relationship tips. romance

वक्त के साथ रिश्ते कमज़ोर न पड़ें, इसलिए अपने रिश्तों को दें वक्त… (Invest In Your Relationship: Spend Some Quality Time With Your Partner)

समय के साथ रिश्ते (relationship) मज़बूत होने चाहिए लेकिन अक्सर होता उल्टा है, वक्त बीतने के साथ-साथ हमारे रिश्ते कमज़ोर पड़ने लगते हैं और जब तक हमें एहसास होता है तब तक देर हो चुकी होती है. बेहतर होगा समय रहते अपने रिश्तों को समय (quality time) दें ताकि वो मज़बूत बने रहें.  वक्त देने का मतलब ये नहीं कि बस आप हाथों में हाथ डाले दिन-रात चिपके रहें, बल्कि जब भी ज़रूरत हो तो सामनेवाले को येभरोसा रहे कि आप उनके साथ हो. रिश्ते में अकेलापन महसूस न हो. अक्सर ऐसा होता है कि किसी के साथ रहते हुए भी हम अकेलापन महसूस करते हैं, क्योंकिरिश्तों से हम जिस सहारे की उम्मीद करते हैं वो नहीं मिलता. ऐसे में मन में यही ख़याल आता है कि ऐसे रिश्ते से तो हम अकेले हीअच्छे थे. इसलिए बेहतर होगा अपने रिश्तों में ऐसा अकेलापन और ठंडापन न आने दें.साथ-साथ होकर भी दूर-दूर न हों. हो सकता है आप शारीरिक रूप से साथ हों लेकिन अगर मन कहीं और है, ख़याल कहीं और हैतो ऐसे साथ का कोई मतलब नहीं. इसलिए जब भी साथ हों पूरी तरह से साथ हों,पास-पास बैठे होने पर भी एक-दूसरे के बीच खामोशी न पसरी हो. क्या आपका रिश्ता उस हालत में आ चुका है जहां आपकेबीच कहने-सुनने को कुछ बचा ही नहीं? ये ख़ामोशी दस्तक है कि आप अपने रिश्तों को अब समय दें और इस ख़ामोशी को तोड़ें.अपनी-अपनी अलग ही दुनिया में मशगूल न हों. आप अपने-अपने कामों और दोस्तों में व्यस्त हैं लेकिन अपनों के लिए ही अपनेसमय का एक छोटा सा हिस्सा भी न हो आपके पास तो दूरियां आनी लाज़मी है. इससे बचें. अपनी दुनिया में अपनों को भीशामिल रखें और उनके लिए हमेशा आपकी दुनिया में एक ख़ास जगह होनी ही चाहिए.अपने कामों में इतना मसरूफ न हों कि रिश्तों के लिए वक्त ही न हो.माना आज की लाइफ़ स्टाइल आपको बिज़ी रखती हैलेकिन क्या आप इतने बिज़ी हैं कि अपने रिश्तों तक के लिए समय नहीं बचता आपके पास? जी नहीं, ऐसा नहीं होता बस हमारीप्राथमिकताएं बदल गई होती हैं. लेकिन ध्यान रखें कि अपने रिश्तों को अपनी प्राथमिकता की सूची में सबसे ऊपर की जगह दें वरना हर तरफ़ से अकेले हो जाएंगे.अपनी डिजिटल दुनिया में अलग सी अपनी दुनिया न बसा लें. सोशल मीडिया पर आपके दोस्त होंगे, उनसे चैटिंग भी होती होगीलेकिन ध्यान रखें कि ये दुनिया एक छलावा है और हक़ीक़त से कोसों दूर. यहां धोखा खाने की गुंजाइश सबसे ज़्यादा होती है. आपको जब ज़रूरत होगी या जब आप मुसीबत में होंगे तो आपके अपने रियल लाइफ़ के रिश्ते ही आपके साथ होंगे न किडिजिटल दुनिया के रिश्ते. इसलिए एक सीमित तक ही डिजिटल दुनिया से जुड़ें.