Relationship & Romance

ये हेल्दी हैबिट्स आपके रिश्तों को भी रखेंगी फिट और हेल्दी… (15 Healthy Habits To Keep Your Relationship Fit And Strong)

हेल्दी रहना (Healthy Habits)  सिर्फ़ आपके शरीर व संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए ही ज़रूरी नहीं है, बल्कि आपके रिश्तों (Relationship) के लिए भी इतना ही महत्वपूर्ण है. ऐसी कौन-सी हेल्दी हैबिट्स (Healthy Habits) हैं जो आपके रिश्ते को भी फिट रखेंगी, आइए जानें… पॉज़िटिव सोच रखना एक ऐसी आदत है, जो आपको तो तनाव मुक्त रखती ही है, आपके पार्टनर को भी वो खुशऔर तनावमुक्त रखने में मदद कर सकती है. सिर्फ़ पार्टनर ही क्यों, घर में सब पर इसका असर होगा, क्योंकि एकसकारात्मक सोच ही जीवन और रिश्तों को सकारात्मक रख सकती है. अध्ययन बताते हैं कि सकारात्मक सोच सेकपल में आपसी टकराव और मनमुटाव कम होता है और उनकी बॉन्डिंग मज़बूत होती है. वर्कआउट करना फ़िज़िकल फ़िटनेस के लिए ज़रूरी है, लेकिन ये आपके हार्ट, बोंस, मसल्स आदि को भी फिटरखता है, जिसका सीधा असर आपके रिश्तों पर भी पड़ता है. आप खुद को फिट महसूस करते हैं तो खुश रहते हैंऔर एक अलग ही आत्मविश्वास से भर जाते हैं. बेहतर होगा कि अपने पार्टनर के साथ वर्कआउट करें, जिससे आपसाथ में ज़्यादा वक़्त भी बिता पाएंगे और एक-दूसरे को हेल्दी कॉम्पटिशन भी दे सकते हैं कि कौन ज़्यादा फिट है. सर्वे से ये बात स्पष्ट हुई है कि कपल्स ने खुद यह महसूस किया कि फिटनेस से उनके व्यक्तित्व व रिश्ते परसकारात्मक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि इससे वो ज़्यादा ऊर्जावान और कॉन्फ़िडेंट महसूस करते हैं और ज़्यादा खुशरहते हैं. योगा या ध्यान करने की आपको अगर आदत है तो ये बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इससे आपका तनाव कम होगा, आप सुबह जल्दी उठकर एक साथ योगा करते हैं तो आपकी क्लोज़नेस भी बढ़ेगी. अगर सुबह टाइम न हो तो आपशाम को या फिर कोई योगा क्लास जॉइन करके भी अपना स्ट्रेस लेवल कम कर सकते हैं. इसी तरह मेडिटेशन से भीमस्तिष्क में हैप्पी होर्मोंस रिलीज़ होते हैं, जो आपको खुश व तनावमुक्त रखते हैं. एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि तनाव आपको शारीरिक व भावनात्मक रूप से कमज़ोर बनाकर रिश्तों की आत्मीयता को धीरे-धीरे ख़त्म करता है. यहां तक कि सेक्स लाइफ पर भी इसका असर होता है. ऐसे में जब तनाव कम होगा, तोआपका रिश्ता भी तनाव से मुक्त होगा.हेल्दी खाना ऐसी हेल्दी आदत है जो अपने शरीर में फैट्स को बढ़ने नहीं देती और आपके हैप्पी होर्मोंस को बढ़ाती हैं, जिससे आपका रिश्ता हैप्पी और फिट रहता है. फिटनेस से आपकी सेक्स लाइफ़ पर भी असर होता है. आपकीसेक्स लाइफ़ बेहतर होती है, क्योंकि आपको तनाव और थकान कम होती है. अच्छी सेक्स लाइफ़ का मतलब है किआपका रिश्ता भी हेल्दी है.पर्सनल हाइजीन को लेकर जो लोग सतर्क रहते हैं उनकी पर्सनल लाइफ़ भी बेहतर होती है, क्योंकि उनकोइंफ़ेक्शन्स का ख़तरा कम होता है, पार्टनर को भी अच्छा लगता है और वो आपके ज़्यादा क़रीब आते हैं. सिर्फ़प्राइवट पार्ट्स ही नहीं, ओरल हाइजीन का ख़याल रखना भी एक ऐसी हेल्दी आदत है जिसका सीधा असर आपकेरिश्ते पर पड़ता है, क्योंकि अगर आपकी सांस से बदबू आएगी तो भले ही झिझक के मारे पार्टनर कुछ कहे नहीं, लेकिन वो आपके क़रीब आने में झिझकेंगे. ग़ुस्से, ईगो और ईर्ष्या जैसे नकारात्मक भावों से दूर रहना या उनको कंट्रोल में रखना भी बेहद हेल्दी हैबिट है औरइसका प्रभाव साफ़ तौर पर आपके रिश्तों पर भी देखा जा सकता है. आपमें झगड़े कम होंगे और अपनापन बढ़ेगा.ज़ाहिर सी बात है कि एक फिट और हेल्दी बॉडी और एक पॉज़िटिव माइंड आपको ज़्यादा अट्रैक्टिव पर्सन बनाता है, जिससे आपका पार्टनर भी आपके प्रति ज़्यादा प्यार और आकर्षण महसूस करता है. इसके अलावा आप अपनेपार्टनर के लिए अगर हेल्दी हैबिट अपनाते हैं तो उनको और भी अच्छा महसूस होता है, जैसे- शराब या सिगरेट कमकरना या छोड़ देना, फ़िज़ूलखर्ची कम करके सविंग्स पर ध्यान देना, अपने ग़ुस्सैल स्वभाव को कंट्रोल करने कीचुनौती स्वीकार करना आदि.डिजिटल वर्ल्ड में टाइम कम स्पेंड करके अपने रिश्तों को समय देना भी एक बेहतरीन आदत है, जिससे आपका मन-मस्तिष्क भी शांत रहता है और आप ज़्यादा कम्यूनिकेट करते हैं, शेयरिंग और केयरिंग भी बढ़ती है इससे, इसलिएअपने मोबाइल और लैप्टॉप से ब्रेक लेकर अपनों के साथ कुछ पल रोज़ ज़रूर बिताएं. अपने साथ-साथ घर और कमरे को भी साफ़ रखने की आदत आपके रिश्ते को और रोमांटिक बनाएगी. अपने बेड, चादर, तकिया आदि साफ़ रखें. कमरे में अरोमा का इस्तेमाल भी अच्छा उपाय है रोमांटिक लाइफ़ को रिक्रिएट करनेके लिए. बेहतर होगा एनर्जी के साथ अपने बेड पर जाएं और शिकवे-शिकायत को कमरे के बाहर छोड़ आएं. अगरकोई बात करनी भी है तो अलग से समय निकालकर शांत मन से गम्भीरता से बात करें. बेड पर ब्लैक मेलिंग से बचें.सहयोग और अपनेपन की भावना को बढ़ावा दें क्योंकि ये ऐसी आदत है जो अपने सभी रिश्तों को हेल्दी रखेगी. बिनाकिसी स्वार्थ के अपनों की व औरों की मदद को हमेशा तैयार रहना आपके रिश्तों को बेहतर बनाता है और आपकोआत्मिक संतुष्टि भी देता है. कोई बीमार हो तो उसका हालचाल पूछ लेना या पत्नी की तबियत ठीक न होने परउसकी मदद करना, ख़्याल रखना, छुट्टी लेकर साथ वक़्त बिताना भी रिश्तों ke लिए बेहद ज़रूरी और हेल्दी है. इसी तरह ज़िम्मेदारियों व अन्य कामों में भी मदद व सहयोग का रवैया आपको बेहतर फ़ैमिली पर्सन बनाता है. येकाम उसका है, ये ज़िम्मेदारी उसी की है… ये न सोच कर सभी लोग मिलजुल कर काम करें और खुलकर बात करें.अपने पार्टनर को सम्मान देकर उसके विचारों को भी निर्णय लेने से पहले तवज्जो देना भी एक बेहतरीन आदत है. ऐसा न सोचें कि इस बारे में उसे जानकारी नहीं तो उससे क्या पूछना, बेहतर होगा सभी लोग मिलकर ही निर्णय लें. किसी को नीचा न दिखाएं.इसी तरह थैंकयू, सॉरी कहने, आभारव्यक्त करने, तारीफ़ करने, गिफ़्ट देने व सरप्राइज़ की आदत भी बेहद हेल्दी है. ये आदत सिर्फ़ पति-पत्नी के रिश्ते को ही नहीं, बल्कि तमाम रिश्तों को हेल्दी रखेगी. मां ने आपको पसंद का खानाबनाया हो या पत्नी ने आपकी कोई ख़ास शर्ट पर प्रेस किया हो, किसी दोस्त ने कोई छोटी से मदद की हो याऑफ़िस बॉय ने टेबल पर चाय लाकर दी हो- उनको थैंक यू कहने भर से या उनकी तारीफ़ कर देने से रिश्तों में नईऊर्जा और सम्मान का भाव आ जाता है. इसी तरह गलती होने पर माफ़ी मांगने की आदत भी आपके रिश्तों कोहमेशा फिट रखेगी. अपनों को छोटी सी ख़ुशी देने के लिए थोड़ा एक्स्ट्रा मेहनत या एफ़र्ट करने की आदत भी बहुत पॉज़िटिव है. चीकू शर्मा 

