों को भूमि पर स्पर्श कराएं.फिर दोनों घुटनों को ऊपर उठाएं.यह क्रिया बार-बार करें.दोनों पैरों को ऊपर-नीचे करते हुए ज़मीन से टच करने की यह क्रिया करते रहें.सीना थोड़ा आगे की तरफ़ रखें.कमर व गर्दन सीधी रखें.कई बार इस क्रिया को करें. वक्रासन पैरों को सामने की ओर फैलाकर ज़मीन पर बैठें.दोनों पैरों के बीच की दूरी न हो.बाएं पैर को घुटने से मोड़ें और इसको उठाकर दाएं पैर के घुटने के बगल में रखें.कमर सीधी रखने का प्रयास करें.अब सांस छोड़ते हुए कमर को बाई ओर मोड़ें.हाथ की कोहनी से बाएं पैर के घुटने को दबाब के साथ अपनी तरफ़ खींचें.पैर को इस तरह से अपनी ओर खींचें कि पेट पर दबाब आए.आंखें बंद रखते हुए पूरा ध्यान पेट, पीठ और पैरों में होने वाले परिवर्तन व दबाव पर रखें.कुछ देर इसी अवस्था में रहें फिर धीरे-धीरे पूर्व स्थिति में आ जाएं. आप यह 3-5 राउंड कर सकते हैं. नोट: गर्भवती महिलाएं न करें. शीर्षासन घुटनों के बल समतल जगह पर बैठ जाएं.हाथों को मैट के बीचों-बीच रखें. कोहनियों को जमीन पर टिका दें.दोनों हाथों की उंगलियों को इंटरलॉक कर लें.सिर को हाथों के बीच में सावधानी से रखें.सांस समान्य रखते हुए पैरों को कोहनी की ओर सरका लें.दोनों पैरों को एक साथ उठाएं.शरीर का वज़न सिर पर लें और पूरे शरीर को उठा लें यानी सिर ज़मीन पर और पैर ऊपर की ओर हवा में सीधे.इसी स्थिति में पांच बार सांस लें व छोड़ें.धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं.…

हेल्थ टिप्स फ़ॉर किड्स: बच्चों को हेल्दी और फिट रखेंगी ये ईज़ी होम रेमेडीज़… (Health Tips For Your Kids: Easy Home Remedies To Keep Your Child Healthy & Fit)

बच्चे कितने नटखट और प्यारे होते हैं उतना ही मुश्किल होता है उनको हेल्दी चीज़ें खिलाना (healthy food for kids) और हेल्दी एक्टिविटी (healthy activity) में व्यस्त रखना. और आज के टाइम में तो ये और भी चैलेंजिंग हो गया है क्योंकि बाहरी आकर्षण इतने सारे हैं कि बच्चे उन्हीं की ओर आकर्षित होते हैं. मोबाइल, लैपटॉप से लेकर पिज़्ज़ा, बर्गर जैसी चीज़ें (junk food) उन्हें ज़्यादा लुभाती हैं. इसलिए बेहतर होगा कि बच्चों को स्वाद और वेरायटी (variety) के साथ हेल्दी खाना (healthy diet) दिया जाए, साथ ही फ़न के साथ फ़िज़िकल एक्टिविटी (physical activity) भी कराईजाए. इसके अलावा उन्हें होम रेमेडीज़ (home remedies) दी जाएं, ताकि वो केमिकल से बचे रहें. दही खाने की आदत शुरू से डालें. आप दही में ककड़ी, टमाटर या ड्राई फ़्रूट्स मिक्स करके दें. चाहें तो लौकी यागाजर का रायता बनाकर दें. ये प्लेन दही की बजाय ज़्यादा कलरफुल और टेस्टी दिखता है, जिससे बच्चों को ये…

घुटनों के दर्द से परेशान हैं, तो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपनाएं ये 10 कारगर टिप्स (10 Useful Tips To Get Rid Of Knee Pain)