रिश्तों को क्वांटिटी की बजाय क्वालिटी टाइम दें. दिन-रात साथ रहने को साथ होना नहीं कहा जा सकता बल्कि जब भी साथ होंतो पूरी तरह से साथ हों. एक-दूसरे को स्पेशल फ़ील कराएं. कुछ स्पेशल करें. यूं ही बैठकर कभी पुरानी बातें याद करें, कभीएक-दूसरे को रोमांटिक गाना गाकर सुनाएं या कभी कोई अपनी सीक्रेट फैंटसीज़ के बारे में बताएं. साथी की फ़िक्र हो, ज़िम्मेदारीका एहसास हो, दूर रहने पर भी कनेक्शन फ़ील हो, हाल-चाल जानों- यही मतलब है क्वालिटी का.दूर होकर भी पास होने का एहसास जगाएं. ऑफ़िस में हों या टूर पर रोमांस और कम्यूनिकेशन कम न हो. आप कैसे और कितनाएक-दूसरे को मिस करते हो ये बताएं. आपकी दोनों एक-दूसरे की लाइफ़ में कितना महत्व रखते हैं ये फ़ील कराएं.फ़ोन पर बात करें या मैसेज करें. माना आप काम में बिज़ी हैं पर फ़ोन करके तो हाई-हेलो कर ही सकते हैं. लंच टाइम में तो कॉलकर ही सकते हैं. फ़ोन नहीं तो मैसेज ही करें पर कनेक्टेड रहें.रात को साथ बैठकर खाना खाएं. दिनभर तो वक्त नहीं मिलता लेकिन रात का खाना तो साथ खाया ही जा सकता है. और खानाखाते वक्त मूड हल्का रखें, पॉज़िटिव मूड के साथ पॉज़िटिव बातें करें. दिनभर की बातें बताएं, शेयर करें. सोने से पहले रोज़ दस-पंद्रह मिनट का वक्त दिनभर की बातें करने, बताने और शेयरिंग के लिए रखें.केयरिंग की भावना जगाएं. प्यार और रोमांस अपनी जगह है लेकिन केयर की अपनी अलग ही जगह होती है रिश्तों में. बीमारी मेंडॉक्टर के पास खुद ले जाना, घर का काम करना, अपने हाथों से खाना खिलाना- ये तमाम छोटी-छोटी चीजें रिश्तों को मज़बूतबनाती हैं.तबीयत का हाल पूछें, कोई परेशानी हो तो उसका सबब जानें. ज़रूरी नहीं कि बीमारी में ही हाल पूछा जाए, कभी यूं ही हल्कासिर दर्द होने पर भी पूछा जा सकता है कि आराम आया या नहीं… फ़िक्रमंद होना ठीक है पर इस फ़िक्र को दर्शाना भी ज़रूरी है.काम और ज़िम्मेदारियां बांटें. रिश्तों में एक-दूसरे का बोझ हल्का करना बेहद ज़रूरी है. वीकेंड को स्पेशल बनाएं. बाहर से खाना मंगावाएं या डिनर पर जाएं. मूवी प्लान करें या यूं ही वॉक पर जाएं. फैमिली हॉलिडेज़ प्लान करें. ये आपको ही नहीं आपके रिश्तों को भी रिफ़्रेश कर देती हैं. ज़रूरी नहीं किसी बड़ी या महंगी जगहपर ही जाया जाए. आसपास के किसी रिज़ॉर्ट या हॉलिडे होम में भी क्वालिटी वक्त बिताया जा सकता है.बात करें, परेशनियां बांटें, राय लें. सामनेवाला परेशान लग रहा है तो खुद अंदाज़ा लगाने से बेहतर है बात करें और उनकी परेशानीया मन में क्या चल रहा है ये जानें और उसे दूर करने में मदद करें.काम की ही तरह अपने रिश्तों को भी अहमियत दें और उनके लिए भी अलग से समय निकालें. धोखा न दें और रिश्तों में झूठ न बोलें. सम्मान दें और ईर्ष्या व ईगो से दूर रहें. सेक्स लाइफ़ को इग्नोर न करें. इसे स्पाइसी बनाए रखने के लिए कुछ नया ज़रूर ट्राई करते रहें. लेकिन सेक्स मशीनी क्रिया नहो, उसमें प्यार और भावनाओं का होना सबसे ज़रूरी है. भोलू शर्मा 

