पीरियड्स से जुड़ी 10 ग़लतफहमियां व दर्द भगाने के घरेलू उपाय (Top 10 Period Myths Busted)

पीरियड्स के बारे में सही जानकारी के अभाव में आज भी अधिकांश महिलाएं कई तरह की ग़लतफहमियों (Period Myths Busted) की शिकार हैं. हम पीरियड्स…

पीरियड्स के बारे में सही जानकारी के अभाव में आज भी अधिकांश महिलाएं कई तरह की ग़लतफहमियों (Period Myths Busted) की शिकार हैं. हम पीरियड्स से जुड़े कुछ एेसे ही मिथकों का पर्दाफाश कर रहे हैं.

28 दिन में पीरियड आना चाहिए
अधिकतर महिलाओं को एेसा लगता है कि हर 28 दिन पर पूरा होता है, जबकि एेसा नहीं है. हर महिला के लिए यह अलग-अलग हो सकता है. ये महिला के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर निर्भर करता है. माहवारी चक्र 20 दिन से लेकर 35 दिन के भीतर हो सकता है.

पीरियड के समय प्रेग्नेंट नहीं हो सकती
ज़्यादातर महिलाओं को लगता है कि पीरियड के दौरान वो गर्भधारण नहीं कर सकतीं. यह सोच ग़लत है. जिन महिलाओं का मासिक चक्र 28 दिन से कम होता है, उन्हें ख़ासतौर पर इस बात का ध्यान रखना चाहिए. उनके प्रेग्नेंट होने का ख़तरा ज़्यादा रहता है.

सेक्स नहीं करना चाहिए
अामतौर पर एेसी धारणा है कि माहवारी के समय सेक्स नहीं करना चाहिए. इससे दर्द की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन जानकारों की मानें तो पीरियड के दौरान सेक्स करने से महिलाओं को दर्द और एेंठन से राहत मिलती है. हां, अगर आप दोनों सहज नहीं हैं तो सेक्स टाल सकते हैं. कई शोधों से इस बात की पुष्टि होती है कि पीरियड के दौरान सेक्स करने से महिलाओं को कमर और पेट दर्द से राहत महसूस होती है.

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स्पाइसी और खट्टा खाने से परहेज़
पीरियड का खाने से कोई लेना-देना नहीं है. एेसी कोई चीज़ नहीं है जिसे खाने से आपको दर्द हो, फिर भी कई महिलाओं में ये धारणा घर कर गई है कि उन दिनों में कुछ भी खट्टा, मसालेदार या तीखा खाने से दर्द की शिकायत हो सकती है. इस तरह की बातें निराधार हैं.

पीरियड्स में मंदिर नहीं जाना चाहिए
पीरियड्स के दौरान मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च या किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने की मनाही होती है. हालांकि, यह मनाही कब और कैसे शुरू हुई, इसके बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता. आज भी 99 फीसदी लड़कियां और महिलाएं पीरिएड्स के दौरान पूजा-पाठ नहीं करतीं क्योंकि इस दौरान वे खुद को ‘अपवित्र’ मानती हैं. यह धारणा पढ़े-लिखे और मॉर्डन परिवारों की भी है. हालांकि यह पूरी तरह गलत है.

रसोई में जाना मना है
कई घरों में पीरियड्स के दौरान लड़कियों को रसोई में घुसने नहीं दिया जाता. यह थिअरी पूरी तरह बकवास और दकियानूसी है. पीरियड्स में किचन में जाने और खाना पकाने से कोई अशुद्धता नहीं फैलती.

अचार नहीं छू सकतीं
कहा जाता है कि पीरियड्स के दौरान अगर अचार के डिब्बे को छू लिया तो सारा अचार खराब हो जाएगा लेकिन किसी भी रिसर्च या लैब में यह बात साबित नहीं हुई कि पीरिड्स में अचार छूने से वह खराब होता है. आपके पीरियड से भला कोई चीज़ कैसे खराब हो सकती है.

 बाल नहीं धोने चाहिए
अक्सर लड़कियों को बताया जाता है कि पीरियड्स के पहले दो दिन बाल नहीं धोने चाहिए. इस सलाह का कोई आधार नहीं है. इसके उलट गुनगुने पानी से अच्छी तरह नहाने से पीरियड्स के दर्द से राहत मिल सकती है.

