couple goals

10 उम्मीदें जो रिश्तों में कपल्स को एक- दूसरे से होती हैं, जो उन्हें बनाती हैं परफेक्ट कपल (10 Things Couples Expect In Relationship Which Make Them Perfect Couple)

एक-दूसरे से अलग होते हुए भी स्त्री और पुरुष साथ चलते हैं, परिवार और रिश्ते निभाते हैं, मगर उनकी चाहतें…

क्या आप भी अपने रिश्तों में करते हैं ये ग़लतियां? इनसे बचें ताकि रिश्ते टिकाऊ बनें (Common Marriage Mistakes To Avoid: Simple And Smart Tips For A Healthy And Long-Lasting Relationship)

रिश्तों की डोर काफ़ी नाज़ुक होती है इसमें ज़रा सा ढीलापन या ज़रूरत से ज़्यादा खिंचाव इसे तोड़ सकता है. बेहतर होगाकि हम अपने रिश्तों को संतुलित और सहज रखें. छोटी-छोटी बातों और ग़लतियों को इतना बड़ा ही न बनने दें कि रिश्तेपर आंच आ जाए. फ़ॉलो करें ये टिप्स जिन्हें आप भी जानते-समझते हैं लेकिन बस नज़रअंदाज़ कर देते हैं.  डाउनलोड करें हमारा मोबाइल एप्लीकेशन https://merisaheli1.page.link/pb5Z और रु. 999 में हमारे सब्सक्रिप्शन प्लान का लाभ उठाएं व पाएं रु.…

ये हेल्दी हैबिट्स आपके रिश्तों को भी रखेंगी फिट और हेल्दी… (15 Healthy Habits To Keep Your Relationship Fit And Strong)

