Relationship & Romance

रिश्तों में ज़रूर बोलें ये प्यारे से झूठ! (Sweet Recommended Lies To Tell Your Partner In Relationships)

रिश्तों में ईमानदारी और सच्चाई बेहद ज़रूरी होती है लेकिन कभी कभी कुछ झूठ भी आपके रिश्ते की गर्मी को बनाए रखतेहैं. यह ज़रूरी है कि ये झूठ बेहद समझदारी व सूझबूझ से कहे जायें. तो क्या हैं ये प्यारे झूठ आइए जानें- आज बेहद ख़ूबसूरत लग रही हो. हर पति को अपनी पत्नी से यह ज़रूर कहते रहना चाहिए. बीच बीच में इस तरहकी बातें मन को गुदगुदा देती हैं.आपकी आवाज़ फोन पर बेहद सेक्सी लगती है. पत्नी इस तरह की बातों से पति को अच्छा महसूस करवा सकती हैं.यह रंग बहुत खिलता है तुम पर. आप दोनों ही यह कह सकते हैं फिर भले ही वो रंग आपको नपसंद हो पर आपकायह कहना उन्हें बेहतर महसूस कराएगा और आपके और क़रीब लाएगा.तुम्हारा हाथों में ग़ज़ब का स्वाद है और आज तो खाना और भी लाजवाब है. भले ही खाना सामान्य ही बना हो परआपकी तारीफ़ उन्हें यह महसूस कराएगी कि वो आपके लिए ख़ास हैं और आप उनके काम की कद्र करते हैं.आप कितनी ज़िम्मेदारी से सब कुछ संभाल लेते हैं. भले ही ऐसा ना हो पर अगर वो आपकी मदद करने की कोशिशकरते हैं और जिम्मेदारियाँ बाँटते हैं तो उनकी तारीफ़ ज़रूर करें.कितनी मेहनत करती हो तुम. भले ही पत्नी ने कुछ अलग से ना किया हो लेकिन इस तरह की बातें उनका हौसलाबढ़ाती हैं. तो कहने में क्या हर्ज है.आप कितना प्यार करते हैं मुझसे और उतना ही सम्मान भी. मेरी नज़रों में आपकी इज़्ज़त दिन ब दिन बढ़ती ही जारही है. ऐसा कहने से वो सच में आपसे और ज़्यादा प्यार करेंगे और रिश्ते में कोशिश भी अधिक करेंगे.ये सफ़ेद बाल भी आप पर खूब फबते हैं. वक़्त के साथ भले ही बालों का रंग उड़ जाए लेकिन आपके इस तरह केप्यारे झूठ रिश्तों के रंगों को उड़ने नहीं देंगे. तुम घर कितने अच्छे से संभालती हो और रिश्तों को भी. इस घर को तुमने वाक़ई खूबसूरत बना दिया. ऐसा कहने सेवो ज़रूर आपके बाक़ी रिश्तों की और भी परवाह करने लगेंगी, चाहे आपके माता-पिता हों या भाई-बहन.मेरे पेरेंट्स को इतना प्यार और सम्मान देने के लिए शुक्रिया. भले ही आप इस संदर्भ में उनसे इत्तेफ़ाक ना रखतीं होंलेकिन ऐसा कहने से उनका व्यवहार और बेहतर होगा और वो अधिक कोशिश करेंगे कि आपकी बातों पर खरेउतरें. बच्चे कह रहे थे पापा इतना अच्छा पढ़ाते हैं कि ट्यूशन की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी. ऐसा कहने से वो बच्चों की पढ़ाईके प्रति और ज़िम्मेदार होंगे aur पर्सनल इनटरेस्ट लेने लगेंगे. आपकी एक ज़िम्मेदारी थोड़ी हल्की हो जाएगी. आप जब भी सब्ज़ियाँ लाते हो वो ताज़ा भी होती हैं और पैसे भी कम लगते हैं, लगता है आपको मार्केटिंग की समझमुझसे अच्छी है. इस तरह से वो हर शाम सब्ज़ियाँ भी ख़रीदेंगे और उन्हें यह करने में मज़ा भी आएगा. तो इस तरह आप दोनों ही अपने अपने तरीक़े से रिश्ते में  सामंजस्य बेहतर बना सकते हैं और अपने रिश्तों की डोर को aur मज़बूत कर सकते हैं.

