Relationship & Romance

रिश्तों में बोझ या बोझिल रिश्ते- क्यों और क्या हैं कारण? (When Relationship Feels Like A Burden)

रिश्ते जीने का संबल, जीने का सबब, एक सहारा या यूं कहें कि एक साथ... रिश्तों को शब्दों के दायरे में परिभाषित नहींकिया जा सकता, उन्हें तो सिर्फ़ भावनाओं में महसूस किया जा सकता है. लेकिन बात आजकल के रिश्तों की करें तो उनमेंना भावनायें होती हैं और ना ही ताउम्र साथ निभाने का माद्दा, क्योंकि आज रिश्ते ज़रूरतों और स्वार्थ पर निर्भर हो चुके हैं. यही वजह है कि रिश्तों में बेहिसाब बोझ बढ़ते जा रहे हैं और हर रिश्ता बोझिल होता जा रहा है. ऐसे में इनके करणों को जानना बेहद ज़रूरी है. सबसे पहले जानते हैं रिश्तों में आख़िर बोझ क्यों है?  रिश्तों में बोझ होने की सबसे बड़ी वजह है कि रिश्ते अब दिल से नहीं जुड़े हुए हैं.रिश्ते मजबूरी बन चुके हैं. रिश्तों में स्वार्थ सबसे ऊपर हो चुका है.रिश्ते भावनाविहीन हो रहे हैं.मशीनी हो रहे हैं एहसास.संवेदना ग़ायब हो रही है.हम से ज़्यादा मैं की सोच हावी हो रही है. किस तरह के बोझ हैं और क्यों बोझिल हो गए हैं रिश्ते?  ज़िम्मेदारी का बोझ: लोग ज़िम्मेदारियों से डरने लगे हैं और इन्हें निभाने से कतराते हैं. इन्हें लेने से बचते हैं. हर किसीको लगता है कि वो अपनी ज़िम्मेदारी किसी और को दे दे और खुद सिर्फ़ अपने लिए जिए. जहां इस तरह की सोचपनपने लगती है वहां रिश्ते बोझिल ही लगते हैं.कमिटमेंट का बोझ: लोग कमिटमेंट से बचना चाहते हैं क्योंकि वो खुद नहीं जानते कि इन रिश्तों को वो कब तकनिभा सकेंगे और ना जाने कब वो रस्ता बदल दें. लोगों का स्वार्थ इस हद तक बढ़ चुका है कि वो वही रिश्ते निभानाचाहते हैं जिन रिश्तों से उन्हें किसी तरह का कोई फायदा हो. अगर पार्टनर से कोई फायदा होता नज़र नहीं आता तोवो उसको छोड़ दूसरे का दामन थामने से भी नहीं कतराते. इसी तरह अगर माता-पिता, भाई-बहन से भी लगाव नहीं हैतो वो भी उन्हें बोझ लगने लगते हैं और वो उनसे भी दूरी बनाने लगते हैं.पैसों का बोझ: आर्थिक तंगी भी रिश्तों में बोझ बढ़ाती है और इस वजह से रिश्ते और बोझिल लगने लगते हैं. पैसासबकी ज़रूरत है और पैसों की तंगी से रिश्तों में भी मनमुटाव होने लगते हैं. तनाव बढ़ता है और सारे रिश्ते बोझिल हीलगने लगते हैं.करियर का बोझ: कॉम्पटीशन के इस दौर में करियर को ऊपर ले जाना, वर्क और होम लाइफ को बैलेंस करनाआसान नहीं. जो लोग ऐसा नहीं कर पाते उनके रिश्तों में बोझ बढ़ता जाता है.समाजिक दबाव का बोझ: हम जिस समाज में रहते हैं वहां समाज और आस पास के लोगों के बारे में कुछ ज़्यादा हीसोचा जाता है. ऐसे में हम चाहकर भी अपने मन का नहीं कर पाते क्योंकि हर बात और हर निर्णय पर हमको यहीसमझाया जाता है कि हमारे समाज में ऐसा नहीं चलता या फिर लोग क्या कहेंगे. इस तरह के माहौल में ज़ाहिर हैदम घुटता है और हर बात बोझिल ही लगती है.स्टेटस का बोझ: आज की तारीख़ में कुछ हो ना हो स्टेटस होना बहुत ज़रूरी है. और जबसे सोशल मीडिया कीहमारी लाइफ़ में एंट्री हुई है तबसे तो यह बोझ बढ़ता ही जा रहा है. हर कोई इसी होड़ में रहता है कि हमारी लाइफ़कितनी कूल है, दूसरों को दिखाने के लिए अब हर चीज़ होती है. ब्रांडेड मोबाइल से लेकर हर बात का सेलिब्रेशनजैसे बस दिखावे की चीज़ ही बनकर रह गई. हर वक़्त खुश और हैपनिंग लाइफ़ का टैग लेकर घूमना आज कीसबसे बड़ी ज़रूरत बन गई. ये तमाम चीज़ें रियल लाइफ़ रिश्तों को खोखला बनाती हैं और आप उन्हें भूलकरडिजिटल रिश्तों की नक़ली दुनिया में खोते चले जाते हैं.खुश दिखने का बोझ: आप खुश हों या ना हों लेकिन आज की तारीख़ में आपका खुश दिखना ज़रूरी है, क्योंकिकिसी को फ़ुर्सत भी नहीं आपके दुखों को जानने और समझने की. ऐसे में मन ही मन में घुटने के बाद भी आपको ढोंगकरना पड़ता है कि आप की ज़िंदगी बेहद हसीन है. रिश्तों में बोझ को बढ़ाते हैं यह पहलू पार्टनर या अन्य सदस्य जब साथ ना दें और सारी ज़िम्मेदारी किसी एक पर आ जाए.