क्यों कमजोर हो जाती है पुरुषों की फर्टिलिटी? जानें कारण, लक्षण और उपचार (Male infertility: Symptoms, Causes And Treatment)

इंफर्टिलिटी यानी बांझपन की समस्या. इंफर्टिलिटी को हमारे यहां हमेशा महिलाओं से जोड़ा जाता है. पर सच तो ये है कि पुरुषों में भी इंफर्टिलिटी…

इंफर्टिलिटी यानी बांझपन की समस्या. इंफर्टिलिटी को हमारे यहां हमेशा महिलाओं से जोड़ा जाता है. पर सच तो ये है कि पुरुषों में भी इंफर्टिलिटी की समस्या देखने काे मिलती है. कई बार पुरुषाें में इंफर्टिलिटी के कारण कपल संतान सुख प्राप्त नहीं कर पाता है. पुरुषों में इंफर्टिलिटी के क्या हैं कारण और उनके लिए क्या इलाज उपलब्ध है, जानने के लिए हमने बात की ओएसिस फर्टिलिटी के कंसलटेंट एंड्रोलॉजिस्ट, डॉक्टर रघुवीर करणे से.

पुरुषों में इंफर्टिलिटी के कारण

  1. वैरिकोसिल: वेरीकाेसील पुरुष के वृषण औऱ स्क्राेटम की नसाें की एक बीमारी है, जो ज़्यादातर पुरुषों में सामान्य अवस्था है. जब स्क्राेटम की नसाें में सूजन आती है, जाे वेरीकाेसीन की समस्या पैदा हाेती है. यह समस्या पुरुषाें में इंफर्टिलिटी का सबसे सामान्य कारण हाेता है. यह असामान्य रक्त प्रवाह, शुक्राणु की मात्रा और गुणवत्ता को कम करता है.
  2. लाइफस्टाइल: पुरुषों में इंफर्टिलिटी का एक कारण खराब लाइफस्टाइल भी हो सकता है, जो आपके पिता बनने के सपने काे तोड़ सकता है. गलत खानपान, लॉन्ग वर्किंग आवर्स, सिगरेट-अल्कोहल की लत, शारीरिक व्यायाम की कमी शुक्राणु की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है. विशेष रूप से रात की शिफ्ट में काम करने वाले पुरुषाें में इंफर्टिलिटी की समस्या ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि उनके सोने-जागने का कोई नियमित चक्र नहीं होता है. स्पर्म की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अन्य बातों के अलावा उचित नींद का पैटर्न बहुत आवश्यक है.
  3. आयु: लेट मैरेज भी पुरुषाें में इंफर्टिलिटी का एक कारण हो सकता है. दरअसल उम्र के साथ पुरुषों की प्रजनन क्षमता कम होती जाती है, 32 की उम्र के बाद शुक्राणु की गुणवत्ता और मात्रा भी कम हो जाती है, जिससे वो संतान सुख से वंचित भी रह सकते हैं.
  4. आनुवंशिक रोग: क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम, सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसे कुछ आनुवंशिक रोग से ग्रस्त पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या कम या शून्य हो सकती है.
  5. कैंसर और कैंसर का इलाज: कैंसर और कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसे उपचारों के कारण भी प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है. फर्टिलिटी संरक्षण के माध्यम से, पुरुष कैंसर के इलाज से पहले अपने शुक्राणुओं को भविष्य में उपयोग करने हेतु संगृहीत कर सकते हैं जिससे उनकी फर्टिलिटी को संरक्षित किया जा सकता है.

