affair

पहला अफेयर… लव स्टोरी: ये मेघ सदा हमारे प्रेम के साक्षी होंगे (Pahla Affair… Love Story: Ye Megh Hamare Prem Ke Sakshi Honge)

इतने वर्षों बाद आज फ़ेसबुक पर तुम्हारी तस्वीर देख हृदय में अजीब सी बेचैनी होनी लगी. उम्र के साठवें बसंत में भी चेहरे पर वही मासूमियत, वही कशिश, वही ख़ूबसूरती और वही कज़रारी आंखें जिसने वर्षों पहले मुझे तुम्हारी ओर तरह खींच लिया था. तुम्हारी फूल सी मासूमियत का कब मैं भंवरा बन बैठा मुझे पता ही नहीं चला था. आज जीवन में भले ही हम अपने-अपने परिवारों में व्यस्त हैं, ख़ुश है और संतुष्ट भी हैं, पर कुछ ख़लिश भी है… मेरे अधूरे प्रेम की ख़लिश. मैंने तुम्हारे प्रेम की लौ को कभी बुझने नहीं दिया. वो आज भी मेरे हृदय के एक कोने में अलौकिक है. मैं बार-बार एक अल्हड़ से प्रेमी की तरह फ़ेसबुक पर तुम्हारी तस्वीर निहार रहा था. उस दिन की तरह आज भी बाहर आकाश काले मदमस्त बादलों से घिर गया था. ठंडी-ठंडी बयार चल रही थी, जिसके झोंके मुझे अतीत की तरफ़ खींच रहे थे, जब मैंने पहले बार तुम्हें स्कूल के रास्ते में अपनी साइकल की चेन ठीक करते देखा था. बार-बार की कोशिशों के बावजूद तुम साइकल की चेन ठीक करने में असफल हो रहीं थीं. जब तुमसे मदद करने के लिए पूछा तो तुमने मना करने के लिए जैसे ही निगाहें ऊपर उठाई, मेरी निगाहें तुम्हारे चेहरे पर टिक गयी थीं. गुलाब के फूल की तरह एकदम कोमल चेहरा, आंखों में गहरा काजल और लाल रिब्बन से बंधी दो लम्बी चोटियां. उसी क्षण मेरा दिल तुम्हारे लिए कुछ महसूस करने लगा था. पता नहीं क्या कशिश थी तुम्हारे मासूम चेहरे में कि तुम्हारे बार-बार मना करने के बाद भी मैं वहीं खड़ा रहा.  आसमान को अचानक काले-काले बादलों ने अपने आग़ोश में ले लिया था. ठंडी-ठंडी हवा चलने लगी थी. ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे बरखा पूरे ज़ोर-शोर से बरसने को आतुर है. अचानक करवट लिए मौसम और स्कूल लेट होने की परेशानी तुम्हारे चेहरे पर साफ़ झलक रही थी, लेकिन फिर भी तुमने मेरी मदद लेने को साफ़ इनकार कर दिया. तभी बादलों ने गरजना शुरू कर दिया और हार कर तुमने मेरी मदद ले ही ली. हम दोनों ने अपनी-अपनी साइकल घसीटते हुए, बातें करते हुए कब स्कूल का सफ़र तय कर लिया पता ही नहीं चला. बातों-बातों मे पता चला कि तुम मुझसे एक साल बड़ी हो. मैं ग्यराहवीं में था और तुम बारहवीं में.तुम्हारा स्कूल में ये अंतिम वर्ष था, ये सोचकर मैं बेचैन हो जाता था. बस फिर मैं अकसर तुम्हारी कक्षा और तुम्हारे आस-पास मंडराने के बहाने खोजने लगा. मैं किसी भी क़ीमत पर ये एक साल व्यर्थ नहीं करना चाहता था. हमारी दोस्ती धीरे-धीरे गहरी होने लगी. मेरे दिल की हालत से बेख़बर तुम मुझे सिर्फ़ एक अच्छा दोस्त समझती थी, पर मैं तो तुम्हारे प्रेम के अथाह सागर में गोते लगा रहा था. उस ज़माने में लड़कियों और लड़कों की दोस्ती का चलन नहीं था, इसलिए हमारी मित्रता सिर्फ़ स्कूल तक ही सीमित थी. उस दिन बारहवीं क्लास के स्टूडेंट्स का स्कूल में अंतिम दिन था. सभी स्टूडेंट्स…

