Health & Fitness

न्यू हेल्थ अपडेट्स (Health Updates), आयुर्वेदिक होम रेमेडीज़ (Ayurvedic Home Remedies), योगा एंड फिटनेस(Yoga & Fitness), गायनेक प्रॉब्लम्स (Gynae Problems) के सवाल-जवाब… कंप्लीट हेल्थ पैकेज के लिए पढ़िए मेरी सहेली का हेल्थ एंड फिटनेस सेक्शन. मेरी सहेली (Meri Saheli) के आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे अपनाइए और बिना किसी साइड इफेक्ट के रोगों से मिनटों में राहत पाइए. साथ ही योगा और फिटनेस गाइड को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और रहें फिट-हेल्दी.

हेल्दी माने जाने वाले ये 7 फूड डायबिटीज़ के रोगियों के लिए हैं ख़तरनाक (7 Healthy Foods Which Are Not Safe For Diabetic Patients)

हेल्दी डायट के जरिए डायबिटीज़ के मरीज़ काफी हद तक अपने फिट और सेहतमंद रख सकते हैं. लेकिन कई उन्हें…

सामान्य दर्द से लेकर कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज़ जैसी बीमारियों में भी फ़ायदेमंद है अदरक… (11 Health Benefits of Ginger)

अदरक गुणों से भरपूर बेहतरीन दर्दनाशक है. खांसी, ज़ुकाम, बुखार और सिरदर्द में इसके सेवन से तुरंत आराम मिलता है.…

मेनोपॉज के बाद पोषण और जीवनशैली में लाएं बदलाव (Make changes in nutrition and lifestyle after menopause)

मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) किसी महिला के जीवन की एक संक्रमणकालीन अवधि है, क्योंकि इस दौरान उसका मासिक धर्म आना बंद हो…

Sidharth Shukla death: क्यों होती जा रही है जिंदगी छोटी? क्यों बढ़ रहा है यंग एज में हार्ट अटैक?(Sidharth Shukla death: Why Are Heart Attacks on the Rise in Young People?)

बिग बॉस 13 विनर और टीवी के पॉपुलर एक्टर सिद्धार्थ शुक्‍ला की हार्ट अटैक से मौत की खबर से सब…

दिल का दौरा पड़ने के बाद भूलकर भी न खाएं ये 10 चीज़ें (Avoid These 10 Foods After Heart Attack)

हार्ट अटैक पड़ने के बाद भी लोग बिना किसी टेंशन के आराम से खुशहाल ज़िंदगी जी सकते हैं, बशर्त की अपने…

रोज़ाना 30 मिनट एक्सरसाइज करने से होते हैं ये 10 फ़ायदे (10 Amazing Benefits Of 30 Minutes Of Daily Exercise)

काम की बढ़ती व्यस्तता के चलते एक्सरसाइज के लिए समय निकलना संभव नहीं हो पाता  है, जिसके कारण हमारा शरीर…

वेट लॉस कर रहे हैं, तो खाएं ये 9 हेल्दी स्नैक्स (9 Healthy Snacks For Weight Loss)

अगर आप वेट लॉस डायट फॉलो कर रहे हैं, तो अपनी डायट में ऐसे हेल्दी स्नैक्स शामिल करें, जो वजन…

ईयरफोन और हेडफोन का इस्तेमाल करते समय बरतें ये 9 सावधानियां (Take These 9 Precautions When Using Earphone And Headphone)

एक शोध से यह बात सामने आई है कि यदि कोई व्यक्ति रोज एक घंटे से अधिक समय तक 80…

तुलसी को पवित्र मानकर क्यों की जाती है पूजा और तुलसी मंत्र किस तरह रखता है शरीर को निरोग, जानें इसके पीछे का विज्ञान! (A Sacred Practice For Healthy Living: Why Do We Worship Tulsi? Interesting Facts & Health Benefits Of Tulsi Mantra)