हेल्दी रहना (Healthy Habits)  सिर्फ़ आपके शरीर व संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए ही ज़रूरी नहीं है, बल्कि आपके रिश्तों (Relationship) के लिए भी इतना ही महत्वपूर्ण है. ऐसी कौन-सी हेल्दी हैबिट्स (Healthy Habits) हैं जो आपके रिश्ते को भी फिट रखेंगी, आइए जानें… पॉज़िटिव सोच रखना एक ऐसी आदत है, जो आपको तो तनाव मुक्त रखती ही है, आपके पार्टनर को भी वो खुशऔर तनावमुक्त रखने में मदद कर सकती है. सिर्फ़ पार्टनर ही क्यों, घर में सब पर इसका असर होगा, क्योंकि एकसकारात्मक सोच ही जीवन और रिश्तों को सकारात्मक रख सकती है. अध्ययन बताते हैं कि सकारात्मक सोच सेकपल में आपसी टकराव और मनमुटाव कम होता है और उनकी बॉन्डिंग मज़बूत होती है. वर्कआउट करना फ़िज़िकल फ़िटनेस के लिए ज़रूरी है, लेकिन ये आपके हार्ट, बोंस, मसल्स आदि को भी फिटरखता है, जिसका सीधा असर आपके रिश्तों पर भी पड़ता है. आप खुद को फिट महसूस करते हैं तो खुश रहते हैंऔर एक अलग ही आत्मविश्वास से भर जाते हैं. बेहतर होगा कि अपने पार्टनर के साथ वर्कआउट करें, जिससे आपसाथ में ज़्यादा वक़्त भी बिता पाएंगे और एक-दूसरे को हेल्दी कॉम्पटिशन भी दे सकते हैं कि कौन ज़्यादा फिट है. सर्वे से ये बात स्पष्ट हुई है कि कपल्स ने खुद यह महसूस किया कि फिटनेस से उनके व्यक्तित्व व रिश्ते परसकारात्मक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि इससे वो ज़्यादा ऊर्जावान और कॉन्फ़िडेंट महसूस करते हैं और ज़्यादा खुशरहते हैं. योगा या ध्यान करने की आपको अगर आदत है तो ये बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इससे आपका तनाव कम होगा, आप सुबह जल्दी उठकर एक साथ योगा करते हैं तो आपकी क्लोज़नेस भी बढ़ेगी. अगर सुबह टाइम न हो तो आपशाम को या फिर कोई योगा क्लास जॉइन करके भी अपना स्ट्रेस लेवल कम कर सकते हैं. इसी तरह मेडिटेशन से भीमस्तिष्क में हैप्पी होर्मोंस रिलीज़ होते हैं, जो आपको खुश व तनावमुक्त रखते हैं. एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि तनाव आपको शारीरिक व भावनात्मक रूप से कमज़ोर बनाकर रिश्तों की आत्मीयता को धीरे-धीरे ख़त्म करता है. यहां तक कि सेक्स लाइफ पर भी इसका असर होता है. ऐसे में जब तनाव कम होगा, तोआपका रिश्ता भी तनाव से मुक्त होगा.हेल्दी खाना ऐसी हेल्दी आदत है जो अपने शरीर में फैट्स को बढ़ने नहीं देती और आपके हैप्पी होर्मोंस को बढ़ाती हैं, जिससे आपका रिश्ता हैप्पी और फिट रहता है. फिटनेस से आपकी सेक्स लाइफ़ पर भी असर होता है. आपकीसेक्स लाइफ़ बेहतर होती है, क्योंकि आपको तनाव और थकान कम होती है. अच्छी सेक्स लाइफ़ का मतलब है किआपका रिश्ता भी हेल्दी है.पर्सनल हाइजीन को लेकर जो लोग सतर्क रहते हैं उनकी पर्सनल लाइफ़ भी बेहतर होती है, क्योंकि उनकोइंफ़ेक्शन्स का ख़तरा कम होता है, पार्टनर को भी अच्छा लगता है और वो आपके ज़्यादा क़रीब आते हैं. सिर्फ़प्राइवट पार्ट्स ही नहीं, ओरल हाइजीन का ख़याल रखना भी एक ऐसी हेल्दी आदत है जिसका सीधा असर आपकेरिश्ते पर पड़ता है, क्योंकि अगर आपकी सांस से बदबू आएगी तो भले ही झिझक के मारे पार्टनर कुछ कहे नहीं, लेकिन वो आपके क़रीब आने में झिझकेंगे. ग़ुस्से, ईगो और ईर्ष्या जैसे नकारात्मक भावों से दूर रहना या उनको कंट्रोल में रखना भी बेहद हेल्दी हैबिट है औरइसका प्रभाव साफ़ तौर पर आपके रिश्तों पर भी देखा जा सकता है. आपमें झगड़े कम होंगे और अपनापन बढ़ेगा.