पहला अफेयर: तेरा साथ है तो… (Pahla Affair… Love Story: Tera Sath Hai To)

मैं अपनी चचेरी बहन के पास अस्पताल में बैठी थी. उसका छोटा-सा एक्सीडेंट हुआ था और पांव में फ़्रैक्चर हो जाने कीवजह से वह तीन-चार दिनों के लिए एडमिट थी. मैं उसके पास कुर्सी पर बैठी कोर्स की किताब पढ़ रही थी कि तभी उसकेस्कूल के दोस्त उससे मिलने आए. दो लड़कियां और तीन लड़के. कुछ ही देर में बाकी सब तो चले गए लेकिन रश्मि काएक दोस्त, जिसका नाम जतिन था रुक गया. हम तीनों बातें करने लगे. बातों के सिलसिले में पूरी दोपहर कब निकल गईपता ही नहीं चला. दूसरे दिन फिर आने का वादा करके वह घर चला गया.  उसके जाने के बाद मैं यूं ही उसके बारे में सोचने लगी… बिखरे बालों वाला वह बहुत सीधा-सादा, भोला-सा लगा मुझे. रात में चाची रश्मि के पास रुकी और मैं घर चली गई. सुबह नहाकर जब वापस आई तो देखा जतिन महाराज पहले से ही वहां बैठे थे. चाची के चले जाने के बाद हम तीनों फिर गप्पे मारने लगे. एक आम और साधारण-सा चेहरा होने के बाद भीएक अजब-सी, प्यारी-सी रूमानियत थी जतिन के चेहरे पर और उसकी बातों में कि दिल और आंखें बरबस उसकी ओर खींची चली जाती थी. चार दोपहरें कब निकल गई पता नहीं चला. रश्मि को अभी डेढ़ महीना घर पर ही रहना था. इस बीच उसके बाकी दोस्तों के साथ ही जतिन भी घर आता रहा. वह स्कूल में होने वाली पढ़ाई की जानकारी रश्मि को देकर उसकी मदद करता और खाली समय में हम तीनों खूब बातें करते और मस्ती करते. अब तो जतिन से मेरी भी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी. जिस दिन वह नहीं आता वो दिन खाली-खाली-सा लगता और मैं बेसब्री से उसका इंतजार करती. रश्मि भी हंसी-हंसी में उसे ताना मारती, "तुम मुझसे मिलने थोड़े ही आते हो, तुम तो चेतना से मिलने आते हो…" तब जतिन एक शर्मीली-सी हंसी भरी नज़र मुझ पर डाल कर सिर झुका लेता. बारहवीं पास होते ही मैं डेंटल कॉलेज में पढ़ने दूसरे शहर चली गई और जतिन भी आगे की पढ़ाई करने दूसरे शहर चला गया, लेकिन फोन पर हम बराबर संपर्क में बने रहते. कभी-कभी रात की ट्रेन से सफर करके जतिन मुझसे मिलने आता. दिन भर हम साथ में घूमते, लंच करते और रात की ट्रेन से वह वापस चल आ जाता. पढ़ाई खत्म होने तक हम दोनों को ही इस बात का एहसास हो चुका था कि हम दोस्ती से आगे बढ़ चुके हैं. हम एक-दूसरे से प्यार करने लगे हैं और अब अलग नहीं रह सकते. हम दोनों ही अपनी एक अलग रूमानी दुनिया बसा चुके हैं, जहां से लौटना अब संभव नहीं था. कितनी खूबसूरत थी वह दुनिया, बिल्कुल जतिन की दिलकश मुस्कुराहट की तरह और उसकी आंखों में झलकते प्यार सेसराबोर जिसमें मैं पूरी तरह भीग चुकी थी. नौकरी मिलते ही जतिन ने अपने घर में इस बारे में बात की. उसके माता-पिता अपने इकलौते बेटे की खुशी के लिए सहर्षतैयार हो गए, लेकिन मेरे पिताजी ने दूसरी जाति में शादी से साफ इनकार कर दिया. यहां तक कि जतिन के घर आने पर अपनी बंदूक तान दी. महीनों घर में तनाव बना रहा, लेकिन मैं जतिन के अतिरिक्त किसी और से शादी करने के लिए किसी भी हालत में तैयार न थी. महीनों बाद सब के समझाने पर पिताजी थोड़े नरम हुए. उन्होंने पंडित जी से कुंडली मिलवाई तोपंडित जी ने मुझे मंगली बता कर कहा कि यदि यह शादी हुई, तो लड़की महीने भर में ही विधवा हो जाएगी. साथ ही लड़के की कुंडली में संतान योग भी नहीं है. घर में सब पर वज्रपात हो गया. अब तो शादी की बिल्कुल ही मनाही हो गई. चार-पांच पंडितों ने यही बात की. अलबत्ता जतिन के घर वाले अब भी अपने बेटे की खुशी की खातिर इस शादी के लिए तैयार थे. बहुत संघर्षों और विवादों के बाद…

पति-पत्नी के बीच उम्र का कितना अंतर है सही? जानें क्या कहती है रिसर्च? (What Is The Ideal Age Difference For A Successful Marriage, Know What Does Recent Study Indicate)

शादी का रिश्ता तय करते समय बहुत सारी बातों का ध्यान रखा जाता है. होनेवाले वर-वधु के परिवार से लेकर…

वज़न घटाना चाहते हैं, तो बदलें सुबह की ये 9 आदतें (Adopt These 9 Morning Habits For Weight Loss)

अगर आपका लक्ष्य वज़न घटाने (Weight Loss) का है, लेकिन कई महीनों से डायट फॉलो करने या वर्कआउट करने से…

