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क्या आप अपने पार्टनर को अपना कॉम्पेटिटर समझते हैं? (Partner Or Competitor: Marriage Is Not A Competition, Stop Competing With Each Other In A Relationship)

पार्टनर, साथी, हमसफ़र… हमराज़… अपने एक ही रिश्ते में कितना कुछ तलाश लेते हैं हम. शादी का रिश्ता होता ही है ऐसा औरइसीलिए इसे जन्म-जन्मांतर का रिश्ता कहा जाता है. अपने पार्टनर के साथ हम सुख-दुःख और उतार-चढ़ाव देखते हैं लेकिन जब हमअपने ही पार्टनर को अपना प्रतिस्पर्धी समझने लगते हैं तब रिश्ते में दरार की आशंका पैदा होने लगती है. क्या आप भी अपने पार्टनर कोअपना कॉम्पेटिटर समझते हैं? अगर ऐसा है तो संभल जाइए और अपने रिश्ते को मज़बूत बनाइए. अक्सर देखा गया है कि लोग अपने साथी को अपने ही रंग में ढालने की कोशिश में जुट जाते हैं.वो ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उनको लगता है कि वो परफेक्ट और बेस्ट हैं. अधिकतर ऐसा होता है कि अगर आपका साथी आपके किसी काम में मदद करवाता है तो दूसरा पार्टनर बजाय उसकी सराहनाके उसमें मीन-मेख निकालने लगता है. …अरे ये क्या किया तुमने, तुमसे नहीं हो पाएगा… तुम मदद न ही करो तो अच्छा है… तुम मेरी तरह नहीं कर सकते इस काम को… तुमसे अच्छा तो मैं ही कर लेता/लेती हूं… क्या आप ऐसे जुमले अक्सर इस्तेमाल करते हैं? आपके दोस्त या रिश्तेदार अगर आपके पार्टनर के गुणों को सराहते हैं तो आपको ख़ुशी होती है या ईर्ष्या? आपके पार्टनर की तरक़्क़ी से आपके अभिमान को तो ठेस नहीं पहुंचती? क्या आपके मन में ऐसा ख़याल अक्सर पनपता है कि जिसे देखो मेरी पत्नी/पति की ही तारीफ़ में लगा रहता है जैसे मुझमें तोकोई गुण है ही नहीं… इस तरह के तमाम नकारात्मक ख़याल ही मन में ईर्ष्या को जन्म देते हैं और आपको भी ईगोइस्ट बनाते चले जाते हैं, ऐसे में आपये समझ ही नहीं पाते कि आप जिससे ईर्ष्या करने जा रहे हैं वो आपका साथी है, न कि प्रतिस्पर्धी.कॉम्पेटिशन करना बुरी बात नहीं, लेकिन वो कॉम्पेटिशन हेल्दी होना ज़रूरी है. कोशिश करें कि अपने मन में नकारात्मक विचारों को न आने दें और अपने हमसफ़र को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा समझें न किअपना प्रतियोगी.दरअसल होता ये है कि साथ रहते-रहते कब ये छोटे-छोटे मीन-मेख निकालने की आदत आपके मन में प्रतियोगिता की भावना भरदेती है इसका एहसास ही नहीं हो पाता.पति-पत्नी दोनों में ही ये भावना घर करने लगती है कि मैं अपने पार्टनर से बेहतर व ज़्यादा गुणी हूं. ऐसे में छींटाकशी से शुरू होते होते कब वो ताने देने लगते हैं और कब वो साथी से एक-दूसरे के कॉम्पेटिटर बनने लगते हैं उनकोभी पता नहीं चलता. इसीलिए बेहतर होगा कि आप अपने रिश्ते की गंभीरता को समझें और अपने रिश्ते को भी गंभीरता से लें और उसे प्यार वअपनेपन की भावना से सींचें. इसके लिए सबसे पहले ये बात मन से निकाल दें कि मैं आपने पार्टनर से ज़्यादा स्मार्ट और इंटेलिजेंट हूं.