पहला अफेयर: लॉन्ग डिसटेंस (Pahla Affair… Love Story: Long Distance)

आज उसकी शादी है… वो वाक़ई आगे बढ़ चुका है अपनी ज़िंदगी में… और मैं? कहने को तो मैं भी मूव ऑन कर चुकी हैं, लेकिन मेरा दिल जानता है कि ये सच नहीं है.  एक कॉमन फ्रेंड के ज़रिए हमारी पहली मुलाक़ात हुई थी और तभी लग गया था कि ये मुलाक़ातें और बढ़ेंगी और हमारा रिश्ता भी… उसको यू एस में जॉब मिला था और मैं अभी स्टूडेंट थी, मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी. हमने फ़ोन नम्बर्स लिए एक-दूसरे के और कब थोड़े ही समय में दोस्त से हमसफ़र बनने का फ़ैसला हमने ले लिया उसका एहसास ही नहीं हुआ.  वो जब भी इंडिया आता तो सबसे पहले मेरे घर जयपुर आता, मेरी फ़ैमिली भी उसको पसंद करती थी और उसकी फ़ैमिलीभी खुले विचारों की थी. वो अक्सर अमेरिका में मेरे लिए चॉकलेट्स और गिफ़्ट्स कलेक्ट करके रखता था. हमने साथ मेंबहुत अच्छा वक़्त गुज़ारा, गोवा से लेकर मुंबई तक हॉलिडे मनाई. लेकिन कहते हैं ना जब सब कुछ इतना परफेक्ट लगे तो समझ जाना चाहिए कि कहीं न कहीं कुछ सही नहीं है. विकास को लेकर मैं ज़्यादा ही पज़ेसिव होती जा रही थी. अगर मेरा फ़ोन नहीं उठाता या मैसेज का जवाब नहीं देता तो मैंलड़ पड़ती. धीरे-धीरे हमारे झगड़े बढ़ने लगे. मैं हर बात पर उससे सवाल करती और वो यही कहता कि रितु काम में बिज़ी रहता हूं तो ज़रूरी नहीं कि हमेशा जिस वक़्त तुम फ़ोन करो मैं कॉल ले सकूं, इतना तो समझो इंडिया और अमेरिका काटाइम अलग-अलग है!  लेकिन मैं समझने को ही तैयार नहीं थी, हम जितने क़रीब थे अब उतने ही दूर होते जा रहे थे. मेरे इस तरह के बर्ताव से विकास भी मुझसे उखड़ा-उखड़ा रहने लगा था. उसका मानना था कि मेरे और उसके मैच्योरिटी लेवल में बहुत फ़र्क़ है, मैं स्टूडेंट वाली टीन एज की सोच और व्यवहार से बाहर ही नहीं आ रही थी, तो ऐसे में वो मानसिक रूप से डिस्टर्ब रहने लगाथा और खुद इसका असर उसके नेचर और बर्ताव पर पड़ने लगा था. विकास और मैंने यही निर्णय लिया कि हमको ब्रेकअप कर लेना चाहिए. हालांकि मैं नहीं चाहती थी कि हम अलग हों, लेकिन वो निर्णय ले चुका था. मैंने कहा कि हम दोस्त तो रह सकते हैं ना, उसने भी हामी भर ली, लेकिन मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रही थी, दोस्ती का रिश्ता मुझे दर्द दे रहा था और इसीलिए विकास ने मुझे सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया ये कहकर कि इस तरह हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे और न ही इस रिश्ते में भी रह पाएंगे! उसके निर्णय का मैं सम्मान करती हूं और आज जब एक कॉमन फ्रेंड ने उसकी शादी की खबर दी तो मैं टूट गई, लगा कोई अपना अब हमेशा के लिए किसी और का हो गया है… मैं भी अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ रही हूं, लेकिन दिल के किसी कोने में उसका प्यार आज भी दबा हुआ है जो वक़्त-वक़्त पर दस्तक दे ही देता है… विकास और मुझे लगा था कि हमारी लॉन्ग डिसटेंस रिलेशनशिप एक बड़ा कारण था हमारे बीच मनमुटाव और ग़लतफहमियों का, लेकिन आज सोचती हूं कि मेरी ज़्यादा क़रीब रहने की कोशिश ही हमारी दूरियों का कारण बन गई थी. मैं अपने दिल और प्यार को सम्भाल ही नहीं…