ज़िम्मेदारी निभाने के बावजूद तारीफ़ या सहयोग ना मिले.अपना दांव कुछ भूलकर भी अपने रिश्तों को सब कुछ देने के बाद भी किसी का सहयोग ना मिले.अर्थिक रूप से आत्मनिर्भर ना होने पर भी बहुत कुछ बर्दाश्त करना पड़ता है जिससे रिश्तों में बोझ बढ़ता है.अपनों से ही सम्मान ना मिलने पर भी बहुत कुछ बदल जाता है.आपको निर्णय लेने की आज़ादी ना हो या आपकी राय को अहमियत ही ना दी जाए तब भी बोझिल लगता है हररिश्ता. क्या किया जाए कि रिश्ते बोझिल ना लगें बात करें: कम्यूनिकेट करना किसी भी रिश्ते के लिए सबसे ज़रूरी और सबसे अहम् है. बात ना करना किसी भीसमस्या का समाधान नहीं. इससे परेशानी और बढ़ेगी. बेहतर होगा कि आपसी बात चीत से मन का बोझ हल्का करें, अपनी परेशानियों को अपनो से साझा करें. उनकी परेशानियों को जाने. स्वार्थी ना बनें: रिश्तों में सिर्फ़ अपने बारे में नहीं सोचा जाता, रिश्तों का मतलब ही है एकजुट होकर सबके लिएसोचना. स्वार्थ की भावना भले ही आपको कुछ समय के लिए ख़ुशी दे देगी लेकिन आगे चलकर आप एकदम अकेलेपड़ जायेंगे. स्वार्थ छोड़कर देखें, आपको अपने रिश्ते ही इतने प्यारे लगेंगे कि बोझ अपने आप हल्का लगने लगेगा.शेयर करें: शेयरिंग की भावना से रिश्ते गहरे और मज़बूत बनते हैं. सुख-दुःख हो, कामयाबी या असफलता सब कुछशेयर करें. इससे आपकी ख़ुशियाँ और हौसला दोनों बढ़ेंगे और रिश्ते बोझ कम संबल अधिक लगेंगे.जिम्मेदारियाँ साझा करें: ज़िम्मेदारियों से भागने की बजाए उन्हें साझा करें. रिश्तों में सबकी जिम्मेदारियाँ बनती हैंऔर जो कुछ भी निभाना होता है मिलकर ही बेहतर तरीक़े से निभाया जा सकता है. सामने से खुद आगे बढ़कर कहेंकि यह काम मुझ पर छोड़ दें, फिर देखिए रिश्तों से बोझ अपने आप कम होगा और रिश्ते बोझिल नहीं प्यारे लगेंगे.काम बांट लें: घर या बाहर दोनों जगह का काम बांट लें. सब मिलकर करेंगे तो ज़िंदगी और रिश्ते दोनों आसान लगनेलगेंगे. जो काम आप बेहतर कर पायें वो आप लें और दूसरों को भी उनकी क्षमता के अनुसार काम दें.आर्थिक ज़िम्मेदारी भी बांटे: रिश्तों में ज़रूरी है कि आर्थिक ज़िम्मेदारियों का भी बंटवारा हो. आप अगर यह सोचरखेंगे कि मैं अपने पैसे बचा लूं और सामने वाला ही अकेला खर्च करे तो यह सही नहीं. आपको कुछ ख़र्चों कीज़िम्मेदारी खुद ब खुद ख़ुशी ख़ुशी लेनी चाहिए. इससे अपनापन बढ़ेगा और रिश्ते बोझ नहीं लगेंगे. दिल को खोल लें: दिल को खुला रखें ताकि ज़िंदगी जी खोल के जी सकें. अगर आपको किसी चीज़ की कमी भीहोगी तो अपनों के साथ वो कमी महसूस नहीं होगी. चाहे पैसों की कमी हो या सुविधाओं की अगर अपने साथ हैं तोज़िंदगी की राह आसान हो जाती है. अगर आप अपने रिश्तों का ख़याल रखेंगे तो बुरे समय में रिश्ते आपका ख़यालरखेंगे.अपनी सोच बदलें, फ़ायदे-नुक़सान के तराज़ू में रिश्तों को ना तोलें: रिश्तों में कभी भी फ़ायदा या नुक़सान की सोचके साथ आगे नहीं बढ़ा जा सकता. रिश्तों को सिर्फ़ प्यार से ही सींचा जा सकता है वर्ना हर रिश्ता बोझ ही लगेगा. किसने क्या किया इस सोच से ऊपर उठकर यह सोचें कि अपनों को कैसे और क़रीब लाया जाए.चीट ना करें, सबको सम्मान दें: सम्मान देंगे तो सम्मान मिलेगा. चीटिंग की रिश्तों में कोई जगह नहीं होती. पार्टनर कोधोखा ना दें. घर में भी सबकी राय को महत्व दें. सबसे राय लें. किसी को कम ना आंके. कई बार एक बच्चा भी बड़ीसे बड़ी समस्या का आसान रास्ता सुझा देता है.ईगो ना रखें: अहंकार हर रिश्ते को मिटा देता है. अपनों से भला कैसा ईगो? खुद को सर्वश्रेष्ठ और दूसरों को मूर्खसमझने की गलती ना करें. आप अकेले रहेंगे तो बोझ बढ़ेगा, बेहतर है सबको साथ लेकर चलें. नकारात्मक सोचऔर भावनाओं को त्याग दें. यह भी पढ़ें: एकतरफ़ा प्यार के साइड इफेक्ट्स… (How…