सिर्फ़ आराम करना चाहिए
पीरियड के दौरान सिर्फ़ आराम करना चाहिए, ये सही नहीं है. इस दौरान एक दिन में क़रीब 4 चम्मच जितना रक्त निकलता है. इससे आपके शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. अाप पीरियड के दौरान हर तरह के काम कर सकती हैं.

एक्सरसाइज़ नहीं करना चाहिए
कुछ महिलाओं को लगता है कि एक्सरसाइज़ या फिजिकल ऐक्टिविटीज़ से दर्द बढ़ जाता है, लेकिन एेसा सही नहीं है. हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ से आराम मिलता है, क्योंकि एक्सरसाइज़ करने से मांसपेशियों में ऑक्सिज़न की आपूर्ति होती है, जिससे दर्द और एेंठन से राहत मिलती है.

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दर्द कम करने के घरेलू नुस्खे


1. हॉट वॉटर बैग में गर्म पानी भरकर पेट, पीठ और दोनों जांघों के बीच सिकाई करें. गुनगुने पानी से नहाने से भी आराम मिलता है. रात को सोते वक्त घुटनों के नीचे तकिया रखने से दर्द में राहत मिलती है.
2. अदरक या शहद डालकर चाय पीने से दर्द में आराम मिलता है और यह शरीर में पानी बनाए रखकर खून की कमी से लड़ने में भी मदद करता है.
3. एक प्याज का रस निकालें और एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर लें. इससे खून का दौरा बढ़ता है, जिससे यूट्रस की मसल्स को आराम मिलता है.
4. इस दौरान रोजाना एक चम्मच मेथी के दाने रातभर भिगोकर सुबह खाएं. दूध में हल्दी डालकर पीने से भी दर्द में फायदा होता है.

पीरियड्स में क्या खाएं?
पीरियड्स और उससे पहले के प्री-मेन्सट्रुअल सिंड्रोम के दौरान खाने का खास ख्याल रखें. इस सिंड्रोम में बार-बार मूड बदलना, चिड़चिड़ेपन के साथ-साथ चटपटा खाने की इच्छा बढ़ जाती है. इस दौरान ताजे फल, सब्जियां आदि ज्यादा खाएं. ज्यादा चीनी और नमक के साथ-साथ तली-भुनी चीजों से भी परहेज करें और एक बार में ज्यादा न खाएं. जंक फूड कतई न खाएं और पानी खूब पीएं. इससे कई तरह के लक्षणों से लड़ने में मदद मिलती है.

1. अगर मीठा खाने का मन करें
मिठाई या पेस्ट्री के बजाय फल जैसे सेब, अनार, संतरा आदि खाएं. इनसे शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है. डार्क चॉकलेट मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन कम करने में मदद करती है.

2. खाने में विटामिन और आयरन जरूर हो
विटामिन ई की कमी दूर करने के लिए अंडा लें. आलू से मिलने वाला विटामिन बी6 खून की क्लॉटिंग यानी थक्कों को कम करता है, वहीं विटामिन सी वाले फल जैसे कि नींबू और संतरा आदि दर्द को कम करने में मदद करते हैं. विटामिन ए के लिए हरी और पत्तेदार सब्जियां खाएं ताकि शरीर में खून की मात्रा बढ़े.

3. चाय औऱ कॉफी ज्यादा न पीएं
दर्द को भगाने के लिए दिन में 2-3 बार अदरक और तुलसी वाली चाय पी सकते हैं लेकिन ज्यादा न पीएं. कैफीन की ज्यादा मात्रा आपकी तकलीफ को बढ़ा सकती है. वैसे, भी इस दौरान एसिडिटी और कब्ज होना आम है.

4. जरूरी फैटी एसिड्स
शरीर में होने वाली ऐंठन से निजात दिलाने के लिए जरूरी फैटी एसिड्स का सेवन जरूरी है. मछली, लौकी, सूरजमुखी के बीजों आदि में फैटी एसिड्स अच्छी मात्रा में मिल सकता है.

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Published by
Shilpi Sharma

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