ससुराल के लिए खुद की ऐसे करें मानसिक रूप से तैयार… ताकि रिश्तों में बढ़े प्यार और न हो कोई तकरार (Adapting in A New Home After Marriage: Tips & Smart Ways To Adjust With In-Laws)

शादी जहां एक ओर कई हसीन और रंगीन सपने लाती है वहीं ढेर सारी जिम्मेदारियां भी उससे जुड़ जाती हैं, लेकिन अक्सरकुछ लोग ख़ासतौर से लड़कियां शादी को सिर्फ़ एक रंगीन व हसीन ज़िंदगी मानकर इससे जुड़ती हैं और फिर सारी उम्रबस शिकायतें ही करती रह जाती हैं. बेहतर होगा कि अपनी सोच बदलें और खुद को मानसिक तौर पर परिपक्व बनाएंऔर शादी के बाद ससुराल के लिए खुद को तैयार करें… सबसे पहले तो नए घर में जाने से जुड़े अपने मन से सारे डर और सारी दुविधा निकाल दें.ससुराल व सास-ससुर या ननद-देवर को लेकर कोई छवि या राय न बनाएं. सकारात्मक रहें, मन में नकारात्मक विचारों को न आने दें. ये न सोचें कि ये सब नए लोग हैं और ये सिर्फ़ आपका विरोध ही करेंगे या आप में कमियां ही निकालेंगे.शादी से पहले हर काम ये सोचकर न करें कि अरे अब तो कुछ टाइम में शादी हो जाएगी, तब मैं ये नहीं कर पाऊंगी, ये नहीं पहन पाऊंगी, हंस नहीं सकूंगी, बात नहीं कर पाऊंगी… आदि… ये तमाम सोच ही नकारात्मक है, जो आपकोशादी व ससुराल के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होने देगी और आपको कमज़ोर बनाएगी.बेहतर होगा कि आप अपनी सोच और मानसिकता को बदलें, ये सोचें कि नए घर में मैं ये करूंगी, ऐसे घर सजाऊंगी, ऐसे सबको अपना बना लूंगी.अपने हुनर और गुणों पर ध्यान दें न कि कमियों पर. आपके यही गुण व हुनर आपको ससुराल के एक अलगआत्मविश्वास देगा, जिससे आप मेंटली स्ट्रॉन्ग रहेंगी. शांत मन से इसके बारे में सोचें. मन शांत होगा तभी सब बेहतर होगा. शांत मन से ये सोचें कि किस तरह आप अपने इस घर और रिश्तों को संजोकररखेंगी. अपनी अपेक्षाओं का दायरा बहुत न बढ़ाकर रखें. ये मानकर चलें कि मायके जैसा माहौल वहां नहीं होगा, इसलिएएडजेस्टमेंट के लिए तैयार रहें.शादी के बाद बहुत कुछ बदल जाता है, लेकिन ज़िंदगी तो बदलाव का ही नाम है, इसलिए इन बदलावों के लिए खुदको तैयार रखें.अब पहले की तरह सहेलियों के साथ घूमना-फिरना कम ही हो पाएगा और पहले जैसे आज़ादी भी नहीं रहेगी, क्योंकि शादी से जुड़े बंधन और मर्यादा आपके रिश्ते व भविष्य को बेहतर करेगी.ज़िंदगी के इस बदलाव पर चिढ़ें नहीं, वर्ना आपके लिए ही मुश्किल होगी.ग़ुस्सा कम करें, माहौल को बेहतर बनाने की कोशिश ज़्यादा करें. अगर आपको जल्दी ग़ुस्सा आता है तो आपकोअपनी इस भावना पर काम करना होगा. अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना सीखें. भावुक होकर कोई फ़ैसला न लें.अपनी ज़रूरत की चीज़ें तो आप साथ लेकर जाएंगी ही, लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं जिनसे आप नए घर में भी कनेक्टकरके ज़्यादा खुश हो सकती हैं, जैसे- आपकी सुबह का रूटीन! जी हां, अगर आपको वॉक या जॉगिंग की आदत हैतो इसे न बदलें. ये हैबिट्स आपको मेंटली मज़बूत बनाएंगी.लेकिन अगर आपको सुबह देर से उठने की आदत है तो बेहतर होगा इसे आप शादी से पहले ही बदलने की कोशिशकरें. कुछ अच्छी हैबिट्स डालें, अपना रूटीन बदलें, जॉगिंग या स्विमिंग जाना शुरू करें. ये आपको रिफ्रेश औरपॉज़िटिव बनाएगी.  अगर आप वर्किंग है तो इसका मतलब ये नहीं कि घर के काम को कम आंकें. शादी से पहले ही घर के कामों में हाथबंटाएं या कुकिंग क्लास जॉइन करें. कुछ नया ट्राई करें, ताकि ससुराल में भी आप अपनी कुकिंग स्किल का कमालदिखा सकें. वैसे भी रिसर्च कहते हैं कि कुकिंग एक थेरेपी है जो आपको क्रीएटिव तो बनाती ही है, साथ ही आपमें हैप्पी व फ़ीलगुड हार्मोन्स भी बढ़ाती है. माना नए रिश्तों के साथ आपकी दिनचर्या बदलेगी, काम, उम्मीदें व जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी, लेकिन अपने लिए थोड़ासमय ज़रूर निकालें. थोड़ा और जल्दी उठ जाएं और सुबह की सैर कर आएं. चाहें तो पति देव को भी साथ ले जाएंया घर कोई ऐसा सदस्य जिसे सुबह वॉक की आदत हो, उसके साथ जाया करें. अगर बाहर जाना फ़िलहाल मुश्किल लगे तो घर पर योगा व प्राणायाम करें. ये आपको न सिर्फ़ दिनभर की ताज़गीऔर ऊर्जा देगा बल्कि स्ट्रेसफ़्री भी रखेगा.बेहतर होगा कि अपने ससुरालवालों को भी इसकी आदत डलवाएं. इससे सबका कनेक्शन भी बेहतर होगा और सबहैप्पी फ़ील करेंगे.अगर आपके ससुराल में लोग ज़्यादा हेल्थ को लेकर अलर्ट नहीं हैं तो आप उनके लिए कुछ हेल्दी बनाएं या उन्हेंइसकी ज़रूरत का एहसास कराएं. उनके लिए डायट व एक्सरसाइज़ चार्ट बनाएं, इससे पॉज़िटिव माहौल बनेगा औरआप भी मानसिक रूप se नई ऊर्जा का अनुभव करेंगी. बहुत ज़्यादा शिकायतें करने से बचें. ये आदत आपको मानसिक रूप से कमजोर बना सकती है, क्योंकि इससेआपके मन में कुढ़ने की भावना जन्म लेगी. मायके से हर चीज़ की तुलना करके खुद को दुखी न करें वर्ना आप मेंटली एडजेस्ट नहीं हो पाएंगी.ये मानकर चलें कि अब आपका एक और घर हो गया है, जिसे आपको बेहतर बनाना है, धीरे-धीरे आप अपनेअनुरूप यहां भी बदलाव ला सकेंगी, कुछ आपको यहाँ के अनुसार ढलना होगा तो कुछ लोगों को आप अपने अनुसारढाल पाएंगी.बीच का रास्ता ही बेहतर होता है. अपने मन में ज़िद न करके बैठें कि सब कुछ पहले जैसा ही रहना चाहिए आपकीलाइफ़ में, क्योंकि इससे सिर्फ़ रिश्ते बिखरेंगे. मन में ईर्ष्या की भावना को भी जन्म न दें. तारीफ़ सुनने के लिए आपको भी तारीफ़ करने की आदत डालनी होगी. सास या ननद को आप भी कॉम्प्लिमेंट दें. उनकी खूबियों को सराहें. शिकायत करने की आदत न पड़ने दें. अच्छा सोचेंगी तो ज़िंदगी अच्छी और आसान लगेगी. पति को मुट्ठी में करलेनेवाली सोच मानसिक कमज़ोरी दर्शाती है. इससे बचें. सबको जोड़कर रखने के प्रयासों पर ज़ोर दें. ये आपकोअलग ही ख़ुशी और मानसिक बल देगा. इसी तरह ईगो और घमंड को अपने व्यवहार में न आने दें. अगर आपके स्वभाव में ये चीज़ें हैं तो इन्हें वक़्त रहते क़ाबूमें करें. दूसरों के गुणों और सफलता से जलें नहीं. मानसिक रूप से मज़बूत लोग जलने की भावना से दूर रहते हैं, क्योंकिजलन या द्वेष आपको बेहद कमजोर और टूटा हुआ बना देता है.अतीत में जीना छोड़कर आगे की सोचें. आपके मायके में क्या था या आप वहां कितनी खुश थीं इस सोच को लेकरससुराल में न जाएं या न रहें. ये सोचें कि आपको नए रिश्ते और अच्छा घर मिला है, इसलिए इसे अब आपको औरबेहतर बनाना है ताकि आपकी ज़िंदगी व आपसे जुड़े नए लोग भी बेहतर महसूस करें.तोड़ने की बजाय हमेशा जोड़ने की तरफ़ ही प्रयास करने हैं, इस सोच को खुद से कभी दूर न होने दें.भले ही नए घर में कोई आपसे ज़्यादा खुश न हो, लेकिन आपको उनके प्रति भी अच्छी भावना बनाए रखनी है, अपनादिल बड़ा रखें, दिमाग़ खुला रखें. माफ़ करना सीखें. माफ़ करने वाला हमेशा बदला लेनेवाले से बड़ा होता है. बदले की भावना से बचें क्योंकि ये भी मानसिक कमज़ोरी को दर्शाती है. अगर किसी से कोई गलती हो भी जाए तोआपको उसे नादान समझकर माफ़ करना है, इस सोच के साथ खुद को तैयार करें.बेहतर होगा कि कोई हॉबी क्लास जॉइन कर लें, इससे आपको नेगेटिव एनर्जी व नकारात्मक सोच बाहर निकलजाएगी और आप मेंटली फिट व पॉज़िटिव महसूस करेंगी.इस पॉज़िटिविटी का असर आपके रिश्तों पर भी पॉज़िटिव पड़ेगा, वर्ना आप बुझी-बुझी रहेंगी तो रिश्तों की ऊर्जा कोभी ख़त्म होने में समय नहीं लगेगा.हनी शर्मा 

