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काम न मिलने से सब्ज़ियां बेचने को मजबूर हुआ ये एक्टर, डॉली बिंद्रा ने शेयर किया वीडियो, तो लोगों ने की हौसले की तारीफ़ (TV Show Jeannie And Juju Actor Javed Hyder Spotted Selling Vegetables, Dolly Bindra Shares Video)

लॉकडाउन का सबसे ज़्यादा असर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर पड़ा है, जहां एक्टर्स से लेकर टेक्नीशियंस तक सभी पैसों की तंगी से गुज़र रहे हैं. टीवी…

लॉकडाउन का सबसे ज़्यादा असर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर पड़ा है, जहां एक्टर्स से लेकर टेक्नीशियंस तक सभी पैसों की तंगी से गुज़र रहे हैं. टीवी शो जीनी और जूजू में नज़र आनेवाले एक्टर जावेद हैदर इन दिनों सब्ज़ियां बेचकर अपना गुज़र बसर कर रहे हैं. एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट डॉली बिंद्रा ने अपने सोशल मीडिया पर जावेद का वीडियो शेयर करके सभी को इसकी जानकारी दी.

फिल्मों और टीवी शोज़ में अक्सर सहायक की भूमिका निभानेवाले एक्टर जावेद हैदर इन दिनों आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं. बदहाली के इस दौर में जहां एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रही है, ऐसे में बहुत से एक्टर्स को अपने रोजमर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कुछ न कुछ काम करना पड़ रहा है. इंडस्ट्री की हालत को समझते हुए और अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जावेद ने सब्ज़ी का ठेला लगाना शुरू किया है. इस वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि जावेद ‘दुनिया में रहना है तो काम कर प्यारे’ गाना गाते हुए एक ग्राहक को टमाटर बेच रहे हैं.

डॉली बिंद्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा- यह एक एक्टर हैं, आज वो सब्ज़ी बेच रहे हैं, जावेद हैदर. इसके बाद एक और ट्वीट में डॉली ने जावेद के काम के बारे में लोगों को बताया. आपको बता दें कि जावेद हैदर ने 2007 में फ़िल्म बाबर, 2012 में टीवी सीरीज़ जीनी और जूजू और 2017 में आई ड्रामा फ़िल्म लाइफ की ऐसी की तैसी में मुख्य भूमिका में नज़र आए थे.

जावेद हैदर के इस वीडियो पर लोगों के अलग अलग रिएक्शन आ रहे हैं. जहां ज़्यादातर लोग उनकी तारीफ़ कर रहे हैं, तो कुछ इसे बॉलीवुड की सच्चाई बता रहे हैं. एक यूज़र ने कहा कि यह अच्छी बात है कि वो अपने गुज़ारे के लिए ऐसा कर रहे हैं. कम से कम वो लड़ रहे हैं और हमें उसकी इज़्ज़त करनी चाहिए. एक और यूज़र ने कहा कि ठीक ही है काम करना बुरा नहीं है और कोई काम बड़ा या छोटा नहीं होता. वहीं एक अन्य यूज़र ने जावेद के जज़्बे की तारीफ़ करते हुए, उन्हें शुभकामनाएं दीं.

आज जहां आर्थिक तंगी से लड़ने की बजाय लोग आत्महत्या कर रहे हैं, ऐसे में जावेद हैदर सभी के लिए एक मिसाल हैं. ये हमें सिख रहे हैं कि व्यक्ति को परिस्थितियों के अनुसार ख़ुद को ढालना आना चाहिए. ऐसे में डिप्रेशन में जाने की बजाय ज़िंदगी की जंग को लड़ें और उसे जीतें, क्योंकि संघर्ष का नाम ही ज़िंदगी है.

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Published by
Aneeta Singh

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