आप दोनों ही अपने-अपने स्तर पर बेस्ट हैं और एक-दूसरे का संबल व सहारा हैं. ज़ाहिर है जो एक के लिए अच्छा होगा वो उसी के दूसरे व पूरे परिवार की भलाई होगी. दूसरों के सामने एक-दूसरे को नीचा दिखाने से बचें और अपने साथी के गुणों को सराहें. सबको ये बताएं कि आपको बेस्ट पार्टनर मिला है और आप लकी हैं. अपने पार्टनर को भी अपना प्यार जताएं और उसके गुणों को सच्चे दिल से सराहें. उसे आगे बढ़ाएं, न कि उसकी कमियों को गिनाएं. अक्सर कपल एक-दूसरे को बेहतर साबित करने के लिए अपने पार्टनर की कमज़ोरियों को गिनाने लगता है… यहां तक कि उनकेरूप-रंग व क़द-काठी पर भी  ताने देने से नहीं चूकता.पत्नियों को अक्सर वाद-विवाद या झगड़े में कहते सुना जाता है कि मुझे तो डॉक्टर और तुमसे ज़्यादा हैंडसम लड़के मिल रहे थेपर नसीब देखो… वहीं पति भी पत्नियों के फ़िगर व रंग को लेकर कहते हैं कि वर्माजी की लकड़ी का रिश्ता आया था जो तुमसेज़्यादा गोरी और सुंदर थी लेकिन मां को पता नहीं तुममें क्या दिखा… ये भले ही छोटी-छोटी बातें हैं लेकिन दिल पर बड़ी चोटकरती हैं. इनसे बचें. कई बार ऐसा भी देखा गया है कि अगर पत्नी को प्रमोशन मिलता है तो पति ताने देने लगते हैं कि बॉस तुम पर कुछ ज़्यादा हीमेहरबान है… या वो अपने ईगो को संतुष्ट करने के लिए पत्नी के बनाए खाने में या उनके किसी न किसी काम में कमियां निकालनेलगते हैं. वक्त रहते सम्भालने अपने रिश्ते को…  सबसे पहले तो इस बात को समझ लें कि आपकी मुसीबत में या बुरे वक्त में जब सब साथ छोड़ देंगे तब सिर्फ़ आप दोनों हीएक-दूसरे के साथ और एक-दूजे का सहारा रहोगे. इसलिए आपके पार्टनर की तरक़्क़ी में ही आपकी भी तरक़्क़ी है… उसकी तारीफ़ में भी आपकी ही तारीफ़ है. पार्टनर को नज़रअन्दाज़ न करें, उनका व उनकी सलाह का सम्मान करें. दूसरों से तुलना न करें और न ही दूसरों की बातों में आएं. लोगों के सामने अपने पार्टनर की रेस्पेक्ट बनाए रखना आपकी ज़िम्मेदारी है. आप दोनों जीवनसाथी हैं, प्रतिस्पर्धी नहीं.आपको ज़िंदगी एक साथ और एक-दूसरे के सहयोग से बितानी है, न कि एक-दूसरे के विरोध में.आप आमने-सामने नहीं, साथ-साथ हैं. प्यार के रिश्ते में प्यार बढ़ाएं. अगर पार्टनर आपकी किसी कमज़ोरीया कमी को ठीक करने को कहता भी है तो इस दिशा के प्रयास करके उन्हें विश्वास दिलाएंकि उनकी सलाह को आपने ग़लत तरीक़े से नहीं लिया. इसी तरह एक-दूजे को हेल्दी तरीक़े से चुनौती दें, चाहे ज़्यादा सेविंग्स करने की बात हो या ज़्यादा फ़िट रहने की.