पुरुषाें में इंफर्टिलिटी को बेहतर बनाने के आसान उपाय

  1. अपने वजन पर कंट्रोल रखें: आपका वजन आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है. ओवर वेट होने से शुक्राणुओं का विकास प्रभावित हो सकता है और शुक्राणु डीएनए में भी बदलाव का कारण बन सकता है जंक फूड से परहेज, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप इंफर्टिलिटी से छुटकारा पा सकते हैं और पिता बन सकते हैं
  2. तनाव से दूर रहें:
    तनाव का सीधा असर प्रजनन क्षमता पर पड़ता है. ज़्यादा स्ट्रेसफुल लाइफ जीनेवाले पुरुषों के शुक्राणु की क्वालिटी खराब हो सकती है और उन्हें संतान प्राप्ति में समस्या हो सकती है. मेडिटेशन, स्विमिंग और रेगुलर एक्सरसाइज से आपका तनाव तो कम होगा ही, इंफर्टिलिटी की समस्या भी दूर होगी.
  3. धूम्रपान को कहें अलविदा: धूम्रपान व्यक्ति के शुक्राणु की संख्या को कम करता है और शुक्राणु की गतिशीलता को भी प्रभावित करता है. यह भी देखा गया है कि जब पुरुष साथी धूम्रपान करने वाला होता है तो महिलाओं में गर्भपात का रिस्क भी बढ़ जाता है. इसलिए अगर पिता बनने का सुख पाना चाहते हैं तो धूम्रपान छोड़ दें.
  4. लैपटॉप को गोद में रखकर इस्तेमाल न करें: लैपटॉप से निकलनेवाली हीट और रेज़ शुक्राणु की संख्या को प्रभावित करके आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए ज़्यादा देर तक लैपटॉप को गोद में रखकर इस्तेमाल न करें.
  5. हेल्दी डाइट लें : एंटीऑक्सिडेंट युक्त फलों और सब्जियों का सेवन करने से ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने और शुक्राणुओं के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है.

पुरुष इंफर्टिलिटी का उपचार


पुरुष इंफर्टिलिटी का उपचार तीन तरीकों से किया जा सकता है

  1. चिकित्सा प्रबंधन
  2. सर्जिकल प्रबंधन
  3. जीवन शैली में परिवर्तन

चिकित्सा प्रबंधन
इसमें पुरुष इंफर्टिलिटी के प्रबंधन के लिए विटामिन सी, विटामिन ई, ग्लूटाथियोन जैसे एंटीऑक्सिडेंट का उपयोग किया जाता है और कम टेस्टोस्टेरोन वाले पुरुषों का उपचार ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रॉफिन (एचसीजी) के साथ किया जा सकता है जो एफएसएच और एलएच हार्मोन के स्तर में सुधार कर सकता है जो बदले में शुक्राणु के उत्पादन को बढ़ा सकता है.

सर्जिकल प्रबंधन

  1. माइक्रो-टेज़ (माइक्रोस्कोपिक टेस्टिकुलर स्पर्म एक्सट्रैक्शन):
    अशुक्राणुता (ऐसी स्थिति जिसमें वीर्य में कोई शुक्राणु नहीं पाया जाता है) से पीड़ित पुरुषों के मामले में वृषण से शुक्राणुओं को पुनः प्राप्त करने के लिए इस प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है.
  2. वैरिकोसेलेक्टोमी:
    वैरिकोसिल अवस्था से ग्रस्त पुरुष वैरिकोसेलेक्टोमी सर्जरी से पिता का सुख पा सकते हैं. इसके अलावा वैरिकोसिल एम्बोलाइज़ेशन भी वैरिकोसिल का एक तरीका है.
  3. वेसेक्टोमी (पुरुष नसबंदी) रिवर्सल: जो पुरुष वेसेक्टोमी करवा चुके हैं, वे भी वेसेक्टोमी रिवर्सल प्रक्रिया के माध्यम से पुनः अपने पितृत्व के स्वप्न को पूरा कर सकते हैं.

जीवनशैली में परिवर्तन
अगर आप पिता बनना चाहते हैं तो सबसे पहले लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करना होगा. हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और स्ट्रेस फ्री जीवन से आप मेल इंफर्टिलिटी से लड़ सकते हैं.

कब जाएं डॉक्टर के पास?

अगर कोई दंपत्ति एक वर्ष की कोशिश के बाद भी गर्भधारण करने में असमर्थ है, तो दोनों पार्टनर को फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट द्वारा अपनी जांच करवानी चाहिए. प्रॉब्लम सिर्फ स्त्री में ही हो, ये ज़रूरी नहीं. ज़्यादातर मामलों में दोष पुरुषों में होता है. एंड्रोलाइफ विज्ञान की एक विशेष शाखा है जो पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित है और एंड्रोलॉजिस्ट विशेष विशेषज्ञ हैं जो पुरुष वन्ध्यत्व का इलाज करते हैं. यदि आप संतान सुख प्राप्त करने में असमर्थ हैं, तो बिना किसी संकोच के किसी फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से संपर्क करें.

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