shayari

कविता- हैलो न्यू ईयर… (Kavita- Hello New Year…)

हैलो न्यू ईयर तुम फिर आ गए बड़े अजीब शख़्स हो यार हर साल टपक पड़ते हो कुछ साल पहले…

कविता- तुम्हें छूने की इजाज़त… (Poetry- Tumhe Chhune Ki Ijazat…)

कई बार तुम्हें दिल के बेहद क़रीब पाता हूं लेकिन ख़्यालों में भी तुम्हें छूने से डर जाता हूं दिल…

काव्य- उड़ने वाली स्त्रियां… (Poetry- Udne Wali Striyan…)

बातों में बेखटकी है हंसने में बेफ़िक्री है पंख फैलना आता है हवा से हाथ मिलना भाता है पंछी की…

कविता- सुबह होते ही बंट जाता हूं मैं… (Poetry- Subah Hote Hi Bant Jata Hun Main…)

सुबह होते ही बंट जाता हूं ढेर सारे हिस्सों में नैतिकता का हिस्सा सर्वाधिक तंग करता है मुझे जो मेरी…

काव्य- ख़ामोशियां (Kavya- Khamoshiyan)

मेरी आवाज़ ख़ामोशियों में कही जा रही मेरी बात का पर्याय नहीं है बल्कि वह तो ख़ामोशियों में चल रही…

काव्य- दिवाली पर जब परिवार जुड़ेंगे… (Kavay- Diwali Par Jab Parivar Judenge…)

श्रद्धा के सुमनों से सजी, पूजा की थाली मुबारक धनतेरस और दूज सहित, सबको दिवाली मुबारक खट्टी-मीठी बहस के बीच,…

कविता- दिवाली की शुभकामनाएं… (Poetry- Diwali Ki Shubhkamnayen…)

प्रभु इतनी सद्बुद्धि देना हमें उज्जवल सबकी दिवाली हो कोई न घायल या बीमार पड़े कल भी घर में ख़ुशहाली…

कविता- करवा चौथ (Poetry- Karwa Chauth)

जीवन की आपाधापी में शौक सिंगार का सोया सा फिर पुलक उठा, मुस्काया सखी फिर करवा चौथ आया दीवान के…

काव्य- विरही मन… (Kavya- Virahi Mann…)

दुख में भीगे मन के काग़ज़ सूख गयी कलम की स्याही बीच विरह की लंबी रात है कैसे मिलन के…

ग़ज़ल- ख़ामोश निगाहें… (Gazal- Khamosh Nigahen…)

क्यों ख़ामोश हो इस कदर इन अधरों को खुलने दो जो एहसास जगे है तुममें उन्हें लबों पर आने दो…

ग़ज़ल (Gazal)

आ गए आपकी मेहरबानी हुई दिल की सरगम बजी शादमानी हुई मिल गई प्यार की सल्तनत अब हमें वो भी…

ग़ज़ल (Gazal)

देख लेती हूं तुम्हें ख़्वाब में सोते-सोते चैन मिलता है शब-ए-हिज्र में रोते-रोते इक तेरे ग़म के सिवा और बचा…

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