अपने रिश्ते से दूर करेंगे स्ट्रेस, तो रिश्ता बनेगा बेस्ट (Smart & Simple Ways To De-Stress Your Relationship)

रिश्ते हमारी ताक़त होते हैं लेकिन कई बार यही हमारी कमजोरी भी बन जाते हैं. फिर भी रिश्ते कहीं न कहीं हमें सहारा देतेहैं और ख़ासतौर से पति-पत्नी का रिश्ता तो उम्र भर का साथ और सहारा होता है, लेकिन अक्सर वक़्त के साथ रिश्तों कीडोर ढीली पड़ जाती है, क्योंकि हम खुद ही अपने रिश्तों के प्रति बेपरवाह हो जाते हैं और उनको तनावपूर्ण बना लेते हैं. बेहतर होगा कि अपने रिश्ते से ये तनाव और स्ट्रेस दूर करें ताकि आपका रिश्ता हमेशा मज़बूत और फ्रेश बना रहे. आइएजानते हैं रिश्ते में क्या और कैसे स्ट्रेस होते हैं और उनको कैसे दूर किया जाए… परफेक्ट बने रहने का स्ट्रेस: हम सभी चाहते हैं कि हम परफेक्ट बनें और हर काम परफेक्शन के साथ करें लेकिन हम येक्यों भूल जाते हैं कि आख़िर हम सब इंसान ही तो हैं और कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता. सबकी कुछ कमज़ोरियांहोती ही हैं, इसलिए न आप खुद से और न ही अपने पार्टनर से परफेक्ट होने की उम्मीद करें, क्योंकि परफेक्शन का येस्ट्रेस आप दोनों पर ही भारी पड़ेगा.  सारे काम खुद करने का स्ट्रेस: अक्सर हमारे समाज में लिंग के आधार पर काम को बांटा जाता है कि ये काम महिलाओंका ही है और ये पुरुषों का, लेकिन अब जब लाइफ़स्टाइल इतनी बदल चुकी है तो ये नियम क्यों न बदला जाए?  बेहतरतो यही होगा कि आप अपनी-अपनी सुविधानुसार अपने काम और जिम्मेदारियां बांट लें. चाहे बच्चों की पढ़ाई हो या खानाबनाने से लेकर घर के अन्य काम, सभी सदस्य मिलकर एक टाइम टेबल बना लें और मिल-जुलकर काम करें.  हमेशा अट्रैक्टिव दिखने का स्ट्रेस: उम्र और हालात के अनुसार शरीर बदलता और ढलता है लेकिन कोशिश ये होनी चाहिएकि आकर्षक दिखने की बजाय हेल्दी और फिट बने रहने का प्रयास करें. ग्रेसफुली खुद को और अपने रिश्ते को हैंडल करें. अपने पार्टनर को कभी इस तरह की बातें न कहें कि उसे देखो इस उम्र में भी कितनी अट्रैक्टिव है… इसकी बजाय आप दोनोंएक-दूसरे को फिट बने रहने के लिए प्रोत्साहित करें. न तो अपनी पत्नी से ये उम्मीद करें कि वो हमेशा नई-नवेली दुल्हनकी तरह सजी-धजी रहे और न पत्नी ये उम्मीद करे कि उनके पति हमेशा फ्रेश और रोमांटिक नज़र आएं. अपने पार्टनर्स केकैज़ुअल लुक्स को भी ऐक्सेप्ट करें. क्योंकि आप दोनों का रिश्ता एक वक़्त के बाद उस स्तर पर खुद ब खुद पहुंच जानाचाहिए जहां शरीर और लुक्स मायने ही न रखे बल्कि आप दोनों एक-दूसरे के साथ हर तरह से सहज महसूस करें. बड़ी-बड़ी अपेक्षाओं का स्ट्रेस: सपनों को नींदों में ही रहने दें तो बेहतर होगा क्योंकि न तो सारे सपने पूरे होते हैं और न हीसारी हसरतें मुकम्मल हो पाती हैं. इस अधूरेपन को स्ट्रेस न बनाकर ज़िंदगी की हक़ीक़त के तौर पर स्वीकार लें और एंजॉयकरें. फ़िल्मी दुनिया में जीना छोड़कर यथार्थ को बेहतर बनाने पर ध्यान दें. बड़ी गाड़ी, महंगे शौक़, दूसरों की देखा-देखीवैसी ही लाइफ़ स्टाइल जीने की हसरत को अपने रिश्ते पर हावी न होने दें.  