ज़ाहिर सी बात है कि एक फिट और हेल्दी बॉडी और एक पॉज़िटिव माइंड आपको ज़्यादा अट्रैक्टिव पर्सन बनाता है, जिससे आपका पार्टनर भी आपके प्रति ज़्यादा प्यार और आकर्षण महसूस करता है. इसके अलावा आप अपनेपार्टनर के लिए अगर हेल्दी हैबिट अपनाते हैं तो उनको और भी अच्छा महसूस होता है, जैसे- शराब या सिगरेट कमकरना या छोड़ देना, फ़िज़ूलखर्ची कम करके सविंग्स पर ध्यान देना, अपने ग़ुस्सैल स्वभाव को कंट्रोल करने कीचुनौती स्वीकार करना आदि.डिजिटल वर्ल्ड में टाइम कम स्पेंड करके अपने रिश्तों को समय देना भी एक बेहतरीन आदत है, जिससे आपका मन-मस्तिष्क भी शांत रहता है और आप ज़्यादा कम्यूनिकेट करते हैं, शेयरिंग और केयरिंग भी बढ़ती है इससे, इसलिएअपने मोबाइल और लैप्टॉप से ब्रेक लेकर अपनों के साथ कुछ पल रोज़ ज़रूर बिताएं. अपने साथ-साथ घर और कमरे को भी साफ़ रखने की आदत आपके रिश्ते को और रोमांटिक बनाएगी. अपने बेड, चादर, तकिया आदि साफ़ रखें. कमरे में अरोमा का इस्तेमाल भी अच्छा उपाय है रोमांटिक लाइफ़ को रिक्रिएट करनेके लिए. बेहतर होगा एनर्जी के साथ अपने बेड पर जाएं और शिकवे-शिकायत को कमरे के बाहर छोड़ आएं. अगरकोई बात करनी भी है तो अलग से समय निकालकर शांत मन से गम्भीरता से बात करें. बेड पर ब्लैक मेलिंग से बचें.सहयोग और अपनेपन की भावना को बढ़ावा दें क्योंकि ये ऐसी आदत है जो अपने सभी रिश्तों को हेल्दी रखेगी. बिनाकिसी स्वार्थ के अपनों की व औरों की मदद को हमेशा तैयार रहना आपके रिश्तों को बेहतर बनाता है और आपकोआत्मिक संतुष्टि भी देता है. कोई बीमार हो तो उसका हालचाल पूछ लेना या पत्नी की तबियत ठीक न होने परउसकी मदद करना, ख़्याल रखना, छुट्टी लेकर साथ वक़्त बिताना भी रिश्तों ke लिए बेहद ज़रूरी और हेल्दी है. इसी तरह ज़िम्मेदारियों व अन्य कामों में भी मदद व सहयोग का रवैया आपको बेहतर फ़ैमिली पर्सन बनाता है. येकाम उसका है, ये ज़िम्मेदारी उसी की है… ये न सोच कर सभी लोग मिलजुल कर काम करें और खुलकर बात करें.अपने पार्टनर को सम्मान देकर उसके विचारों को भी निर्णय लेने से पहले तवज्जो देना भी एक बेहतरीन आदत है. ऐसा न सोचें कि इस बारे में उसे जानकारी नहीं तो उससे क्या पूछना, बेहतर होगा सभी लोग मिलकर ही निर्णय लें. किसी को नीचा न दिखाएं.इसी तरह थैंकयू, सॉरी कहने, आभारव्यक्त करने, तारीफ़ करने, गिफ़्ट देने व सरप्राइज़ की आदत भी बेहद हेल्दी है. ये आदत सिर्फ़ पति-पत्नी के रिश्ते को ही नहीं, बल्कि तमाम रिश्तों को हेल्दी रखेगी. मां ने आपको पसंद का खानाबनाया हो या पत्नी ने आपकी कोई ख़ास शर्ट पर प्रेस किया हो, किसी दोस्त ने कोई छोटी से मदद की हो याऑफ़िस बॉय ने टेबल पर चाय लाकर दी हो- उनको थैंक यू कहने भर से या उनकी तारीफ़ कर देने से रिश्तों में नईऊर्जा और सम्मान का भाव आ जाता है. इसी तरह गलती होने पर माफ़ी मांगने की आदत भी आपके रिश्तों कोहमेशा फिट रखेगी. अपनों को छोटी सी ख़ुशी देने के लिए थोड़ा एक्स्ट्रा मेहनत या एफ़र्ट करने की आदत भी बहुत पॉज़िटिव है. चीकू शर्मा 

