बेल के 11 आश्‍चर्यजनक हेल्थ बेनिफिट्स (11 Wonder Health Benefits of Bael)

बेल हमारे देश के श्रेष्ठ फलों में से एक है. बेल का जो सेवन करता है, उसकी उदर व्याधियां दूर भागती हैं. बेल रस में कसैला एवं कड़वा होता है. यह पाचक होने के साथ-साथ बलवर्द्धक भी है. पके बेल का गूदा पचने में भारी, त्रिदोषकारक, दाहकारक, मधुर तथा अग्नि को मंद करनेवाला होता है, इसीलिए कच्चे बेल के गूदे को सुखाकर औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है, क्योंकि यह सूखने पर अधिक गुणकारी होता है.

* पुराने से पुराने आंव में भी बेल अत्यंत लाभप्रद होता है. इसके लिए कच्चे बेल को भूनकर अथवा उसके गूदे का काढ़ा बनाकर सेवन करना चाहिए.

* बेल का शर्बत पीने से पित्त ठीक हो जाता है. लेकिन ध्यान रखें कि गर्मियों में बर्फ डालकर शर्बत न पीएं. यह ग़लत तरीक़ा है. बर्फ का प्रयोग नुक़सानदायक है.

* लू लगने पर बेल का शर्बत पीने से तुरंत आराम मिलता है और शरीर की गर्मी दूर होती है.

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* बेल और आम की छाल के काढ़े को 2 से 4 चम्मच की मात्रा में शहद और मिश्री के साथ लेने से लाभ होता है.

* बेल का गूदा निकालकर 100 ग्राम पानी में उबालें. फिर ठंडा करके कुल्ला करें. छाले ठीक हो जाएंगे.

* बेलपत्र का रस निकाल लें. उस रस में भिगोई पट्टियां माथे पर रखें. पुराना सिरदर्द हो, तो ग्यारह बेलपत्र पीसकर रस निकालें और सर्दियों में इसे पीएं. गर्मियों में थोड़ा पानी मिलाकर पीएं. कितना ही पुराना सिरदर्द हो, ठीक हो जाएगा.

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* बेल के गूदे को खांड के साथ खाने से कुछ ही दिनों में संग्रहणी रोग से राहत मिलती है.

* हैजे में बेल और सोंठ का काढ़ा बनाकर 2-2 चम्मच दिन में चार बार मरीज को पिलाने से लाभ होता है.

* आंख आई हो या आंख में दर्द हो, तो बेल के पत्तों की लुगदी बनाकर आंख पर बांधने से आराम मिलता है तथा आंख की जलन भी दूर होती है.

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* गर्मी के कारण शरीर में जलन हो तो कच्चे बेल की गिरी को 6 दिन तक तेल में रखें. फिर उस तेल से प्रतिदिन मालिश करके स्नान करें. इससे शरीर की जलन शांत होती है.

* बेल विषनिवारक भी है. अतः सर्प विष और बिच्छू के डंक मारने पर बेल और कैथ की जड़ पीसकर पिलाना चाहिए.

– शोभा पाठक

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Usha Gupta :
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