पति को ही नहीं, परिवार को अपनाएं, शादी के बाद कुछ ऐसे रिश्ता निभाएं! (Dealing With In-Laws After Marriage: Treat Your In-Laws Like Your Parents)

शादी सिर्फ़ दो लोगों या दो दिलों का संगम ही नहीं होता, बल्कि ये दो परिवार के एक होने का खूबसूरत सफ़र है. सिर्फ़लड़का लड़की ही नहीं, बल्कि दोनों के परिवार भी शादी के बाद एक हो चुके होते हैं. लेकिन अक्सर इस धारणा को जानतेहुए भी मानते और निभाते बहुत कम लोग ही हैं, क्योंकि लड़की को लगता है कि ससुरालवाले उसके पति के रिश्तेदार हैंऔर लड़कों को तो दामाद होने का टैग मिलने के बाद वो खुद को किसी राजा से कम नहीं समझते और पत्नी के परिवारको पूरी तरह अपना पाते. लड़के के घरवालों को भी यही लगता है कि लड़की के परिवार की ही सब जिम्मेदारियां होती हैं, ऐसे में लड़की के घरवालों की समस्याओं से उन्हें क्या लेना-देना…  लेकिन शादी का असली मतलब तो यही होता है जब ये दो परिवार एक होकर एक-दूसरे का मान-सम्मान करें औरमुश्किल वक़्त में एक-दूसरे के साथ खड़े रहें!  आमतौर पर शादी के बाद लड़कियों को नए घर में एडजेस्ट करना होता है, लेकिन इन दिनों ऐसी सोच ज़्यादा हो गई है किलड़कियां एडजेस्टमेंट के लिए तैयार नहीं होती और उनके लिए शादी की परिभाषा सिर्फ़ पति तक ही सीमित होकर रहजाती है और इसीलिए समस्या आती है… बेहतर होगा कि पति को ही नहीं, परिवार को अपनाएं… तभी आपका भविष्यसुरक्षित और जीवन खुशहाल रहेगा…  सबसे पहले तो दिमाग़ से ये बात निकाल दें कि पति के परिवारवाले आपके लिए ग़ैर हैं.जी नहीं, अब वो भी आपके उतने ही अपने हैं जितने आपके पति के. बेहतर होगा सकारात्मक सोच के साथ आप रिश्तों को देखें. शादी के बाद अब पति पर बस आपका ही हक़ है, उनकी भावनाओं से लेकर उनके पैसों तक पर बस अब आपका हीअधिकार है, इस मानसिकता के साथ आप कभी ख़ुशहाल जीवन नहीं जी पाएंगी.ससुराल की हर बात में कमी निकालना और हर बात मायके वालों से शेयर करना ग़लत है. सास को मां का दर्जा देंगी तो वो भी बेटी का प्यार आपको ज़रूर देंगी. ससुर को पिता स्वरूप मानेंगी तो उनका आशीर्वाद हमेशा सिर पर रहेगा.ननद-देवर को भी भाई-बहन की तरह देखें. अपनी चीज़ें उनके साथ शेयर करने से पीछे न हटें. दोस्ती का रिश्ता बनाएंगी तो खुद को अकेला नाहीं पाएंगी.अधिकांश रिश्तों में दरार पैसों व काम की ज़िम्मेदारी को लेकर ही आती है, लेकिन बेहतर होगा कि आप सबमिलकर अपने घर का बजट तैयार करें, जिसमें अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार सबका योगदान हो. काम और ज़िम्मेदारियों का भी चार्ट बना लें और हंसी-ख़ुशी हर कोई अपने हिस्से का काम सम्भाले. एक-दूसरे को चैलेंज करें कि देखते हैं इस हफ़्ते कौन होगा बेस्ट हाउसमेट… चाहें तो वीकेंड पर सबके काम काजायज़ा लेने दें अपने सास-ससुर को और जिसके एफ़र्ट्स सबसे ज़्यादा हों उसको कोई इनाम भी मिले.कोशिश करें कि एक वक़्त का खाना सब साथ मिलकर खाएं. डिनर के बाद आप एक कॉफ़ी डेट रखें जिसमें सभी अपने दिनभर का अनुभव शेयर करें. सबसे ऐसी बॉन्डिंग बनाने की आपकी कोशिश होनी चाहिए कि अपनी तकलीफ़ और दुःख-दर्द वो आपसे शेयरकरने में हिचकें नहीं.सास-ससुर की हेल्थ से लेकर उनके खाने-पीने का ख़ास ध्यान रखकर आप उनकी फ़ेवरेट बन सकती हैं.घरवालों के लिए कभी कुछ स्पेशल बनाएं या उनके साथ पिकनिक पर जाएं. हर वीकेंड के लिए कुछ न कुछ प्लान करें जिससे आप लोगों का लगाव और भरोसा एक-दूसरे के लिए बढ़े.पति से हमेशा शिकायत हि न करें, कोशिश हो कि हमेशा कुछ पॉज़िटिव बात आप कहें. पैसों और घर खर्च को लेकर बहुत ज़्यादा कंजूसी या हस्तक्षेप न करें. बेहतर होगा साथ बैठकर ज़रूरी और ग़ैरज़रूरी ख़र्चों को समझ लें. आजकल वैसे भी सास-बहू का रिश्ता बदल रहा है, अब पहले की तरह सास वाली भूमिका नहि रही, बल्कि दोस्तीका रिश्ता ज़्यादा हो गया है, तो सास से अपने मन की बात, परेशनियां शेयर करें. अगर कोई ऐसी दुविधा आ गई हैजिसका हल नहीं मिल रहा तो सास से सलाह लें. उनको भी महसूस होगा कि आप उनकी सलाह को महत्व देती हैं. सास और ससुर से कहें कि उनका अनुभव और सलाह आपको सही रास्ता दिखा सकता है. कभी-कभी अपनी सास और ननद के साथ शॉपिंग या मूवी प्लान करें, जिसमें सिर्फ़ आप लोग हों और घर के पुरुषोंको कहें कि वो आप लोगों के लिए कुछ अच्छा सा सरप्राइज़ या टेस्टी डिनर तैयार करें. इसी तरह कभी-कभी पुरुषों को बाहर एंजॉय करने को कहें और आप लोग घर पर पार्टी करें. ननद और देवर के लिए बर्थडे पर ही नहीं, वैसे भी गिफ़्ट्स ले आए करें.कोशिश करें कि आपके मायकेवालों के साथ ससुराल वालों के संबंध आपके प्रयास से और बेहतर बनें. अगर आप घर की छोटी बहू हैं तो अपनी जेठानी का भी मान रखें. उन्हें प्यार और सम्मान दें, उनके साथ घरेलू कामोंमें मदद करें. उनके सुख-दुःख को जानें, एक सहेली जैसा बर्ताव करें, ताकि वो आप पर विश्वास करके आपकोसहयोग दें.अगर आप वर्किंग हैं तो जेठानी को भी प्रोत्साहित करें कि वो भी अपने गुणों के आधार पर घर बैठे बहुत कुछ करसकती हैं.अगर वो भी वर्किंग हैं तो आपस में वर्क लाइफ़ डिसकस करें, एक-दूसरे से ईर्ष्या करने से बचें.चाहें तो मिलकर हॉबी क्लास जॉइन करें या वर्क आउट करें. घर के बुजुर्गों को बस आपका थोड़ा सा समय चाहिए होता है, उनके साथ बैठकर उनका हाल जानें. उनकी तबियतक दवाओं का ध्यान रखें. ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ लड़कियों की ही ज़िम्मेदारी बनती है, यही बातें लड़कों पर भी लागू होती हैं कि वो अपनेससुराल वालों के लिए दामाद से ज़्यादा एक बेटे की भूमिका निभाएं. बीच-बीच में खुद फ़ोन करके या घर जाकर सबका हाल चाल जान आएं. किसी तरह की मदद हो तो ज़रूर सहयोग करें. ससुराल में ऐसे बनें सबकी फ़ेवरेट… इसके लिए आपको सबसे पहले अपने मन से तमाम बनी-बनाई धारणाएं निकालनी होंगी.सास और ननद तो बुरी ही होती हैं, जेठानी तो जलनेवाली और साज़िश करनेवाली ही होती है- ये राय पहले से नबना लें.सबका दिल जीतने के लिए कुछ एक्स्ट्रा प्रयास करें.सासू मां को शिकायत का मौक़ा न दें और उनकी पसंद-नापसंद जानने की कोशिश करें. उनसे कुछ कुकिंग टिप्स लें. सलाह लेकर ही हर काम करें. उनकी तारीफ़ करें कि आप कैसे ज़िम्मेदारी से सब संभाल लेती हैं, काश मैं भी कर पाती ऐसा.उनसे दोस्ती करके बाक़ी घरवालों की भी पसंद-नापसंद जानने की कोशिश करें.अपनी जेठानी या पति से भूलकर भी सास या घर के अन्य सदस्य की शिकायत या बुराई न करें.शादी के बाद सिर्फ़ पति को ही खुश करने में न लगी रहीं, बल्कि पूरे परिवार को साथ लेकर चलें.सोच यही रखें कि ये आपके ही परिवारवाले हैं और अब इनके साथ ही आपका जीवन और भविष्य है तो ऐसे में क्योंन इनके लिए कुछ ख़ास किया जाए और क्यों न इनके दिल में अपनी ख़ास जगह बनाई जाए.इस तरह रिश्ता निभाएंगी तो ज़रूर शादी और रिश्तों को कामयाब व बेहतर बना पाएंगी.बिट्टू शर्मा  यह भी पढ़ें: 6 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6 रिलेशनशिप गुरु, जो रिश्ते में दे सकते हैं आपको बेस्ट सलाह( 6 Relationship Gurus, Who Can Give You Best Relationship Advice)

करियर को बेहतर बनाने के लिए जिस तरह आपको एडवाइज़ की ज़रूरत पड़ती है, उसी तरह पति-पत्नी के रिश्ते में…

क्या आप दोनों एक-दूसरे की लिए बासी हो चुके हो? ये स्मार्ट-सिंपल टिप्स आज़माएं, अपने रिश्ते की बोरियत को मिटाएं और उसे रोमांटिक बनाएं! (Spice up Your Relationship: Easy & Romantic Ways To Get The Spark Back In Your Marriage)