पति को ही नहीं, परिवार को अपनाएं, शादी के बाद कुछ ऐसे रिश्ता निभाएं! (Dealing With In-Laws After Marriage: Treat Your In-Laws Like Your Parents)

शादी सिर्फ़ दो लोगों या दो दिलों का संगम ही नहीं होता, बल्कि ये दो परिवार के एक होने का खूबसूरत सफ़र है. सिर्फ़लड़का लड़की ही नहीं, बल्कि दोनों के परिवार भी शादी के बाद एक हो चुके होते हैं. लेकिन अक्सर इस धारणा को जानतेहुए भी मानते और निभाते बहुत कम लोग ही हैं, क्योंकि लड़की को लगता है कि ससुरालवाले उसके पति के रिश्तेदार हैंऔर लड़कों को तो दामाद होने का टैग मिलने के बाद वो खुद को किसी राजा से कम नहीं समझते और पत्नी के परिवारको पूरी तरह अपना पाते. लड़के के घरवालों को भी यही लगता है कि लड़की के परिवार की ही सब जिम्मेदारियां होती हैं, ऐसे में लड़की के घरवालों की समस्याओं से उन्हें क्या लेना-देना…  लेकिन शादी का असली मतलब तो यही होता है जब ये दो परिवार एक होकर एक-दूसरे का मान-सम्मान करें औरमुश्किल वक़्त में एक-दूसरे के साथ खड़े रहें!  आमतौर पर शादी के बाद लड़कियों को नए घर में एडजेस्ट करना होता है, लेकिन इन दिनों ऐसी सोच ज़्यादा हो गई है किलड़कियां एडजेस्टमेंट के लिए तैयार नहीं होती और उनके लिए शादी की परिभाषा सिर्फ़ पति तक ही सीमित होकर रहजाती है और इसीलिए समस्या आती है… बेहतर होगा कि पति को ही नहीं, परिवार को अपनाएं… तभी आपका भविष्यसुरक्षित और जीवन खुशहाल रहेगा…  सबसे पहले तो दिमाग़ से ये बात निकाल दें कि पति के परिवारवाले आपके लिए ग़ैर हैं.जी नहीं, अब वो भी आपके उतने ही अपने हैं जितने आपके पति के. बेहतर होगा सकारात्मक सोच के साथ आप रिश्तों को देखें. शादी के बाद अब पति पर बस आपका ही हक़ है, उनकी भावनाओं से लेकर उनके पैसों तक पर बस अब आपका हीअधिकार है, इस मानसिकता के साथ आप कभी ख़ुशहाल जीवन नहीं जी पाएंगी.ससुराल की हर बात में कमी निकालना और हर बात मायके वालों से शेयर करना ग़लत है. सास को मां का दर्जा देंगी तो वो भी बेटी का प्यार आपको ज़रूर देंगी. ससुर को पिता स्वरूप मानेंगी तो उनका आशीर्वाद हमेशा सिर पर रहेगा.ननद-देवर को भी भाई-बहन की तरह देखें. अपनी चीज़ें उनके साथ शेयर करने से पीछे न हटें. दोस्ती का रिश्ता बनाएंगी तो खुद को अकेला नाहीं पाएंगी.अधिकांश रिश्तों में दरार पैसों व काम की ज़िम्मेदारी को लेकर ही आती है, लेकिन बेहतर होगा कि आप सबमिलकर अपने घर का बजट तैयार करें, जिसमें अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार सबका योगदान हो. काम और ज़िम्मेदारियों का भी चार्ट बना लें और हंसी-ख़ुशी हर कोई अपने हिस्से का काम सम्भाले. एक-दूसरे को चैलेंज करें कि देखते हैं इस हफ़्ते कौन होगा बेस्ट हाउसमेट… चाहें तो वीकेंड पर सबके काम काजायज़ा लेने दें अपने सास-ससुर को और जिसके एफ़र्ट्स सबसे ज़्यादा हों उसको कोई इनाम भी मिले.कोशिश करें कि एक वक़्त का खाना सब साथ मिलकर खाएं. डिनर के बाद आप एक कॉफ़ी डेट रखें जिसमें सभी अपने दिनभर का अनुभव शेयर करें. सबसे ऐसी बॉन्डिंग बनाने की आपकी कोशिश होनी चाहिए कि अपनी तकलीफ़ और दुःख-दर्द वो आपसे शेयरकरने में हिचकें नहीं.सास-ससुर की हेल्थ से लेकर उनके खाने-पीने का ख़ास ध्यान रखकर आप उनकी फ़ेवरेट बन सकती हैं.घरवालों के लिए कभी कुछ स्पेशल बनाएं या उनके साथ पिकनिक पर जाएं. हर वीकेंड के लिए कुछ न कुछ प्लान करें जिससे आप लोगों का लगाव और भरोसा एक-दूसरे के लिए बढ़े.