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सोनू सूद सुपर हीरो, बाहुबली, रियल लाइफ हीरो, सिंघम.. कितने नाम, सराहना, दुआएं… प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा बन गए हैं सोनू सूद… (Sonu Sood Super Hero, Bahubali, Real Life Hero, Singham.. How Many Names, Appreciation, Prayers.. Sonu Sood Has Become ‘Masiha’ For Migrant Workers)

आज प्रवासी मजदूरों, गरीब, ज़रूरतमंद और वे सभी लोग जो अपने घर जाना चाह रहे थे और पहुंच गए के लिए सोनू मसीहा बन गए हैं. उन मजदूरों को घर पहुंचाने की मुहिम के चलते सोनू सूद को हर तरफ से प्यार, आशीर्वाद, सराहना और दुआएं दी जा रही हैं. उन्हें सुपर हीरो, बाहुबली, रियल लाइफ हीरो, सिंघम, नायक जैसे तमाम उपाधियों से नवाजा जा रहा है. उन्हें खूब शाबाशी दी जा रही है. आज सोनू सूद सबसे बड़े मददगार व मसीहा बने हुए हैं प्रवासी मजदूरों के लिए. पिछले कई दिनों से लगातार घंटों वे काम करते रहे हैं, हर उस प्रवासी, हर उस गरीब मजदूर को उसके घर पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए. अपने इस काम का ना वह कभी श्रेय ले रहे हैं.. ना इसकी पब्लिसिटी कर रहे हैं. बस सभी को घर पहुंचाना है उनकी यही धुन है और वह उसी में निरंतर लगातार लगे हुए हैं. उनका कहना है कि ये लोग हमारी देश की धड़कन हैं. इनकी वजह से ही अपना काम कर पा रहे हैं. सड़क पर चल रहे हैं. ऐसे में उनकी सहायता करके उन्हें असीम शांति मिल रही है. उनके प्यार से प्रोत्साहन और ताक़त उन्हें मिल रही है लोगों की और अधिक मदद करने के लिए. उनका कहना है कि जब वे किसी प्रवासी मजदूर या किसी ग़रीब को उसके घर पहुंचा देते हैं. और जब वो अपने घर पहुंचता है और उन्हें फोन करता है, तब उन्हें दिली सुकून मिलता है. बेहद ख़ुशी मिलती है, जो किसी भी…

आज प्रवासी मजदूरों, गरीब, ज़रूरतमंद और वे सभी लोग जो अपने घर जाना चाह रहे थे और पहुंच गए के लिए सोनू मसीहा बन गए हैं. उन मजदूरों को घर पहुंचाने की मुहिम के चलते सोनू सूद को हर तरफ से प्यार, आशीर्वाद, सराहना और दुआएं दी जा रही हैं. उन्हें सुपर हीरो, बाहुबली, रियल लाइफ हीरो, सिंघम, नायक जैसे तमाम उपाधियों से नवाजा जा रहा है. उन्हें खूब शाबाशी दी जा रही है.
आज सोनू सूद सबसे बड़े मददगार व मसीहा बने हुए हैं प्रवासी मजदूरों के लिए. पिछले कई दिनों से लगातार घंटों वे काम करते रहे हैं, हर उस प्रवासी, हर उस गरीब मजदूर को उसके घर पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए. अपने इस काम का ना वह कभी श्रेय ले रहे हैं.. ना इसकी पब्लिसिटी कर रहे हैं. बस सभी को घर पहुंचाना है उनकी यही धुन है और वह उसी में निरंतर लगातार लगे हुए हैं. उनका कहना है कि ये लोग हमारी देश की धड़कन हैं. इनकी वजह से ही अपना काम कर पा रहे हैं. सड़क पर चल रहे हैं. ऐसे में उनकी सहायता करके उन्हें असीम शांति मिल रही है. उनके प्यार से प्रोत्साहन और ताक़त उन्हें मिल रही है लोगों की और अधिक मदद करने के लिए.