इमेज कॉन्शियस यानी अच्छी इमेज बनाए रखने का स्ट्रेस: एक अच्छी बहू, अच्छी मां, अच्छी बीवी या एक बेस्ट पति, बातफादर, बेस्ट सन बने रहने का प्रेशर आपको बेस्ट से कहीं वर्स्ट न बना दे. आपसे भी ग़लतियां हो सकती हैं. आपको भीकभी-कभी ग़ुस्सा आ सकता है, आप भी कभी-कभार ओवर रिएक्ट कर सकते हैं… ये सब मानव सुलभ कमज़ोरियां यास्वभाव है. आप हमेशा हंसते हुए ही दिखें ये ज़रूरी नहीं, लेकिन अक्सर लोग अपनी तकलीफ़ों को छिपाने की कोशिशकरते हैं. बेहतर होगा उनको बांट लें, शेयर करें, ऑफ़िस में कुछ हुआ हो तो घर पर शेयर करके ग़ुबार निकाल लें. स्ट्रॉन्ग बने या दिखने का स्ट्रेस: आप पुरुष हो, आप कभी कमजोर नहीं पड़ सकते, आप कभी रो नहीं सकते या आप कभीटूट नहीं सकते… इन बातों का बोझ अपने ऊपर और अपने रिश्तों पर न पड़ने दें. आप भी कमजोर पड़ सकते हैं… अपनों सेअपने दिल की बातें छिपाएं नहीं ये सोचकर कि वो क्या सोचेंगे, बल्कि उनके सामने अपना दिल खोलकर रख दें ताकि वोआपका साथ भी दें और आप भी और भरोसा भी करें… इसी तरह आप पत्नी हो, बहू हो या बेटी हो इसलिए आप कभीकिसी को ना नाहीं कह सकतीं, इस सोच के साथ कभी आगे न बढ़ें. अगर आप थकी हुई हैं, आपका मन नहीं है या आपअस्वस्थ महसूस कर रही हैं तो आप पति को सेक्स के लिए ना बोल सकती हैं, आप घरवालों को अपनी तबियत बताकरघर के कुछ काम या खाना बनाने के लिए ना कह सकती हैं, आप आराम करना चाहती हैं ये कह सकती हैं… विनम्रतापूर्वकऔर प्यार व भरोसे से कहेंगी तो सब आपका साथ देंगे. हां, काम से बचने का बहाना करेंगी तो वो भी सब समझ जाएंगे. रिश्तों में सच्चाई और ईमानदारी बेहद ज़रूरी है. पैसों को लेकर स्ट्रेस: रिश्तों में आपका प्यार और विश्वास ही आपकी सबसे बड़ी बचत है इसलिए पैसों को लेकर सतर्कज़रूर रहें पर स्वार्थी न बनें. घर की ज़िम्मेदारियों में सहयोग करें और अपने भविष्य के लिए भी निवेश ज़रूर करें लेकिनअपना सारा पैसा बचाने की तरकीबें करेंगे तो सिर्फ़ स्ट्रेस ही हाथ आएगा और हाथ से जाएगा वो होगा रिश्तों का प्यार, विश्वास और अपनों का साथ. बेहतर होगा कि इन तमाम तरह के स्ट्रेस से अपने रिश्ते को बचाएं और उसे बेस्ट बनाएं.  परी शर्मा 

क्या आप भी अपने रिश्तों में करते हैं ये ग़लतियां? इनसे बचें ताकि रिश्ते टिकाऊ बनें (Common Marriage Mistakes To Avoid: Simple And Smart Tips For A Healthy And Long-Lasting Relationship)