पति से हमेशा शिकायत हि न करें, कोशिश हो कि हमेशा कुछ पॉज़िटिव बात आप कहें. पैसों और घर खर्च को लेकर बहुत ज़्यादा कंजूसी या हस्तक्षेप न करें. बेहतर होगा साथ बैठकर ज़रूरी और ग़ैरज़रूरी ख़र्चों को समझ लें. आजकल वैसे भी सास-बहू का रिश्ता बदल रहा है, अब पहले की तरह सास वाली भूमिका नहि रही, बल्कि दोस्तीका रिश्ता ज़्यादा हो गया है, तो सास से अपने मन की बात, परेशनियां शेयर करें. अगर कोई ऐसी दुविधा आ गई हैजिसका हल नहीं मिल रहा तो सास से सलाह लें. उनको भी महसूस होगा कि आप उनकी सलाह को महत्व देती हैं. सास और ससुर से कहें कि उनका अनुभव और सलाह आपको सही रास्ता दिखा सकता है. कभी-कभी अपनी सास और ननद के साथ शॉपिंग या मूवी प्लान करें, जिसमें सिर्फ़ आप लोग हों और घर के पुरुषोंको कहें कि वो आप लोगों के लिए कुछ अच्छा सा सरप्राइज़ या टेस्टी डिनर तैयार करें. इसी तरह कभी-कभी पुरुषों को बाहर एंजॉय करने को कहें और आप लोग घर पर पार्टी करें. ननद और देवर के लिए बर्थडे पर ही नहीं, वैसे भी गिफ़्ट्स ले आए करें.कोशिश करें कि आपके मायकेवालों के साथ ससुराल वालों के संबंध आपके प्रयास से और बेहतर बनें. अगर आप घर की छोटी बहू हैं तो अपनी जेठानी का भी मान रखें. उन्हें प्यार और सम्मान दें, उनके साथ घरेलू कामोंमें मदद करें. उनके सुख-दुःख को जानें, एक सहेली जैसा बर्ताव करें, ताकि वो आप पर विश्वास करके आपकोसहयोग दें.अगर आप वर्किंग हैं तो जेठानी को भी प्रोत्साहित करें कि वो भी अपने गुणों के आधार पर घर बैठे बहुत कुछ करसकती हैं.अगर वो भी वर्किंग हैं तो आपस में वर्क लाइफ़ डिसकस करें, एक-दूसरे से ईर्ष्या करने से बचें.चाहें तो मिलकर हॉबी क्लास जॉइन करें या वर्क आउट करें. घर के बुजुर्गों को बस आपका थोड़ा सा समय चाहिए होता है, उनके साथ बैठकर उनका हाल जानें. उनकी तबियतक दवाओं का ध्यान रखें. ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ लड़कियों की ही ज़िम्मेदारी बनती है, यही बातें लड़कों पर भी लागू होती हैं कि वो अपनेससुराल वालों के लिए दामाद से ज़्यादा एक बेटे की भूमिका निभाएं. बीच-बीच में खुद फ़ोन करके या घर जाकर सबका हाल चाल जान आएं. किसी तरह की मदद हो तो ज़रूर सहयोग करें. ससुराल में ऐसे बनें सबकी फ़ेवरेट… इसके लिए आपको सबसे पहले अपने मन से तमाम बनी-बनाई धारणाएं निकालनी होंगी.सास और ननद तो बुरी ही होती हैं, जेठानी तो जलनेवाली और साज़िश करनेवाली ही होती है- ये राय पहले से नबना लें.सबका दिल जीतने के लिए कुछ एक्स्ट्रा प्रयास करें.सासू मां को शिकायत का मौक़ा न दें और उनकी पसंद-नापसंद जानने की कोशिश करें. उनसे कुछ कुकिंग टिप्स लें. सलाह लेकर ही हर काम करें. उनकी तारीफ़ करें कि आप कैसे ज़िम्मेदारी से सब संभाल लेती हैं, काश मैं भी कर पाती ऐसा.उनसे दोस्ती करके बाक़ी घरवालों की भी पसंद-नापसंद जानने की कोशिश करें.अपनी जेठानी या पति से भूलकर भी सास या घर के अन्य सदस्य की शिकायत या बुराई न करें.शादी के बाद सिर्फ़ पति को ही खुश करने में न लगी रहीं, बल्कि पूरे परिवार को साथ लेकर चलें.सोच यही रखें कि ये आपके ही परिवारवाले हैं और अब इनके साथ ही आपका जीवन और भविष्य है तो ऐसे में क्योंन इनके लिए कुछ ख़ास किया जाए और क्यों न इनके दिल में अपनी ख़ास जगह बनाई जाए.इस तरह रिश्ता निभाएंगी तो ज़रूर शादी और रिश्तों को कामयाब व बेहतर बना पाएंगी.बिट्टू शर्मा  यह भी पढ़ें: 6 रिलेशनशिप गुरु, जो रिश्ते में दे सकते हैं…