समय के साथ हर चीज़ पुरानी, उबाऊ या यूं कहें कि बासी होने लगती है, क्योंकि एक ही ढर्रे पर चल रही ज़िंदगी हमें रूटीन लगने लगती है और फिर उसमें ताज़गी या एक्साइटमेंट जैसा कुछ नहीं लगता. रिश्ते भी धीरे-धीरे रूटीन बन जाते हैं, क्योंकि समय के साथ उनमें ऊर्जा व गर्माहट गायब होने लगती है, ऐसे में रिश्तों पर भी काम करने की ज़रूरत होती है औरख़ुद पर भी ताकि उनमें ताज़गी बनी रहे और आप भी तरोताज़ा रहें. आपका रिश्ता और आप भी एक-दूसरे के लिए कहींबासी न हो जाएं, इसलिए समय रहते उसे व ख़ुद को भी करें रिफ्रेश, वरना रिश्ता टूटने की कगार पर आ सकता है. अगरआपको लग रहा है कि आप दोनों ही एक-दूसरे की तरफ़ न पहले जैसा आकर्षण महसूस करते हो और न ही वो रोमांस, तोसजग हो जाएं और व़क्त रहते ख़ुद को और अपने रिश्ते को समय दें.  ख़ुद पर काम करें: सबसे पहले ख़ुद को देखें. समय के साथ आप कितना बदल गए? आपकी फिटनेस, ज़िंदगी को लेकरनज़रिया? अपने पार्टनर को लेकर नज़रिया आदि... एक लिस्ट बना लें और फिर एक-एक कर उस पर काम करें.  ख़ुद से प्यार करें: जब तक आप ख़ुद से प्यार नहीं करेंगे, कोई दूसरा क्यों करेगा? ख़ुद को ख़ुश रखने के तरी़के सोचें औरफिर अपने पार्टनर को भी उसमें शामिल करें.  कुछ नया करें: जब भी आपको महसूस हो कि रिश्ते रूटीन बनते जा रहे हैं, कुछ नया करें. ऐसा कुछ जिससे सामनेवाले कोभी महसूस हो कि यह तो हमने सोचा ही नहीं था. इससे नए सिरे से आप उन रिश्तों को जीने लगते हैं. ये नयापन किसी भीतरह से आप ला सकते हैं. चाहे तो सरप्राइज़ेस के ज़रिए या अपनी कोई ऐसी बुरी आदत त्यागकर जिससे पार्टनर कोख़ुशी महसूस हो और उसे लगे कि आपने उसके लिए कुछ किया है.  फिटनेस पर ध्यान दें: फिट रहेंगे, तो हेल्दी तो रहेंगे ही, साथ ही अट्रैक्टिव भी लगेंगे और किसी भी रिश्ते में फिटनेस का भीबहुत बड़ा हाथ होता है. न स़िर्फ आप सेहतमंद रहते हैं, आपका रिश्ता भी हेल्दी होता है. एक-दूसरे के लिए फिटनेस चैलेंजलें. साथ में वॉक, जॉग या एक्सरसाइज़ करें. इससे एक-दूसरे के साथ समय भी बिता पाएंगे और हेल्दी भी रहेंगे. मोटापा नबढ़ने दें, ताकि आप फिट और अट्रैक्टिव दिखें. हेल्दी खाने व हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं और आपको देखकर शायदपार्टनर भी मोटिवेट हो यह सब करने के लिए. अपनी हॉबीज़ को फिर से जगाएं: आप न स़िर्फ अपनी हॉबीज़, बल्कि पार्टनर की हॉबीज़ को भी फिर से जगाएं और उसेपूरा करें. इससे आप दोनों की बॉन्डिंग बेहतर होगी और एक नयापन भी लाइफ में महसूस करेंगे.  अपनी ब्यूटी और हाईजीन पर ध्यान दें: समय के साथ अक्सर कपल एक-दूसरे के साथ इतना कंफर्टेबल हो जाते हैं किअपनी शारीरिक ख़ूबसूरती और हाईजीन को इग्नोर करने लगते हैं. लेकिन एक दिन आप पहले की तरह अपने पार्टनर केलिए सजें-धजें और तैयार होकर उनका स्वागत करें, फिर देखें उनका रिएक्शन. इसी तरह हाईजीन हेल्द के लिए भी औरसेक्सुअल लाइफ के लिए भी ज़रूरी है. ऑरल हेल्थ से लेकर पर्सनल हाईजीन पर ध्यान देना फिर शुरू करें.  लाइफ में रोमांस को रिक्रिएट करें: ज़िम्मेदारियां जब बढ़ने लगती हैं, तो एक समय के बाद लाइफ से रोमांस लगभग गायबहो जाता है या यूं कहें कि वो बैकफुट पर चला जाता है. ऐसान  होने दें. रोमांस के लिए ज़रूरी नहीं कि महंगे गिफ्ट्स लानेहैं या महंगी जगह हॉलिडे जाना हो, स़िर्फ भावनाएं काफ़ी होती हैं. आप पार्टनर को यह महसूस करवा सकते हैं कि आपउनसे कितना प्यार करते हैं. कभी ऑफिस से जल्दी आकर, कभी डिनर या मूवी प्लान करके, भी प्यारभरे फोन कॉल्स से, तो कभी उनकी फेवरेट डिश बनाएं, कभी मैसेजेस से आई लव यू के ज़रिए, तो कभी सबसे नज़रें चुराकर बस हल्के से हाथथाम लें.  बात करें और दिल की बात ज़रूर कहें: दिल की बात सहज तरी़के से कह देने से बॉन्डिंग मज़बूत होती है. हर स्तर पर औरहर व़क्त कम्यूनिकेशन ज़रूरी है. अगर कभी कोई बात आपको परेशान कर रही है या आप पार्टनर के लिए कुछ महसूसकर रहे हैं, तो कम्यूनिकेट करें. दिल ही में रखेंगे, तो बात बढ़गी और परेशानियां भी.  