Family Health

पीएम मोदी ने लिया कोरोना वैक्सीन का पहला डोज़, लोगों से की अपील- आइए देश को कोरोना मुक्त बनाते हैं! (PM Modi Takes First Dose Of Covid-19 Vaccine At AIIMS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली AIIMS में COVID वैक्सीन का पहला डोज़ लिया. आज से शुरू हुए कोरोना टीकाकरण के…

बनाए अपने सेहत का पंचांग… (4 Steps To A Healthy Lifestyle)

यदि पंचांग की बात करें, तो उससे तात्पर्य यह होता है कि जहां ज्योतिष ग्रह, नक्षत्र द्वारा सौभाग्य, शुभ आदि…

सरसों के तेल के इन 25 से ज़्यादा हेल्थ और ब्यूटी बेनेफ़िट्स के बारे में नहीं जानते होंगे आप! (25+ Incredible Health And Beauty Benefits Of Mustard Oil, You May Not Have Known)

सरसों के तेल में काफ़ी गुण हैं और सर्दियों में तो यह वरदान है, ना सिर्फ़ हेल्थ बल्कि इसके ब्यूटी बेनीफिट्स भी हैं.  हेल्थ बेनीफिट्स इसमें एंटीबैक्टीरीयल, एंटीफ़ंगल और एंटीकर्सिनोजेनिक प्रॉपर्टीज़ हैं जो कैन्सर जैसे गंभीर रोग से बचाव करती हैं. यह पेट व मलाशय के कैन्सर से बचाता है. कई तरह के इन्फ़ेक्शंस से भी बचाने में यह कारगर है. खाना बनाने मेंइसका प्रयोग बेहद फ़ायदेमंद है.इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए ये सर्दी-ज़ुकाम से भी बचाव करता है. सरसों के तेलवाली स्टीम लेने से सीने औरनाक में जमा कफ निकल जाता है. यह साइनस से भी बचाव करता है. सरसों के तेल में लहसुन की कुछ कलियां और एक चम्मच अजवायन मिलाकरगर्म करें और इससे तलवों और सीने की मालिश करें. सर्दी से बचे रहेंगे.यह शरीर में गर्माहट पैदा करता है. सरसों के तेल की मालिश करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचारभी बेहतर होता है. इस तेल की मालिश करने के बाद स्नान करने से शरीर स्वस्थ रहता है. नहाने के बाद भी इसे लगा सकते हैं. नाक, कान और नाभि में इसे लगाएं. यह दांतों को मज़बूत और स्वस्थ बनाता है. दांतों में तकलीफ हो तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर दांतों औरमसूड़ों की मालिश करें. सरसों के तेल की मालिश से जोड़ों का दर्द और गठिया रोग भी ठीक हो जाता है.सरसों के तेल का प्रयोग हार्ट के लिए भी हेल्दी माना जाता है. इसे यूज़ करने से कोरोनरी हार्ट डिसीज़ का खतरा भीकम होता है. इसमें सैचुरेटेड फ़ैटी ऐसिड्स कम होता है और एसेंशियल फ़ैटी ऐसिड्स इसमें काफ़ी मात्रा में होते हैंजिससे ये खाने में प्रयोग का हेल्दी ऑप्शन है. यह हार्ट फेल और ऐंजाइना के ख़तरे को कम करता है और जिन्हेंहृदय रोग है उनके लिए यह बेहतरीन ऑप्शन है.जिन्हें सांस संबंधी समस्या हो या अस्थमा की शिकायत हो तो उनके लिए भी सरसों का तेल वरदान साबित हुआ है. सरसों में मैग्नीशियम पाया जाता है और सरसों के तेल में पाया जानेवाला सेलेनियम अस्थमा के प्रभाव को कमकरने में कारगर साबित होता है.यह मेटाबॉलिज़्म को बेहतर करता है, सर्कुलेशन और ब्रेन फ़ंक्शन को भी इम्प्रूव करता है क्योंकि इसमें स्टिम्युलंटप्रॉपर्टी होती है. ये पाचन तंत्र को बेहतर करके भूख लगने में मदद करता है. अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल काउपयोग करें.ये वज़न को घटाने में भी सहायक है. इसमें मौजूद विटामिन्स मेटाबाल्जिम को बढ़ाते हैं जिससे वजन घटाने में मददमिलती है.ये इन्सेक्ट बाइट और रैशेज़ के प्रभाव को कम करता है. अगर किसे कीड़े या मच्छर ने काट लिया है तो वहां इसेअप्लाई करें. इसी तरह रैशेज होने पर भी यहां तक कि छोटे बच्चों को नैपी रैश होने पर भी इसे यूज़ किया जाता है. ब्यूटी बेनीफिट्स यह बेहतरीन मॉइश्चराइज़र है, ठंड में ड्राई स्किन को हेल्दी ग्लो देना हो तो गुनगुने सरसों के तेल की मालिश करें.इसे बेसन और हल्दी में मिलाकर उबटन तैयार करें, त्वचा निखर जाएगी.एंटीफ़ंगल प्रॉपर्टीज़ के कारण ये फ़ंगल इंफ़ेक्शन से बचाता है. विटामिन ई का ये बेहतरीन स्रोत है, ये रिंकल्स और फ़ाइन लाइंस को कम करता है.ये बालों के लिए भी बेहद लाभकारी है. हेयर फ़ॉल को रोकता है, स्काल्प में ब्लड सर्क्युलेशन बेहतर करके बालों कीग्रोथ भी बेहतर करता है.यह सनटैन को दूर करने में भी मदद करता है.यह फटे होंठों को नर्म मुलायम बनाता है.इसमें विटामिन बी कॉमप्लेक्स भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो स्किन हेल्थ के लिए फायदेमंद है. इसे अप्लाई करनेसे स्किन टोन बेहतर होती है, दाग और झाइयों से भी छुटकारा मिलता है.इसमें एंटी एजिंग तत्व होते हैं जो आपको देते हैं यंगर स्किन.ये है नेचुरल सनस्क्रीन, जो अल्ट्रा वायलेट किरणों से बचाव करता है. घर से बाहर जाने से पहले हल्का सा ऑइलस्किन पर अप्लाई करें और सूरज की हानिकारक किरणों से बचें.यह बालों को असमय सफ़ेद होने से रोकता है. दही में सरसों का तेल मिलाकर बालों में लगाने से कई तरह की बालोंकी समस्या से छुटकारा मिलता है.अगर बाल समय से पहले सफ़ेद हो रहे हैं तो सोने से पहले सरसों के तेल की मालिश करें या सुबह बाल धोने से एकया आधे घंटे पहले तेल लगाएं, लाभ होगा.अगर डैंड्रफ की समस्या है और इचि स्काल्प से परेशान हैं तो स्काल्प मसाज करें. चाहें तो सरसों और नारियल तेलको सामान मात्रा में मिला लें. स्काल्प मसाज करें, टोवेल से कवर करें और दो घंटे बाद शैम्पू कर लें. रिंकू शर्मा -- 