रिश्तों में बोले गए कुछ झूठ बना सकते हैं आपके रिश्ते को मज़बूत! (Lying In Relationships: 15 Good Lies To Tell Your Partner For Happy And Strong Relationship)

रिश्तों का दूसरा नाम सच्चाई और ईमानदारी है और ऐसे में अगर हम यह कहेंगे कि झूठ बोलने से आपके रिश्ते मज़बूत हो सकते हैं तो आपको लगेगा ग़लत सलाह से रहे हैं, लेकिन यहां हम ऐसे झूठ की बात कर रहे हैं जिनसे किसी का नुक़सान नहीं होगा बल्कि सुनने वालों को ये झूठ बेहद पसंद आएगा.  अगर आपकी पत्नी आपसे पूछती है कि क्या मैं पहले से मोटी हो गई हूं तो भले ही यह सच हो कि उनका वज़न बढ़ा हो पर आप कह सकते हैं कि बिल्कुल नहीं, तुम मोटी नहीं हेल्दी हो और पहले से ज़्यादा ख़ूबसूरत लगती हो.इसी तरह अगर आपकी पत्नी पूछे कि यह रंग मुझपर कैसा लग रहा है तो अगर आप कहेंगे कि अच्छा नहीं लग रहामत पहनो तो उनको चिढ़ होगी, बेहतर होगा आप कहें यह तो खूब फब रहा है लेकिन अगर इसकी जगह ये वालापहनोगी तो और भी हसीन लगोगी.अगर पति ने कुछ बनाकर खिलाने की कोशिश की है और स्वाद उतना अच्छा नहीं बन सका तो भी आप ज़रूर कहेंकि कोशिश तो क़ाबिले तारीफ़ है, अगली बार इसमें थोड़ा सा ये मसाला भी ट्राई करना तो टेस्ट कुछ अलग होगा.अगर आपको पति का फ़ोन पर ज़ोर ज़ोर से बात करना नहीं भाता तो सीधे आवाज़ कम करने या यह कहने के कि कितना ज़ोर से बोलते हो, यह कहें- तुम्हारी धीमी आवाज़ बेहद हस्की और सेक्सी साउंड करती है, फिर देखिए अगली बार से वो खुद ही धीमा बोलेंगे.अगर आपको पति का किसी काम में हस्तक्षेप पसंद नहीं या उनके काम करने का तरीक़ा आपको पसंद नहीं तो यहना कहें कि तुम्हें नहीं आता तो मत करो, बल्कि यह कहें कि तुमने पहले ही इतनी मदद कर दी, तो अब यह काम मुझेकरने दो या कहें कि तुम वो वाला काम कर दो क्योंकि वो तुम मुझसे बेहतर करोगे और मैं यह कर लेती हूं... या आप यह भी कह सकती हैं कि तुम थक गए होगे तो तुम आराम कर लो बाक़ी मैं संभाल लेती हूं.अगर पतिदेव की तोंद निकल गई हो तो उनको ताना ना दें और ना ही उनके किसी दोस्त से उनकी तुलना करें बल्किकहें कि कुछ दिन मैं डायटिंग करने की सोच रही हूं अगर आप भी साथ देंगे तो मुझे मोटिवेशन मिलेगा, इसलिए प्लीज़ मुझे फिट होने में मेरी मदद करो और मैं फिट रहूंगी तो आपको भी तो अच्छा लगेगा ना. इसी तरह अगर पति को लगे कि पत्नी को डायटिंग की ज़रूरत है तो किसी पड़ोसन का उदाहरण देने से बेहतर है किआप कहें कि मेरे कपड़े थोड़े टाइट हो रहे हैं इसलिए सुबह जॉगिंग करने की और डायटिंग की सोच रहा है लेकिन तुम्हें मेरा साथ देना होगा. कभी कभी एक दूसरे की झूठी तारीफ़ में क़सीदे कस दिया करें इससे आप दोनों को ही अच्छा लगेगा. सिर्फ़ पार्टनर ही नहीं, बाक़ी घरवालों के साथ भी थोड़ा बहुत अच्छावाला झूठ बोलने में हर्ज़ नहीं, इससे उन्हें बेहतरफ़ील होगा जिससे वो खुश रहेंगे और रिश्ते भी मज़बूत होंगे.