Kavita

कविता- मेरी नज़र से… (Poem- Meri Nazar Se…)

अब अपनी आंखें खोल देना और आईने में ख़ुद को देखना मेरी नज़र से जैसे तुम्हें आईना नहीं  मैं देख…

गीत- ख़ुशहाल ज़िंदगी की तस्वीर… (Geet- Khushhaal Zindagi Ki Tasvir…)

बड़ी चीज़ें कहां मांगता हूं मुझे वक़्त बीतने के बाद भी बस छोटी-छोटी चीज़ों से प्यार है मैं तो बस…

कविता- अभी वक़्त गुजरा कहां है… (Kavita- Abhi Waqt Gujra kahan Hai?)

अभी वक़्त गुजरा कहां है अभी भोर होते ही आसमां में सुबह की लाली नज़र आती है सुबह टहलने निकले…

ग़ज़ल- अब मैं अकेला हूं, कितनी बड़ी राहत है… (Gazal- Ab Main Akela Hun, Kitni Badi Rahat Hai…)

अब मुझे किसी से शिकवा ना शिकायत है अब मैं अकेला हूं, कितनी बड़ी राहत है थी चोट लगी उनको…

नज़्म- एहसास (Nazam- Ehsaas)

किसी रिश्ते में वादे और स्वीकारोक्ति ज़रूरी तो नहीं कई बार बिना आई लव यू  कहे भी तो प्यार होता…

ग़ज़ल- धड़कन… (Gazal- Dhadkan…)

एक दिन मैं अपनी ही धड़कनों से नाराज़ हो गया इतनी सी शिकायत लेकर कि जब तुम उसके सीने में…

कविता- सिर्फ़ लिखी थी एक कविता, खाली लिफ़ाफ़ों से क्या कहूं… (Poetry- Sirf Likhi Thi Ek Kavita, Khali Lifafon Se Kya Kahoon…)

सुबहों को व्यस्त ही रखा, दुपहरियां थकी-थकी सी रही कुछ जो न कह सकी, इन उदास शामों से क्या कहूं..…

कविता- तुम साथ हो… (Poem- Tum Sath Ho…)

मैं तन्हाई में कहां जी रहा हूं तुम एहसास की तरह मेरे साथ हो ठीक वैसे ही जैसे हमारी दुनिया…

काव्य- … जबकि तुमने बचाए रखा मनुष्यता को! (Kavay- … Jabki Tumne Bachaye Rakha Manushyta Ko!)

सुनों कविताओं.. (मन का विश्वास) जबकि हिम्मत बंधाने की बजाय दहशतों के कारनामे गिना रहे थे लोग तुमने प्रेम से…

कविता- लव यू ज़िंदगी… (Poetry- Love You Zindagi…)

न जाने क्यों, सुबह से ज़िंदगी ढूढ़ रहा हूं बस उसे धन्यवाद देना था ख़ुद से ही अपने लिए माफ़ी…

कविता- मैं फिर लौट आऊंगी… (Poem- Main Phir Laut Aaungi…)

मैं फिर लौट आऊंगी धूप के उजास सी कि करूंगी ढेरों मन भर बातें उस जाती हुई ओस से भी…

काव्य- सफ़र है ये, कुछ तो छूटना ही था… (Kavya- Safar Hai Yeh, Kuch Toh Chhutna Hi Tha…)

अलग फ़लसफ़े हैं हमेशा ही तेरे, सुन ऐ ज़िंदगी बटोरकर डिग्रियां भी यूं लगे कि कुछ पढ़ा ही नहीं ये…

© Merisaheli