क्वालिटी टाइम साथ बिताएं और शेयर करें: रिश्तों में शेयरिंग बेहद ज़रूरी है. इससे एक-दूसरे पर विश्‍वास और बढ़ता है, इसलिए अपनी ख़ुशी, अपने ग़म, अपनी कोशिशे, अपने डर... सब कुछ शेयर करें.  एक-दूसरे के लिए थोड़ा-बहुत ख़ुद को भी बदलें: आपकी कुछ ऐसी आदतें होंगी, तो आपके पार्टनर को पसंद नहीं, तो आपएक-दूसरे को चैलेंज करें कि अपनी-अपनी बुरी आदतों पर काबू पाने की पूरी कोशिश करेंगे. इससे पार्टनर को लगेगा किआप उनकी भावनाओं को सम्मान करना जानते हैं. उनकी पसंद का कुछ करें: कभी पार्टनर की पसंद का कलर या ड्रेस पहनें या उनके साथ उनका फेवरेट शो देखें. इंवॉल्वहोकर करें. या आप पार्टनर की पसंद का खाना मंगवाएं या उनके दोस्तों को घर पर पार्टी के लिए इंवाइट करें.  ज़िम्मेदारियों को अपने रिश्ते पर हावी न होने दें, उन्हें बांट लें: हमेशा बातचीत करके तय करें कि कौन किस बात कीज़िम्मेदारी लेगा, दोनों को एक-दूसरे के कामों में मदद करेंगे, तो इससे काम हल्का होगा और आप थकेंगे नहीं. ख़ुद कोऔर अपने रिश्ते को अधिक टाइम दे पाएंगे.  थकान को हावी न होने दें: तन और मन दोनों जब थकने लगते हैं, तब हम एक-दूसरे के लिए बासी होने लगते हैं. ऐसा न हो, इसलिए पार्टनर को सपोर्ट करें और मन न होने पर भी उनके रोमांटिक मूड में अलग तरह से साथ दें, ताकि उन्हें बुरा न लगे, वरना आप दोनों के बीच किसी तीसरे को आने में देर नहीं लगेगी. ग़ुस्से की बजाय हंसकर या प्यार से उन्हें समझाएं किआज आप ज़्यादा थके हैं या आपकी तबीयत ठीक नहीं.  केयर करें और पार्टनर को हर्ट करने से बचें: केयरिंग हर रिश्ते की बुनियाद होती है. पार्टनर को ठीक नहीं लग रहा, कोईबात उन्हें परेशान कर रही है या वो अपने घरवालों को लेकर फिक्मंद हैं, तो जाकर सहारा दें, बात करें. सहयोग की भावनाहर रिश्ते में ज़रूरी है. इसी तरह से अगर आपको पता है कि आपका व्यवहार या आपकी कोई बात पार्टनर को हर्ट करसकती है, तो उसे करने से बचें. यदि ग़लती से ऐसा कुछ हो भी जाए, तो माफ़ी मांग लें और भविष्य में ग़लती न दोहराने कावादा भी करें. हो सकता है आपके लिए वह बात मामूली हो, पर पार्टनर को अच्छी न लगे.  पार्टनर की सलाह व निर्णय का भी सम्मान करें: पार्टनर की सलाह व निर्णय को अगर आप सम्मान देंगे, तो उनका भरोसाऔर लगाव आपके प्रति बढ़ेगा और रिश्तों में वो पसरा सन्नाटा टूटने लगेगा, इसलिए पार्टनर की सलाह भी लें और अगर वोसही लगती है, तो उस पर अमल भी करें.  बात-बात पर बार-बार टोकें नहीं, कुछ चीज़ो को नज़रअंदाज़ करें: रिश्तों की मज़बूती के लिए बहुत-सी बातों को इग्नोरकरना व एडजेस्ट करना भी ज़रूरी होता है. पार्टनर के अलग व्यक्तित्व को सम्मान दें, उन्हें अपना जैसा बनाने की कोशिशमें निराशा ही हाथ लगेगी. हम सब एक जैसे नहीं होते. हो सकता है पार्टनर की कोई बात आपको पसंद नहीं आती, तो बार-बार उन्हें टोकने से बेहतर है कि नज़रअंदाज़ करें या फिर प्यार से समझाएं.  सेक्स लाइफ को नज़रअंदाज़ न करें, उसमें ऊर्जा बनाए रखें: आपका रिश्ता बहुत हद तक आपकी सेक्स लाइफ पर भीनिर्भर करता है. सेक्स को मशीनी क्रिया न समझकर प्यार के इज़हार का ज़रिया समझें. आपस में बात करें कि आपकोक्या पसंद है, क्या नापसंद है. बेडरूम के डेकोर को चेंज करें, जगह बदलें, ताकि सेक्स लाइफ भी रूटीन बनकर न रहजाए. बेडरूम में तनाववाली बातें करने से बचें. पार्टनर के लिए अट्रैक्टिव सेक्सी ड्रेस पहनें. एरोमा कैंडल्स यूज़ करें. अगरपार्टनर थका हुआ है और परेशान है, तो सेक्स पर ज़ोर न देकर सेक्सी मसाज दें. हो सकता है इससे उनकी थकान दूर होजाए और वो भी मूड में आ जाएं. पर्सनल हाईजीन से लेकर पार्टनर की ज़रूरतों का ख़्याल रखने तक... कुछ भी आपइग्नोर नहीं कर सकते.  भोलू शर्मा 

