बचें ऐसी दवाओं से जो दे सकती है आपको मोटापा (Know the medicines which make you fat)

वैसे तो वज़न बढ़ने के कई कारण होते हैं, जैसे- ग़लत खान-पान, आनुवांशिकता, पर्यावरण, तनाव, नींद की कमी आदि. पर इन सबके अलावा कई दवाइयां भी आपका वज़न बढ़ा सकती हैं. इसलिए अगर आप भी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, तो इस बारे में जानना आपके लिए बहुत ज़रूरी है. आइए जानें, कुछ ऐसी ही दवाइयों के बारे में, जो दे सकती हैं आपको मोटापा.

 

हम जो भी दवाइयां इस्तेमाल करते हैं, उनके साइड इफेक्ट होते ही हैं, ऐसे में यहां हम कुछ ऐसी दवाइयों के बारे में बता रहे हैं, जिनका सबसे बड़ा साइड इफेक्ट है, वज़न बढ़ाना. नियमित या लंबे अंतराल तक ली गई दवाइयां हमारा वज़न बढ़ा देती हैं. ऐसे में अगर आपको इनके बारे में पता हो, तो आप दवाइयों का ऑप्शन या फिर कोई और ट्रीटमेंट अपना सकते हैं.
दवाएं जो वज़न बढ़ाती हैं
एंटीबायोटिक्स: इंफेक्शन से निजात दिलाने के लिए बहुत-से डॉक्टर बिना सोचे-समझे एंटीबायोटिक्स प्रिस्क्राइब कर देते हैं. पर यह जितना फ़ायदेमंद है, उतना ही
नुक़सानदेह भी है. लंबे समय तक इसका इस्तेमाल आपको मोटापा दे सकता है.

स्टेरॉइड्स: यह तो जगज़ाहिर है कि स्टेरॉइड्स नुक़सानदेह होते हैं, पर यह भी उतना ही सच है कि यह अस्थमा और आर्थराइटिस जैसी बहुत-सी बीमारियों से निजात भी दिलाते हैं. स्टेरॉइड्स से वज़न बढ़ने का कारण है कि ये आपकी जठराग्नि को तेज़ कर भूख बढ़ाते हैं, साथ ही ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को बढ़ाकर शरीर के मेटाबॉलिज़्म को भी प्रभावित करते हैं. इससे न स़िर्फ आपका वज़न बढ़ता है, बल्कि इसके लगातार सेवन से डायबिटीज़ की संभावना भी बढ़ जाती है.

बर्थ कंट्रोल पिल्स: स्टडी से यह पता चला है कि कुछ गर्भनिरोधक गोलियों के कारण महिलाओं का वज़न बढ़ता है, जो फ्लूइड रिटेंशन के कारण होता है, पर ज़रूरी नहीं कि ऐसा सभी गोलियों के साथ हो. अगर आपकी वर्तमान गोली से आपका वज़न बढ़ रहा है, तो डॉक्टर की मदद से आप उसकी जगह कोई और विकल्प ले सकती हैं.

एंटीडिप्रेज़ेंट दवाइयां: डिप्रेशन से जूझ रहे मरीज़ों के इलाज के लिए एंटीडिप्रज़ेंट दवाइयां दी जाती हैं. इन दवाइयों में ऐसे तत्व होते हैं, जो हमारे मूड के साथ-साथ हमारी भूख लगने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं. यही वजह है कि ये दवाइयां ले रहे 25% लोगों का वज़न समय के साथ 4 से 5 किलो तक बढ़ जाता है.

हाई ब्लड प्रेशर की दवाइयां: हार्ट प्रॉब्लम्स से बचाव करने और हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए जिन अल्फा ब्लॉकर्स और बीटा ब्लॉकर्स का इस्तेमाल किया जाता है, उनके कारण अक्सर लोगों का वज़न बढ़ता है. ये कैलोरीज़ बर्न करने की प्रक्रिया को धीमा करने के साथ-साथ वॉटर रिटेंशन को भी बढ़ा देते हैं. लेकिन ज़रूरी नहीं कि ऐसा सभी के साथ हो.

हार्मोंन ट्रीटमेंट्स: शरीर में होनेवाले हार्मोंस के असंतुलन के लिए एस्ट्रोजेन-प्रोजेस्टेरॉन थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है. इस थेरेपी से भूख और वॉटर रिटेंशन बढ़ जाता है. इसके हाई डोज़ के कारण ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जिससे शरीर में फैट की मात्रा भी बढ़ने लगती है.

माइग्रेन पिल्स: माइग्रेन की दवाइयां भले ही आपका सिरदर्द दूर करती हैं, पर बढ़ता हुआ वज़न आपको कई और दर्द दे सकता है. कई शोधों से पता चला है कि इनका सेवन करनेवाले 70% से ज़्यादा लोगों का वज़न बढ़ता ही है.