उनका कहना है कि जब वे किसी प्रवासी मजदूर या किसी ग़रीब को उसके घर पहुंचा देते हैं. और जब वो अपने घर पहुंचता है और उन्हें फोन करता है, तब उन्हें दिली सुकून मिलता है. बेहद ख़ुशी मिलती है, जो किसी भी अवार्ड से कम नहीं है. सोनू सूद की हर तरफ से हर कोई उनके इस नेक काम की तारीफ़ कर रहा है. इसमें हमारे फिल्मी हीरो भी पीछे नहीं है. अजय देवगन ने भी सराहना करते हुए सोनू के इस संवेदनशील कार्य की काफ़ी तारीफ की. क्रिकेटर शिखर धवन ने भी सोनू सूद के इस बेहतरीन काम की सराहना की और उनका उत्साह बढ़ाया.
सोनू सूद ने अजय देवगन और शिखर धवन को इसके लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि आप लोगों का प्यार और भरोसा ही मेरे लिए बहुत बड़ी ताक़त है. सोनू मजदूरों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने का नेक काम तो कर ही रहे हैं, इसके अलावा वे लगातार सोशल मीडिया से भी उनकी सहायता कर रहे हैं. उनके हर सवाल, प्रार्थना का वे सभी को लगातार जवाब भी दे रहे हैं. उनके तमाम रिप्लाय को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि वे ना केवल समझदार, सुलझे हुए इंसान हैं, बल्कि उनकी हाजिरजवाबी भी लाजवाब है.
उन्होंने अपना एक हेल्पलाइन फोन नंबर 18001213711 भी शेयर किया है. लोगों से कहा है कि जिस किसी प्रवासी मजदूरों को घर जाना है, जो कोई अपने यहां पर फंसा हुआ है और अपने गांव, अपने घर जाना चाहता है, तो इस फोन नंबर पर संपर्क करें या अपने डिटेल दें. तब वे उनके जाने की व्यवस्था करेंगे. इस काम में वे लगातार लगे हुए हैं. उनके दोस्त, अपनों की पूरी टीम बनी हुई है, जो दिन-रात इसी काम में लगी हुई है. लोगों का आधार कार्ड वेरीफाई करना, पेपर्स वर्क करना, एक राज्य से दूसरे राज्य की अनुमती लेना, बस के साथ-साथ भोजन-पानी का बंदोबस्त करना… सभी इसी काम में लगे हुए हैं. कह सकते कि एक छोटा-सा कॉल सेंटर जैसा बन गया है उनके दोस्तों और इस मुहिम में लगे लोगों के बीच में.
सोनू सूद का कहना कि जब तक वह उस आख़िरी व्यक्ति को जो अपने घर जाना चाहता है, उसके घर सही सलामत पहुंचा नहीं देंगे, तब तक वह इसी तरह से लगातार काम करते रहेंगे.. सड़क पर रहेंगे.. उन लोगों के बीच में रहेंगे.. उनकी मदद करते रहेंगे.. उन्हें प्रोत्साहन, दिलासा देते रहेंगे कि वे घबराए नहीं.. परेशान ना हो.. वे सभी उनके घर, अपनों के बीच, अपने माता-पिता के पास ज़रूर जाएंगे और उन्हें मिलेंगे.
सोनू के इसी प्रशंसनीय कार्य और मदद को देखते हुए किसी के लिए वह सुपर हीरो, बाहुबली, सिंघम आदि बन गए हैं, तो किसी ने तो उन्हें भगवान का दर्जा दे दिया.. इन सभी प्रवासी मजदूरों के लिए वे भाई, बेटा, मामा, दोस्त, आदर्श जाने क्या-क्या बन गए हैं. प्यार और आशीर्वाद की बरसात उन पर हो रही है. हर कोई उन्हें दुआएं दे रहा है. कितने ही लोग ऐसे भी हैं, जो आर्थिक रूप से मदद भी करना चाहते हैं, तो सोनू उन्हें प्यार से कहते हैं कि बस वो किसी और ज़रूरतमंद, ग़रीब की मदद कर दे, वहीं उनकी सबसे बड़ी सहायता होगी. यह सोनू का बड़प्पन है कि वह अपने बलबूते पर यह सब कार्य कर रहे हैं, बिना किसी पब्लिसिटी के.. बिना किसी स्वार्थ के.. इस नेक व समाज सेवा के कार्य में लगे हुए हैं. वे अब तक बारह हज़ार से अधिक लोगों को उनके घर पहुंचा चुके हैं.