उम्र बढ़ने के साथ घुटनों में ऐंठन, सूजन और दर्द होना जैसी तकलीफें होना आम बात है. जिसके कारण चलने-फिरने…

ईज़ी वेटलॉस के लिए बेस्ट होम रेमेडीज़ (Best Home Remedies For Easy Weight Loss)

स्लिम-ट्रिम बॉडी तो हम सभी चाहते हैं लेकिन मुश्किल डायट प्लांस और उतनी ही कठिन एक्सरसाइज़ के चलते हम सभीके लिए वज़न को कंट्रोल करना चुनौतीपूर्ण काम बन जाता है. ऐसे में बढ़ते वज़न का क्या करें जो हमारे फिटनेस गोल कोपूरा नहीं होने देता. ऊपर से हमारी बिज़ी लाइफ़स्टाइल के चलते भी स्ट्रिक्ट डायट फ़ॉलो करना बेहद मुश्किल हो जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि हम आपको वज़न कम करने के आसान घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं जिनको फ़ॉलोकरना है बेहद आसान.  बदलें अपना रूटीन और बदलें अपनी सोच भी…  सबसे पहले एक डायरी में उस रूटीन को नोट करें जो आप अब तक फ़ॉलो करते आए हैं. क्या-क्या और कब-कब कितना खाते हैं. फ़िज़िकल एक्टिविटी कितनी है और स्ट्रेस लेवल कितना है.अब खुद से सवाल करें- क्या आप अपनी बॉडी से खुश हैं? क्या आप अपने इस रूटीन से खुश हैं? क्या आप वाक़ईवेटलॉस करना चाहते हैं?खुद ही जवाब ढूंढ़ें कि आप इस रूटीन में क्या बदलाव चाहते हैं? निराश न हों सकारात्मक सोच बनाकर शुरुआत करें. क्या बदलाव करें? वेटलॉस का मतलब खाना एकदम से बंद कर देना नहीं होता, बल्कि अनहेल्दी फूड को हेल्दी फूड से रिप्लेस करनाहोता है. अनहेल्दी लाइफ़स्टाइल हैबिट्स को हेल्दी में बदलना होता है. शुगर और नमक का सेवन कम करें.प्रासेस्ड फूड न खाएं. मैदा न खाएं और गेहूं व चावल के और भी हेल्दी ऑप्शंस ट्राई करें. मसाला चाय को ग्रीन टी से रिप्लेस करें. फ़िज़िकली थोड़े और एक्टिव हो जाएं. वॉक करें. सीढ़ियां चढ़ें. स्विमिंग या साइक्लिंग भी बेटर ऑप्शन है. चाहें तो डान्स क्लास जॉइन करें. समय पर सोएं, देर रात तक न जागें. नींद पूरी न होने से भी वज़न बढ़ता है.लेट नाइट स्नैकिंग से बचें. मंचिंग के लिए हेल्दी चीज़ें घर में रखें. सनसेट के बाद खाना अवॉइड करें. अगर फ़िज़िकल एक्टिविटी कम है तो ड्राई फ़्रूट्स का ज़्यादा सेवन न करें. इसी तरह शुगरी फ़्रूट्स भी ज़्यादा नखाएं. ग्रीन की जगह ब्लैक ग्रेप्स खाएं. पपीते का सेवन करें. इसे आप रात को भी खा सकते हैं. ये पेट भी साफ़ करता है और पाचन तंत्र को हेल्दी बनाताहै. टीवी या लैपटॉप देखते हुए खाना न खाएं. जल्दी-जल्दी न खाएं. एरिएटेड शुगरी ड्रिंक्स बंद कर दें.दो या तीन बार भरपेट खाने की बजाय मील्स को 5-6 छोटी-छोटी मील्स में बांट लें.हेल्दी व पौष्टिक नाश्ता करना शुरू करें. स्टडीज़ से साबित हुआ है जो लोग ब्रेकफ़ास्ट करते हैं उनको मोटापा वडायबिटीज़ का ख़तरा कम रहता है. साथ ही उनको अनहेल्दी, जंक फ़ूड खाने की क्रेविंग्स भी कम होती है.