शर्त लगाएं कि इस महीने आप पार्टनर से ज़्यादा सेव करके दिखाएंगे या आप ज़्यादा व जल्दी फ़िट होकर दिखाएंगे… इसी तरह अन्य कामों में भी फ़न ऐड करें इससे आपका रिश्ता पॉज़िटिव दिशा में बूस्ट होकर आगे बढ़ेगा और नकारात्मकभावनाएं दूर होंगी.एक बात का ध्यान रखें कि मन-मुटाव और वाद-विवाद हर रिश्ते में होता है लेकिन ये वहीं होता है जहां प्यार होता है. किसी भी छोटी सी बात का बतंगड़ बनाने से बचें. न ही अपने मन में उसे घर करने दें और न ही पार्टनर के प्रति बदले की भावनारखें. कुछ बातों को नज़र अन्दाज़ करना ही रिश्ते के लिए बेहतर होता है..  कुछ चीज़ों को बस जाने देना ही ठीक होता है, इसलिए आपभी ऐसी बातों को जाने दें. राजा शर्मा 

अपने रिश्ते से दूर करेंगे स्ट्रेस, तो रिश्ता बनेगा बेस्ट (Smart & Simple Ways To De-Stress Your Relationship)

रिश्ते हमारी ताक़त होते हैं लेकिन कई बार यही हमारी कमजोरी भी बन जाते हैं. फिर भी रिश्ते कहीं न कहीं हमें सहारा देतेहैं और ख़ासतौर से पति-पत्नी का रिश्ता तो उम्र भर का साथ और सहारा होता है, लेकिन अक्सर वक़्त के साथ रिश्तों कीडोर ढीली पड़ जाती है, क्योंकि हम खुद ही अपने रिश्तों के प्रति बेपरवाह हो जाते हैं और उनको तनावपूर्ण बना लेते हैं. बेहतर होगा कि अपने रिश्ते से ये तनाव और स्ट्रेस दूर करें ताकि आपका रिश्ता हमेशा मज़बूत और फ्रेश बना रहे. आइएजानते हैं रिश्ते में क्या और कैसे स्ट्रेस होते हैं और उनको कैसे दूर किया जाए… परफेक्ट बने रहने का स्ट्रेस: हम सभी चाहते हैं कि हम परफेक्ट बनें और हर काम परफेक्शन के साथ करें लेकिन हम येक्यों भूल जाते हैं कि आख़िर हम सब इंसान ही तो हैं और कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता. सबकी कुछ कमज़ोरियांहोती ही हैं, इसलिए न आप खुद से और न ही अपने पार्टनर से परफेक्ट होने की उम्मीद करें, क्योंकि परफेक्शन का येस्ट्रेस आप दोनों पर ही भारी पड़ेगा.  सारे काम खुद करने का स्ट्रेस: अक्सर हमारे समाज में लिंग के आधार पर काम को बांटा जाता है कि ये काम महिलाओंका ही है और ये पुरुषों का, लेकिन अब जब लाइफ़स्टाइल इतनी बदल चुकी है तो ये नियम क्यों न बदला जाए?  बेहतरतो यही होगा कि आप अपनी-अपनी सुविधानुसार अपने काम और जिम्मेदारियां बांट लें. चाहे बच्चों की पढ़ाई हो या खानाबनाने से लेकर घर के अन्य काम, सभी सदस्य मिलकर एक टाइम टेबल बना लें और मिल-जुलकर काम करें.  हमेशा अट्रैक्टिव दिखने का स्ट्रेस: उम्र और हालात के अनुसार शरीर बदलता और ढलता है लेकिन कोशिश ये होनी चाहिएकि आकर्षक दिखने की बजाय हेल्दी और फिट बने रहने का प्रयास करें. ग्रेसफुली खुद को और अपने रिश्ते को हैंडल करें. अपने पार्टनर को कभी इस तरह की बातें न कहें कि उसे देखो इस उम्र में भी कितनी अट्रैक्टिव है… इसकी बजाय आप दोनोंएक-दूसरे को फिट बने रहने के लिए प्रोत्साहित करें. न तो अपनी पत्नी से ये उम्मीद