प्यार में क्या चाहते हैं स्री-पुरुष? (Love Life: What Men Desire, What Women Desire)

तुम मुझे अब पहले की तरह प्यार नहीं करते, तुम्हें अब मेरी परवाह कहां रहती है, तुम्हें तो मुझमें सिर्फ…

एकतरफ़ा प्यार के साइड इफेक्ट्स… (How One Sided Love Can Affect Your Mental Health?..)

नज़रें मुस्कुराने लगती हैं.. धड़कनें गुनगुनाने लगती हैं.. एकतरफ़ा ही सही मुहब्बत की महफ़िल होती है उस तन्हा दिल में……

सास-बहू के रिश्तों को मिल रही है नई परिभाषा… (Daughter-In-Law And Mother-In-Law: Then Vs Now…)

एक ज़माना था जब सास-बहू के रिश्ते में घबराहट, संकोच, डर, न जाने कितनी शंकाएं व आशंकाएं रहती थीं. लेकिन…

रिश्तों में कहीं आप वन वे ट्रैफ़िक तो नहीं चला रहीं? (Important Signs And Signals That Could Mean You’re In A One-Sided Relationship)

हम सभी चाहते हैं हमारे रिश्तों की उम्र लंबी हो और उसके लिए कोशिश भी करते हैं, लेकिन यह कोशिश…

रिश्ते संभालने हैं, तो इन 5 चीज़ों से संभलकर रहें! (5 Steps To Save Your Relationship)

ईगो: किसी भी रिश्ते के लिए ये सबसे बड़ा ज़हरीला तत्व है. ईगो आपको कुछ पलों के लिए तो एक…

लॉकडाउन- संयुक्त परिवार में रहने के फ़ायदे… (Lockdown- Advantages Of Living In A Joint Family)

कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन ने सभी को संयुक्त परिवार के महत्व को अच्छी तरह से समझा दिया है.…

माफ़ी मांगने से क्यों कतराते हैं पुरुष? (Why Do Guys Never Say Sorry?)

“आई एम सॉरी” आप जितनी आसानी से ये शब्द अपने पार्टनर को कह देती हैं, क्या वो भी उतनी ही…

रिश्तों में ज़रूर बोलें ये प्यारे से झूठ! (Sweet Recommended Lies To Tell Your Partner In Relationships)