स्ट्रेस ईटिंग से बचें. स्ट्रेस कम करने के लिए रोज़ कुछ देर मेडिटेशन करें. योगा व प्राणायाम भी कारगर हैं काफ़ी. भोजन के बाद वज्रासन में कुछ देर बैठें. खुद खाना पकाएं और बाहर का खाना कम से कम खाएं.मोबाइल फ़ोन पर बात कर रहे हों तो टहलते हुए करें. बहुत देर तक एक ही जगह पर न बैठे रहें.  होम रेमेडीज़  ठंडे पानी की बजाय गुनगुना पानी पिएं. दिन भर ऐसा ही गुनगुना पानी पिएं. सुबह गुनगुने नींबू पानी में शहद मिलाकर पिएं.एलोवीरा जूस व आंवले के रस का सेवन भी वेटलॉस करता है.दालचीनी भी वज़न कम करने में बेहद कारगर है. अपने सलाद या दही में इसका पाउडर मिलाकर सेवन करें या फिरदालचीनी को पानी में उबालकर छानकर इसमें शहद मिलाकर पिएं.खाने से पहले पानी पिएं और भूख से हमेशा थोड़ा कम खाएं. पानी को भी भोजन समझें क्योंकि कभी-कभी भूख सिर्फ़ दिमाग़ में होती है, इसलिए कुछ भी खाने से पहले पानीपिएं, इससे हो सकता है आपकी दिमाग़ी भूख शांत हो जाए.हेल्दी ऑयल यूज़ करें, जैसे- ऑलिव ऑयल, नारियल तेल, सरसों का तेल, सूरजमुखी का तेल और देसी घी.घी को रोटी या परांठे पर लगाने की बजाय एक अलग कटोरी में लेकर उसके साथ रोटी खाएं. अदरक के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से ने सिर्फ़ फैट्स बर्न होता है बल्कि मेटाबॉलिज़्म भी तेज़ होता है.सलाद और मौसमी फल व सब्ज़ियों का सेवन करें.पत्ता गोभी का सलाद खाएं. ये पेट के लिए ठंडा रहता है और बॉडी में ज़्यादा फैट्स बनने नहीं देता.सुबह ख़ाली पेट सौंफ के कुछ दानों को पानी में उबालकर छानकर गुनगुना पिएं. पुदीने का सेवन चाहे तो चटनी के रूप में करें या फिर इसका रस गुनगुने पानी में मिक्स करके पिएं. बेहतर होगा किखाना खाने के कुछ समय बाद ये उपाय करें इससे मेटाबॉलिज़्म तेज़ होता है. गेहूं की बजाय जौ, नाचनी, ज्वार-बाजरा, मल्टीग्रेन आटा, बादाम, रागी, सत्तू, सोयाबीन आटा या फिर चोकरयुक्तआटा यूज़ करना शुरू कर दें. स्टीम्ड फ़ूड लें- जैसे, इडली, सादा डोसा, ढोकला, मोमोज़ आदि. नाश्ते में पोहा, उपमा या फ़्रूट सलाद लें. दोपहर में एक चपाती, दाल-सब्ज़ी-सलाद और छाछ लें.शाम के नाश्ते में ब्राउन ब्रेड वेज सैंडविच, सूखा भेल, खाखरा, सूप, कोई फ़्रूट, एक मुट्ठी चना-मूंगफली, इडली वग्रीन टी या ब्लैक कॉफ़ी ले सकते हैं.चपाती के जगह आप बेसन का चीला, सूजी की रोटी या थालीपीठ भी ट्राई कर सकते हैं. रात को उबली सब्ज़ी या सूप व सलाद लें. हरी सब्ज़ियों को ज़रूर अपने मील के शामिल करें. वाइट राइस की बजाय ब्राउन राइस खिचड़ी खाना शुरू कर दें.स्प्राउटेड मूंग भी काफ़ी हेल्दी होता है. सीड्ज़ और फ़िश ऑयल का सेवन करें. ये वेटलॉस करते हैं. ऐप्पल साइडर विनेगर वेटलॉस में काफ़ी प्रभावी है. एक ग्लास पानी में एक टीस्पून ऐप्पल साइडर विनेगर व एकटीस्पून नींबू का रस मिलाकर रोज़ सेवन करें. ये फ़ैट्स को तेज़ी से बर्न करता है और फ़्लैट टमी में भी मदद करता है. प्रोटीन और फाइबर रिच डायट लें. ये फैट्स को बर्न करने में काफ़ी मददगार है, इसलिए अपने भोजन में पनीर, बींस, फ़िश, अंडे, टोफ़ू, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, एवोकैडो, ब्रोकोली आदि शामिल करें.