शादी के दिन भूलकर भी न करें ये ग़लतियां, इस ख़ास दिन को अपने व अपनों के लिए यूं बनाएं यादगार… (40+ Common Wedding Day Mistakes That Every Bride Should Avoid)

शादी का दिन ज़िंदगी का सबसे ख़ास दिन होता है और इस ख़ास दिन के लिए तैयारियां भी ख़ास की जाती हैं, लेकिन ओवर एक्साइटमेंट में ज़्यादातर लोग कुछ न कुछ ऐसा कर देते हैं जिसके बारे में उन्हें बाद में महसूस होता है कि काश ऐसान किया होता, क्योंकि शादी के दिन आपकी एक छोटी-सी गलती भी आपके भविष्य के लिए भारी पड़ सकती है या फिर आपके शादी के मज़े को किरकिरा कर सकती है… तो क्या है वो बातें, जिनका ख़्याल आपको रखना चाहिए और कौन-सी हैं वो ग़लतियां जिन्हें करने से बचना चाहिए, आइए जानें…  सबसे पहले तो ओवर थिंकिंग से बचें यानी बहुत ज़्यादा न सोचें कि आज शादी है, आज के बाद ज़िंदगी बदलजाएगी, ज़िम्मेदारी बढ़ जाएगी, न जानें नए लोग कैसे होंगे… ये सब न सोचें वर्ना तनाव बढ़ सकता है, जिसका असरआपके चेहरे और सेहत दोनों पर नज़र आएगा.ओवर एक्साइटमेंट से भी बचें. अति उत्साह हमें थका देता है, जिससे आपकी एनर्जी ड्रेन हो जाएगी और शादी केवक़्त आप थके-थके लगेंगे. बहुत ज़्यादा एक्स्पेरिमेंट न करें. शादी के दिन  न दुल्हन को और न ही दूल्हे को किसी तरह का कोई एक्सपेरिमेंटकरना चाहिए. कपड़ों का ट्रायल पहले ही कर लेना चाहिए, शादी वाले दिन के लिए उसे न छोड़ें.शादी वाले दिन शॉपिंग करने या बहुत ज़्यादा घर का काम करने से भी बचें. बेहतर होगा खुद को फ़्री और रिलैक्स्डरखें. चाहें तो म्यूज़िक सुनें.नया हेयर कट, नया हेयर स्टाइल या फिर हेयर कलर न करवाएं. आपका पूरा लुक ख़राब हो सकता है.इस दिन फेशियल न कराएं, वर्ना स्किन पर ऑइल नज़र आएगा, फेशियल शादी से तीन-चार दिन पहले कराएं.नया प्रोडक्ट ट्राई न करें वर्ना एलर्जी या कुछ और समस्या हो सकती है. शादी वाले दिन वैक्सिंग न करवाएं, कुछ दिन पहले ही ये काम करवा लें, वर्ना स्किन पर रैशेज़ या अन्य समस्या होसकती है. पिंपल की समस्या है तो उसको हटाने के चक्कर में बहुत ज़्यादा ट्रीटमेंट न करें, वर्ना वो और ज़्यादा उभर जाएगा.नींद पूरी लें. दिन में सोने से बचें लेकिन आराम ज़रूर करें. तनाव से बचें, माना शादी को लेकर एक घबराहट होती ही है लेकिन बहुत ज़्यादा न सोचें वर्ना चेहरे पर और आंखोंके आसपास सूजन या भारीपन दिखाई देगा. हेवी खाना खाने से बचें, बदहज़मी या पेट ख़राब हो सकता है. घरेलू फेस पैक या कोई नुस्ख़ा न आज़माएं. बेहतर होगा आज के दिन स्किन को नेचुरल रखें, ब्रीद करने दें.दूल्हे को भी ध्यान देना होगा कि शादी वाले दिन बहुत ज़्यादा दोस्तों से ही न घिरे रहें. ख़ुशी, उत्साह या किसी के उकसाने से शराब का सेवन न करें. ये आपकी ज़िंदगी का हसीन दिन है, इसे होश मेंरहकर एंजॉय करें और हो सकता है शराब ज़्यादा हो जाए तो नशे में आपसे क्या गलती हो जाए, होनेवाली पत्नीऔर उसके घरवालों को भी ये बात पसंद न आए. बहुत ज़्यादा बात न करें यानी ओवरफ्रेंडली न हों. अगर आपकी लव मैरिज है तब भी होनेवाले पति या पत्नी केदोस्तों, रिश्तेदारों या ऑफ़िस कलीग से बहुत ज़्यादा हंस-हंसकर या बेपरवाह होकर बातें न करें, क्योंकि हो सकताहै आपका पार्टनर खुले विचारों का हो लेकिन उनके परिवार या रिश्तेदार कुछ ग़लत राय बना लें आपके बारे में. अपने होनेवाले ससुराल की बुराई न करें, न ही अपनी बड़ाई करके उनमें कमियां निकालें.गंदे जोक्स करने से बचें.फ़ैशन के चक्कर में कुछ ऐसा पहनने से बचें जो आपके लिए असुविधाजनक हो. ओवर मेकअप न करें और न करने दें. अपना लुक कुछ दिन पहले ही फ़ाइनल कर लें और उसमें लास्ट मिनट चेंजेसन करें. शादी के दिन आपको खूबसूरत लगने का हक है लेकिन उस चक्कर में खुद को बहुत ज़्यादा लीप-पोत न लें. बहुत ज़्यादा हाई हील्स न पहनें, उससे असुविधा तो होगी ही, आपके गिरने का भी डर बना रहेगा. पैसों को लेकर इस दिन कोई बात न करें. शादी के दिन पार्टनर्स एक-दूसरे को सहज महसूस कराएं, हावी होने की कोशिश न करें. अपने ससुरालवालों को लेकर मन कोई धारणा बनाकर न रखें. साफ़ मन से सबको अपनाएं. पूर्वाग्रहों से बचें, शादी के दिन किसी का व्यवहार देख कर उसके बारे में वही धारणा न बना लें. रिश्तों को वक़्त देना पड़ता है इस सोच के साथ मंडप में बैठें. शादी वाले दिन ससुराल पहुंचते ही शिकायतें न करें कि यहां ये सुविधा नहीं या इस चीज़ की कमी है. ठीक इसीतरह लड़के भी अपने ससुरालवालों को ये न जताएं कि वो उनकी बेटी के साथ शादी करके उनपर कोई एहसान कररहे हैं. बेहतर होगा विनम्रता से सारी रस्में निभाएं. शादी की रात ही सेक्स हो इस बात को दिमाग़ से निकाल दें. शादी की थकान के चलते एक-दूसरे को आराम करनेदें. बात करें और सकारात्मक रहें.एक-दूसरे के शादी के पहले के अफ़ेयर या दोस्तों को लेकर कुछ न पूछें. अगर आपकी अरेंज मैरिज है तो पार्टनर के साथ एक ही दिन में ओवर फ्रेंडली या बहुत ज़्यादा खुलने की गलती नकरें, पहले पार्टनर के स्वभाव को ठीक से जान-समझ लें. वर्ना हो सकता है वो आपके बारे में कोई ग़लत राय बनालें.अगर आपको कोई परेशानी महसूस हो रही है तो उसे ज़रूर विनम्रता से अपने पार्टनर को बताएं. इससे उन्हें लगेगाकि आप उन पर विश्वास करते हैं और उन्हें पूरी तरह से अपना मान चुके हैं.शादी वाले दिन माना हल्की बातें नहीं करनी चाहिए लेकिन उसका ये मतलब भी नहीं कि धीर-गंभीर बनें रहें, इससे येलगेगा कि आपका स्वभाव ही ऐसा है या फिर आप इस शादी से खुश नहीं.आपके चेहरे व स्वभाव में परिपक्वता दिखनी चाहिए लेकिन आप बोझिल या बुझे-बुझे न दिखें. प्यारी मुस्कान होंठों पर रहे, आंखों में ख़ुशी झलके, शांत मन-मस्तिष्क और सकारात्मक सोच के साथ अपने इसदिन का स्वागत करें. हां, अगर आपको कुछ खटक रहा है और लगे कि आपका चुप रहना सही नहीं, तो खुद को न रोकें. कुछ ग़लत हो रहा हो तो लोकलाज के चक्कर में बलि का बकरा न बनें, किसी तरह का कोई कन्फ़्यूज़न हो तो मन मेंदुविधा रखकर शादी के मंडप में न बैठें, पहले उस दुविधा को दूर करें. होनेवाले पार्टनर से बात करें या अपने घरवालोंसे. शादियों में अक्सर छोटी-बड़ी ग़लती या कमी रह ही जाती है, उन कमियों को आधार बनाकर बखेड़ा न खड़ा करें. सहयोगपूर्ण रवैया अपनाएं. इससे आगे चलकर आपका ही मान बढ़ेगा. आज मेरी शादी है तो मेरी बात तो सबको माननी ही होगी, इस एटिट्यूड के साथ न रहें… आज तो मैं मनमानी करसकता या कर सकती हूं, जो मांगू वो मिलना चाहिए या पैरेंट्स को देना ही पड़ेगा वर्ना मैं शादी ही नहीं करूंगा याकरूंगी… इस मानसिकता से जितना दूर रहेंगे उतना आपके भविष्य ke लिए सही होगा. ये सोच न सिर्फ़ आपकेघरवालों बल्कि आगे चलकर आपके पार्टनर और ससुरालवालों को भी नागवार गुज़रेगी और इसका असर आपकेरिश्ते पर पड़ेगा.शादी के बाद कुछ समझौते करने पड़ते हैं और थोड़े बदलावों से गुज़रना पड़ता है, इस सत्य को बहुत ही सहजता सेअपनाएं, इसे तनाव या हौवा बनाकर आज के दिन को भी तनावपूर्ण न बना लें. अपना दिल बड़ा रखें, सही सोच के साथ अपनी मानसिक दशा को भी सही रखें और इस दिन को अपने व अपनों के लिए यादगार बनाएं. सिल्की शर्मा  यह भी पढ़ें: 65+ टिप्स: रिश्ता टूटने की नौबत आने से पहले…

