Geet / Gazal

काव्य- नए युग का निर्माण करो… (Poetry- Naye Yug Ka Nirman Karo…)

नारी तुम निर्मात्री होदो कुलों की भाग्य विधात्री होसृजन का है अधिकार तुम्हेंतुम ही जीवन धात्री हो तुमसे ही उत्पन्न…

June 15, 2024

कविता- सुबह की तलाश… (Poetry- Subah Ki Talash…)

टूटा हुआ चांदरात की स्याह चादर में छेदबेसुध पड़ी धरतीऊंघते से पेड़ऐसी ही एक रात मेंभागती रही मैंवीरान सड़कों परकिसी…

June 6, 2024

कविता- सफलता सांझी है (Poem- Saflata Sanjhi Hai)

मत भूल सफलता सांझी हैकुछ तेरी है, कुछ मेरी हैमां-बाप और बच्चे सांझे हैंकुछ रिश्ते-नाते सांझे हैंकुछ ज़िम्मेदारी सांझी हैकुछ…

May 27, 2024

कविताएं- एहसास के समंदर… (Poetry- Ehsas Ke Samandar)

जज़्बात... कहां मिलते हैं ऐसे लोगजो बांट दें ख़ुशियां अपने दामन की चेहरे पर बिना झिझक लाएसमेट लें दर्द किसी अनजान शख़्स…

May 22, 2024

कविता- रसिक प्रेम (Poetry- Rasik Prem)

रसिक श्यामलेकर अधरों पर मुस्कानछेड़ वंशिका की तानपुकार रहे राधा नाम राधामन ही मन रिझायेरसिक मन को समझायेश्याम तेरे बिनये…

May 20, 2024

काव्य- मां… (Poem- Maa…)

जिसके जगने से ही सुबह होती है घर में वो होती है मां.. बिन बोले दुख दर्द जान ले औलाद…

May 12, 2024

कविता- मां का आंचल… (Poetry- Maa Ka Aanchal)

कभी धूप में छांव बन जाती है कभी पसीने में रूमाल बन जाती है थाम लो जो एक बार इसे…

May 10, 2024

कविता- बेतुकी सी इक उम्मीद… (Poem- Betuki Si Ek Ummed)

तुम मेरी मुस्कान को देखोजो तुम्हें देखते हीइस चेहरे पर खिल उठती हैउन आंसुओं की मत सोचोजो सालों सालमैंने चुपचाप…

May 4, 2024

कविता- चुनौतियां (Poetry- Chunautiyan)

 आवश्यक है कि हम अपने लिए खड़ी करते रहें नियमित कुछ चुनौतियां स्वयं को  मशीन बन जाने से बचाने के…

April 29, 2024

काव्य- उम्र बढ़ती जा रही है… (Poetry- Umra Badti Ja Rahi Hai…)

अब यही आवाज़ दिल कीधड़कनों से आ रही हैज़िंदगी कम हो रही हैउम्र बढ़ती जा रही है.. इस तरह कब तक…

April 24, 2024
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