रिश्तों की डोर काफ़ी नाज़ुक होती है इसमें ज़रा सा ढीलापन या ज़रूरत से ज़्यादा खिंचाव इसे तोड़ सकता है. बेहतर होगाकि हम अपने रिश्तों को संतुलित और सहज रखें. छोटी-छोटी बातों और ग़लतियों को इतना बड़ा ही न बनने दें कि रिश्तेपर आंच आ जाए. फ़ॉलो करें ये टिप्स जिन्हें आप भी जानते-समझते हैं लेकिन बस नज़रअंदाज़ कर देते हैं.  डाउनलोड करें हमारा मोबाइल एप्लीकेशन https://merisaheli1.page.link/pb5Z और रु. 999 में हमारे सब्सक्रिप्शन प्लान का लाभ उठाएं व पाएं रु.…

65+ टिप्स: रिश्ता टूटने की नौबत आने से पहले करें उसे रिफ्रेश… (Love And Romance: 65+ Simple Tips To Refresh Your Relationship)

हम अक्सर अपने सबसे करीबी रिश्तों को ही गंभीरता से नहीं लेते. एक वक़्त के बाद हम उनके प्रति लापरवाह या यूं कहेंकि बेपरवाह से हो जाते हैं और यहीं से शुरुआत होने लगती है समस्याओं की. धीरे-धीरे कम्यूनिकेशन कम होने लगता गई, नीरसता बढ़ती जाती है और एक रोज़ अचानक महसूस होता है कि रिश्ते में रहकर भी आप अकेले हैं. जब रिश्ते इसदहलीज़ तक पहुंच जाते हैं तो उनको टूटने में भी ज़्यादा वक़्त नहीं लगता. बेहतर होगा कि ऐसी नौबत ही क्यों आने दें कि रिश्ता टूटने के कगार तक पहुंच जाए. क्यों न अपने रिश्ते को हमेशातारोताज़ा बनाए रखा जाए, लेकिन उसके लिए थोड़ी सी कोशिश करनी होगी, तो इन टिप्स को आज़माएं और अपने रिश्तेको रिफ्रेश करें… रिश्ता भले ही पुराना हो गया हो, लेकिन उसमें कुछ नया हमेशा ट्राई करते रहें.रिश्ते में अगर आप नया नहीं करेंगे वो वो बोरिंग होने लगेगा. आप हर दिन जैसे बाक़ी कामों के लिए समय निकालते हैं उसी तरह अपने पार्टनर और अपने रिश्ते के लिए भी रोज़वक़्त निकालें. इस वक़्त को आप सिर्फ़ अपने और अपने पार्टनर के लिए रखें. उसमें आप चाहें तो बैठकर चाय या कॉफ़ी पिएं, बातेंकरें, दिनभर की छोटी-बड़ी घटनाओं का ज़िक्र करें. ध्यान रहे इस वक़्त में आप शिकायतें न करें, सिर्फ़ पॉज़िटिव बातें करें.शेयर करने से ही रिश्तों में भावनाएं और गर्माहट बनी रहेगी. हमेशा शिकायतें ही न करते रहें. इससे नकारात्मकता फैलती है.हंसी-मज़ाक़ करें.कॉम्प्लिमेंट दें. एक-दूसरे को छेड़ें, मूड लाइट करें.रोमांस को ज़िंदगी से ग़ायब न होने दें. छोटी-छोटी कोशिशें रिश्तों में बड़ी मज़बूती लाती है. जिस तरह पार्टनर की खूबियों को अपनाते हैं वैसे ही उसकी कमियों को भी अपनाना सीखें. अपने हिसाब से किसी को भी बदलने के लिए फ़ोर्स न करें. ना ही बात-बात पर तानें दें. एक-दूसरे को स्पेस भी दें, हमेशा सिर पर सवार न रहें.हर छोटे-बड़े फ़ैसले में पार्टनर की राय भी ज़रूर लें.वीकेंड पर पिकनिक या आउटिंग की प्लानिंग करें. इससे रूटीन में थोड़ा बदलाव और नयापन आएगा.थोड़ा-बहुत झूठ भी बोलें, एक-दूसरे की झूठी तारीफ़ भी करें. ओवर रोमांटिक होने से रिश्ते में एक ताज़गी बनी रहतीहै.एक-दूसरे को गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड की तरह ट्रीट करें न कि पति-पत्नी की तरह.गिफ़्ट्स दें, सर्प्राइज़ प्लान करें. एक साथ जॉगिंग पर जाएं या शाम को वॉक पर जाएं. कोई हॉबी क्लास जॉइन करें.