आपने देखा ही नहीं ख़ुद अनुभव भी किया होगा कि लोग अपनी सेहत का ख़्याल कई तरह की थेरेपी के मुताबिक करते हैं. मसलन कोई एलोपैथिक मेडिसिन्स ले रहा है, कोई होमियोपैथी, तो कोई आयुर्वेद से अपना इलाज करवाता है, इसी क्रममें स्वस्थ रहने के लिए आज हम आपको मंत्र और ख़ासतौर से तुलसी मंत्र के बारे में जानकारी देंगे, ताकि आप भी मंत्रों केहेल्थ और साइंटिफिक कनेक्शन को बेहतर तरी़के से समझ सकें. दरअसल, तुलसी एक होली प्लांट तो है ही इस पौधे के अनेक हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं. लेकिन यह तुलसी जब तुलसी मंत्रसे सिंक्रोनाइज़्ड होता है, तब यह बीमारियों को ठीक करने में अद्भुत परिणाम देता है. तुलसी मंत्र वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी। पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।। एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम। य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।। तुलसी मंत्र के सही जाप करने वाले की सेहत भी दुरुस्त रहती है और अगर उसे कोई बीमारी है तो तुलसी मंत्र के जाप सेबीमारी भी भाग जाती है. आपको पता ही होगा कि प्राचीन काल में भारतीय ऋषियों और मुनियों ने मंत्र विज्ञान का आविष्कार किया था. दरअसल, तपस्या से समाधि की यात्रा के दौरान ऋषियों-मुनियों का ध्वनि के प्रभाव का अद्भुत ज्ञान हो गया था. उन्हें पता चल गयाथा कि ध्वनि के प्रभावों का इस्तेमाल इंसान की सेहत ठीक रखने में किया जा सकता है. लिहाज़ा, ईसा पूर्व 1700 से1300 ईसवी के दौरान, जिसे भारतीय इतिहास में वैदिक काल के रूप में जाना जाता है, अनेक मंत्र बनाए गए. संस्कृत मेंलिखे गए इन मंत्रों को इस तरह पिरोया गया था कि इन तमाम मंत्रों के जाप से हमारे शरीर के नर्वस सिस्टम में एक रिदमपैदा होता है. इस रिदम का कनेक्शन दिमाग़ से होता है और दिमाग़ बहुत ज़्यादा ऐक्टिव हो जाता है. ऐक्टिव दिमाग़ शरीरमें ऊर्जा का अतिरक्त संचार करता है. कमोबेश तुलसी मंत्र भी इसी थ्यौरी के मुताबिक काम करता है. इतना ही नहीं तुलीस मंत्रों के जाप यानी उच्चारण के दौरान जीभ और होंठ में जो मूवमेंट होता है यानी तुलसी मंत्र के जापसे जो फ्रीक्वेंसी पैदा होती है. इस फ्रीक्वेंसी का सकारात्मक असर जाप करने वाले के मन और शरीर पड़ता है. आपनेदेखा होगा, या जब जाप करेंगे तो देखेंगे, तुलसी मंत्र के लगातार जाप से जीभ और तालू बार-बार एक दूसरे को एक ख़ासरिदम से टच करते हैं. इस रिदम का असर इंसान की नाभि या बेलीबटन पर भी पड़ता है. इसका अल्टीमेट असर शरीर केहर प्रेशर पॉइंट पर पड़ता है.. अंततोगत्वा शरीर का हर अंग ऐक्टिव और एनर्जेटिक हो जाता है. इससे हर अंग को ज़रूरीऑक्सीजन मिलने लगता है और ऑक्सीजन मिलते से इंसान स्वस्थ्य महसूस करने लगता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें... तुलसी मंत्र किसी ख़ास बीमारी को दूरी नहीं करता... बल्कि यह अद्भुत मंत्र इंसान केपूरे शरीर को निरोग रखने में मदद करता है. आपको हम बताते चलें कि तुलसी मंत्र का सबसे ज़्यादा असर तुलसी के पौधेके सानिध्य में होता है. इसीलिए, इसीलिए हर थेरेपी की दवा बनाते समय तुलसी के पौधे को भी लिया जाता है. सनातन धर्म में तुलसी का पौधा वैदिक काल से ही विष्णु प्रिया के रूप में पूजा जाता है. इसीलिए तुलसी ही नहीं उसकेपौधे को धार्मिक, पावन, शुद्ध और शुभ माना जाता है. मानयता के अनुसार तुलसी के पत्तों को आमतौपर पर सूर्योदय होनेके बाद ही तोड़ा जाता है. यह भी मान्यता है कि तुलसी के पत्ते 11 दिनों तक बासी नहीं माने जाते. इसीलिए इन पत्तियों कोरोज़ाना जल से धोकर फिर से भगवान को चढ़ाया जा सकता है.  अगर आप अपने घर-परिवार को खुशहाल, रोगमुक्त और धन धान्य से संपन्न करना चाहते हैं तो तुलसी मंत्र का जाप करे्ं।अगर मैक्सिमम हेल्थ बेनिफिट्स चाहते हैं, तो विशेष तौर पर एकादशी तिथि पर तुलसी मंत्र का सही जाप ज़रूर करें...  तुलसी मंत्र का जाप तुलसी के पौधे को जल चढ़ाते हुए करने से ज़्यादा लाभ स्वास्थ्य लाभ मिलता है. सुबह नहा-धोकरतुलसी के पौधे में जल चढ़ाते हुए तुलसी मंत्र का 108 बार जाप करने से घर में जाप करने वाला सुखी और निरोग रहता हीहै, उसके घर में वैभव भी बढ़ता है. अगर आप अपने शरीर को तंदरुस्त रखना चाहते हैं तो रोजाना सुबह नहाने के बाद तुलसी के पौधे को पानी देते हुए तुलसीमंत्र का 108 बार जाप ज़रूर करें... - रिंकु शर्मा