लव स्टोरी: रेत अभी प्यासी है… (Love Story: Ret Abhi Pyasi Hai)

ओस से भीगा वह कमरा, लगा हवा ने मुट्ठी में मनहूसियत को दबोच लिया है. मौसम की वह नमी अचानक…

पहला अफेयर: तुम कभी तो मिलोगे (Pahla Affair: Tum Kabhi To Miloge)

पहला अफेयर: तुम कभी तो मिलोगे (Pahla Affair: Tum Kabhi To Miloge) आज फिर मेघों से रिमझिम वर्षा रूपी नेह…

पहला अफेयर: काश, तुम समझे होते (Pahla Affair: Kash Tum Samjhe Hote)

पहला अफेयर: काश, तुम समझे होते (Pahla Affair: Kash Tum Samjhe Hote) कभी-कभी अचानक कहे शब्द ज़िंदगी के मायने बदल…

पहला अफेयर: उसकी यादें दिल में समाए हूं (Pahla Affair: Uski Yaden Dil Mein Samaye Hoon)

पहला अफेयर: उसकी यादें दिल में समाए हूं (Pahla Affair: Uski Yaden Dil Mein Samaye Hoon) वह अक्सर कहा करता…

पहला अफेयर: पहले प्यार की आख़िरी तमन्ना (Pahla Affair: Pahle Pyar ki Akhri Tamanna)

पहला अफेयर: पहले प्यार की आख़िरी तमन्ना (Pahla Affair: Pahle Pyar ki Akhri Tamanna) कहते हैं, इंसान कितना भी चाहे,…

पहला अफेयर: ख़ामोशियां चीखती हैं… (Pahla Affair: Khamoshiyan Cheekhti Hain)

पहला अफेयर: ख़ामोशियां चीखती हैं... (Pahla Affair: Khamoshiyan Cheekhti Hain) हमारी दोस्ती का आग़ाज़, शतरंज के मोहरों से हुआ था.…

पहला अफेयर: ख़ूबसूरत फरेब (Pahla Affair: Khoobsurat Fareb)

पहला अफेयर: ख़ूबसूरत फरेब (Pahla Affair: Khoobsurat Fareb) घर में आर्थिक तंगी से मेरी पढ़ाई छूट गई थी. बस, गुज़र-बसर…

पहला अफेयर: लम्हे तुम्हारी याद के (Pahla Affair: Lamhe Teri Yaad Ke)

पहला अफेयर: लम्हे तुम्हारी याद के (Pahla Affair: Lamhe Teri Yaad Ke) प्यार, यूं तो इस शब्द से हर शख़्स…

पहला अफेयर: पहले प्यार की ख़ुशबू (Pahla Affair: Pahle Pyar Ki Khushbu)

पहला अफेयर: पहले प्यार की ख़ुशबू (Pahla Affair: Pahle Pyar Ki Khushbu) आज भी मेरे हाथों पर तेरे प्यार की…

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