हर जगह बच्चों को लेकर जाने की ज़रूरत नहीं. सिर्फ़ आप दोनों रोमांटिक डेट पर जाएं.सेकंड हनीमून भी अच्छा आइडिया है. अपने पैरेंट्स या दोस्तों को बहुत ज़्यादा अपनी निजी ज़िंदगी में दख़ल न देने दें. सुनें सबकी पर करें अपने मन की. अपने रिश्ते को लेकर हमेशा पॉज़िटिव रहें. भले ही कुछ अनबन हो जाए आपस में लेकिन उसे रिश्ते का एक अंगमानकर स्वीकार लें. अगर सॉरी या थैंक यू कहने से काम बनता है तो झिझकें नहीं.अपने रिश्ते को अपनी प्राथमिकता बनाएं, न कि अपने ईगो को. अपने पार्टनर की ख़ुशी को तवज्जो दें न कि अपने अहम की तुष्टि को.  रिश्ते में नफ़ा-नुक़सान न सोचें, रिश्ते अपने आप में हमारी सबसे पहली ख़ुशी होनी चाहिए. अगर लंच साथ नहीं कर पाते तो कोशिश करें कि ब्रेकफ़ास्ट और डिनर साथ करें. भले ही सुबह थोड़ा जल्दी उठनापड़े. जब साथ हों तो वाक़ई में साथ रहें, अपने-अपने फ़ोन से ब्रेक ले लें.कभी एक प्यारभरा किस तो कभी अपने हाथों से कुछ स्पेशल बनाकर खिलाना वो जादू कर जाता है जो बड़े से बड़ाऔर महंगा तोहफ़ा भी नहीं कर पाता.अपने रिश्ते को रिफ्रेश करने के लिए बहुत ज़रूरी है कि अपनी सेक्स लाइफ़ को भी रोमांचित और रिवाइव करें. अपने घर का माहौल लाइट और रोमांटिक रखें. बेडरूम का डेकोर भी रोमांटिक हो.सेक्स को लेकर कुछ नया करें, कभी वीकेंड में स्वीट बुक करें तो कभी घर में ही नई जगह या नई पोज़ीशन ट्राई करें.पार्टनर को ये फ़ील कराएं कि वो आज भी आपको उतना ही अट्रैक्टिव लगते हैं जितना पहले. कभी फ़ोन पर हस्की वॉइस में बात करें.आई लव यू कहें या मैसेज करें. नॉटी बातें करने से झिझकें नहीं. कभी भी ये न सोचें कि अब बच्चे बड़े हो गए या वो मिडल एज में आ गए तो रोमांस करना सही नहीं.रोमांस की कोई एज नहीं होती, आप जब तक अपना दिल जवां और मूड ज़िंदादिल रखेंगे आपका रिश्ता उतना हीफ्रेश रहेगा.अपने रिश्ते को बेहतर करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन ये भी है कि आप एक-दूसरे की जिम्मेदारियां बांटें, ताकिपार्टनर को लगे कि आप उनका साथ निभाने और बोझ कम करने के लिए हमेशा उनके साथ हैं.इसी तरह अपने पार्टनर को हर्ट करने से बचें. कड़वा न बोलें और अगर ग़ुस्से में कुछ मुंह से निकल भी जाए तो दिमाग़ठंडा होने पर माफ़ी मांग लें. इमोशनल ब्लैकमेलिंग से बचें. ये रवैया रिश्ते में ज़हर भर देता है, क्योंकि अपनों के साथ सौदेबाज़ी नहीं की जाती. उन्हें डरा-धमकाकर अपना काम नहीं निकलवाया जाता.अगर आप ऐसा कुछ करते हैं तो फ़ौरन अपना ये ऐटिट्यूड बदल दें. रोमांटिक म्यूज़िक सुनें वो भी साथ में या पुराने ऐल्बम निकालें, तस्वीरें देख कर बीते वक़्त को रिवाइव करें. पुरानीयादें ताज़ा करें. अपने पुराने दोस्तों के साथ पार्टी रखें. पुरानी रोमांटिक सिचूएशन्स को और दिनों को रिक्रीएट करें. हाईजीन और फिटनेस का ध्यान ज़रूर रखें. ना सिर्फ़ बॉडी हाईजीन या प्राइवट पार्ट्स की बल्कि ओरल हाईजीन और फिटनेस भी उतनी ही ज़रूरी है. ये न सिर्फ़ आपको हेल्दी रखती हैं बल्कि आपके रिश्ते को भी हेल्दी और फ्रेश रखती है.