जानें हार्ट अटैक के बाद डायट में क्या खाएं? (Know What To Eat In Diet After Heart Attack)

दिल का दौरा पड़ने के बाद मरीज़ को अपनी डायट का ख़ास ख्याल रखना पड़ता है. उसे अपनी डायट में…

ब्रेस्टफीडिंग से मां-शिशु को होते हैं कई फ़ायदे… (Breastfeeding Has Many Health Benefits For Mother And Baby)

नवजात बच्‍चों और शिशुओं को स्तनपान कराने से उनमें भावनात्‍मक लगाव पैदा होता है और उनका सही मानसिक विकास होता…

ईज़ी वेट लॉस: गेहूं की बजाय इन हेल्दी आटों के प्रयोग से आसान होगा वज़न घटाना! (Healthy Alternatives To Wheat Chapatis For Weight Loss)

गेहूं यूं तो सबसे पसंदीदा अनाज है लेकिन अगर आप तेज़ी से वज़न कम करना चाहते हैं तो गेहूं की बजाय अन्य हेल्दीऑप्शन्स ट्राई करें, क्योंकि गेहूं में ग्लूटेन तो होता ही है, इसके अलावा ये ब्लड शुगर के स्तर को भी बढ़ाता है जिससे बढ़ाहुआ ब्लड शुगर कैलोरीज़ को फ़ैट्स के तौर पर शरीर में स्टोर करने लगता है. इसलिए गेहूं को अपने डायट से हटाने परआपकी भूख भी अपने आप कम हो जाएगी.  बादाम का आटा: वेट लॉस के लिए ये बेहतरीन ऑप्शन है. सिर्फ़ वेट लॉस के लिए ही नहीं सेहत के लिए भी ये काफ़ीफायदेमंद है. बादाम का आटा पाचन के लिए भी बहुत अच्छा है. गेहूं के आटे के मुक़ाबले ये कार्बोहाइड्रेट में कम औरविटामिन ई से भरपूर होता है. इसमें डायटरी फाइबर मौजूद होता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. बादाम में ढेर सारेपौष्टिक तत्व होते हैं और ये कैलोरी में भी कम होता है. बादाम का आटा मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ई, कॉपर, मैग्नीज व फॉसफोरस आदि से भरपूर होता है. ये ग्लूटेन फ्री होता है इसलिए वेट लॉस में लाभदायक है.  बादाम विटामिन ई का बहुत अच्छा स्रोत है, विटामिन ई शरीर के लिए एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट है. इसके गुणों केचलते ये हार्ट पेशेंट, डायबिटीज़, हाई बीपी से ग्रसित लोगों के लिए काफ़ी अच्छा और हेल्दी ऑप्शन है. चोकरयुक्त आटा: गेहूं में बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं. लेकिन चोकर निकाल देने से इसके गुण कम हो जाते हैं. अगर वेटलॉस करना है तो चोकर युक्त रोटी खाएं. चोकर में हाई फाइबर, आयरन, विटामिन ए, बी, कैल्शियम, मैगनीशियम, पोटेशियम पाया जाता है. चोकर कई बीमारियों को भी कंट्रोल करता है. ये हार्ट को, आंतों को हेल्दी रखता है औरकोलेस्ट्रोल नहीं बनने देता है. रागी का आटा: रागी फ़ाइबर का बेहतरीन स्रोत है. रागी पाचन तंत्र को बेहतर करके वज़न कम करने में मदद करता है. येग्लूटेन फ्री होता है और ग्लूटेन ही वज़न बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता है. रागी विटामिन सी का बेहतरीन सोर्स है, इसकेअलावा रागी में आयरन, कैल्शियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं. रागी कोलेस्ट्रोल को कम करता है और कईबीमारियों से भी बचाने में कारगर है. ये अनिद्रा की समस्या से छुटकारा दिलाकर अच्छी नींद लाने में सहायक है.  