हुस्न के तो कई रंग होते हैं, लेकिन ये हुस्न हमेशा जवां बना रहे, इसके लिए स़िर्फ ऊपरी देखभाल ही नहीं, इंटरनल केयर भी ज़रूरी है. आप जो खाएंगे, वही आपकी स्किन पर नज़र आएगा. इसीलिए बहुत ज़रूरी है कि हेल्दी स्किन के लिए हेल्दी खाया जाए. इसका पहलास्टेप यह है कि अपनी स्किन को पहचानें और उसकी ज़रूरत के अनुसार अपनी डायट सिलेक्ट करें. ब्यूटी डायट से पाएं ग्लोइंग स्किन अपनी स्किन को भीतर से रिस्टोर और रिपेयर करें, ताकि आप पाएं खिली-खिली त्वचा और बेपनाह हुस्न. हेल्दी डायट न स़िर्फ अच्छी सेहत, बल्कि अच्छी स्किन के लिए भी ज़रूरी है. लेकिन यह भी ध्यान रखें कि सभी की स्किन अलग होती है, ऐसे में हर स्किन टाइप के लिए ब्यूटी डायट भी अलग ही होगी. हम यहां स्किन टाइप के अनुसार ब्यूटी डायट की चर्चा कर रहे हैं, जिसेअपनाकर आप भी अपनी स्किन के बेहतर देखभाल कर सकेंगी. ड्राय स्किन - मॉइश्चर की कमी के चलते ड्राय स्किन पर मौसम का असर भी जल्दी होता है. - त्वचा हमेशा खिंची-खिंची रहती है और लिप्स भी ड्राय रहते हैं. - ऐसे में सबसे ज़रूरी है पानी, जी हां, भरपूर पानी पीने से आप हाइड्रेटेड रहेंगी, जिसका सीधा असर आपकी स्किन पर नज़र आएगा. - अपने दिन की शुरुआत करें गुनगुने पानी में आधे नींबू के रस से. इससे शरीर के विषैले तत्व निकल जाएंगे और आपको मिलेगी ग्लोइंगस्किन. - ऐसे फल और सब्ज़ियां खाएं, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे- ककड़ी, तरबूज़, सेलरी, सलाद के पत्ते, टमाटर आदि. इनकेनियमित सेवन से आपको ज़रूरी मिनरल्स और विटामिन्स भी मिलेंगे. - गुड फैट्स भरपूर मात्रा में लें. ओमेगा-3 फैटी एसिड्स मॉइश्चर प्रदान करता है. इसके लिए आप ऑयली फिश, एवोकैडोज़, फ्लैक्ससीड्स, नारियल का तेल और नट्स ले सकती हैं. - अगर स्किन क्रैक्ड और फ्लेकी लगे, तो स्किन को रिपेयर करनेवाले फूड पर ध्यान दें. ज़िंक से भरपूर आहार त्वचा को हील औरटिश्यूज़ को रिपेयर करते हैं, जैसे- ऑयस्टर, कद्दू के बीज, सी फूड, बीन्स और दालें. अवॉइड करें: अल्कोहल, कैफीन और शुगर, क्योंकि ये स्किन को डीहाइड्रेट करते हैं. ऑयली स्किन - सीबम के अधिक रिसाव के कारण त्वचा पर ऑयल और शाइन नज़र आता है, ख़ासतौस से टी-ज़ोन पर. - ऑयली स्किनवाली महिलाओं को मुंहासों की भी समस्या अधिक होती है. - आप विटामिन बी6 से भरपूर डायट लें, क्योंकि यह सीबम को कंट्रोल करता है यानी सीबम के निर्माण को कम करता है. - विटामिन बी6 के मुख्य स्रोत हैं- साबूत अनाज, टूना, सालमन मछली, पालक, शिमला, ब्रोकोली, असपैरागस, नट्स और लहसुन. - लैसिथिन भी फैट सेल्स को ब्रेक करके रोमछिद्रों में जमा तेल और ऑयल के अतिरिक्त निर्माण को भी नियंत्रित करता है. लैसिथिन केप्रमुख स्रोत हैं- अंडा, बीज, फलियां, फूल गोभी और सोयाबीन्स.…
ख़ूूबसूरत त्वचा पाने की चाह तो हर किसी की होती है लेकिन क्या आप अपनी इस चाह को पूरा करने…