काली मिर्च को अपने डायट में शामिल करें क्योंकि इसमें वज़न घटानेवाले तत्व मौजूद रहते हैं. छाछ, सलाद आदि मेंइसके पाउडर को यूज़ करें.जीरे का पानी पिएं. ये भी काफ़ी उपयोगी है. जीरा एंटीओक्सिडेंट्स, मिनरल्स व विटामिन से भरपूर होता है और येमेटाबॉलिज़्म को बूस्ट करता है. एक ग्लास पानी में एक टीस्पून जीरा रात भर भिगोकर सुबह छानकर खाली पेटपिएं. चाहें तो इसमें नींबू ka रस भी मिलाया जा सकता है. सफ़ेद नमक की जगह सेंधा नमक या काला नमक यूज़ करें. इलायची भी वेटलॉस में बेहद प्रभावी है. इसे अपने खाने में शामिल करें और साथ ही रातभर इसे पानी में भिगोकररखें और सुबह ख़ाली पेट वो पानी पिएं. ये मेटाबॉलिज़्म फ़ास्ट करके फैट्स बर्न करती है.लौकी की सब्ज़ी खाएं. लौकी का जूस भी वज़न कम करता है. दही व छाछ को शामिल करें अपने डायट में क्योंकि ये आंतों को हेल्दी रखते हुए पाचन तंत्र को बेहतर करते हैं औरवज़न को नियंत्रित रखते हैं. अर्टिफिशियल जूस की बजाय देसी ड्रिंक्स का सेवन करें- नारियल पानी, शिकंजी, आम पना, गन्ने का रस आदि. नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइटिस से भरपूर होता है और मेटाबॉलिज़्म को भी फ़ास्ट करता है. खीरे का सेवन करें. इसमें वॉटर कंटेंट बहुत ज़्यादा होता है. अलसी के बीज ज़रूर खाएं क्योंकि इनमें डाइटरी फाइबर पाया जाता है जिससे भूख कंट्रोल में रहती है. इसी तरहचिया सीड्स भी वेटलॉस में लाभकारी हैं. अजवायन भी बेहद कारगर है. अजवायन को पानी में उबाल कर छान लें और इस पानी को गुनगुना पिएं.तुलसी की कुछ पत्तियों को एक ग्लास पानी में तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए. इस पानी का सुबहखाली पेट करें. ये फैट्स बर्न करता है.लहसुन भी वेटलॉस करता है. लहसुन की कुछ कलियों को छीलकर शहद में डालकर स्टोर कर लें. रोज़ सुबह खालीपेट एक कली लहसुन की खाएं.एक ग्लास पानी में एक टीस्पून साबूत धनिया डालकर पानी आधा रह जाने तक उबाल लें. छानकर इस पानी कासेवन करें. वज़न कंट्रोल में आने लगेगा.एक टीस्पून गिलोय का रस पिएं. ये वज़न तेज़ी से कम करता है.करौंदा भी काफ़ी गुणकारी है. रोज़ करौंदे का रस पीने से भी वज़न कम होता है. जीरा, भुनी हुई हींग और काला नमक- तीनों को समान मात्रा में लेकर पीस लें और इस पाउडर को दही के साथखाएं. vetलॉस जल्दी होगा.खाने में गाजर, शिमला मिर्च, मटर, टमाटर, चुकंदर को शामिल करें.हेल्दी फैट्स लें. अंडा भी खाएं. रोज़ सुबह 8-10 करीपत्तों को चबाकर खाने से भी वेटलॉस होता है.बेरीज़ खाएं, ये वज़न कम करती हैं और बेहद हेल्दी भी होती हैं. रोज़ एक सेब ज़रूर खाएं. इसी तरह अमरूद भी वज़न कम करने के लिए जाना जाता है. सिल्की शर्मा