करें कि वो हमेशा नई-नवेली दुल्हनकी तरह सजी-धजी रहे और न पत्नी ये उम्मीद करे कि उनके पति हमेशा फ्रेश और रोमांटिक नज़र आएं. अपने पार्टनर्स केकैज़ुअल लुक्स को भी ऐक्सेप्ट करें. क्योंकि आप दोनों का रिश्ता एक वक़्त के बाद उस स्तर पर खुद ब खुद पहुंच जानाचाहिए जहां शरीर और लुक्स मायने ही न रखे बल्कि आप दोनों एक-दूसरे के साथ हर तरह से सहज महसूस करें. बड़ी-बड़ी अपेक्षाओं का स्ट्रेस: सपनों को नींदों में ही रहने दें तो बेहतर होगा क्योंकि न तो सारे सपने पूरे होते हैं और न हीसारी हसरतें मुकम्मल हो पाती हैं. इस अधूरेपन को स्ट्रेस न बनाकर ज़िंदगी की हक़ीक़त के तौर पर स्वीकार लें और एंजॉयकरें. फ़िल्मी दुनिया में जीना छोड़कर यथार्थ को बेहतर बनाने पर ध्यान दें. बड़ी गाड़ी, महंगे शौक़, दूसरों की देखा-देखीवैसी ही लाइफ़ स्टाइल जीने की हसरत को अपने रिश्ते पर हावी न होने दें.  इमेज कॉन्शियस यानी अच्छी इमेज बनाए रखने का स्ट्रेस: एक अच्छी बहू, अच्छी मां, अच्छी बीवी या एक बेस्ट पति, बातफादर, बेस्ट सन बने रहने का प्रेशर आपको बेस्ट से कहीं वर्स्ट न बना दे. आपसे भी ग़लतियां हो सकती हैं. आपको भीकभी-कभी ग़ुस्सा आ सकता है, आप भी कभी-कभार ओवर रिएक्ट कर सकते हैं… ये सब मानव सुलभ कमज़ोरियां यास्वभाव है. आप हमेशा हंसते हुए ही दिखें ये ज़रूरी नहीं, लेकिन अक्सर लोग अपनी तकलीफ़ों को छिपाने की कोशिशकरते हैं. बेहतर होगा उनको बांट लें, शेयर करें, ऑफ़िस में कुछ हुआ हो तो घर पर शेयर करके ग़ुबार निकाल लें. स्ट्रॉन्ग बने या दिखने का स्ट्रेस: आप पुरुष हो, आप कभी कमजोर नहीं पड़ सकते, आप कभी रो नहीं सकते या आप कभीटूट नहीं सकते… इन बातों का बोझ अपने ऊपर और अपने रिश्तों पर न पड़ने दें. आप भी कमजोर पड़ सकते हैं… अपनों सेअपने दिल की बातें छिपाएं नहीं ये सोचकर कि वो क्या सोचेंगे, बल्कि उनके सामने अपना दिल खोलकर रख दें ताकि वोआपका साथ भी दें और आप भी और भरोसा भी करें… इसी तरह आप पत्नी हो, बहू हो या बेटी हो इसलिए आप कभीकिसी को ना नाहीं कह सकतीं, इस सोच के साथ कभी आगे न बढ़ें. अगर आप थकी हुई हैं, आपका मन नहीं है या आपअस्वस्थ महसूस कर रही हैं तो आप पति को सेक्स के लिए ना बोल सकती हैं, आप घरवालों को अपनी तबियत बताकरघर के कुछ काम या खाना बनाने के लिए ना कह सकती हैं, आप आराम करना चाहती हैं ये कह सकती हैं… विनम्रतापूर्वकऔर प्यार व भरोसे से कहेंगी तो सब आपका साथ देंगे. हां, काम से बचने का बहाना करेंगी तो वो भी सब समझ जाएंगे. रिश्तों में सच्चाई और ईमानदारी बेहद ज़रूरी है. पैसों को लेकर स्ट्रेस: रिश्तों में आपका प्यार और विश्वास ही आपकी सबसे बड़ी बचत है इसलिए पैसों को लेकर सतर्कज़रूर रहें पर स्वार्थी न बनें. घर की ज़िम्मेदारियों में सहयोग करें और अपने भविष्य के लिए भी निवेश ज़रूर करें लेकिनअपना सारा पैसा बचाने की तरकीबें करेंगे तो सिर्फ़ स्ट्रेस ही हाथ आएगा और हाथ से जाएगा वो होगा रिश्तों का प्यार, विश्वास और अपनों का साथ. बेहतर होगा कि इन तमाम तरह के स्ट्रेस से अपने रिश्ते को बचाएं और उसे बेस्ट बनाएं.  परी शर्मा 