वर्ल्ड कैंसर डे: क्यों बढ़ रहा है भारत में कैंसर? कब रहें एलर्ट, क्या सावधानी बरतें?(World Cancer Day: Why are cancer cases on rise in India? Warning Signs And Prevention Guide)

पूरी दुनिया में ही नहीं, बल्कि हमारे देश में भी कैंसर तेज़ी से फैल रहा है. हालिया सर्वे के अनुसार भारत में…

कोविड टीकाकरण के प्रभावी मुहिम के लिए मज़बूत को-विन इकोसिस्टम की ज़रूरत है… (A strong Co-Win Ecosystem Is Needed For An Effective Campaign For Covid Vaccination…)

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारत ने वैक्सीन लगाने की मुहिम शुरू तो कर दी है, पर अब भी…

बर्थ कंट्रोल के बारे में जानें ये ज़रूरी बातें और बर्थ कंट्रोल की होम रेमेडीज (Know Important Facts About Contraception And Home Remedies For Birth Control)

महिलाएं बर्थ कंट्रोल के तरीकों का इस्तेमाल तो करती हैं, लेकिन आज भी इससे जुड़े कई तरह के सवाल, कई…

अल्ज़ाइमर: क्या युवाओं को भी हो सकती है भूलने की बीमारी? (Can Alzheimer’s Begin In Our young age? These Are the Signs of Early Onset Alzheimer’s Disease)

अल्ज़ाइमर आमतौर पर बुज़ुर्गों को होने वाली बीमारी मानी जाती है, जिसमें याददाश्त कमज़ोर हो जाती है, इसे भूलने की…

पहचानें अपनी बॉडी के सिग्नल्स: बॉडी खुद कहती है कि अब डाइयटिंग ज़रूरी है! (Health And Nutrition: Importance Of Balanced Diet And Healthy Lifestyle)