रिश्तों में ईमानदारी और सच्चाई बेहद ज़रूरी होती है लेकिन कभी कभी कुछ झूठ भी आपके रिश्ते की गर्मी को बनाए रखतेहैं. यह ज़रूरी है कि ये झूठ बेहद समझदारी व सूझबूझ से कहे जायें. तो क्या हैं ये प्यारे झूठ आइए जानें- आज बेहद ख़ूबसूरत लग रही हो. हर पति को अपनी पत्नी से यह ज़रूर कहते रहना चाहिए. बीच बीच में इस तरहकी बातें मन को गुदगुदा देती हैं.आपकी आवाज़ फोन पर बेहद सेक्सी लगती है. पत्नी इस तरह की बातों से पति को अच्छा महसूस करवा सकती हैं.यह रंग बहुत खिलता है तुम पर. आप दोनों ही यह कह सकते हैं फिर भले ही वो रंग आपको नपसंद हो पर आपकायह कहना उन्हें बेहतर महसूस कराएगा और आपके और क़रीब लाएगा.तुम्हारा हाथों में ग़ज़ब का स्वाद है और आज तो खाना और भी लाजवाब है. भले ही खाना सामान्य ही बना हो परआपकी तारीफ़ उन्हें यह महसूस कराएगी कि वो आपके लिए ख़ास हैं और आप उनके काम की कद्र करते हैं.आप कितनी ज़िम्मेदारी से सब कुछ संभाल लेते हैं. भले ही ऐसा ना हो पर अगर वो आपकी मदद करने की कोशिशकरते हैं और जिम्मेदारियाँ बाँटते हैं तो उनकी तारीफ़ ज़रूर करें.कितनी मेहनत करती हो तुम. भले ही पत्नी ने कुछ अलग से ना किया हो लेकिन इस तरह की बातें उनका हौसलाबढ़ाती हैं. तो कहने में क्या हर्ज है.आप कितना प्यार करते हैं मुझसे और उतना ही सम्मान भी. मेरी नज़रों में आपकी इज़्ज़त दिन ब दिन बढ़ती ही जारही है. ऐसा कहने से वो सच में आपसे और ज़्यादा प्यार करेंगे और रिश्ते में कोशिश भी अधिक करेंगे.ये सफ़ेद बाल भी आप पर खूब फबते हैं. वक़्त के साथ भले ही बालों का रंग उड़ जाए लेकिन आपके इस तरह केप्यारे झूठ रिश्तों के रंगों को उड़ने नहीं देंगे. तुम घर कितने अच्छे से संभालती हो और रिश्तों को भी. इस घर को तुमने वाक़ई खूबसूरत बना दिया. ऐसा कहने सेवो ज़रूर आपके बाक़ी रिश्तों की और भी परवाह करने लगेंगी, चाहे आपके माता-पिता हों या भाई-बहन.मेरे पेरेंट्स को इतना प्यार और सम्मान देने के लिए शुक्रिया. भले ही आप इस संदर्भ में उनसे इत्तेफ़ाक ना रखतीं होंलेकिन ऐसा कहने से उनका व्यवहार और बेहतर होगा और वो अधिक कोशिश करेंगे कि आपकी बातों पर खरेउतरें. बच्चे कह रहे थे पापा इतना अच्छा पढ़ाते हैं कि ट्यूशन की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी. ऐसा कहने से वो बच्चों की पढ़ाईके प्रति और ज़िम्मेदार होंगे aur पर्सनल इनटरेस्ट लेने लगेंगे. आपकी एक ज़िम्मेदारी थोड़ी हल्की हो जाएगी. आप जब भी सब्ज़ियाँ लाते हो वो ताज़ा भी होती हैं और पैसे भी कम लगते हैं, लगता है आपको मार्केटिंग की समझमुझसे अच्छी है. इस तरह से वो हर शाम सब्ज़ियाँ भी ख़रीदेंगे और उन्हें यह करने में मज़ा भी आएगा. तो इस तरह आप दोनों ही अपने अपने तरीक़े से रिश्ते में  सामंजस्य बेहतर बना सकते हैं और अपने रिश्तों की डोर को aur मज़बूत कर सकते हैं.

बॉलीवुड के ‘क्यूट कपल’ रितेश देशमुख और जेनिलिया डिसूज़ा से सीखें हैप्पी मैरिड लाइफ के सीक्रेट मंत्र (Happy Married Life Secret Mantra By Riteish Deshmukh And Genelia D’souza)

बॉलीवुड के क्यूट कपल के नाम से मशहूर रितेश देशमुख और जेनिलिया डिसूज़ा देशमुख न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि सभी कपल्स…

हेल्दी रिलेशनशिप के लिए अपनायें लव लैंग्वेज (Use Love Language To Improve Your Relationship)

रिश्तों को कभी भी कैज़ूअल ना लें वरना उनकी ऊर्जा खोने लगती है. आप भी अपने रिश्ते की गर्मी बनाए…

रोज़मर्रा की ये 10 आदतें बनाएंगी आपके रिश्ते को और भी रोमांटिक (10 Everyday Habits Will Make Your Relationship More Romantic)

आदतें ही हमें बनाती हैं और आदतें ही हमें बिगाड़ती भी हैं. हमारी आदतों का असर हमारे रिश्तों पर भी…

© Merisaheli