ऐसे ही एक व्यक्ति, जो बिहार के सिवान के हैं, जिन्हें सोनू सूद ने घर पहुंचाया था. उन्होंने ट्विटर पर उनसे कहा कि उनके गांव के लोग उनकी मूर्ति बनानेवाले हैं. इस पर सोनू ने नम्रता से कहा कि सुनो भाई उन पैसों से किसी ज़रूरतमंद की मदद कर देना. वे नहीं चाहते कि उनको महिमामंडित किया जाए. बस इस तरह के लोगों से यही कहते हैं कि आप किसी ग़रीब, दुखी, ज़रूरतमंद की पैसों से या जैसे मदद हो सके कर दीजिएगा. वही उनके लिए बहुत बड़ा पुरस्कार और मदद होगा.
सोनू सूद को यह ज़ज्बा और समर्पण की प्रेरणा उनकी मां सरोज से मिली है. वे हमेशा कहती थीं कि अगर दाएं हाथ से दान दो, तो बाएं हाथ को भी ख़बर नहीं होनी चाहिए. मां की परवरिश इतनी बेहतरीन रही है कि आज उनका बेटा कितने ही भले काम करता जा रहा है.
इस बार मदर्स डे पर भी उन्होंने अपनी मां को बड़ी शिद्दत से याद किया. उनके अनुसार, आख़िर मां के लिए एक ही दिन क्यों..? उनके लिए तो हर एक दिन ख़ास हो जाते हैं. जैसे मां के लिए बच्चे का हर एक दिन ख़ास होता है. उसी तरह बच्चों का भी मां के लिए होना चाहिए. मां तो वो होती है, जो एक चम्मच घी अधिक डाल देती है.. जो भिगोया हुआ बादाम खिलती है, कहती है इससे दिमाग़ तेज होगा. आज उन सब बातों को याद करता हूं, तो मुझे लगता है कि वाक़ई दिमाग़ कितना तेज हो गया कि मैं अपनी मां पर कुछ लिख सका. वैसे भी मेरी मां को बड़ी ख़ुशी होती थी जब मैं कुछ लिखता था.. वे कहतीं बहुत अच्छा लिखते हो, लिखा करो… तो इस बार मदर्स डे पर उन्होंने बहुत ही प्यारी बातें अपनी मां को लेकर लिखी थीं. एक प्यारा-सा वीडियो भी शेयर किया था.
जिस तरह से सोनू सूद लगातार इतने दिनों से हर एक प्रवासी मजदूरों और ग़रीब ज़रूरतमंद को उनके घर, अपनों के बीच, उनके माता-पिता के बीच पहुंचा रहे हैं.. उनसे वे हज़ारों दुआएं भी पा रहे हैं. सोशल मीडिया पर सभी उनके तरह-तरह के तस्वीरें, स्केच, दिलचस्प कार्टून भी शेयर कर रहे हैं. ये दुआएं अनमोल और बेमिसाल हैं. सोनू सूद हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं. बिना किसी स्वार्थ के काम करना ही सही मायने में सार्थक जीवन जीना है. यह अनमोल पुरस्कार है और इसके हक़दार सोनू सूद हैं. हम उनके इस जज़्बे को सलाम करते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं कि वे यूं ही आगे बढ़ते रहें. सबकी मदद करते रहें और हर किसी को एक उम्मीद और एक हौसला दें कि वह अपने घर ज़रूर पहुंच जाएंगे.

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Usha Gupta

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