अगर पतिदेव बच्चों की तरफ़ ज़्यादा ध्यान नहीं देते या ज़िम्मेदारी से बचते हैं तो उनसे कहें कि बच्चे अक्सर बोलते हैंकि मुमकिन आपको तो कुछ नहीं आता, पापा ज़्यादा इंटेलीजेंट लगते हैं, इसलिए कल से हम उनसे ही पढ़ेंगे, ऐसाकहने से पतिदेव बच्चों के प्रति ज़िम्मेदारी ज़्यादा ख़ुशी से निभाएंगे और इससे बच्चों के साथ उनकी बॉन्डिंग भी स्ट्रॉंगहोगी. साथ ही आपका एक काम कम हो जाएगा.अगर आपकी पत्नी और आपकी मां की बनती नहि तो पत्नी से कहें कि मां अक्सर तुम्हारे काम और खाने की तारीफ़करती हैं, मां कहती हैं कि बेचारी दिनभर काम में लगी रहती है, थोड़ा भी आराम नहीं मिलता उसको और मैं भी कुछना कुछ बोलती ही रहती हूं लेकिन वो सब सह लेती है. इसी तरह अपनी मां को भी कहें कि आपकी बहू अक्सर कहती है कि काश मैं भी मम्मी जैसा टेस्टी खाना बना पाती, उनके हाथों में जो स्वाद है वो मेरे में नहीं, वो हर काम सलीके से करती हैं. ऐसी बातों से दोनों के मन में एक दूसरे केप्रति सकारात्मक भाव जागेगा और कड़वाहट दूर होगी.अगर पत्नी को लगता है कि पति और पत्नी के घरवालों की ज़्यादा नहीं बनती तो पत्नी जब भी मायके से आए तोकहे कि मम्मी-पापा हमेशा कहते हैं कि दामाद के रूप में उन्हें बेटा मिल गया है, कितना नेक है, बेटी को खुश रखताहै और किसी तरह की कोई तकलीफ़ नहीं देता वरना आज के ज़माने में कहां मिलते हैं ऐसे लड़के.दूसरी तरफ़ अपने मायकेवालों से कहें आप कि वो हमेशा हमारे घर के संस्कारों की तारीफ़ करते हैं कि तुम्हारे मम्मीपापा ने इतने अच्छे संस्कार दिए हैं कि तुमने मेरा पूरा घर इतने अच्छे से संभाल लिया. इन सबसे आप सभी के बीचतनाव काम और प्यार ज़्यादा बढ़ेगा.इसके अलावा एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि शादी के शुरुआती दौर में कभी भी अपने डार्क सीक्रेट्स किसी सेभी शेयर ना करें, अपने अफ़ेयर्स या फैंटसीज़ आदि के बारे में पार्टनर को जोश जोश में बता ना दें. बाद में भी भले हीआप दोनों में अटूट विश्वास हो पर ये बातें कभी साझा ना करें. पार्टनर भले ही अलग अलग तरीक़ों से पूछने कीकोशिश भी करे तब भी यहां आपके द्वारा बोला गया झूठ आपके रिश्ते को बिगड़ने से बचा सकता है! पिंकु शर्मा

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तुम मुझे अब पहले की तरह प्यार नहीं करते, तुम्हें अब मेरी परवाह कहां रहती है, तुम्हें तो मुझमें सिर्फ…

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पहला अफेयर: मुहब्बत उम्र की मोहताज नहीं (Pahla Affair: Mohabbat Umra Ki Mohtaj Nahi) पहले प्यार (FirstLove) का एहसास होता…

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