65+ टिप्स: रिश्ता टूटने की नौबत आने से पहले करें उसे रिफ्रेश… (Love And Romance: 65+ Simple Tips To Refresh Your Relationship)

हम अक्सर अपने सबसे करीबी रिश्तों को ही गंभीरता से नहीं लेते. एक वक़्त के बाद हम उनके प्रति लापरवाह या यूं कहेंकि बेपरवाह से हो जाते हैं और यहीं से शुरुआत होने लगती है समस्याओं की. धीरे-धीरे कम्यूनिकेशन कम होने लगता गई, नीरसता बढ़ती जाती है और एक रोज़ अचानक महसूस होता है कि रिश्ते में रहकर भी आप अकेले हैं. जब रिश्ते इसदहलीज़ तक पहुंच जाते हैं तो उनको टूटने में भी ज़्यादा वक़्त नहीं लगता. बेहतर होगा कि ऐसी नौबत ही क्यों आने दें कि रिश्ता टूटने के कगार तक पहुंच जाए. क्यों न अपने रिश्ते को हमेशातारोताज़ा बनाए रखा जाए, लेकिन उसके लिए थोड़ी सी कोशिश करनी होगी, तो इन टिप्स को आज़माएं और अपने रिश्तेको रिफ्रेश करें… रिश्ता भले ही पुराना हो गया हो, लेकिन उसमें कुछ नया हमेशा ट्राई करते रहें.रिश्ते में अगर आप नया नहीं करेंगे वो वो बोरिंग होने लगेगा. आप हर दिन जैसे बाक़ी कामों के लिए समय निकालते हैं उसी तरह अपने पार्टनर और अपने रिश्ते के लिए भी रोज़वक़्त निकालें. इस वक़्त को आप सिर्फ़ अपने और अपने पार्टनर के लिए रखें. उसमें आप चाहें तो बैठकर चाय या कॉफ़ी पिएं, बातेंकरें, दिनभर की छोटी-बड़ी घटनाओं का ज़िक्र करें. ध्यान रहे इस वक़्त में आप शिकायतें न करें, सिर्फ़ पॉज़िटिव बातें करें.शेयर करने से ही रिश्तों में भावनाएं और गर्माहट बनी रहेगी. हमेशा शिकायतें ही न करते रहें. इससे नकारात्मकता फैलती है.हंसी-मज़ाक़ करें.कॉम्प्लिमेंट दें. एक-दूसरे को छेड़ें, मूड लाइट करें.रोमांस को ज़िंदगी से ग़ायब न होने दें. छोटी-छोटी कोशिशें रिश्तों में बड़ी मज़बूती लाती है. जिस तरह पार्टनर की खूबियों को अपनाते हैं वैसे ही उसकी कमियों को भी अपनाना सीखें. अपने हिसाब से किसी को भी बदलने के लिए फ़ोर्स न करें. ना ही बात-बात पर तानें दें. एक-दूसरे को स्पेस भी दें, हमेशा सिर पर सवार न रहें.हर छोटे-बड़े फ़ैसले में पार्टनर की राय भी ज़रूर लें.वीकेंड पर पिकनिक या आउटिंग की प्लानिंग करें. इससे रूटीन में थोड़ा बदलाव और नयापन आएगा.थोड़ा-बहुत झूठ भी बोलें, एक-दूसरे की झूठी तारीफ़ भी करें. ओवर रोमांटिक होने से रिश्ते में एक ताज़गी बनी रहतीहै.एक-दूसरे को गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड की तरह ट्रीट करें न कि पति-पत्नी की तरह.