बॉलीवुड के ‘क्यूट कपल’ रितेश देशमुख और जेनिलिया डिसूज़ा से सीखें हैप्पी मैरिड लाइफ के सीक्रेट मंत्र (Happy Married Life Secret Mantra By Riteish Deshmukh And Genelia D’souza)

बॉलीवुड के क्यूट कपल के नाम से मशहूर रितेश देशमुख और जेनिलिया डिसूज़ा देशमुख न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि सभी कपल्स…

हेल्दी रिलेशनशिप के लिए अपनायें लव लैंग्वेज (Use Love Language To Improve Your Relationship)

रिश्तों को कभी भी कैज़ूअल ना लें वरना उनकी ऊर्जा खोने लगती है. आप भी अपने रिश्ते की गर्मी बनाए…

रोज़मर्रा की ये 10 आदतें बनाएंगी आपके रिश्ते को और भी रोमांटिक (10 Everyday Habits Will Make Your Relationship More Romantic)

आदतें ही हमें बनाती हैं और आदतें ही हमें बिगाड़ती भी हैं. हमारी आदतों का असर हमारे रिश्तों पर भी…

5 रिलेशनशिप हैबिट्स जो आपके रिश्ते के लिए टॉक्सिक साबित हो सकती हैं (5 Toxic Relationship Habits That Can Ruin Any Relationship)

रिश्ते में अतिरिक्त प्रयास ना करना: एक समय के बाद हम खुद यह मान लेते हैं कि अब रिश्ते को अतिरिक्त समय देने कीया कुछ स्पेशल करने की ज़रूरत नहीं. हमको लगता है हमारा रिश्ता स्टेबल हो गया और यहीं हम ग़लती करते हैं. धीरे धीरेरिश्ते में बोरियत पनपने लगती है और वो रूटीन सा लगने लगता है.  क्या करें: रिश्ते को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए आपके प्रयास ज़रूरी हैं. हमेशा कुछ नया करते रहें और पार्ट्नर कोस्पेशल फ़ील करवाते रहें. विवादों को उनसुलझा ही रहने देना: अक्सर कई कपल यह ग़लती करते हैं. उनमें कोई झगड़ा या विवाद हो जाए तो वोउसको सुलझाने की बजाए बात करना बंद कर देंगे हैं और फिर धीरे धीरे उसको टालना शुरू करके फिर से सामान्य होनेलगते हैं. लेकिन वो बात वहीं की वहीं रह जाती है, जो कभीना कभी बैकफ़ायर करती ही है. क्या करें: बेहतर होगा कि विवाद के बाद जब आप दोनों का ही ग़ुस्सा शांत हो जाए तब उस पर बात की जाए. समस्या कीजड़ तक जाना ज़रूरी है ताकि उसको सुलझाया जा सके aur भविष्य में फिर ऐसा विवाद ना हो. एक दूसरे की भावनाओं को जानबूझकर आहत करना: अक्सर कपल ऐसा करते हैं. उन्हें लगता है कि अगर पार्टनर उन्हें हर्टकरता है तो वो भी बदला लेंगे. एक दूसरे को ताना देना या कोई ऐसी बात करना जिससे पार्टनर आहत हो ऐसा ना करें. इससे आपका रिश्ता कमज़ोर होगा और विवाद भी बढ़ेंगे. एक दूसरे के घरवालों को लेकर कोई ताना ना दें और ना हीउनका अपमान करें. दूसरों के सामने भी पार्टनर को नीचा ना दिखायें, वरना आपका रिश्ता ज़्यादा नहीं चल पाएगा.  क्या करें: आप दोनों एक दूसरे को मोटीवेट करने के लिए साथ हो ना कि तकलीफ़ देने के लिए. एक दूसरे की कमज़ोरियोंको स्वीकारें और फिर आगे बढ़ें. सभी को सम्मान दें और आपसी झगड़े में घरवालों को बीच में ना लायें. रिश्ते के बाहर आकर्षण महसूस करना: पार्टनर से विवाद हुआ तो इसका यह मतलब नहीं कि ऑफ़िस में कॉलीग के सामनेअपनी पर्सनल लाइफ़ का विश्लेषण करने लगें. इस से बचें और इस तरह के अस्थाई बाहरी आकर्षण से भी.  क्या करें: यह सोचें कि अब तक आपके सुख दुःख में पार्ट नर ने ही साथ दिया है इसलिए उसका सम्मान करें aur मामूलीविवाद के चलते उसकी अच्छाइयों को अनदेखा ना करें. किसी तीसरे के नज़रियर से अपने रिश्ते को जज ना करें. इमोशनल ब्लैकमेलिंग से बचें: कभी बच्चों के नाम पर, कभी सेक्स को लेकर तो कभी अपनी जान ले लेनी की बात करकेअक्सर कपल भावनायों से खेलते हैं. इससे बचें क्योंकि ऐसा करने पर पार्टनर आप अपना सम्मान खो देंगे. आपकी इनधमकियों को पार्टनर एक समय के बाद नज़रअंदाज़ करने लगता है हो सकता है कि वो बाहर भी रिश्ता क़ायम कर ले. क्या करें: बातचीत ही समस्या का समाधान है. परिपक्वता दिखायें, ना कि बचपना. पार्टनर की भवनाओं को समझें औरइमोशनल ब्लैकमेलिंग से बचें.