हमारा शरीर खुद ही हमें कई बातों का संकेत देता है, बस ज़रूरत है उन संकेतों को पहचानने की. इसी तरह जब हमारावज़न बढ़ता है तो भी शरीर संकेत देता है, समय पर उनको पहचानकर ध्यान दें वर्ना सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. सबसे पहला संकेत है कि आपको खुद अपना शरीर हेवी लगने लगता है. आप अक्सर सोचने लगते हो कि कहीं मेरावज़न बढ़ तो नहीं रहा. आपके कपड़े आपको टाइट होने लगते हैं, पुराने कपड़े अब नहीं आते.आप खर्राटे लेने लगते हैं, अगर कोई आपका अपना कहे कि आजकल आप खर्राटे लेने लगे हो तो नाराज़ होने कीबजाय गम्भीरता से लें इस बात को क्योंकि सोने के दौरान अनियमित सांसों से ऐसा होता है. दरअसल जब शरीर मेंफैट्स बढ़ता है तो गर्दन के आसपास भी फैट्स बढ़ जाता है जिससे सांस की नली संकरी हो जाती है और सांस लेनेमें रुकावट व दिक़्क़त होने लगती है. बेहतर होगा आप डॉक्टर के पास जाकर हल निकालें.थोड़ी सी शारीरिक गतिविधि से आपकी सांस फूलने लगे, सीढ़ियां चढ़ने पर, चलने फिरने पर भी सांस फूल जाए तोसमझ जाएं कि डायटिंग करके हेल्दी लाइफ़स्टाइल से वज़न कंट्रोल किया जाए. रूटीन चेकअप पर पता चले कि आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है. अगर आप वज़न कम करेंगे तो ब्लड प्रेशर भी कमहो जाएगा क्योंकि आपके कार्डीओवैस्क्युलर सिस्टम को शरीर को ऑक्सिजन सप्लाई करने के लिए कम मेहनतकरनी पड़ेगी. अगर आपका वजन बढ़ता है तो आप टाइप 2 डायबिटीज़ के रिस्क पर आ जाते हैं. बहुत ज़्यादा प्यास लगने लगे, बार बार यूरिन जाना पड़े और पिछले कुछ समय में फैट्स भी बढ़ा हो तो सतर्क हो जाएं. कॉलेस्टरॉल का बढ़ना भी बड़ा संकेत है और यह मात्र वज़न कम करने से कम नहीं होगा बल्कि हेल्दी ईटिंग, डायटिंगऔर एक्सरसाइज़ से कम होगा.परिवार में कोलोन या ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री है तो आपको शुरुआत से ही डायटिंग को अपनी आदत में शुमार करलेना चाहिए, क्योंकि इस तरह के कैंसर का मोटापे से गहरा संबंध होता है. डायटिंग का मतलब ना खाना नहीं, बल्कि हेल्दी खाना होता है अक्सर लोगों के मन में यह धारणा होती है कि डायटिंग का मतलब है खाना बंद कर दो या एकदम कम कर दो.लेकिन यह सोच ग़लत है, डायटिंग का मतलब होता है अनहेल्दी चीज़ों को छोड़कर हेल्दी चीज़ें खाएं. फ़्राइड चीज़ों को बेक्ड से रिप्लेस करें.चीनी और स्टार्च का सेवन कम कर दें.नमक कम कर दें.ग्रीन टी का सेवन करें, इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं.प्रोटीन का सेवन बेहद ज़रूरी है. प्रोटीन के सोर्स- दालें, ड्राइफ्रूट्स, बींस, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, दही, फिश, सोयाबीन, अंडा.फ़ाइबर का अधिक इस्तेमाल करें. फल और सब्ज़ियां फ़ाइबर का अच्छा सोर्स है. खीरा, गाजर, सलाद और हरीपत्तेदार सब्जियां ज़रूर खाएं.पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें. यह टॉक्सिंस को बाहर करता है, मेटाबॉलिज़्म को बेहतर करता है.गुनगुना पानी पीएं. हो सके तो सुबह शहद और नींबू गुनगुने पानी में लें.हेल्दी ब्रेकफ़ास्ट लें, रिसर्च बताते हैं कि नाश्ता आपको डायबिटीज़ के ख़तरे से बचाता है. जो लोग नाश्ता करते हैंउन्हें डायबिटीज़ का ख़तरा नाश्ता ना करनेवालों की तुलना में कम रहता है.इतना ही नहीं ब्रेकफ़ास्ट आपको मोटापे से बचाता है. जो लोग नाश्ता नहीं करते उनकी वेस्ट लाइन नाश्ता करनेवालों की तुलना में अधिक होती है. भले ही लंच ठीक से ना करें लेकिन नाश्ता हेल्दी करेंगे तो फ़ैट्स से बचेंगे. जो लोग नाश्ता करते हैं उनका एनर्जी लेवल अधिक होता है और वो दिनभर ऐक्टिव बने रहते हैं. नाश्ते से पाचन तंत्र संतुलित रहता है. यह क्रेविंग से बचाता है. जो लोग नाश्ता नहीं करते उन्हें दिनभर में मीठा खानेकी, जंक फ़ूड की और चाय आदि की तलब ज़्यादा लगती है, जिससे वो अधिक कैलरीज़ का सेवन कर लेते हैं औरमोटापे का शिकार होने लगते हैं.एक बार में ज़्यादा खाने की बजाए अपनी मील्स को डिवाइड करें. दिन में 4-6 बार छोटी-छोटी मील्स लें. हेल्दी सूप्स और सलाद को शामिल करें. रात को हल्का खाना लें और सोने से दो घंटे पहले डिनर कर लें. खाने के हेल्दी ऑप्शन्स की लिस्ट बना लें, जैसे- खिचड़ी, ओट्स, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, ब्राउन राइस, दाल, इडली, सादा डोसा, उपमा, पोहा आदि.डायट के अलावा रोज़ आधा घंटा कुछ एक्सरसाइज़, वॉक या योगा ज़रूर करें.नींद पूरी लें और स्ट्रेस कम लें. सबसे ज़रूरी कि वज़न बढ़ने पर जब कपड़े टाइट होने लगें तो नए साइज़ के कपड़े लेने की बजाय अपना फ़िटनेसलेवल बढ़ाकर, हेल्दी ईटिंग कर, डायट और कसरत से वज़न कम करने पर फ़ोकस करें और उन्हीं कपड़ों में फिटहोने पर ध्यान दें! क्योंकि स्वास्थ्य से बड़ा धन कोई नहीं, वज़न बढ़ने पर कई बीमारियां एक साथ घेर लेती हैं औरइनमें से कई बीमारियां काफ़ी गंभीर और जानलेवा तक हो सकती हैं. आज से बल्कि अभी से अपनी बॉडी के संकेतोंको पहचानें, उन्हें नज़रअंदाज़ क़तई ना करें और उनपर ध्यान देकर एक्शन लें. स्वस्थ रहें और हेल्दी खाएं!भोलू शर्मा यह भी पढ़ें: शिशु को इन्फेक्शन से बचाने के स्मार्ट टिप्स.. (Smart Tips…