गिफ़्ट्स दें, सर्प्राइज़ प्लान करें. एक साथ जॉगिंग पर जाएं या शाम को वॉक पर जाएं. कोई हॉबी क्लास जॉइन करें.हर जगह बच्चों को लेकर जाने की ज़रूरत नहीं. सिर्फ़ आप दोनों रोमांटिक डेट पर जाएं.सेकंड हनीमून भी अच्छा आइडिया है. अपने पैरेंट्स या दोस्तों को बहुत ज़्यादा अपनी निजी ज़िंदगी में दख़ल न देने दें. सुनें सबकी पर करें अपने मन की. अपने रिश्ते को लेकर हमेशा पॉज़िटिव रहें. भले ही कुछ अनबन हो जाए आपस में लेकिन उसे रिश्ते का एक अंगमानकर स्वीकार लें. अगर सॉरी या थैंक यू कहने से काम बनता है तो झिझकें नहीं.अपने रिश्ते को अपनी प्राथमिकता बनाएं, न कि अपने ईगो को. अपने पार्टनर की ख़ुशी को तवज्जो दें न कि अपने अहम की तुष्टि को.  रिश्ते में नफ़ा-नुक़सान न सोचें, रिश्ते अपने आप में हमारी सबसे पहली ख़ुशी होनी चाहिए. अगर लंच साथ नहीं कर पाते तो कोशिश करें कि ब्रेकफ़ास्ट और डिनर साथ करें. भले ही सुबह थोड़ा जल्दी उठनापड़े. जब साथ हों तो वाक़ई में साथ रहें, अपने-अपने फ़ोन से ब्रेक ले लें.कभी एक प्यारभरा किस तो कभी अपने हाथों से कुछ स्पेशल बनाकर खिलाना वो जादू कर जाता है जो बड़े से बड़ाऔर महंगा तोहफ़ा भी नहीं कर पाता.अपने रिश्ते को रिफ्रेश करने के लिए बहुत ज़रूरी है कि अपनी सेक्स लाइफ़ को भी रोमांचित और रिवाइव करें. अपने घर का माहौल लाइट और रोमांटिक रखें. बेडरूम का डेकोर भी रोमांटिक हो.सेक्स को लेकर कुछ नया करें, कभी वीकेंड में स्वीट बुक करें तो कभी घर में ही नई जगह या नई पोज़ीशन ट्राई करें.पार्टनर को ये फ़ील कराएं कि वो आज भी आपको उतना ही अट्रैक्टिव लगते हैं जितना पहले. कभी फ़ोन पर हस्की वॉइस में बात करें.आई लव यू कहें या मैसेज करें. नॉटी बातें करने से झिझकें नहीं. कभी भी ये न सोचें कि अब बच्चे बड़े हो गए या वो मिडल एज में आ गए तो रोमांस करना सही नहीं.रोमांस की कोई एज नहीं होती, आप जब तक अपना दिल जवां और मूड ज़िंदादिल रखेंगे आपका रिश्ता उतना हीफ्रेश रहेगा.अपने रिश्ते को बेहतर करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन ये भी है कि आप एक-दूसरे की जिम्मेदारियां बांटें, ताकिपार्टनर को लगे कि आप उनका साथ निभाने और बोझ कम करने के लिए हमेशा उनके साथ हैं.इसी तरह अपने पार्टनर को हर्ट करने से बचें. कड़वा न बोलें और अगर ग़ुस्से में कुछ मुंह से निकल भी जाए तो दिमाग़ठंडा होने पर माफ़ी मांग लें. इमोशनल ब्लैकमेलिंग से बचें. ये रवैया रिश्ते में ज़हर भर देता है, क्योंकि अपनों के साथ सौदेबाज़ी नहीं की जाती. उन्हें डरा-धमकाकर अपना काम नहीं निकलवाया जाता.