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जानें ब्लड डोनेशन से जुड़ी ज़रूरी बातें (Important Facts About Blood Donation)

रक्त दान (Blood Donation) को महादान कहा जाता है. इससे बीमारों और दुर्घटनाग्रस्तट लोगों को तो सहायता मिलती ही है, मुश्किल के समय में हमें…

रक्त दान (Blood Donation) को महादान कहा जाता है. इससे बीमारों और दुर्घटनाग्रस्तट लोगों को तो सहायता मिलती ही है, मुश्किल के समय में हमें और हमारे अपनों को भी उसका लाभ मिलता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यदि किसी देश की एक प्रतिशत जनसंख्या भी रक्त दान करती है तो उस देश के जरूरतमंदों को रक्त की पर्याप्त आपूर्ति हो जाएगी. सबसे जरूरी यह समझना है कि रक्त बाजार में नहीं मिलता इसकी आपूर्ति दान से ही संभव है. यही नहीं रक्तदान करने वाला भी नुकसान में नहीं रहता इससे उसकी भी सेहत सुधरती है और शारीरिक तंत्र तरोताजा हो जाता है. रक्तदान से जुड़ी अन्य अहम् जानकारी के लिए हमने बात की सरोज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की  एचओडी, ब्लड और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन,  डॉ.रीना बंसल से. 

कौन कर सकता है रक्त दान
रक्तदान दो प्रकार से किया जाता है. पहला, कोई व्यक्ति स्वेच्छा से रक्तदान कर सकता है ताकि उसका रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचाने में उपयोग किया जा सके. दूसरा, जब जरूरतमंद व्यक्ति के सगे-संबंधी सीधेतौर पर उसके लिए रक्त्दान करें. किसी व्यक्ति को तीन महीने में एक बार से अधिक रक्तरदान नहीं करना चाहिए और ब्लड बैंक को भी किसी ऐसे व्यक्ति का रक्त नहीं लेना चाहिए जिसने रक्तदान का अंतराल पूरा न किया है.
1. 18-60 वर्ष का कोई भी व्यक्ति जो स्वस्थ्य हो रक्तदान कर सकता है.
2. जिन लोगों ने टैटू बनवाया हो वो टैटू ने के एक साल बाद रक्त दान कर सकते हैं.
3.  रक्तदान करने वाले का एक से अधिक पार्टनर से शारीरिक संबंध नहीं होना चाहिए.
4. रक्तदाता का शारीरिक भार 45 किलो से कम नहीं होना चाहिए.
5.  रक्तदान करने वाले को श्वसन संबंधी, त्वचा या हृदय रोग नहीं होना चाहिए.
6.  यदि महिला रक्तदान कर रही हो तो वह पिछले छह हफ्तों में गर्भवती नहीं होना चाहिए.
7.  दाता के रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12.5 ग्राम/डीएल से कम नहीं होनी चाहिए.
8. रक्तदान के पहले छह महीने तक सर्जरी न हुई हो.
9. रक्तदाता पिछले तीन वर्षों में पीलिया की चपेट में न आया हो.
रक्तदाता क्या करें, क्या  न करें
रक्तदान करते समय दाता को भी कुछ सावधानियां बरतना चाहिए, ताकि रक्तदान का उसके शरीर पर विपरीत प्रभाव न पड़े.
रक्तदान के पहले
1. रक्तदान के पहले रक्तदाता को भरपेट खाना और पूरी नींद लेना चाहिए.
2. रात में और सुबह रक्तदान से पहले जूस और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें.
3.  रक्तदान के तीन घंटा पहले आयरन से भरपूर भोजन जैसे साबूत अनाज, अंडे, पालक, हरी पत्तेदार सब्जियां और खट्टे-मीठे फल खाएं, वसायुक्त भोजन के सेवन से बचें.
4. 48 घंटे के भीतर अल्कोहल का सेवन न करें.
5. रक्त दान के एक दिन पहले धुम्रपान न करें। रक्तदान के तीन घंटे बाद धूम्रपान करें.
6 रक्त दाता ने पिछले 48 घंटों में कोई दवाई न ली हो.

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रक्तदान के बाद
रक्तदाता को रक्तदान के तुरंत बाद कोई शारीरिक श्रम नहीं करना चाहिए. थोड़ी मात्रा में स्नैपक्सक और एक गिलास जूस पियें जिसमें शूगर की मात्रा अधिक हो जिससे रक्त में शूगर का स्तर सामान्य रहे.
ऽ रक्त दान के कुछ घंटों बाद तक वाहन नहीं चलाना चाहिए.
ऽ रक्त दान के पश्चांत 5-20 मिनिट तक आराम करें.
ऽ रक्त दान के पश्चांत खाया जाने वाला पहला भोजन प्रोटीन से भरपूर होना चाहिए.
ऽ रक्त दान के पश्चांत अगले एक दिन तक कड़ा शारीरिक श्रम जैसे जिम, नृत्यक, दौड़ना आदि ना करें.
रक्तदान से लाभ
रक्तदान से न केवल किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जान बचती है बल्कि रक्त दान करने वाले की सेहत पर भी रक्तदान के कईं सकारात्मकक प्रभाव पड़ते हैं इसलिये इसे सेहत का रिर्टन गिफ्ट भी कहते हैं. रक्तदान करने वाले को इससे कईं लाभ होते हैं.
. रक्तदान करने से कार्डियोवॉस्यून सुधरता है क्योंकि नियमित रूप से रक्तदान करने से रक्त् में आयरन का स्तर विशेषकर पुरूषों के लिये कम हो जाता है जिससे हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है.
. इसके अलावा इससे गंभीर कार्डियोवास्यूजातीलर बीमारियों जैसे स्ट्रोेक की आशंका भी कम हो जाती है.
. रक्त दान के कारण नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण बढ़ जाता है.
. रक्त दान से कैंसर जिसमें लीवर, लंग, कोलन, स्टोमक और गले का कैंसर सम्मिलित है का खतरा कम हो जाता है.
. रक्तदान से कैलोरी जलाने और कोलेस्ट्रॉकल घटाने में भी काफी मदद मिलती है.
. रक्तदान से शरीर में रक्ता कोशिकाओं की संख्याल कम हो जाती है. इसकी भरपाई करने के लिए शरीर बोनमैरो को नई लाल रक्त कणिकाएं बनाने के लिए प्रेरित करता है. इससे शरीर में नई कोशिकाएं बनती हैं और शारीरिक तंत्र तरोताजा हो जाता है.

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Published by
Shilpi Sharma

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