करियर में तरक्क़ी के लिए वास्तु टिप्स

किसी भी व्यक्ति का करियर उसकी जन्म पत्रिका के दशम, सप्तम और भाग्य भाव से प्रभावित होता है, जो कि क्रमशः दक्षिण, पश्‍चिम एवं नैऋत्य दिशाओं के प्रभाव में रहते हैं. जबकि किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके- बुद्धिबल, व्यवहार, उसके रहन-सहन, घर की व्यवस्था, उसकी कार्यप्रणाली इत्यादि पर निर्भर है और ये सभी लक्षण मुख्यतः ईशान क्षेत्र तथा उसकी सहयोगी दिशाओं से प्रभावित होते हैं. हमारा व्यक्तित्व हमारे करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

वास्तु के अनुसार करियर में कौन-कौन-सी बातें प्रभावित करती हैं, आइए, जानते हैं-

  • घर के दक्षिण-पश्‍चिम में न्यून भार होने से अर्थात् घर के नैऋत्य क्षेत्र पर अधिक भार न होने से अर्थात् इस क्षेत्र के हल्के होने से वहां के रहवासियों के करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. उनकी मनोवांछित उन्नति नहीं होती है.
  • जिस घर का दक्षिण क्षेत्र नीचा होता है और उत्तर ऊंचा, ऐसे घर के निवासी उनके करियर से सदैव असंतुष्ट रहते हैं, फिर चाहे उन्हें कितना ही अधिक धन अथवा ऊंचा पद प्राप्त हो. उनको धन की असंतुष्टि भी बनी रहती है. उनका समय-समय पर नुक़सान भी होता रहता है.
  • जिस घर का दक्षिण अथवा नैऋत्य ज़्यादा खुला रहता है तथा ईशान क्षेत्र खुला हुआ नहीं होता, उस घर के मुखिया का करियर, मान-सम्मान- ये सभी कुछ कभी भी नकारात्मक प्रभाव दर्शाने लगते हैं. नैऋत्य का अधिकाधिक ढका रहना तथा ईशान क्षेत्र का अधिकाधिक खुला रहना करियर पर शुभ प्रभाव डालता है.
  • नैऋत्य या दक्षिण या पश्‍चिम में जिस घर में गड्ढा होता है, वहां के अधिकांश निवासियों के करियर सदैव बाधाग्रसित होते हैं या यूं कहें कि वहां के निवासियों के प्रमोशन्स, कार्यक्षेत्र में वृद्धि इत्यादि रुक जाती है. कभी-कभी उनके करियर मेेें अचानक ऐसा मोड़ आ जाता है, जो उन्हें लाभ के बजाए हानि देने लगता है.

अब हम घर से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर एक नज़र डालते हैं-

  • घर को साफ़ व सुंदर रखें. साथ अपने आसपास का माहौल सजीव और सकारात्मक रखें.
  • अपने व्यवहार को सकारात्मक बनाए रखने के लिए क्रिस्टल या रोज़ क्वार्ट्स की रॉक या शोपीस अपने कमरे के पूर्वोत्तर के ईशान कोण में रखें.
  • बौद्धिक क्षमता तथा कार्यकुशलता में वृद्धि के लिए अध्ययन, पठन-पाठन आदि जैसी क्रियाएं सदैव पूर्व या उत्तर दिशा में मुंह करके करें.
  • अपने कमरे के बाहर, बालकनी या गैलरी में सुगंधित व आकर्षक फूलों के पौधे लगाएं.
  • कमरे में सजे क्रिस्टल, बेल्जियम ग्लास अथवा प्ऱिज़्म जैसे पारदर्शी शोपीस भी ज़िंदगी में आगे बढ़ने में सहायक होते हैं.
  • अपने कमरे में टेबल के आसपास ताज़ा फूलों का गुलदस्ता रखना पढ़ाई के प्रति आपकी रुचि जाग्रत करेगा.
  • विदेशों में भविष्य की संभावनाओं को तलाशने की इच्छा रखने वालेे अपने काम करने की टेबल पर एक ग्लोब रखें या फिर दक्षिण दिशा की दीवार पर विश्‍व का एक मानचित्र लगाएं. इसके अतिरिक्त सेलिंग बोट, समुद्री जहाज या हवाई जहाज के पोस्टर कमरे की उत्तर दिशा की दीवार पर लगाएं.
  • करियर के प्रतीक उत्तर दिशा को सदा साफ़-सुथरा रखें.
  • कमरे में अपनी पसंद का रूम फ्रेशनर, धूप, अगरबत्ती, ऐरोमेटिक कैंडल आदि का उपयोग ज़रूर करें. इसके लिए आप कमरे में रजनीगंधा या चमेली के फूलों का गुलदस्ता भी रख सकते हैं.
  • अपने कमरे के बाहर पूर्वोत्तर में छोटे से फाउंटेन का प्रयोग करें.
  • पढ़ाई के लंबे समय के बीच अंतराल देने के लिए बरामदे, बालकनी या छत पर कुछ देर टहलने से आकाश तत्व की प्राप्ति होती है, जिससे दूर तक फैले क्षितिज से सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा होता है, जो स्वयं में सुखद विस्तृत भविष्य को इंगित करता है.
  • क़ामयाबी की संभावनाएं तलाशने के लिए चिंतन-मनन का सर्वोत्तम समय प्रातःकाल है, अतः इस समय भविष्य की योजनाएं बनाएं.
Meri Saheli Team :
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