Geet Gazal

कविता- अपनी सी दुनिया… (Poetry- Apni Si Duniya…)

अब भी आती होगी गौरैया चोंच में तिनके दबाए बरामदे की जाली से अंदर तार पर सूख रहे कपड़ों पर…

काव्य- कविता लिखने चला हूं… (Poem- Kavita Likhne Chala Hun…)

सुनो आज मुझे मुझे बेहद ख़ूबसूरत शब्द देना जैसे गुलाब चेहरे के लिए झील आंखों के लिए हंस के पंख…

कविता- तमन्ना‌ (Poetry- Tamanna)

कभी कभी सोचता हूं तमन्ना में जी लूं वह अधूरी ज़िंदगी कि जिसे जीने की ख़्वाहिश में उम्र गुज़र गई…

कविता- दिवाली की शुभकामनाएं… (Poetry- Diwali Ki Shubhkamnayen…)

प्रभु इतनी सद्बुद्धि देना हमें उज्जवल सबकी दिवाली हो कोई न घायल या बीमार पड़े कल भी घर में ख़ुशहाली…

कविता- करवा चौथ (Poetry- Karwa Chauth)

जीवन की आपाधापी में शौक सिंगार का सोया सा फिर पुलक उठा, मुस्काया सखी फिर करवा चौथ आया दीवान के…

कविता- प्रेम (Poetry- Prem)

हां मैं प्रेम करता हूं बेइंतहा प्रेम लेकिन मेरा प्रेम तुम्हारे संसार की उस परिधि में नहीं आता जिसे तुम…

कविता- मैं फिर लौट आऊंगी… (Poem- Main Phir Laut Aaungi…)

मैं फिर लौट आऊंगी धूप के उजास सी कि करूंगी ढेरों मन भर बातें उस जाती हुई ओस से भी…

काव्य- सफ़र है ये, कुछ तो छूटना ही था… (Kavya- Safar Hai Yeh, Kuch Toh Chhutna Hi Tha…)

अलग फ़लसफ़े हैं हमेशा ही तेरे, सुन ऐ ज़िंदगी बटोरकर डिग्रियां भी यूं लगे कि कुछ पढ़ा ही नहीं ये…

काव्य- महिला दिवस… (Kavya- Mahila Diwas…)

कैसे मनाएंगे महिला दिवस? केक कटवाकर गुब्बारे लगाकर ख़ूब हल्ला-गुल्ला शोर मचाकर? या फिर वो शोर ढूंढ़ेंगे जो किसी की…

कविता- कहानी… (Poetry- Kahani…)

कहानी अपना लेखक ख़ुद खोज लेती है जब उतरना होता है उस भागीरथी को पन्नों पर सुनानी होती है आपबीती…

© Merisaheli