पार्टनर को या उसकी बातों को इग्नोर न करें या हल्के में न लें.माइंड गेम्स या पावर गेम्स न खेलें, रिश्तों में मैनिप्युलेशन आपके रिश्ते को तोड़ सकता है. पार्टनर को कंट्रोल में करने के उपाय न सोचें बल्कि उसका साथ देने की बात पर ज़ोर दें.अक्सर घरवाले या दोस्त-रिश्तेदार भी सलाह देते हैं कि ऐसा करोगे तो पार्टनर क़ाबू में रहेगा, आपकी हर बातमानेगा… दिन-रात आपको ही याद करेगा. इन चक्करों में न पड़ें, क्योंकि आपको लाइफ़ पार्टनर चाहिए न कि कोईरोबोट या गुड्डा-गुड़िया जो आपके इशारों पर नाचे.इन सबसे भले ही थोड़े समय के लिए आपको पार्टनर का अटेंशन मिल जाए, लेकिन लंबे समय तक यह करेंगे, तोपार्टनर की दिलचस्पी आप में कम हो जाएगी. रिश्ते में ठंडापन व ग़लतफ़हमियां बढ़ेंगी. जिससे रिश्ता टूट सकता है. इसी तरह पार्टनर की तारीफ़ या कामयाबी से जलें नहीं बल्कि गर्व करें. अगर पार्टनर थका हुआ है तो सेक्स के लिए ज़ोर न दें बल्कि एक हॉट मसाज देकर उसका मूड फ्रेश कर दें.चीट न करें और झूठ बोलने से बचें, क्योंकि झूठ रिश्तों को खोखला कर देता है, जिससे पार्टनर आप पर भरोसा नहींरख पाता. अपने साथी को अपने दोस्तों व ऑफ़िस कलीग से खुलकर मिलवाएं. अपने रिश्ते से उम्मीद और अपेक्षा सभी रखते हैं लेकिन ये ध्यान रहे कि ये अपेक्षाएं अनरीयलिस्टिक न हों.संयम और विश्वास रिश्ते में बेहद ज़रूरी हैं, आपका रिश्ता तभी तक ताज़ा रहेगा जब तक कि आप संयम औरविश्वास से काम लेंगे, क्योंकि संयम होगा तो नकारात्मकता नहीं पनपेगी और विश्वास होगा तो साथ बना रहेगा.रिश्ते को रिफ्रेश करने का एक और जादुई उपाय है- टच थेरेपी. जी हां, प्यार भरी, केयर से भरपूर हल्की से छुअन भीरिश्ते को रोमांचित कर जाती है.कभी सामान पकड़ाते समय हल्के से हाथ छू लिया, कभी नज़रों से ही प्यार से ही देख कर छू लिया, कभी किचन मेंकाम करती पत्नी को पीछे से आकर अचानक कमर से पकड़ किया तो कभी काम में डूबे पतिदेव के बालों मेंउंगलियों का कोमल स्पर्श दे दिया… ये तमाम बातें रिश्तों और रिश्ते में प्यार की ताज़गी को बनाए रखती हैं.साथ रह रहे हैं तो एक-दूसरे की हेल्थ के बारे में अपडेटेड रहें, एक-दूसरे के घरवालों की भी हेल्थ का पता रखें औरज़रूरत के वक्त साथ खड़े रहें. एक-दूसरे के घरवालों का पूरा सम्मान भी करें, इसका सीधा असर आपके रिश्तों परपड़ेगा और वो पॉज़िटिव और फ्रेश बना रहेगा.  गोल्डी शर्मा

रिश्तों में ज़रूर बोलें ये प्यारे से झूठ! (Sweet Recommended Lies To Tell Your Partner In Relationships)

