Kavay

कविता- तेरे लिए… (Kavita- Tere Liye…)

* गुज़र जानी थी ये उम्र किसी बेनाम कहानी की तरह कि बियाबान में फैली ख़ुशबू और उसकी रवानी की…

कविता- हर प्रलय में… (Kavita- Har Pralay Mein…)

आज के हालातों में हर कोई 'बचा' रहा है कुछ न कुछ पर, नहीं सोचा जा रहा है 'प्रेम' के…

काव्य- आईने के एहसास (Kavya- Aaine Ke Ehsaas)

मैं ख्वाब देखता थातुम ख्वाब हो गए उम्मीद के शहर में तुम प्यास हो गए उम्र मेरी एक दिन लौट…

काव्य- कैनवास के रंग (Kavay- Canvas Ke Rang)

चित्र में रंग भर, मंत्रमुग्ध-सादेख रहा था, कैनवास कोअंदर ही अंदर मेरा दंभमुझे शाबाशी दे रहा थाऔर जैसे पूछ रहा…

ग़ज़ल- याद तुम आए बहुत (Gazal- Yaad Tum Aaye Bahut)

जब ज़िक्र फूलों का आया याद तुम आए बहुत चांद जब बदली से निकला, याद तुम आए बहुत कुछ न…

काव्य- तुम्हारी मैं… (Kavay- Tumhari Main…)

मैं तुम्हारी हर चीज़ से प्यार करती हूं न चाहते हुए भी जैसे तुम्हारे सिगार की महक बिस्तर पर फेंकी…

काव्य- ज़माने बदल गए… (Kavay- Zamane Badal Gaye…)

नज़रें जो उनकी बदलीं, ज़माने बदल गए मयखाना तो वही है, पैमाने बदल गए तुम पूछते हो उनके, जाने से…

काव्य- गर तुम होते… (Kavay- Gar Tum Hote…)

लिपटकर रो लेती गर तुम होते ग़म कुछ कम होते गर तुम होते बांहों में सिमट जाते खो जाते गर…

ग़ज़ल (Shayari: Gazal)

दग़ाबाज़ दुनिया हसीं दिख रही है बता साकिया तूने क्या दे दिया है दराज़-ए-उमर की दुआ देने वालों न दो…

काव्य- कसक (Kavay- Kasak)

बिखरते ख़्वाबों को देखा सिसकते जज़्बातों को देखा रूठती हुई ख़ुशियां देखीं बंद पलकों से टूटते हुए अरमानों को देखा...…

काव्य- सावन से पहले चले आना… (Kavay- Sawan Se Pahle Chale Aana…)

सुनो ना... सावन से पहले चले आना बड़ा तरसी है आरज़ू तेरी ख़ातिर इस बरस खुल के बरस जाना मद्धिम…

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