shayari

ग़ज़ल (Gazal)

आ गए आपकी मेहरबानी हुई दिल की सरगम बजी शादमानी हुई मिल गई प्यार की सल्तनत अब हमें वो भी…

ग़ज़ल (Gazal)

देख लेती हूं तुम्हें ख़्वाब में सोते-सोते चैन मिलता है शब-ए-हिज्र में रोते-रोते इक तेरे ग़म के सिवा और बचा…

कविता- अभी वक़्त गुजरा कहां है… (Kavita- Abhi Waqt Gujra kahan Hai?)

अभी वक़्त गुजरा कहां है अभी भोर होते ही आसमां में सुबह की लाली नज़र आती है सुबह टहलने निकले…

गीत- प्रेम कथाओं के पृष्ठों पर… (Geet- Prem Kathaon Ke Prishthon Par…)

प्रेम कथाओं के पृष्ठों पर, जब-जब कहीं निहारा होगा सच मानो मेरी आंखों में केवल चित्र तुम्हारा होगा कभी याद…

नज़्म- तुम्हारे साथ… (Nazam- Tumhare Sath…)

यह जो उम्र है वह रोज़ बढ़ रही है एक दिन यह इतनी बड़ी हो जाएगी कि ख़्वाब देखना छोड़…

ग़ज़ल- अब मैं अकेला हूं, कितनी बड़ी राहत है… (Gazal- Ab Main Akela Hun, Kitni Badi Rahat Hai…)

अब मुझे किसी से शिकवा ना शिकायत है अब मैं अकेला हूं, कितनी बड़ी राहत है थी चोट लगी उनको…

ग़ज़ल (Gazal)

हज़ारों तीर किसी की कमान से गुज़रे ये एक हम ही थे जो फिर भी शान से गुज़रे कभी ज़मीन…

नज़्म- एहसास (Nazam- Ehsaas)

किसी रिश्ते में वादे और स्वीकारोक्ति ज़रूरी तो नहीं कई बार बिना आई लव यू  कहे भी तो प्यार होता…

काव्य- बहुत ख़ूबसूरत मेरा इंतज़ार हो गया… (Poetry- Bahut Khoobsurat Mera Intezaar Ho Gaya…)

कशमकश में थी कि कहूं कैसे मैं मन के जज़्बात को पढ़ा तुमको जब, कि मन मेरा भी बेनकाब हो…

ग़ज़ल- मौन की भाषा… (Gazal- Moun Ki Bhasha…)

मैं आज भी  वही तो कह रहा हूं जो सालों से कह रहा था तुम भी तो सुन रहे हो सालों…

ग़ज़ल- धड़कन… (Gazal- Dhadkan…)

एक दिन मैं अपनी ही धड़कनों से नाराज़ हो गया इतनी सी शिकायत लेकर कि जब तुम उसके सीने में…

कविता- सिर्फ़ लिखी थी एक कविता, खाली लिफ़ाफ़ों से क्या कहूं… (Poetry- Sirf Likhi Thi Ek Kavita, Khali Lifafon Se Kya Kahoon…)

सुबहों को व्यस्त ही रखा, दुपहरियां थकी-थकी सी रही कुछ जो न कह सकी, इन उदास शामों से क्या कहूं..…

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