रिश्तों में ईमानदारी और सच्चाई बेहद ज़रूरी होती है लेकिन कभी कभी कुछ झूठ भी आपके रिश्ते की गर्मी को बनाए रखतेहैं. यह ज़रूरी है कि ये झूठ बेहद समझदारी व सूझबूझ से कहे जायें. तो क्या हैं ये प्यारे झूठ आइए जानें- आज बेहद ख़ूबसूरत लग रही हो. हर पति को अपनी पत्नी से यह ज़रूर कहते रहना चाहिए. बीच बीच में इस तरहकी बातें मन को गुदगुदा देती हैं.आपकी आवाज़ फोन पर बेहद सेक्सी लगती है. पत्नी इस तरह की बातों से पति को अच्छा महसूस करवा सकती हैं.यह रंग बहुत खिलता है तुम पर. आप दोनों ही यह कह सकते हैं फिर भले ही वो रंग आपको नपसंद हो पर आपकायह कहना उन्हें बेहतर महसूस कराएगा और आपके और क़रीब लाएगा.तुम्हारा हाथों में ग़ज़ब का स्वाद है और आज तो खाना और भी लाजवाब है. भले ही खाना सामान्य ही बना हो परआपकी तारीफ़ उन्हें यह महसूस कराएगी कि वो आपके लिए ख़ास हैं और आप उनके काम की कद्र करते हैं.आप कितनी ज़िम्मेदारी से सब कुछ संभाल लेते हैं. भले ही ऐसा ना हो पर अगर वो आपकी मदद करने की कोशिशकरते हैं और जिम्मेदारियाँ बाँटते हैं तो उनकी तारीफ़ ज़रूर करें.कितनी मेहनत करती हो तुम. भले ही पत्नी ने कुछ अलग से ना किया हो लेकिन इस तरह की बातें उनका हौसलाबढ़ाती हैं. तो कहने में क्या हर्ज है.आप कितना प्यार करते हैं मुझसे और उतना ही सम्मान भी. मेरी नज़रों में आपकी इज़्ज़त दिन ब दिन बढ़ती ही जारही है. ऐसा कहने से वो सच में आपसे और ज़्यादा प्यार करेंगे और रिश्ते में कोशिश भी अधिक करेंगे.ये सफ़ेद बाल भी आप पर खूब फबते हैं. वक़्त के साथ भले ही बालों का रंग उड़ जाए लेकिन आपके इस तरह केप्यारे झूठ रिश्तों के रंगों को उड़ने नहीं देंगे. तुम घर कितने अच्छे से संभालती हो और रिश्तों को भी. इस घर को तुमने वाक़ई खूबसूरत बना दिया. ऐसा कहने सेवो ज़रूर आपके बाक़ी रिश्तों की और भी परवाह करने लगेंगी, चाहे आपके माता-पिता हों या भाई-बहन.मेरे पेरेंट्स को इतना प्यार और सम्मान देने के लिए शुक्रिया. भले ही आप इस संदर्भ में उनसे इत्तेफ़ाक ना रखतीं होंलेकिन ऐसा कहने से उनका व्यवहार और बेहतर होगा और वो अधिक कोशिश करेंगे कि आपकी बातों पर खरेउतरें. बच्चे कह रहे थे पापा इतना अच्छा पढ़ाते हैं कि ट्यूशन की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी. ऐसा कहने से वो बच्चों की पढ़ाईके प्रति और ज़िम्मेदार होंगे aur पर्सनल इनटरेस्ट लेने लगेंगे. आपकी एक ज़िम्मेदारी थोड़ी हल्की हो जाएगी. आप जब भी सब्ज़ियाँ लाते हो वो ताज़ा भी होती हैं और पैसे भी कम लगते हैं, लगता है आपको मार्केटिंग की समझमुझसे अच्छी है. इस तरह से वो हर शाम सब्ज़ियाँ भी ख़रीदेंगे और उन्हें यह करने में मज़ा भी आएगा. तो इस तरह आप दोनों ही अपने अपने तरीक़े से रिश्ते में  सामंजस्य बेहतर बना सकते हैं और अपने रिश्तों की डोर को aur मज़बूत कर सकते हैं.

Strong रिलेशनशिप के लिए Effective टेक्नीक्स(Effective techniques for strong relationship)

कहीं चाहतें हैं, कहीं राहतें हैं... कहीं दर्द है, तो कहीं बंदिशें... दवा भी हैं ये और दुआ भी... मीठी…

© Merisaheli