किन स्थितियों में न करें एक्सरसाइज? (Under Which Conditions You Should Avoid Exercise?)

रोज़ाना एक्सरसाइज़ करने से हमारा शारीरिक और मानसिक विकास होता है. लेकिन कुछ स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां यानी हेल्थ कंडीशंस ऐसी…

डेली रूटीन में अपनाएं ये होम रेमेडीज़, हमेशा रहेंगे फिट और हेल्दी (Try These Home Remedies In Daily Routine To Stay Fit And Healthy)

हेल्दी और फिट रहने के लिए आपको अलग से कुछ बड़ा प्लान करने की ज़रूरत नहीं, बल्कि छोटे-छोटे स्टेप्स अपने डेलीरूटीन में फ़ॉलो करेंगे तो हमेशा फिट और हेल्दी रहेंगे.  सुबह समय से उठने का नियम बनाएं. अपने दिन की शुरूआत बेहतर करें. पॉज़िटिव माइंड के साथ अपनी दिनचर्या को हेल्दी रखें.सबसे पहले एक ग्लास गुनगुना पानी पीएं.अगर नींबू और शहद मिलाकर पानी पिएं तो भी अच्छा है.हेल्दी ऑयल्स को अपने डायट में शामिल करें. रोज़ सुबह 1 टीस्पून फिश ऑयल लेना भी काफ़ी हेल्दी होता है.डेली आधा घंटा एक्सरसाइज़, योग या वॉक ज़रूर करें.ब्रेकफ़ास्ट ज़रूर करें क्योंकि आपको हेल्दी व  फिट बनाए रखने में इसका बहुत बड़ा हाथ है. रिसर्च बताते हैं कि जोलोग नाश्ता करते उन्हें डायबिटीज़ का ख़तरा नाश्ता ना करनेवालों की तुलना में कम रहता है. इसके अलावा जो लोग नाश्ता नहीं करते उनकी वेस्ट लाइन यानी कमर नाश्ता करनेवालों की तुलना में अधिक होतीहै, क्योंकि हेल्दी ब्रेकफ़ास्ट आपको मीठा और  जंक फ़ूड खाने की क्रविंग्स से बचाता है. रोज़ाना भरपूर पानी पीएं. ये बॉडी को टॉक्सिन फ्री रखने में मदद करता है.इसके अलावा पानी का एक और हेल्थ बेनीफिट ये भी है कि यदि आपको सिर दर्द हो रहा है तो थोड़े-थोड़े अंतरालपर पानी पीते रहें, इससे आपकी बॉडी हाइड्रेट रहेगी और सिर दर्द में भी राहत मिलेगी.छोटी-मोटी तकलीफ़ों में पेन किलर्स लेने की बजाय घरेलू नुस्ख़े आज़माएं. गले में ख़राश, दर्द या खांसी है तो चुटकीभर दालचीनी पाउडर शहद में मिलाकर चाटें.दालचीनी पाउडर लेकर ऊपर से पानी पीने से सिर दर्द में भी आराम मिलता है.आप इसे सलाद, चाय या दही में भी मिक्स करके ले सकते हैं, ये वेट लॉस में भी मदद करता है. फेफड़ों में कफ जमा हो जाए तो गुनगुने सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर छाती की मालिश करें. सरसों के तेल में लहसुन की कलियां मिलाकर भी मालिश करने से आराम मिलता है. माइग्रेन या सामान्य सिर दर्द में भी सेब पर नमक बुरककर खाने से राहत मिलती है.इतना ही नहीं, सेब में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं, जो पेट के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे माने जाते हैं. सेब फाइबर का अच्छा स्रोत भी है और गुड बैक्टीरिया को पनपाने में भी मदद करता है. अपना आहार संतुलित व पौष्टिक रखें. मौसमी फल और सब्ज़ियां ज़रूर खाएं. हर रंग के फल व सब्ज़ियां खाएं.