जब शरीर में बढ़ जाए यूरिक एसिडः इन होम रेमेडीज़ से करें कंट्रोल (What does it mean if you have high levels of Uric Acid, Home Remedies for uric acid)

पैरों-हाथों के जोड़ों या उंगलियों में तेज़ दर्द, घुटना मोड़ने में तकलीफ, उठते-बैठते समय दर्द आदि लक्षणों को थकान समझकर…

15+ डेली हैबिट्स जो कर सकती हैं आपकी किडनी को डैमेज (15 + Common Habits That Can Damage Your Kidney)

ब्लड प्योरिफाई करने से लेकर बॉडी को डिटॉक्सीफाई करने और एसिड का संतुलन बनाए रखने जैसे बॉडी के कई महत्वपूर्ण…

अपने बढ़ते बच्चों को ऐसे सिखाएं बॉडी हाइजीन का ख्याल रखना (Personal Hygiene Tips For Pre-Teens And Teenagers)

प्री टीन यानी 9-12 साल की उम्र में बच्चों का शारीरिक विकास होने लगता है, ऐसे में उन्हें बॉडी हाइजीन…

हर तरह के दर्द के लिए 60 से अधिक होम रेमेडीज़ (60+ Quick And Effective Home Remedies For Pain Relief)

चाहे सिरदर्द हो, कमरदर्द, पीठदर्द या ज्वाइंट पेन- हमेशा पेनकिलर्स लेने से बेहतर है कि कुछ नेचुरल पेनकिलर्स ट्राई करें,…

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