Geet / Gazal

कविता- मैं फिर लौट आऊंगी… (Poem- Main Phir Laut Aaungi…)

मैं फिर लौट आऊंगी धूप के उजास सी कि करूंगी ढेरों मन भर बातें उस जाती हुई ओस से भी…

कविता- सुनो दोस्तों!.. (Poetry- Suno Dosto!..)

सुनो दोस्तों, तुम घबराना मत.. जल्दी ही हम फिर मिलेंगे जो साथी छूट गए उनकी बातें याद करेंगे कभी हंस…

काव्य- सफ़र है ये, कुछ तो छूटना ही था… (Kavya- Safar Hai Yeh, Kuch Toh Chhutna Hi Tha…)

अलग फ़लसफ़े हैं हमेशा ही तेरे, सुन ऐ ज़िंदगी बटोरकर डिग्रियां भी यूं लगे कि कुछ पढ़ा ही नहीं ये…

काव्य- प्रेम युद्ध और मेरी मांग… (Poem- Prem Yudh Aur Meri Mang…)

हे प्रभु जब मैं तुमसे प्रेम मांगता था तब तुमने जीवन के संघर्ष के रूप में मुझे युद्ध प्रदान किया…

कविता- मत करो विलाप ऐ स्त्रियों… (Poetry- Mat Karo Vilap Ae Striyon…)

मत करो विलाप ऐ स्त्रियों! कि विलापने से कांपती है धरती दरकता है आसमां भी कि सुख और दुख दो…

कविता- अधिकार के साथ (Poetry- Adhikar Ke Sath)

थक गया हूं मुझे अपनी गोद में सिर रखने दो समझदार हो गया हूं इसलिए संकोच पैदा हो गया है…

काव्य- महिला दिवस… (Kavya- Mahila Diwas…)

कैसे मनाएंगे महिला दिवस? केक कटवाकर गुब्बारे लगाकर ख़ूब हल्ला-गुल्ला शोर मचाकर? या फिर वो शोर ढूंढ़ेंगे जो किसी की…

कविता- कहानी… (Poetry- Kahani…)

कहानी अपना लेखक ख़ुद खोज लेती है जब उतरना होता है उस भागीरथी को पन्नों पर सुनानी होती है आपबीती…

कविता- मिस करता हूं… (Kavita- Miss Karta Hun…)

तुम्हें एहसास है मैं तुम्हारे साथ गुज़रे लम्हे और वक़्त नहीं मिस करता वे तो एक दिन दूर जाने थे…

काव्य- समर शेष है… (Poetry- Samar Shesh Hai…)

और… प्रेम के लिए क्या गया स्त्री का समर्पण ना जाने कब बदल गया समझौते में उपेक्षा तिरस्कार से कुम्हला…

कविता- बासंतिक पर्व… (Kavita- Basantik Parv)

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं! माँ शारदे की कृपा बनी रहे!.. दिवस आज है पंचमी, यौवन पर ऋतुराज। बसें शारदा…

ग़ज़ल- थोड़ी सी ज़िंदगी दे दे… (Gazal- Thodi Si Zindagi De De…)

तेरी आंखों से कब राहों का उजाला मांगा अपनी आंखों में बस थोड़ी सी ज़िंदगी दे दे सदियों से इस…

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