डायबिटीज़ की दवा: इंसुलिन शरीर का वज़न बढ़ाने में अहम् भूमिका निभाता है. टाइप 2 डायबिटीज़ के इलाज के लिए इस्तेमाल की जानेवाली कई दवाइयां ब्लड शुगर कम करने की बजाय वज़न बढ़ाने का काम करती हैं. हाल ही में हुई एक स्टडी में पाया गया कि इंसुलिन के लगातार सेवन से 3-12 महीने के भीतर लोगों का वज़न 4 से 5 किलो तक बढ़ गया था.

मूड डिसऑर्डर्स: एपिलेप्सी, नर्वस डिसऑर्डर, सीज़र जैसी मानसिक बीमारियों के लिए मूड स्टेबलाइज़र का काम करनेवाली कई दवाइयां समय के साथ आपका वज़न बढ़ा सकती हैं. दरअसल, ये दवाइयां दिमाग़ के उस हिस्से को प्रभावित करती हैं, जो हमारी भूख को कंट्रोल करके हमारे बॉडी वेट को बनाए रखता है.
कैसे पहचानें वज़न बढ़ रहा है?
– किसी नई दवा के सेवन या ट्रीटमेंट से वज़न पहले के मुक़ाबले थोड़ा ज़्यादा बढ़ गया है.
-कभी-कभी तो आपको तब तक एहसास नहीं होता, जब तक कि आपका डॉक्टर इस ओर आपका ध्यान आकर्षित न करे.
– आपको बार-बार भूख लगती है.
– सुस्ती के कारण एक्सरसाइज़ करना आपको अच्छा नहीं लगता.
– पर ज़रूरी नहीं कि ये सारे लक्षण आप में मौजूद हों.
क्यों बढ़ता है इन दवाइयों से वज़न?
– ये दवाइयां शरीर के मेटाबॉलिज़्म को प्रभावित करती हैं, जिससे कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है.
-शरीर में इंसुलिन के स्राव को बढ़ाकर फैट टिश्यूज़ की मात्रा बढ़ाती हैं.
– शरीर के पोषक तत्वों को ग्रहण करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं.
– जठराग्नि को तेज़ कर भूख बढ़ाती हैं.
– बार-बार प्यास लगती है.
– शरीर में वॉटर रिटेंशन को बढ़ाती हैं.
= टेस्ट बड्स को प्रभावित करती हैं, जिससे बार-बार खाने की इच्छा होती है.
क्या कॉम्प्लीकेशन्स हो सकती हैं?
जहां वज़न बढ़ने से आपको कई हेल्थ प्रॉब्लम्स शुरू हो सकती हैं, वहीं पहले की कोई समस्या गंभीर भी हो सकती है. कॉम्प्लीकेशन्स से जुड़ी कुछ बीमारियां इस प्रकार हैं-
– डायबिटीज़
– आर्थराइटिस
– हाई ब्लड प्रेशर
– हार्ट डिसीज़
– स्ट्रोक
– स्लीप एप्निया
– लिवर डिसीज़
– फेफड़ों की बीमारियां
– इंफर्टिलिटी
– कैंसर
– मनोवैज्ञानिक समस्याएं.
इससे बचने के लिए क्या करें?
– अगर आपको लगता है कि किसी ख़ास दवाई या ट्रीटमेंट के कारण आपका वज़न बढ़ रहा है, तो आप तुरंत अपने डॉक्टर को इस बारे में बताएं.
– आपका डॉक्टर आपको उस दवाई के विकल्प के तौर पर दूसरी दवा लेने की सलाह दे सकता है, जिसमें ये साइड इफेक्ट न हो.
– दवाइयों को लाइफ सेविंग ड्रग्स भी कहा जाता है, ऐसे में महज़ इसलिए कि वो आपका वज़न बढ़ा रही हैं, उन्हें बिल्कुल नज़रअंदाज़ न करें.
– दवाइयों से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें.
– डॉक्टर आपके दवा की डोज़ को कम कर सकता है, ताकि वज़न बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाए.
– डॉक्टर से किसी और तरह के ट्रीटमेंट ऑप्शन के बारे में सलाह ले सकते हैं.
– हर हाल में याद रखें कि आपका इलाज बहुत ज़रूरी है, क्योंकि बढ़ते वज़न को रोकने या कम करने के और भी उपाय अपनाए जा सकते हैं.
– डॉक्टर आपको किसी डायटीशियन की मदद लेने की सलाह दे सकते हैं, जो आपके डायट को कंट्रोल कर उसे हेल्दी बनाने के तरी़के बताएंगे.
– खाने की मात्रा को कम करके भी आप इस समस्या को कुछ हद तक कम कर सकते हैं.

– संतारा सिंह

Meri Saheli Team :
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