Geet Gazal

काव्य- मैं और वो… (Kavay- Main Aur Woh…)

मैं लंबा हो रहा था वो ठिगनी ही रह गई मैं ज़हीन बन रहा था वो झल्ली ही रह गई…

ग़ज़ल- तेरी बेवफ़ाई… (Gazal- Teri Bewafai…)

ख़ुशी मुझसे लेकर, ग़म मुझको दे जाइनायत के बदले सितम मुझको दे जा तेरी बेवफ़ाई से गिला कुछ नहीं मगर…

विश्व कविता दिवस पर विशेष: कविता- मैं अपने हर अनकहे चुप के, नये आकार लिखती हूं… (World Poetry Day: Kavita- Main Apne Har Ankahe Chup Ke, Naye Aakar Likhti Hun…)

कभी तेरा-कभी मेरा, मैं दिल का हाल लिखती हूं कहूं कैसे कि बहाने से, मैं मन बेहाल लिखती हूं गढ़ती…

कविता- आज हमारा दिन है… (Poetry- Aaj Hamara Din Hai…)

सुनो, तुम आज मना लेना ये दिवस.. कोई टोके अगर कि बस एक ही दिन? तो कह देना, हां एक…

ग़ज़ल- इक दुआ बनती गई मेरे लिए… (Gazal- Ek Dua Banti Gai Mere Liye…)

काग़जी फूलों की हैं यह बस्तियां ढूंढ़ते फिरते हैं बच्चे तितलियां और बढ़ती जा रही हैं लौ मेरी तेज़ जितनी…

कविता- अपनी सी दुनिया… (Poetry- Apni Si Duniya…)

अब भी आती होगी गौरैया चोंच में तिनके दबाए बरामदे की जाली से अंदर तार पर सूख रहे कपड़ों पर…

काव्य- कविता लिखने चला हूं… (Poem- Kavita Likhne Chala Hun…)

सुनो आज मुझे मुझे बेहद ख़ूबसूरत शब्द देना जैसे गुलाब चेहरे के लिए झील आंखों के लिए हंस के पंख…

कविता- तमन्ना‌ (Poetry- Tamanna)

कभी कभी सोचता हूं तमन्ना में जी लूं वह अधूरी ज़िंदगी कि जिसे जीने की ख़्वाहिश में उम्र गुज़र गई…

कविता- दिवाली की शुभकामनाएं… (Poetry- Diwali Ki Shubhkamnayen…)

प्रभु इतनी सद्बुद्धि देना हमें उज्जवल सबकी दिवाली हो कोई न घायल या बीमार पड़े कल भी घर में ख़ुशहाली…

कविता- करवा चौथ (Poetry- Karwa Chauth)

जीवन की आपाधापी में शौक सिंगार का सोया सा फिर पुलक उठा, मुस्काया सखी फिर करवा चौथ आया दीवान के…

कविता- प्रेम (Poetry- Prem)

हां मैं प्रेम करता हूं बेइंतहा प्रेम लेकिन मेरा प्रेम तुम्हारे संसार की उस परिधि में नहीं आता जिसे तुम…

कविता- मैं फिर लौट आऊंगी… (Poem- Main Phir Laut Aaungi…)

मैं फिर लौट आऊंगी धूप के उजास सी कि करूंगी ढेरों मन भर बातें उस जाती हुई ओस से भी…

© Merisaheli