पहला अफेयर: प्यार की परिणति (Pahla Affair… Love Story: Pyar Ki Parinati)

कभी सोचा नही था यूं किसी से प्यार हो जाएगा… ये कहां जानती थी कि खुद का दिल खुद का…

बच्चों की हाइट बढ़ाने में मदद करते हैं ये 13 सुपर फूड्स (13 Super Foods That Help Increase Height In Kids)

अगर आपके बच्चे की हाइट नहीं बढ़ रही है, तो हो सकता है कि बच्चे को शारीरिक विकास के लिए…

पहला अफ़ेयर: आख़िरी मुलाक़ात (Pahla Affair… Love Story: Akhri Mulaqat)

“काजल तू यहां क्या कर रही है? आज शाम को तो शशि जा रहा है न फिर से ड्यूटी जॉइन करने, उसके साथ होना चाहिएतुझे. आख़िर शादी होने वाली है तुम दोनों की… वैसे भी शशि न सिर्फ़ तेरे भइया के साथ फ़ौज में था, उनका दोस्त था, बल्कि तेरा प्यार भी तो है.” “नहीं भाभी, मुझे शशि से बात नहीं करनी और ना ही शादी, उसके लिए उसका काम ही सब कुछ है…” “काजल इतनी सी बात के लिए ऐसा नाराज़ नहीं होते… मैं बस इतना कहूंगी कि प्यार भरे पलों को यूं व्यर्थ की बातों मेंबर्बाद मत करो, उनको जितना हो सके समेट लो, वक़्त का कोई भरोसा नहीं, न जाने फिर कभी किसी को मौक़ा दे, नदे…” काजल से बात करते हुए मैं पुराने दिनों की यादों में खो गई…  मैं और काजल बचपन के साथी थे. हम साथ ही कॉलेज के लिए निकलते थे. रोज़ की तरह आज भी मैं काजल के घर गईतो दरवाज़ा खुलते ही एक बेहद आकर्षक लड़का मेरे सामने था. मैं एक पल के लिए तो सकपका गई, फिर पूछा मैंने- “जीवो काजल?” “काजल पास के मेडिकल स्टोर पर गई है अभी आती होगी. अंदर आ जाओ.” मैं भीतर चली गई, घर में कोई नहीं था. इतने में ही आवाज़ आई- “तुम ख़ुशबू हो ना?” “हां, और आप विनोद?” “अरे वाह! बड़ी जल्दी पहचान लिया, दरवाज़े पर तो ऐसे खड़ी थी जैसे कि भूत देख लिया हो…” “नहीं वो इतने टाइम के बाद आपको देखा… काफ़ी बदल गए हो.” “हां, क्या करें, फ़ौजी हूं, पोस्टिंग होती रहती है, तो यहां आना ही कम होता है, फ़िलहाल बॉर्डर पर हूं. वैसे बदल तो तुम भी गई हो, मेरा मतलब कि काफ़ी खूबसूरत हो गई हो.” मैं झेंप गई और इतने में ही काजल भी आ गई थी. “ख़ुशबू विनोद भइया से मिलीं?” “हां काजल, चल अब कॉलेज के लिए देर हो रही है.” कॉलेज से आने के बाद मैं बचपन के दिनों में खो गई. विनोद, काजल और मैं बचपन में साथ खेला करते थे. विनोद हमसे बड़े थे थोड़ा, लेकिन हमारी खूब पटती थी. उसके बाद विनोद डिफेंस फ़ोर्स में चले गए और उनसे मुलाक़ातें भी ना केबराबर हुईं. लेकिन आज विनोद को एक अरसे बाद देख न जाने मन में क्यों हलचल सी हो गई. …

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