पपीते में विटामिन ए, बी और सी और कई तरह के एन्ज़ाइम्स होते हैं, जो खाने को डायजेस्ट करने में मदद करतेहैं. स्टडीज़ बताती हैं कि पपीता खाने से डायजेस्टिव सिस्टम में सुधार होता है. ग्रीन टी को अपने रूटीन में शामिल करें. बहुत ज़्यादा नमक और मीठा खाने से बचें.बहुत ज्यादा चाय-कॉफी या अल्कोहल से बचें.हेल्दी रहने के लिए अपने डायट में प्रोटीन, फ़ाइबर, कैल्शियम और फ़ैटी एसिड्स शामिल करें.केले में फाइबर और पेक्टिन भरपूर मात्रा में होता है, जो आंतों के स्वास्थ्य के लिएबहुत फायदेमंद होता है. दूध, छाछ, दही, ग्रीन लीफी यानी हरी पत्तेदार सब्ज़ियों को ज़रूर लें.फिश ब्रेन हेल्थ के लिए काफ़ी फायदेमंद है. अगर आप नॉन वेज खाते हैं तो फिश को डायट में शामिल करें.अगर आप नॉन वेज नहीं खाते तो अखरोट का सेवन करें. ये भी ब्रेन हेल्थ के लिए काफ़ी लाभकारी है.खाना खाने के कुछ देर बाद लेमन शॉट लें. ये आपकी पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. हेल्दी स्नैकिंग करें. ड्राई फ़्रूट्स, सलाद, सूप्स, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, सूखा भेल आदि लें. ड्राई फ़्रूट्स और फ़्रूट सलाद में एक बात का ध्यान रखें कि अगर आपकी फ़िज़िकल एक्टिविटी कम है तो ड्राई फ़्रूट्सऔर शुगरी फ़्रूट्स कम लें या फिर शाम को 6-7 बजे se पहले ही खा लें.खाने के फ़ौरन बाद पानी न पिएं. डिनर भी सोने से 3-4 घंटे पहले ही कर लें. नींद पूरी लें. रिलैक्स होकर सोएं. सोने से पहले मीठा दूध पिएं. अगर नींद की समस्या है तो सोते समय सारे विचारमन से निकालकर मंत्र का जाप करें. अपना ध्यान सांस पर केंद्रित रखें. सिर से लेकर पैर तक शरीर को रिलैक्स कर दें. कहते हैं पेट ठीक रहेगा तो पूरा शरीर सही रहेगा इसलिए अपने पाचन तंत्र को ठीक रखने की कोशिश करें. इसी तरह अपनी इम्यूनिटी को भी बेहतर बनाने की तरफ ध्यान दें. संतरा, नींबू, टमाटर, बेरीज़, अंगूर, गाजर, मेथी, पालक- ये सभी इम्यूनिटी बूस्टर फूड्स हैं. साथ ही शहद, तुलसी, गिलोय, सीड्स, ओट्स, बींस, दालें भी आपको हेल्दी रखते हैं- इनको अपने डायट में शामिल करें.लहसुन, अदरक, शकरकंद, मशरूम,  विटामिन डी, दही आदि भी इम्यूनिटी बूस्ट करते हैं.योगासन, प्राणायाम और मेडिटेशन भी इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाते हैं. गोल्डी शर्मा 

महिलाओं को क्यों होता है घुटनों में ज़्यादा दर्द, जानें कारण, सावधानियां और ट्रीटमेंट(Why are women more prone to knee pain? Know causes, precautions and treatment)

बिगड़ी लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतों की वजह से आजकल यंग महिलाओं को भी घुटनों की प्रॉब्लम्स होने लगी…

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