पहला अफेयर: वो एक हसीन ख़्वाब था… (Pahla Affair: Wo Ek Haseen Khwab Tha)

ऑफ़िस में पहला दिन था. सहमी-सहमी सी थी मैं. खुद को यहां साबित करना है, आगे बढ़ना है... अपनी मेहनत औरइरादों के बूते. इतने में ही ऑफ़िस बॉय आया और कहने लगा सर ने आपको बुलाया है. मैं नॉक करके अंदर गई- सो मिस शक्ति, वेल्कम! आपका स्वागत है इस कम्पनी में. उम्मीद है आप जैसी होनहार लड़कीबहुत जल्द आगे बढ़ेगी. मैं उनको थैंक यू कहकर बाहर आई तो अलग ही ऊर्जा महसूस कर रही थी. कितने अच्छे बॉस मिलें हैं मुझे, इतना हौसलादेनेवाले और ज़िंदादिल. मैं अपने काम में जुट गई और फिर धीरे-धीरे बॉस के दिल में अपने काम से अलग जगह भी हासिल कर ली.  वो मुझपर भरोसा करते थे इसलिए बड़ी ज़िम्मेदारी मुझे ही देते. उनके साथ काम करते करते कब मैं उनके इतने क़रीब आगई ख़ुद मैं भी नहीं जान पाई. आजकल ना जाने क्या हो गया था, वो बोलते रहते और मैं बस उनको देखती रह जाती. गुड लुकिंग तो वो थे ही, हमउम्र भीथे.  उनकी ग़ैरहाज़िरी में उनके टेबल पर रखी चीजों को छूकर उनका एहसास, उनकी ख़ुशबू अपने अंदर समेट लेती. जब भी वो पास से गुज़रते या मैं उनके क़रीब रहती तो उनकी वो भीनी-भीनी ख़ुशबू मुझे मदहोश कर देती. मन में कई हसीनऔर रंगीन ख़्वाब पलने लगे थे. अगले ऑफ़िस जाने का इंतज़ार रात से ही रहता. ख़ुद को कई बार आइने में निहारती औरफिर यही सोचती कि उनको तो मैं पसंद ही हूं... लेकिन पता नहीं अब तक प्रपोज़ क्यों नहीं किया...  एक रोज़ पता चला उनकी पोस्टिंग दूसरे शहर हो गई है, मन आहत हुआ, मैंने सोचा उनसे अपने दिल की बात मैं ही कह दूं.  उनके कैबिन में गई तो कोई और भी था. उन्होंने कहा कि आ जाओ सब अपने ही हैं, कोई पराया नहीं. फिर उन्होंने मेरापरिचय करवाया- शीतल, यही है शक्ति, जिनकी तारीफ़ों के पुल मैं अक्सर तुम्हारे सामने बांधता था और तुम कहती थीकभी मिलवाओ भी अपनी शक्ति से.  यह सुन मैं शर्म से लाल हो गई... धड़कनें तेज़ थीं क्योंकि मुझे लगा कि विनोद सर भी मेरे बारे में वही सोचते हैं जो मैं, तभीतो सबको बता रखा है.  अरे शक्ति, कहां खो गई? तुम्हारा तो परिचय करवा दिया पर तुम भी इनसे मिल लो, ye है रितु, मेरी मंगेतर, मेरी जान!  ये सुनते ही मेरे होश उड़ गए, ऐसा कैसे हो सकता है? मुझे प्यार के ख़्वाब दिखाकर... किसी और के साथ...  अरे तुम फिर खो गई कहीं... क्या बात है शक्ति? तुम ठीक हो ना? सॉरी शक्ति मैं अपनी पोस्टिंग की बात तुम्हें कल बतानहीं पाया. मैं तुम्हें मिस करुंगा. तुम्हारे बिना काम करने की आदत नहीं. तुम जैसी होनहार लड़की और कॉलीग मिलनामुश्किल है. मैं तुम्हें बहुत एडमायर करता हूं, यक़ीन ना हो तो रितु से पूछ लो... विनोद सर बोलते जा रहे थे और मैं किसीतरह अपने आंसू रोकने की कोशिश में थी.  इतने में रितु ने कहा- हां शक्ति, विनोद अक्सर तुम्हारे टैलेंट और मेहनत का ज़िक्र करते रहते हैं. कल कह रहे थे कि शक्तिके बिना नई जगह खुद को अधूरा महसूस करुंगा. तुम बहुत आगे जाओगी अपने करीयर में, क्योंकि विनोद इतनी जल्दीकिसी से इम्प्रेस नहीं होते.  मैंने उन दोनों को शुभकामनाएँ दीं और घर आकर ख़ूब रोई. जब मन का सारा कड़वापन धुल गया तब सब कुछ साफ़ नज़रआया.  सच तो है, सर ने तो हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया था, मेरे काम और करीयर से जुड़ी ही बातें करते थे वो तो मैं ही थी जोउनकी तरफ़ खिंचती गई और उनके बड़प्पन को ग़लत नज़रिए से देखने लगी. कितना साफ़ दिल है उनका. अपनी मंगेतर केसामने भी कितनी साफ़गोई से मेरे हुनर को सराह रहे थे.  और रितु भी उतनी ही साफ़ दिल की है जो बिना किसी परेशानी के मुझे ही हौसला दे रही थी. सच में बहुत प्यारी जोड़ी थीदोनों की. मेड फ़ॉर ईच अदर!  मुझे अब उनसे और भी गहरा प्यार हो गया था, पर इस प्यार में शारीरिक आकर्षण नहीं, ख़ालिस मोहब्बत थी, इज़्ज़त थी, स्नेह था और ढेर सारी दुआएं... इस पाक मुहब्बत पर नाज़ था अब मुझे और अपनी पसंद पर भी. …