अगर आप ऐसा कुछ करते हैं तो फ़ौरन अपना ये ऐटिट्यूड बदल दें. रोमांटिक म्यूज़िक सुनें वो भी साथ में या पुराने ऐल्बम निकालें, तस्वीरें देख कर बीते वक़्त को रिवाइव करें. पुरानीयादें ताज़ा करें. अपने पुराने दोस्तों के साथ पार्टी रखें. पुरानी रोमांटिक सिचूएशन्स को और दिनों को रिक्रीएट करें. हाईजीन और फिटनेस का ध्यान ज़रूर रखें. ना सिर्फ़ बॉडी हाईजीन या प्राइवट पार्ट्स की बल्कि ओरल हाईजीन और फिटनेस भी उतनी ही ज़रूरी है. ये न सिर्फ़ आपको हेल्दी रखती हैं बल्कि आपके रिश्ते को भी हेल्दी और फ्रेश रखती है.पार्टनर को या उसकी बातों को इग्नोर न करें या हल्के में न लें.माइंड गेम्स या पावर गेम्स न खेलें, रिश्तों में मैनिप्युलेशन आपके रिश्ते को तोड़ सकता है. पार्टनर को कंट्रोल में करने के उपाय न सोचें बल्कि उसका साथ देने की बात पर ज़ोर दें.अक्सर घरवाले या दोस्त-रिश्तेदार भी सलाह देते हैं कि ऐसा करोगे तो पार्टनर क़ाबू में रहेगा, आपकी हर बातमानेगा… दिन-रात आपको ही याद करेगा. इन चक्करों में न पड़ें, क्योंकि आपको लाइफ़ पार्टनर चाहिए न कि कोईरोबोट या गुड्डा-गुड़िया जो आपके इशारों पर नाचे.इन सबसे भले ही थोड़े समय के लिए आपको पार्टनर का अटेंशन मिल जाए, लेकिन लंबे समय तक यह करेंगे, तोपार्टनर की दिलचस्पी आप में कम हो जाएगी. रिश्ते में ठंडापन व ग़लतफ़हमियां बढ़ेंगी. जिससे रिश्ता टूट सकता है. इसी तरह पार्टनर की तारीफ़ या कामयाबी से जलें नहीं बल्कि गर्व करें. अगर पार्टनर थका हुआ है तो सेक्स के लिए ज़ोर न दें बल्कि एक हॉट मसाज देकर उसका मूड फ्रेश कर दें.चीट न करें और झूठ बोलने से बचें, क्योंकि झूठ रिश्तों को खोखला कर देता है, जिससे पार्टनर आप पर भरोसा नहींरख पाता. अपने साथी को अपने दोस्तों व ऑफ़िस कलीग से खुलकर मिलवाएं. अपने रिश्ते से उम्मीद और अपेक्षा सभी रखते हैं लेकिन ये ध्यान रहे कि ये अपेक्षाएं अनरीयलिस्टिक न हों.संयम और विश्वास रिश्ते में बेहद ज़रूरी हैं, आपका रिश्ता तभी तक ताज़ा रहेगा जब तक कि आप संयम औरविश्वास से काम लेंगे, क्योंकि संयम होगा तो नकारात्मकता नहीं पनपेगी और विश्वास होगा तो साथ बना रहेगा.रिश्ते को रिफ्रेश करने का एक और जादुई उपाय है- टच थेरेपी. जी हां, प्यार भरी, केयर से भरपूर हल्की से छुअन भीरिश्ते को रोमांचित कर जाती है.कभी सामान पकड़ाते समय हल्के से हाथ छू लिया, कभी नज़रों से ही प्यार से ही देख कर छू लिया, कभी किचन मेंकाम करती पत्नी को पीछे से आकर अचानक कमर से पकड़ किया तो कभी काम में डूबे पतिदेव के बालों मेंउंगलियों का कोमल स्पर्श दे दिया… ये तमाम बातें रिश्तों और रिश्ते में प्यार की ताज़गी को बनाए रखती हैं.साथ रह रहे हैं तो एक-दूसरे की हेल्थ के बारे में अपडेटेड रहें, एक-दूसरे के घरवालों की भी हेल्थ का पता रखें औरज़रूरत के वक्त साथ खड़े रहें. एक-दूसरे के घरवालों का पूरा सम्मान भी करें, इसका सीधा असर आपके रिश्तों परपड़ेगा और वो पॉज़िटिव और फ्रेश बना रहेगा.  गोल्डी शर्मा

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