मल्टी ग्रेन आटा: मल्टी ग्रेन में कई तरह के अनाज मिलाकर कर आटा बनया जाता है. इसमें ज्वार, बाजरा, चना, रागी औरभी अपनी पसंद के अनुसार अनाजों को बराबर मात्रा में मिलाकर आटा बना सकते हैं. इससे बनी रोटी हेल्दी भी होती हैऔर वजन घटाने में भी मदद करती है. जौ का आटा: इसमें न सिर्फ़ कम कैलोरी होती है बल्कि बार-बार भूख लगने की समस्या भी नहीं होती, क्योंकि इसमेंफाइबर की मात्रा काफी ज्‍यादा होती है. ये डायबिटीज़, हार्ट की बीमारी, कोलेस्ट्रोल व मोटापे से मुक्ति दिलाता है.  ज्वार का आटा: प्रोटीन से भरपूर ज्वार का आटा भी ग्लूटेन फ्री होता. ये पाचन तंत्र को बेहतर करता है. इम्यूनिटी बूस्टकरता है. ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है. इसमें आयरन, प्रोटीन, मिनरल्स, कैल्शियम, फोसफोरस और विटामिनमौजूद होते हैं.डायट्री फ़ाइबर से भरपूर ज्वार के आटे से बनी रोटियां के वेट लॉस में काफ़ी कारगर हैं.  बाजरे का आटा: फ़ाइबर से भरपूर होता है बाजरा, जिससे देर तक भूख नहीं लगती. इस तरह ये वज़न कम करने के लिएबेहतरीन माना जाता है. पाचन क्रिया को ये बेहतर करके कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करता है. विटामिन बी, कैल्शियम औरआयरन का अच्छा स्रोत है बाजरा. ये डायबिटीज़ को कंट्रोल करता है. हार्ट और आंतों को हेल्दी रखता है. ग्लूटेन फ्री होताहै और कुछ तरह के कैन्सर से भी बचाता है. सत्तू का आटा: वजन घटाने के लिए सत्तू को काफ़ी अच्छा माना जाता है. ये गैस, अपच व पेट फूलने की समस्या से निजातदिलाकर मेटाबॉलिज़्म को बेहतर करता है और शरीर को प्रभावी तरीक़े से कैलोरीज़ बर्न करने में मदद करता है. इसकीडिटॉक्सिफाइंग प्रॉपर्टीज़ शरीर से टॉक्सिंस को बाहर करने में मदद करती हैं. ये आयरन और फ़ाइबर का बेहतरीन स्रोत है. पाचन तंत्र को हेल्दी रखता है. इसके सेवन से आंतें व पेट भी हेल्दी रहता है जिससे आप हेल्दी और फिट रहते हैं. ये कूलेंटकी तरह काम करके शरीर को हाइड्रेटेड रखता है. हाई बीपी और डायबिटीज़ के रोगियों के लिए फायदेमंद है और येआपको एनर्जेटिक भी रखता है.  सोया बीन का आटा: ये फ़ाइबर और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत तो है ही, साथ ही इसमें सैचुरेटेड फ़ैट्स बेहद कम  होता है. ये लो फैट होता है और विटामिन, मिनरल्स से भरपूर होता है.  इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भी होती है. ज़ीरो कोलेस्ट्रोलऔर लैक्टोस फ्री होता है ये. हाई प्रोटीन होने के कारण ये तेज़ी से वज़न घटाने में काफ़ी कारगर है. मेनोपॉज़ से गुजर रहीमहिलाओं के लिए ये काफ़ी लाभदायक है क्योंकि इसमें फ़ीमेल हॉर्मोन जैसा पदार्थ होता है जो मेनोपॉज़ के लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक होता है. - राजा शर्मा

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