एब्यूसिव रिलेशनशिप में क्यों रहती हैं महिलाएं? (Why Women Stay In Abusive Relationship?)

सब ठीक हो जाने के इंतज़ार में कई महिलाएं चुपचाप सब कुछ सहते हुए एब्यूसिव रिलेशनशिप में रहती हैं… लेकिन…

पहला अफेयर: रेत अभी प्यासी है… (Pahla Affair: Ret Abhi Pyasi Hai)

पहला अफेयर: रेत अभी प्यासी है… (Pahla Affair: Ret Abhi Pyasi Hai) ओस से भीगा वह कमरा, लगा हवा ने…

कैसे दूर करें अपने रिलेशनशिप फियर्स?(How To Overcome Relationship Fears?)

जो चीज़ हमें सबसे प्यारी होती है, उसे खोने का डर भी हमें उतना ही ज़्यादा होता है. ऐसे में…

पहला अफेयर: तुम कभी तो मिलोगे (Pahla Affair: Tum Kabhi To Miloge)

पहला अफेयर: तुम कभी तो मिलोगे (Pahla Affair: Tum Kabhi To Miloge) आज फिर मेघों से रिमझिम वर्षा रूपी नेह…

The Psychology Of Relationships: मुझे दोस्त बनाने में संकोच होता है (I Hesitate To Make Friends)

मैं फाइनल ईयर की छात्रा हूं. इंदौर में पली-बढ़ी हूं. आगे की पढ़ाई के लिए मुंबई आई हूं. यहां सब कुछ…

पहला अफेयर: काश, तुम समझे होते (Pahla Affair: Kash Tum Samjhe Hote)

पहला अफेयर: काश, तुम समझे होते (Pahla Affair: Kash Tum Samjhe Hote) कभी-कभी अचानक कहे शब्द ज़िंदगी के मायने बदल…

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